तेज रफ्तार पिकअप की चपेट में आई 65 वर्षीय महिला, घोसवरी सीएचसी से मोकामा ट्रामा सेंटर रेफर घोसवरी। बाढ़ अनुमंडल के घोसवरी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार पिकअप की चपेट में आने से 65 वर्षीय महिला लौछी देवी घायल हो गईं। हादसा उस समय हुआ, जब वह सड़क किनारे से खेत की ओर जा रही थीं। घटना की सूचना मिलते ही उनके बेटे ओमकार कुमार मौके पर पहुंचे और घायल महिला को इलाज के लिए घोसवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर गए। घोसवरी सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर बैठा ने महिला को बेहतर इलाज के लिए मोकामा ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। डॉ. बैठा के अनुसार, महिला की हाथ की कोहनी में चोट आई है, जिसके बेहतर उपचार के लिए उन्हें रेफर किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से मरीज परेशान घोसवारी सीएचसी में हड्डी रोग विशेषज्ञ और हड्डी सर्जन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके कारण गंभीर चोट वाले मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। वहीं, अस्पताल में पर्याप्त बिजली व्यवस्था नहीं होने से एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण जांचों के लिए भी मरीजों को बाहर जाना पड़ता है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर बैठा ने बताया कि बिजली व्यवस्था को दुरुस्त कराने के लिए कई दिनों से बिजली विभाग से बातचीत की जा रही है। हालांकि, विभाग की ओर से जल्द व्यवस्था ठीक करने का आश्वासन दिया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने बिजली आपूर्ति में सुधार के साथ-साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने की भी मांग की है।
तेज रफ्तार पिकअप की चपेट में आई 65 वर्षीय महिला, घोसवरी सीएचसी से मोकामा ट्रामा सेंटर रेफर घोसवरी। बाढ़ अनुमंडल के घोसवरी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार पिकअप की चपेट में आने से 65 वर्षीय महिला लौछी देवी घायल हो गईं। हादसा उस समय हुआ, जब वह सड़क किनारे से खेत की ओर जा रही थीं। घटना की सूचना मिलते ही उनके बेटे ओमकार कुमार मौके पर पहुंचे और घायल महिला को इलाज के लिए घोसवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर गए। घोसवरी सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर बैठा ने महिला को बेहतर इलाज के लिए मोकामा ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। डॉ. बैठा के अनुसार, महिला की हाथ की कोहनी में चोट आई है, जिसके बेहतर उपचार के लिए उन्हें रेफर किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से मरीज परेशान घोसवारी सीएचसी में हड्डी रोग विशेषज्ञ और हड्डी सर्जन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके कारण गंभीर चोट वाले मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। वहीं, अस्पताल में पर्याप्त बिजली व्यवस्था नहीं होने से एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण जांचों के लिए भी मरीजों को बाहर जाना पड़ता है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर बैठा ने बताया कि बिजली व्यवस्था को दुरुस्त कराने के लिए कई दिनों से बिजली विभाग से बातचीत की जा रही है। हालांकि, विभाग की ओर से जल्द व्यवस्था ठीक करने का आश्वासन दिया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने बिजली आपूर्ति में सुधार के साथ-साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने की भी मांग की है।
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- रोसड़ा DCLR के सरकारी आवास पर निगरानी की छापेमारी , 13.80 लाख रुपये नकद मिलने की सूचना; भूमि विवाद में रिश्वत मांगने की शिकायत से जुड़ा मामला समस्तीपुर/रोसड़ा। रोसड़ा की भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) कंचन कुमारी झा के सरकारी आवास पर निगरानी विभाग की टीम ने छापेमारी की। सुबह करीब नौ बजे दो वाहनों से पुलिस बल के साथ पहुंची टीम ने आवास को अपने घेरे में लेकर तलाशी और दस्तावेजों की जांच शुरू की। कई घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान आवास से संबंधित कागजात, नकदी और अन्य सामान की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान करीब 13 लाख 80 हजार रुपये नकद बरामद होने की सूचना है।1
- पटोरी में त्योहारी खरीदारी का खास ठिकाना बना द बिग मॉल, आकर्षक कलेक्शन के साथ सस्ती शॉपिंग पटोरी में त्योहारी खरीदारी का खास ठिकाना बना द बिग मॉल, आकर्षक कलेक्शन के साथ सस्ती शॉपिंग #दबिगमॉल #पटोरी #पटोरीबाजार #रक्षाबंधन #टीचर्सडे #शॉपिंग #बेस्टकलेक्शन #सस्ताशॉपिंग #फेस्टिवलशॉपिंग #पटोरीन्यूज़ #समस्तीपुर #समस्तीपुरन्यूज़ #बाजार #फैशन #त्योहारीखरीदारी #RakshaBandhan #TeachersDay #TheBigMall1
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- ससुराल में पंखा बनाते समय करंट लगने से रेलवे कर्मी की मौत पटना जिले के बाढ़ थाना अंतर्गत बहरामा गांव में दुखद हादसा सामने आया है, जहां अपने ससुराल आए एक रेलवे कर्मचारी की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 35 वर्षीय मनोहर चौधरी के रूप में हुई है, जो रेलवे में कार्यरत थे। मिली जानकारी के मुताबिक मनोहर चौधरी अपने ससुराल बहरामा गांव आए हुए थे। घर में पंखा खराब होने के कारण वह उसे खुद ही ठीक कर लगाने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि वह पेशे से कोई पंखा मिस्त्री या पेशेवर बिजली मैकेनिक नहीं थे, लेकिन घर वह इसे खुद ही ठीक लगनै लगे। इसी दौरान अचानक वह 440 वोल्ट के बिजली तार के संपर्क में आ गए। करंट का जोरदार झटका लगते ही वह असंतुलित होकर जोर से फर्श पर गिर पड़े। दुर्भाग्य से जिस जगह वह गिरे, वहां फर्श पर पानी फैला हुआ था। पानी में करंट का असर फैलने और शरीर में तेज झटका लगने के कारण वह मौके पर ही बेसुध होकर गिर पड़े। जब परिजनों की नजर उन पर पड़ी, तो वह वहीं अचेत अवस्था में पड़े थे। घबराए परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें उठाकर बेड पर लेटाया। परिजनों ने उनके शरीर पर राख से मालिश करना शुरू कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के भतीजे सिद्धार्थ चौधरी दौड़ते हुए घर पहुंचे। उन्होंने देखा कि मनोहर चौधरी बेड पर बेसुध पड़े हैं और लोग राख से उनकी मालिश कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिद्धार्थ उन्हें तुरंत नजदीकी एक निजी क्लीनिक ले गए। वहां प्राथमिक जांच के बाद हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल बाढ़ रेफर कर दिया। जब परिजन उन्हें लेकर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे, तो वहां तैनात डॉक्टरों ने स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1