कुल्लू जिले के सैंज स्थित राजकीय महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय (कॉमर्स स्ट्रीम) को बंद करने के सरकारी फैसले के खिलाफ स्थानीय लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को कॉलेज के अभिभावक-अध्यापक संघ (पीटीए) के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त (डीसी) कुल्लू से मुलाकात की और उन्हें इस फैसले को वापस लेने के लिए एक ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में पीटीए प्रधान जय सिंह, सदस्य केहर सिंह और चुनी लाल सहित कई अन्य लोग शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि सैंज घाटी एक बेहद दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्र है, जहाँ गरीब परिवारों के बच्चों, खासकर छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा का यह महाविद्यालय ही एकमात्र सहारा है। पिछले कई वर्षों से यहाँ कॉमर्स की पढ़ाई कराई जा रही थी, जिससे विद्यार्थियों को बैंकिंग और बिजनेस जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे थे। सरकार की युक्तिकरण (रेशनलाइजेशन) नीति के तहत इस संकाय को अचानक बंद करने से सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। पीटीए सदस्यों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि कॉमर्स स्ट्रीम को दोबारा बहाल नहीं किया गया, तो आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ेगी। उन्होंने उपायुक्त से पुरजोर मांग की है कि क्षेत्र के युवाओं के भविष्य और उनकी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस गंभीर मामले को तुरंत प्रदेश सरकार और उच्च शिक्षा विभाग के समक्ष उठाया जाए, ताकि बंद किए गए संकाय को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।
कुल्लू जिले के सैंज स्थित राजकीय महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय (कॉमर्स स्ट्रीम) को बंद करने के सरकारी फैसले के खिलाफ स्थानीय लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को कॉलेज के अभिभावक-अध्यापक संघ (पीटीए) के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त (डीसी) कुल्लू से मुलाकात की और उन्हें इस फैसले को वापस लेने के लिए एक ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में पीटीए प्रधान जय सिंह, सदस्य केहर सिंह और चुनी लाल सहित कई अन्य लोग शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि सैंज घाटी एक बेहद दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्र है, जहाँ गरीब परिवारों के बच्चों, खासकर छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा का यह महाविद्यालय ही एकमात्र सहारा है। पिछले कई वर्षों से यहाँ कॉमर्स की पढ़ाई कराई जा रही थी, जिससे विद्यार्थियों को बैंकिंग और बिजनेस जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे थे। सरकार की युक्तिकरण (रेशनलाइजेशन) नीति के तहत इस संकाय को अचानक बंद करने से सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। पीटीए सदस्यों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि कॉमर्स स्ट्रीम को दोबारा बहाल नहीं किया गया, तो आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ेगी। उन्होंने उपायुक्त से पुरजोर मांग की है कि क्षेत्र के युवाओं के भविष्य और उनकी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस गंभीर मामले को तुरंत प्रदेश सरकार और उच्च शिक्षा विभाग के समक्ष उठाया जाए, ताकि बंद किए गए संकाय को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।
- हमीरपुर मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरों के 'गायब' होने को लेकर एक बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है। यह प्रश्न गंभीर चिंता का विषय बन गया है कि क्या वाकई संस्थान से चिकित्सक कम हो रहे हैं।1
- स्वारघाट ओल्ड नेशनल हाईवे पर एक चलती स्कूटी अचानक आग का गोला बन गई। इस दुर्घटना के दौरान स्कूटी चालक ने तुरंत कूदकर अपनी जान बचाई।1
- बिलासपुर जिला परिषद के जुखाला वार्ड से चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस नेता कमल ठाकुर ने अपनी हार के लिए जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान और सदर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मस्त राम वर्मा को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट की मांग के बावजूद उन्हें पार्टी समर्थित उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया, जिसके कारण कांग्रेस जुखाला वार्ड की सीट गंवा बैठी। कमल ठाकुर के अनुसार, वह यह चुनाव केवल 288 वोटों के मामूली अंतर से हारे हैं और उनका दावा है कि यदि उन्हें कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार घोषित किया जाता तो यह सीट निश्चित रूप से पार्टी के खाते में आती। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व द्वारा किसी भी उम्मीदवार को आधिकारिक समर्थन न दिए जाने के बावजूद, सदर विधानसभा क्षेत्र में जिला और ब्लॉक कांग्रेस नेतृत्व ने मनमाने ढंग से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की घोषणा की। कमल ठाकुर ने इसे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देशों की स्पष्ट अवहेलना बताया है और इसके पर्याप्त प्रमाण व चुनाव परिणाम भी मौजूद होने का दावा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि सदर ब्लॉक की कई जिला परिषद सीटों पर ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी गई जिन्हें कांग्रेस समर्थित बताया गया, जबकि वास्तविक रूप से जीतने की क्षमता रखने वाले उम्मीदवारों की अनदेखी की गई। उनका दावा है कि जिन उम्मीदवारों को समर्थन मिला, उनमें से कई तीसरे और चौथे स्थान पर रहे, जिससे पार्टी की साख को भारी नुकसान पहुंचा। कमल ठाकुर ने प्रदेश नेतृत्व से नगर परिषद और जिला परिषद चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन की गहन समीक्षा करने, पूरे मामले की जांच कराने तथा संगठन को मजबूत करने और सदर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को सशक्त बनाने के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष समीक्षा करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने जिला और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी मांग की है।4
- हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने आज हमीरपुर में जनगणना-2027 के अंतर्गत अपनी स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण की। इस अवसर पर जनगणना चार्ज अधिकारी एवं तहसीलदार बमसन सौरभ धीमान तथा जिला जनगणना नोडल अधिकारी अजय सोलंकी भी मौजूद रहे। जनगणना चार्ज अधिकारी सौरभ धीमान ने बताया कि जनगणना का प्रथम चरण अभी चल रहा है, जिसके तहत परिवार 15 जून तक ऑनलाइन माध्यम से स्व-गणना कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में परिवार और उसके सदस्यों से जुड़े कुल 34 प्रश्नों के उत्तर दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने आगे जानकारी दी कि 16 जून से 15 जुलाई तक प्रगणक और पर्यवेक्षक घर-घर जाकर हाउस लिस्टिंग का काम करेंगे, जिसमें मकानों और परिवारों से संबंधित विवरण एकत्र किया जाएगा। धीमान ने सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और निर्धारित अवधि में स्व-गणना का लाभ उठाने का आग्रह किया, ताकि जनगणना प्रक्रिया को और अधिक सुगम एवं प्रभावी बनाया जा सके। इसी अवसर पर प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने भी प्रदेशवासियों से निर्धारित अवधि के भीतर स्वयं-गणना के माध्यम से अपना पंजीकरण करने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों के संकलन की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश और प्रदेश के विकास की आधारशिला है। पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनगणना के आंकड़े विकास योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के न्यायसंगत वितरण तथा भविष्य की नीतियों के निर्धारण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व बताया कि वह सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराकर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाए और देश व प्रदेश को समृद्ध एवं सशक्त बनाने में अपना योगदान सुनिश्चित करे।1
- बुधवार को सुजानपुर सिविल अस्पताल में एक आधुनिक रोगी वाहन (एडवांस एम्बुलेंस) का विधिवत शुभारंभ विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर अस्पताल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय जनता की भारी उपस्थिति देखी गई, जिन्होंने विधायक के अस्पताल पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार ने विधायक कैप्टन रणजीत सिंह को शॉल और हिमाचली टोपी पहनाकर सम्मानित किया। डॉ. राजकुमार ने अपने संबोधन में बताया कि विधायक के नेतृत्व और प्रयासों से अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग ने अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब अस्पताल में मात्र 3 नर्सें, 3 चिकित्सक और 3 क्लेरिकल कर्मचारी थे, जबकि आज नर्सों की संख्या 16, चिकित्सकों की संख्या 14 और अन्य स्टाफ की संख्या 6 हो चुकी है। डॉ. राजकुमार ने पिछले 18 वर्षों से अस्पताल में सेवा देने के बावजूद कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में जितना विकास और सकारात्मक बदलाव आया है, उतना पहले कभी नहीं देखा गया, जिसका श्रेय उन्होंने विधायक कैप्टन रणजीत सिंह के निरंतर प्रयासों को दिया। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष राजिंदर वर्मा ने भी विधायक कैप्टन रणजीत सिंह की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अस्पताल की दशा और दिशा दोनों बदल दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का भी आभार व्यक्त किया, जिनके विशेष सहयोग से सुजानपुर क्षेत्र को लगातार नई सौगातें मिल रही हैं। नशा निवारण बोर्ड के चेयरमैन नरेश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हमीरपुर जिला विकास की नई राह पर अग्रसर हुआ है और वर्षों से लंबित विकास परियोजनाओं को वर्तमान सरकार ने गति दी है। उन्होंने कैप्टन रणजीत सिंह की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और उनकी कार्यप्रणाली अन्य जनप्रतिनिधियों से अलग है। विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने क्षेत्रवासियों को आधुनिक एम्बुलेंस मिलने पर बधाई दी और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का विशेष धन्यवाद किया, जिन्होंने उनके एक आग्रह पर इस अत्याधुनिक एम्बुलेंस को सुजानपुर अस्पताल के लिए स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि डेढ़ वर्ष पहले तक सुजानपुर अस्पताल केवल एक रेफरल अस्पताल था, लेकिन आज यह लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। विधायक ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों की कोई कमी नहीं रहने दी गई है, आधुनिक लैब स्थापित की गई है, तथा पुराने अस्पताल भवन की मरम्मत और उन्नयन का कार्य लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से चल रहा है। उन्होंने अपना अगला लक्ष्य अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध करवाना बताया और विश्वास जताया कि नए डायलिसिस केंद्रों की सूची में सुजानपुर का नाम प्राथमिकता में होगा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से जब विधायक ने पूछा कि क्या उन्होंने पहले इतनी बड़ी संख्या में चिकित्सक देखे थे, तो जनता ने एक स्वर में ‘नहीं’ कहकर अस्पताल में हुए व्यापक बदलाव की पुष्टि की। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में नशा निवारण बोर्ड के चेयरमैन नरेश ठाकुर, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष राजिंदर वर्मा, पूर्व प्रधान मनोज ठाकुर, राजकुमार शरणम्, सुरिंदर गुप्ता, पार्षद ज्योतिका, पार्षद नीलम और नव-निर्वाचित प्रधानों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। आधुनिक एम्बुलेंस के शुभारंभ के साथ, सुजानपुर अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।1
- हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में मचे सियासी घमासान के बीच पार्टी ने अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कृषि मंत्री चंद्र कुमार के बेटे और पूर्व विधायक नीरज भारती द्वारा कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ाने के मामले में आज शिमला स्थित राजीव भवन में अनुशासन समिति की बैठक बुलाई गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कांग्रेस अनुशासन कमेटी अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राठौर ने जोर देकर कहा कि जो भी पार्टी की विचारधारा के खिलाफ हैं, उन्हें संगठन में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने सख्त लहजे में यह भी कहा कि अगर कोई भी कांग्रेस नेता मीडिया या सोशल मीडिया में जाकर अनुशासनहीनता करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में अनुशासन कमेटी के पदाधिकारी उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधायक आशीष बुटेल, विधायक हरदीप सिंह बाबा, विधायक अनुराधा के साथ-साथ कांग्रेस महासचिव विनोद ज़िंटा और अमित नंदा भी मौजूद रहे।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नया इतिहास रच दिया है। वे अब भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।1
- बिलासपुर में 'सेव माउंट' संगठन ने जुखाला कॉलेज में नई शिक्षा नीति के तहत प्रथम वर्ष में प्रवेश बंद करने और विज्ञान संकाय को समाप्त करने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। संगठन ने इस निर्णय को ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है और सरकार व शिक्षा विभाग से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। बुधवार को बिलासपुर सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान, 'सेव माउंट' संगठन के अध्यक्ष पवन ठाकुर ने जोर देकर कहा कि शिक्षा हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। उन्होंने बताया कि जुखाला कॉलेज क्षेत्र के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहाँ बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। ऐसे में प्रथम वर्ष में प्रवेश रोकना और विज्ञान संकाय को खत्म करना विद्यार्थियों के हित में नहीं है। ठाकुर ने वर्ष 2025 में इसी कॉलेज की छात्रा अदिति ठाकुर का उदाहरण भी दिया, जिसने प्रतिदिन लगभग तीन किलोमीटर पैदल चलकर कॉलेज पहुँचते हुए अपनी मेहनत और लगन से प्रदेश में सातवां स्थान हासिल किया था। यह दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, उन्हें केवल बेहतर अवसर और संसाधनों की आवश्यकता है। पवन ठाकुर ने आगे कहा कि विज्ञान संकाय बंद होने और नए प्रवेश रुकने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को दूर-दराज के कॉलेजों में जाकर पढ़ाई करनी पड़ेगी, जिससे उनकी शिक्षा और आर्थिक स्थिति दोनों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से जुखाला कॉलेज में प्रथम वर्ष के प्रवेश और विज्ञान संकाय को तुरंत बहाल करने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि यह निर्णय जल्द ही वापस नहीं लिया गया, तो 'सेव माउंट' संगठन विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और शिक्षा विभाग की होगी।1
- हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव की प्रक्रिया समाप्त होने के बावजूद, इससे भड़की सियासी आग लगातार बढ़ती जा रही है। इस ताज़ा मामले में, भाजपा विधायक डॉक्टर जनक राज ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक का आरोप है कि सरकार ने गुपचुप तरीके से चुनावी प्रक्रिया के दौरान ही अधिनियम में संशोधन किया और एक अधिसूचना जारी कर दी। इस अधिसूचना के अनुसार, जिला चंबा के पांगी, लाहौल-स्पीति के केलांग सब-डिवीजन और कल्लू की चार पंचायतों के प्रधान, बीडीसी सदस्य और जिला परिषद सदस्यों का कार्यकाल 18 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है। डॉ. जनक राज ने कहा कि इस फैसले से अब इन पंचायतों में दो-दो प्रतिनिधि हो गए हैं। उन्होंने सरकार के इस कदम को पंचायती राज संस्थाओं और संविधान का सीधा अपमान बताया, यह कहते हुए कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने संविधान और संवैधानिक व्यवस्थाओं का मज़ाक बना दिया है, जो पंचायती राज चुनाव के समय स्पष्ट हो गया। इसके अतिरिक्त, डॉ. जनक राज ने बीडीसी, जिला परिषद और शहरी निकायों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों के चुनाव में देरी को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे प्रदेश सरकार की रणनीति केवल यह है कि चुने हुए प्रतिनिधियों को डरा-धमकाकर या प्रताड़ित करके अपनी विचारधारा के लोगों को इन पदों पर बैठाया जा सके। डॉ. जनक राज ने इस पूरे मामले को जनमत का मज़ाक करार दिया और चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो वे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।3