साहू के आगे नतमस्तक है प्रशासन, शिकायत के बाद भी नहीं रुक कथित अतिक्रमण, अब छत की ढलाई की तैयारी। सार्वजनिक नल तक पहुंचा निर्माण कार्यवाही पर उठे सवाल साहू के आगे नतमस्तक हैँ प्रशासन **शिकायत के बाद भी नहीं रुका कथित अतिक्रमण, अब छत की ढलाई की तैयारी! सार्वजनिक नाले तक पहुंचा निर्माण, कार्रवाई पर उठे सवाल** मध्य प्रदेश/ उमरिया। शहर में शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामलों को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। स्टेशन रोड स्थित बड़ी पुलिया के समीप आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-24 के सामने चल रहे एक निर्माण को लेकर स्थानीय नागरिकों द्वारा पूर्व में की गई लिखित शिकायत के बावजूद अब निर्माण कार्य दोबारा तेजी से शुरू होने और छत की ढलाई की तैयारी कि जा रही। जानकारों कि माने तो संबंधित निर्माण क़ो लेकर पूर्व मे स्थानीय नागरिकों ने 10 मार्च 2026 को अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार नजूल विभाग क़ो लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि विनोद साहू द्वारा किए जा रहे निर्माण में शासकीय भूमि एवं सार्वजनिक नाले पर कथित अतिक्रमण कर निर्माण किया जा रहा है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि नाले पर दीवार खड़ी कर दी गई हैँ, दो मंजिला मकान से नए निर्माण तक पहुंचने का रास्ता बना लिया गया है, जिससे जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में समाचार प्रकाशित होने के बाद कुछ समय के लिए निर्माण कार्य रुका था, लेकिन अब फिर से तेजी के साथ निर्माण शुरू हो गया है और छत की ढलाई की तैयारी चल रही है। इससे क्षेत्रवासियों में यह सवाल उठ रहा है कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी यदि निर्माण जारी है तो आखिर संबंधित विभागों ने अब तक क्या कार्रवाई की? शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि निर्माण आंगनवाड़ी केंद्र के ठीक सामने किया जा रहा है, जिससे बच्चों के उपयोग की सार्वजनिक जगह भी प्रभावित हो रही है। वहीं कॉलोनी में यह चर्चा भी है कि संबंधित स्थान के सामने पूर्व में बनी नाली एवं अन्य सार्वजनिक सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना शेष है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 2 मंजिला मकान होने के बाद भी शासन कि किस योजना, नियम के तहद कितनी भूमि , संबंधित निर्माणकर्ता क़ो दी गई? यदि निर्माण वैध है तो इसकी स्वीकृति किस विभाग ने प्रदान की? साथ ही सार्वजनिक नाले पर निर्माण करने कि मंजूरी कैसे और किन नियमों के तहद दी गई? यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं तो कार्रवाई में देरी का कारण क्या है? स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्माण अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई कि जानी चाहिए
साहू के आगे नतमस्तक है प्रशासन, शिकायत के बाद भी नहीं रुक कथित अतिक्रमण, अब छत की ढलाई की तैयारी। सार्वजनिक नल तक पहुंचा निर्माण कार्यवाही पर उठे सवाल साहू के आगे नतमस्तक हैँ प्रशासन **शिकायत के बाद भी नहीं रुका कथित अतिक्रमण, अब छत की ढलाई की तैयारी! सार्वजनिक नाले तक पहुंचा निर्माण, कार्रवाई पर उठे सवाल** मध्य प्रदेश/ उमरिया। शहर में शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामलों को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। स्टेशन रोड स्थित बड़ी पुलिया के समीप आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-24 के सामने चल रहे एक निर्माण को लेकर स्थानीय नागरिकों द्वारा पूर्व में की गई लिखित शिकायत के बावजूद अब निर्माण कार्य दोबारा तेजी से शुरू होने और छत की ढलाई की तैयारी कि जा रही। जानकारों कि माने तो संबंधित निर्माण क़ो लेकर पूर्व मे स्थानीय नागरिकों ने 10 मार्च 2026 को अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार नजूल विभाग क़ो लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि विनोद साहू द्वारा किए जा रहे निर्माण में शासकीय भूमि एवं सार्वजनिक नाले पर कथित अतिक्रमण कर निर्माण किया जा रहा है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि नाले पर दीवार खड़ी कर दी गई हैँ, दो मंजिला मकान से नए निर्माण तक पहुंचने का रास्ता बना लिया गया है, जिससे जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में समाचार प्रकाशित होने के बाद कुछ समय के लिए निर्माण कार्य रुका था, लेकिन अब फिर से तेजी के साथ निर्माण शुरू हो गया है और छत की ढलाई की तैयारी चल रही है। इससे क्षेत्रवासियों में यह सवाल उठ रहा है कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी यदि निर्माण जारी है तो आखिर संबंधित विभागों ने अब तक क्या कार्रवाई की? शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि निर्माण आंगनवाड़ी केंद्र के ठीक सामने किया जा रहा है, जिससे बच्चों के उपयोग की सार्वजनिक जगह भी प्रभावित हो रही है। वहीं कॉलोनी में यह चर्चा भी है कि संबंधित स्थान के सामने पूर्व में बनी नाली एवं अन्य सार्वजनिक सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना शेष है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 2 मंजिला मकान होने के बाद भी शासन कि किस योजना, नियम के तहद कितनी भूमि , संबंधित निर्माणकर्ता क़ो दी गई? यदि निर्माण वैध है तो इसकी स्वीकृति किस विभाग ने प्रदान की? साथ ही सार्वजनिक नाले पर निर्माण करने कि मंजूरी कैसे और किन नियमों के तहद दी गई? यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं तो कार्रवाई में देरी का कारण क्या है? स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्माण अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई कि जानी चाहिए
- ☑️कमिश्नर ने मणिबाग में भगवान आशुतोष के किए दर्शन मणिबाग को पर्यटन एवं इको-टूरिज्म का केंद्र बनाने के दिए निर्देश उमरिया//शहडोल संभाग की कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता ने उमरिया जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल मणिबाग पहुंचकर प्राचीन शिवलिंग के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर का अवलोकन कर मंदिर के इतिहास, धार्मिक महत्व तथा यहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की। ☑️ निरीक्षण के दौरान कमिश्नर श्रीमती गुप्ता ने मणिबाग क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को इस स्थल के समग्र विकास के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य एवं धार्मिक आस्था से जुड़े ऐसे स्थलों को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। ☑️ कमिश्नर ने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाएं, मार्ग संकेतक, बैठने की व्यवस्था तथा पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में प्राकृतिक वातावरण को संरक्षित रखते हुए इको-फ्रेंडली उपाय अपनाए जाएं, ताकि क्षेत्र की धार्मिक एवं प्राकृतिक पहचान बनी रहे और अधिक से अधिक पर्यटक यहां आकर्षित हो सकें। निरीक्षण के समय कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता, अनुविभागीय बांधवगढ अंबिकेश प्रताप सिंह उपस्थित रहे।1
- भिम्माडोगरी में वेस्ट ऑफ शहडोल कोल माइन की जनसुनवाई संपन्न, 'शून्य विस्थापन और 20 गुना वृक्षारोपण' का दावा उमरिया | रिपोर्टर श्याम गुप्ता ग्राम पंचायत भिम्माडोगरी में 31 जुलाई 2026 को मेसर्स जेके सीमेंट लिमिटेड को आवंटित वेस्ट ऑफ शहडोल (साउथ) कोल माइन की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए लोक जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.के. सेन गुप्ता ने की। जनसुनवाई के दौरान जेके सीमेंट लिमिटेड के महाप्रबंधक अनुज राज गौतम ने परियोजना की जानकारी देते हुए कहा कि यह पूरी तरह भूमिगत (अंडरग्राउंड) खदान होगी, जिससे किसी भी परिवार का विस्थापन नहीं होगा और वन्यजीवों पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए लगभग 3,500 पेड़ काटे जाएंगे, लेकिन इसके बदले 20 गुना से अधिक वृक्षारोपण किया जाएगा। सड़क किनारे छायादार एवं फलदार पौधे भी लगाए जाएंगे। कंपनी ने स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत कई घोषणाएं कीं। कंपनी के अनुसार क्षेत्र में चलित स्वास्थ्य सेवा, एम्बुलेंस सुविधा, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्थानीय युवाओं को रोजगार, स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार तथा गांवों में सौर ऊर्जा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कंपनी का दावा है कि सरकार के नियमों के अनुसार 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को दिया जाएगा। पर्यावरण सलाहकार मृणाल ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए नियमित जल छिड़काव, 90 हेक्टेयर हरित पट्टी तथा 51,813 पौधों का रोपण किया जाएगा। यह प्रस्तावित परियोजना 1,481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली है, जिसमें 965 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है। इससे अमिलिहा, भिम्माडोगरी, महरोई, बंधवा वारा, कत्राबहरा, देवगवां, चंदनिया, बंधवा खुर्द एवं बरगवां सहित 9 गांव प्रभावित होंगे। परियोजना में 153 मिलियन टन कोयला भंडार, 0.70 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता, 600 करोड़ रुपये की लागत, 34 वर्षों तक खनन तथा 641 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का दावा किया गया है। जनसुनवाई में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परियोजना का समर्थन करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे। जनपद अध्यक्ष मनीष सिंह ने भूमि धंसाव की स्थिति में पुनर्वास, पेयजल पाइपलाइन, स्थानीय लोगों को सीधा रोजगार और CSR में महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की। जनपद उपाध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि उद्योग से क्षेत्र का विकास होगा, लेकिन जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है तथा खदान के पानी का उपयोग सिंचाई में किया जाना चाहिए। जिला पंचायत सदस्य हेमनाथ बैगा ने बैगा समुदाय के हितों की रक्षा, वनोपज आधारित वृक्षारोपण, जल स्तर की सुरक्षा तथा विशेष जनजातीय विकास योजना बनाने की मांग रखी। जनसुनवाई के अंत में अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.के. सेन गुप्ता ने कहा कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का संकलन कर पर्यावरण मंत्रालय एवं संबंधित समिति को भेजा जाएगा। अब अंतिम निर्णय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद लिया जाएगा।4
- सत्य सनातन🙏💕🙏💕🙏💕 संस्कृति धर्म की जय हो गौमाता की जय हो🚩🚩🚩 गाँव के सभि कुल देवी देवताओं की जय हो🚩🚩🚩 माँ चन्द्रीका🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 धाम विकास यात्रा इटौरा जिला कटनी मध्य प्रदेश आज आप सभी देशवासियों को सूचित किया जा रहा है🙏💕🙏💕🙏💕 कि धरोहर स्थल सनातन संस्कृति धर्म की बात करते हुए अपिल 300 सल पुरनी मदिर हैं जो कि 30सल से जल मगन रहता है🙏💕🙏💕🙏💕1
- सरकारी गौशालाओं की बुरी स्थिति इसके पश्चात भी गौ माता को जबरदस्ती पकड़ कर तकलीफ क्यों यह घटना है नगर पालिक निगम कटनी की जिसमें गांव के साथ बड़े ही क्रूर तरीके से उसे ले जाया जा रहा था लेकिन आज तक न्यूज़ के संवाददाता राजकमल आर्य जी के पहुंचने पर कैमरा चालू करने पर कुछ समय के लिए घटना थम गई इसके पश्चात फिर वही हुआ जी बात का डर था1
- 🔥 कटनी में महिला कांग्रेस का 'हल्ला बोल' : कंगना रनौत और भाजपा के खिलाफ फूटा गुस्सा, सांकेतिक पुतला दहन कर लगाए दोहरे चरित्र के आरोप रजनी वर्मा के नेतृत्व में सड़कों पर उतरी महिला कांग्रेस, छात्रों के अपमान और महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा कटनी | संवाददाता कटनी शहर में शनिवार को महिला कांग्रेस ने भाजपा और मंडी से सांसद कंगना रनौत के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव रजनी वर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस नेत्रियों, कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए कंगना रनौत एवं केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का सांकेतिक पुतला दहन किया। महिला कांग्रेस का आरोप है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के संबंध में सांसद कंगना रनौत द्वारा की गई टिप्पणी युवाओं और छात्र शक्ति का अपमान है। प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और छात्रों का इस तरह अपमान करना निंदनीय है। शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनी वर्मा ने कहा कि भाजपा के नेता महिलाओं के सम्मान और संस्कार की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन जब महिलाओं के साथ अपराध या दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में आरोपियों का समर्थन या स्वागत किया जाता है, तब उनकी कथनी और करनी का अंतर साफ दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं और युवाओं के मुद्दों पर दोहरी मानसिकता अपनाती है, जिसका महिला कांग्रेस पूरे देश में विरोध कर रही है। वहीं शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित शुक्ला ने कहा कि जनता भाजपा के नेताओं के बयानों और कार्यशैली को देख रही है तथा आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के बजाय सरकार को युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। प्रदर्शन में राकेश जैन 'कक्का', हरिशंकर शुक्ला, प्रेम बत्रा, करण सिंह चौहान, विजय पटेल, सेवा दल अध्यक्ष मंगल सिंह, अदिता वर्मा, लता कनौजिया, शशि यादव, कल्पना पाठक, मनीषा शर्मा, अर्चना जायसवाल, दुर्गावती कोल, रूपा पाठक, अर्चना दुबे, नजमा बी, सुषमा ठाकुर, रुक्मणी पांडे, लता खरे, सुनीता सोनी, सुमन सैनी, शशि शेखर भारद्वाज, कमलेश यादव, तुलाराम गोटिया, मौसुफ अहमद, संदीप यादव, श्याम पाहुजा, राकेश द्विवेदी, अजय कोल, फरीद मोहम्मद, साहिल नामदेव, ओंकार टेकाम, उदय सिंह, इमरान खान, दिलदार खान, विजय समुद्री, रमेश अहिरवार, अर्जुन सिंह, अमित सिंह, ज़ालिम यादव, अहमद कुरैशी, मारूफ अहमद, इरशाद खान, जॉर्ज डेविड, आनंद पटेल, विनोद डेंगरे, एजाज खान, हर्षित मिश्रा, राजा खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।1
- कई दशक पुरानी सड़क बीच में है खंबा! नादन - मैहर 📍 #sntnewspinch1
- पत्रकार ने जब जानना चाहा की कितना कंठ का किरण होता है एक ट्रक ड्राइवर का जीवन पत्रकार ने यह सोचा था किस सरल होता है जीवन लेकिन एक ट्रक ड्राइवर ने बताई सारी हकीकत1
- शातिर अपराधी को तलाशते हुए पंजाब पुलिस उसके फर्जी पते पर सतना पहुँची।1