उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक हैरान कर देने वाली घटना में एक महिला के ऊपर से पूरी आम्रपाली एक्सप्रेस ट्रेन गुजर गई, लेकिन वह चमत्कारिक रूप से बाल-बाल बच गई। घटना उन्नाव जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर शनिवार रात करीब 12:10 बजे हुई, जब महिला ट्रेन में चढ़ते समय फिसलकर पटरियों के बीच गिर गई और ट्रेन के 21 डिब्बे उसके ऊपर से गुजर गए, जिससे उसे केवल कान में मामूली खरोंच आई। मिली जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के कोरबा के आम्रपाली गांव की रहने वाली 48 वर्षीय रामशिला अपने पति गंगाराम, बेटे सागर और भाई जय के साथ कई महीनों से उन्नाव में रह रही थीं और अचलगंज में एक ईंट भट्ठे पर काम करती थीं। बेटे सागर ने बताया कि शनिवार रात वे लोग अपने गांव वापस जा रहे थे और आम्रपाली एक्सप्रेस का टिकट लिया था। उनके अनुसार, प्लेटफॉर्म पर ट्रेन आने के बाद वह और उनके पिताजी सामान लेकर ट्रेन में चढ़ गए, जबकि उनकी मां रामशिला आखिर में चढ़ रही थीं। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वह ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच पटरियों पर जा गिरीं। सागर के मुताबिक, उनकी मां गिरते समय चीखीं, जिस पर वह और उनके पिताजी बचाने के लिए ट्रेन से नीचे उतरे, लेकिन तब तक ट्रेन चल पड़ी थी। बेटे ने कहा कि यह गनीमत रही कि उनकी मां पटरियों के बिल्कुल बीचोबीच लेटी हुई थीं, जिससे ट्रेन की सभी 21 बोगियां उनके ऊपर से गुजर गईं और भगवान ने उन्हें बचा लिया। ट्रेन के गुजरने के बाद GRP-RPF के कर्मियों ने महिला को उठाया और तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि महिला पूरी तरह सुरक्षित और होश में है, उसे केवल कान में मामूली चोट लगी है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस हादसे के बाद रामशिला काफी देर तक सहमी हुई नजर आईं और अस्पताल में भी अपने पति का हाथ पकड़े रहीं, जिन्हें वह दिलासा देते रहे कि उसे कुछ नहीं हुआ है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक हैरान कर देने वाली घटना में एक महिला के ऊपर से पूरी आम्रपाली एक्सप्रेस ट्रेन गुजर गई, लेकिन वह चमत्कारिक रूप से बाल-बाल बच गई। घटना उन्नाव जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर शनिवार रात करीब 12:10 बजे हुई, जब महिला ट्रेन में चढ़ते समय फिसलकर पटरियों के बीच गिर गई और ट्रेन के 21 डिब्बे उसके ऊपर से गुजर गए, जिससे उसे केवल कान में मामूली खरोंच आई। मिली जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के कोरबा के आम्रपाली गांव की रहने वाली 48 वर्षीय रामशिला अपने पति गंगाराम, बेटे सागर और भाई जय के साथ कई महीनों से उन्नाव में रह रही थीं और अचलगंज
में एक ईंट भट्ठे पर काम करती थीं। बेटे सागर ने बताया कि शनिवार रात वे लोग अपने गांव वापस जा रहे थे और आम्रपाली एक्सप्रेस का टिकट लिया था। उनके अनुसार, प्लेटफॉर्म पर ट्रेन आने के बाद वह और उनके पिताजी सामान लेकर ट्रेन में चढ़ गए, जबकि उनकी मां रामशिला आखिर में चढ़ रही थीं। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वह ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच पटरियों पर जा गिरीं। सागर के मुताबिक, उनकी मां गिरते समय चीखीं, जिस पर वह और उनके पिताजी बचाने के लिए ट्रेन से नीचे उतरे, लेकिन तब तक ट्रेन चल पड़ी थी। बेटे ने कहा कि यह गनीमत रही कि
उनकी मां पटरियों के बिल्कुल बीचोबीच लेटी हुई थीं, जिससे ट्रेन की सभी 21 बोगियां उनके ऊपर से गुजर गईं और भगवान ने उन्हें बचा लिया। ट्रेन के गुजरने के बाद GRP-RPF के कर्मियों ने महिला को उठाया और तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि महिला पूरी तरह सुरक्षित और होश में है, उसे केवल कान में मामूली चोट लगी है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस हादसे के बाद रामशिला काफी देर तक सहमी हुई नजर आईं और अस्पताल में भी अपने पति का हाथ पकड़े रहीं, जिन्हें वह दिलासा देते रहे कि उसे कुछ नहीं हुआ है।
- उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक हैरान कर देने वाली घटना में एक महिला के ऊपर से पूरी आम्रपाली एक्सप्रेस ट्रेन गुजर गई, लेकिन वह चमत्कारिक रूप से बाल-बाल बच गई। घटना उन्नाव जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर शनिवार रात करीब 12:10 बजे हुई, जब महिला ट्रेन में चढ़ते समय फिसलकर पटरियों के बीच गिर गई और ट्रेन के 21 डिब्बे उसके ऊपर से गुजर गए, जिससे उसे केवल कान में मामूली खरोंच आई। मिली जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के कोरबा के आम्रपाली गांव की रहने वाली 48 वर्षीय रामशिला अपने पति गंगाराम, बेटे सागर और भाई जय के साथ कई महीनों से उन्नाव में रह रही थीं और अचलगंज में एक ईंट भट्ठे पर काम करती थीं। बेटे सागर ने बताया कि शनिवार रात वे लोग अपने गांव वापस जा रहे थे और आम्रपाली एक्सप्रेस का टिकट लिया था। उनके अनुसार, प्लेटफॉर्म पर ट्रेन आने के बाद वह और उनके पिताजी सामान लेकर ट्रेन में चढ़ गए, जबकि उनकी मां रामशिला आखिर में चढ़ रही थीं। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वह ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच पटरियों पर जा गिरीं। सागर के मुताबिक, उनकी मां गिरते समय चीखीं, जिस पर वह और उनके पिताजी बचाने के लिए ट्रेन से नीचे उतरे, लेकिन तब तक ट्रेन चल पड़ी थी। बेटे ने कहा कि यह गनीमत रही कि उनकी मां पटरियों के बिल्कुल बीचोबीच लेटी हुई थीं, जिससे ट्रेन की सभी 21 बोगियां उनके ऊपर से गुजर गईं और भगवान ने उन्हें बचा लिया। ट्रेन के गुजरने के बाद GRP-RPF के कर्मियों ने महिला को उठाया और तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि महिला पूरी तरह सुरक्षित और होश में है, उसे केवल कान में मामूली चोट लगी है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस हादसे के बाद रामशिला काफी देर तक सहमी हुई नजर आईं और अस्पताल में भी अपने पति का हाथ पकड़े रहीं, जिन्हें वह दिलासा देते रहे कि उसे कुछ नहीं हुआ है।3
- जगदलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक तीन दिवसीय विकास प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ किया गया। विधायक किरण सिंह देव ने फीता काटकर इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जिसे उन्होंने देश के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और 'नए भारत' की उपलब्धियों का एक सशक्त प्रदर्शन बताया। यह भव्य प्रदर्शनी मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों की झलक प्रस्तुत करती है।1
- मिस्र की सड़कों पर एक अत्यंत भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जहाँ वर्षों पहले बिछड़ा एक भाई अपनी बहनों और माँ से दोबारा मिला। इस लंबे इंतजार के बाद हुए इस मिलन के दृश्य ने वहाँ मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया।1
- एक सोशल मीडिया वीडियो का हवाला देते हुए, एक नागरिक ने शराब के ठेकों पर सिगरेट और पान मसाले की तरह ही वैज्ञानिक चेतावनी अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग की है। इस मांग में विशेष रूप से ठेकों पर 24 घंटे ऑडियो मोड में ऐसी चेतावनी चलाने का सुझाव दिया गया है, ठीक वैसे ही जैसे सिगरेट के पैकेटों पर 'सिगरेट पीना हानिकारक है' लिखा होता है। नागरिक ने अपनी टिप्पणी में यह भी जोड़ा कि उन्होंने अक्सर देखा है कि शराब के ठेकों पर 'शराब पीना शरीर के लिए हानिकारक है' जैसी कोई चेतावनी लिखी हुई नहीं होती है। इस विषय पर उन्होंने सीधे मोदी सरकार और योगी सरकार से अपील की है, खासकर उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए। नागरिक का कहना है कि यदि ये सरकारें वास्तव में जनता के हित में हैं, तो उन्हें मात्र 200 रुपये के एक स्पीकर में 24 घंटे ऐसी ऑडियो चेतावनी चलानी चाहिए। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अगर यह वीडियो सत्य है, जिसमें अमेरिका में हुई जांच का जिक्र है, तो सरकार को इस पर विचार करना चाहिए, क्योंकि 'हम ही नहीं रहेंगे तो वोट कौन देगा आपको।' यह अपील सरकारों से जनता के स्वास्थ्य और भविष्य के प्रति गंभीरता दिखाने की मांग करती है।1
- कुंदन रोड नगर पालिका क्षेत्र में स्थित अनवार अहमद एजुकेशन सेंटर स्कूल के भीतर और बाहर से नालियों में कूड़ा फेंके जाने के कारण गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। इस लापरवाही के चलते नालियां पूरी तरह जाम हो चुकी हैं, जिससे पानी की निकासी रुक गई है। पानी के न निकल पाने से स्थानीय जनता बेहद परेशान है और इस समस्या पर जल्द से जल्द उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।1
- कुंदन रोड, नगर पालिका क्षेत्र में स्थित अनवार अहमद एजुकेशन सेंटर स्कूल के बाहर और अंदर से नाड़े में कूड़ा फेंका जा रहा है। इस लगातार कूड़ा फेंकने के कारण क्षेत्र की नालियाँ पूरी तरह से जाम हो गई हैं, जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। पानी के जमाव के चलते स्थानीय जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनता ने इस गंभीर समस्या पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने की मांग की है।1