कृषि विज्ञान केंद्र डुमरबहार को हाथियों ने बनाया अपना बसेरा दहशत का साया: डूमरबहार कृषि विज्ञान केंद्र में जंगली हाथी की लगातार दस्तक 🐘 ये वही डूमरबहार का कृषि विज्ञान केंद्र है, जहां हर रोज़ सूरज ढलते ही जंगली हाथी प्रवेश कर जाते हैं। बीते कई दिनों से यह सिलसिला लगातार जारी है, जिससे ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। हाथी ने लोहे का मुख्य गेट तोड़ डाला और अब रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ने लगा है हालात ऐसे हैं कि वन विभाग की टीम और ग्रामवासी मिलकर फटाखे और सायरन बजाकर हाथी को खदेड़ते हैं हाथी कुछ समय के लिए जंगल में चला जाता है, लेकिन दिनभर आराम के बाद शाम होते ही फिर लौट आता है डूमरबहार | जशपुर Jashpur Times – सच सब तक #JashpurTimes #Dumarbahar #JungliHathi #ElephantTerror #ForestDepartment #NightAlert #CGNews #RuralNews #BreakingNews
कृषि विज्ञान केंद्र डुमरबहार को हाथियों ने बनाया अपना बसेरा दहशत का साया: डूमरबहार कृषि विज्ञान केंद्र में जंगली हाथी की लगातार दस्तक 🐘 ये वही डूमरबहार का कृषि विज्ञान केंद्र है, जहां हर रोज़ सूरज ढलते ही जंगली हाथी प्रवेश कर जाते हैं। बीते कई दिनों से यह सिलसिला लगातार जारी है, जिससे ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। हाथी ने लोहे का मुख्य गेट तोड़ डाला और अब रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ने लगा है हालात ऐसे हैं कि वन विभाग की टीम और ग्रामवासी मिलकर फटाखे और सायरन बजाकर हाथी को खदेड़ते हैं हाथी कुछ समय के लिए जंगल में चला जाता है, लेकिन दिनभर आराम के बाद शाम होते ही फिर लौट आता है डूमरबहार | जशपुर Jashpur Times – सच सब तक #JashpurTimes #Dumarbahar #JungliHathi #ElephantTerror #ForestDepartment #NightAlert #CGNews #RuralNews #BreakingNews
- अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में श्री हरि वनवासी विकास समिति झारखंड एवं वनवासी कल्याण केंद्र झारखंड के संयुक्त तत्वावधान में प्रांतीय स्तर की प्रश्न मंच प्रतियोगिता का आयोजन गायत्री शिशु विद्या मंदिर, चन्द्री, चक्रधरपुर (पश्चिमी सिंहभूम) में किया गया। इस प्रतियोगिता में मनोरमा सरस्वती शिशु मंदिर, चैनपुर की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। विजेता टीम में सूर्यांसी कुमारी, ईवानजेल टोप्पो और हर्षवर्धन राम शामिल रहे। प्रतियोगिता में राज्य के विभिन्न जिलों से आई टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। सोमवार शाम 6 बजे चैनपुर में जैसे ही इस सफलता की जानकारी मिली, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों, अभिभावकों और शिक्षकों ने फोन के माध्यम से विजेता छात्रों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने बताया कि छात्रों की इस उपलब्धि के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अध्ययन का बड़ा योगदान रहा है। शिक्षकों के अनुसार इस प्रतियोगिता में बच्चों के साथ रेखा दीदी भी चक्रधरपुर गई थीं, जिनके मार्गदर्शन में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।1
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- जारी प्रखंड के मेराल पंचायत अंतर्गत देवीडीह गांव में निर्माणाधीन धूमकुड़िया भवन भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। सरकारी भवन निर्माण में जिस तरह की घटिया गुणवत्ता की ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। हालात ऐसे हैं कि ईंटें पानी लगते ही और हाथ में पकड़ते ही चूर-चूर हो जा रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब इस गंभीर अनियमितता को लेकर लाभुक समिति के सचिव सुधीर लकड़ा से सवाल किया गया, तो उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि “एस्टिमेट में इसी किस्म की ईंटों से निर्माण कराने का निर्देश है।” अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी एस्टिमेट में जानलेवा और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग की अनुमति दी जाती है? ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य में खुलेआम घटिया किस्म की बांग्ला भट्ठा की ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि निर्माण स्थल पर न तो किसी अभियंता (इंजीनियर) की मौजूदगी है और न ही किसी तरह की तकनीकी जांच। बिना इंजीनियर के सरकारी भवन का निर्माण कराना नियमों की खुली अवहेलना है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। यदि समय रहते निर्माण कार्य की जांच नहीं की गई, तो यह धूमकुड़िया भवन भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और इसमें संलिप्त अधिकारियों व लाभुक समिति के सदस्यों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन की लूट पर रोक लग सके।1
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