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जारी में पानी छूते ही चूर-चूर! देवीडीह में ‘भ्रष्टाचार की ईंटों’ से बन रहा धूमकु जारी प्रखंड के मेराल पंचायत अंतर्गत देवीडीह गांव में निर्माणाधीन धूमकुड़िया भवन भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। सरकारी भवन निर्माण में जिस तरह की घटिया गुणवत्ता की ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। हालात ऐसे हैं कि ईंटें पानी लगते ही और हाथ में पकड़ते ही चूर-चूर हो जा रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब इस गंभीर अनियमितता को लेकर लाभुक समिति के सचिव सुधीर लकड़ा से सवाल किया गया, तो उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि “एस्टिमेट में इसी किस्म की ईंटों से निर्माण कराने का निर्देश है।” अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी एस्टिमेट में जानलेवा और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग की अनुमति दी जाती है? ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य में खुलेआम घटिया किस्म की बांग्ला भट्ठा की ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि निर्माण स्थल पर न तो किसी अभियंता (इंजीनियर) की मौजूदगी है और न ही किसी तरह की तकनीकी जांच। बिना इंजीनियर के सरकारी भवन का निर्माण कराना नियमों की खुली अवहेलना है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। यदि समय रहते निर्माण कार्य की जांच नहीं की गई, तो यह धूमकुड़िया भवन भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और इसमें संलिप्त अधिकारियों व लाभुक समिति के सदस्यों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन की लूट पर रोक लग सके।

14 hrs ago
user_Shiwam Kumar
Shiwam Kumar
Journalist चैनपुर, गुमला, झारखंड•
14 hrs ago

जारी में पानी छूते ही चूर-चूर! देवीडीह में ‘भ्रष्टाचार की ईंटों’ से बन रहा धूमकु जारी प्रखंड के मेराल पंचायत अंतर्गत देवीडीह गांव में निर्माणाधीन धूमकुड़िया भवन भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। सरकारी भवन निर्माण में जिस तरह की घटिया गुणवत्ता की ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। हालात ऐसे हैं कि ईंटें पानी लगते ही और हाथ में पकड़ते ही चूर-चूर हो जा रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब इस गंभीर अनियमितता को लेकर लाभुक समिति के सचिव सुधीर लकड़ा से सवाल किया गया, तो उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि “एस्टिमेट में इसी किस्म की ईंटों से निर्माण कराने का निर्देश है।” अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी एस्टिमेट में जानलेवा और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग की अनुमति दी जाती है? ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य में खुलेआम घटिया किस्म की बांग्ला भट्ठा की ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि निर्माण स्थल पर न तो किसी अभियंता (इंजीनियर) की मौजूदगी है और न ही किसी तरह की तकनीकी जांच। बिना इंजीनियर के सरकारी भवन का निर्माण कराना नियमों की खुली अवहेलना है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। यदि समय रहते निर्माण कार्य की जांच नहीं की गई, तो यह धूमकुड़िया भवन भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और इसमें संलिप्त अधिकारियों व लाभुक समिति के सदस्यों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन की लूट पर रोक लग सके।

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  • नदी का पानी पी के जिंदा है?.😱
    1
    नदी का पानी पी के जिंदा है?.😱
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    Journalist लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    14 hrs ago
  • दहशत का साया: डूमरबहार कृषि विज्ञान केंद्र में जंगली हाथी की लगातार दस्तक 🐘 ये वही डूमरबहार का कृषि विज्ञान केंद्र है, जहां हर रोज़ सूरज ढलते ही जंगली हाथी प्रवेश कर जाते हैं। बीते कई दिनों से यह सिलसिला लगातार जारी है, जिससे ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। हाथी ने लोहे का मुख्य गेट तोड़ डाला और अब रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ने लगा है हालात ऐसे हैं कि वन विभाग की टीम और ग्रामवासी मिलकर फटाखे और सायरन बजाकर हाथी को खदेड़ते हैं हाथी कुछ समय के लिए जंगल में चला जाता है, लेकिन दिनभर आराम के बाद शाम होते ही फिर लौट आता है डूमरबहार | जशपुर Jashpur Times – सच सब तक #JashpurTimes #Dumarbahar #JungliHathi #ElephantTerror #ForestDepartment #NightAlert #CGNews #RuralNews #BreakingNews
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    दहशत का साया: डूमरबहार कृषि विज्ञान केंद्र में जंगली हाथी की लगातार दस्तक 🐘
ये वही डूमरबहार का कृषि विज्ञान केंद्र है, जहां हर रोज़ सूरज ढलते ही जंगली हाथी प्रवेश कर जाते हैं। बीते कई दिनों से यह सिलसिला लगातार जारी है, जिससे ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।
हाथी ने लोहे का मुख्य गेट तोड़ डाला और अब रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ने लगा है हालात ऐसे हैं कि वन विभाग की टीम और ग्रामवासी मिलकर फटाखे और सायरन बजाकर हाथी को खदेड़ते हैं
हाथी कुछ समय के लिए जंगल में चला जाता है, लेकिन दिनभर आराम के बाद शाम होते ही फिर लौट आता है
डूमरबहार | जशपुर
Jashpur Times – सच सब तक
#JashpurTimes #Dumarbahar #JungliHathi #ElephantTerror #ForestDepartment #NightAlert #CGNews #RuralNews #BreakingNews
    user_Ibnul khan
    Ibnul khan
    Reporter कांसबेल, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • रंका सोनदाग पंचायत के पूर्व मुखिया मालती देवी ने निजी खर्च से दो नल भनवाकर कराया चालु
    1
    रंका सोनदाग पंचायत के पूर्व मुखिया मालती देवी ने निजी खर्च से दो नल भनवाकर कराया चालु
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    Reporter Ranka, Garhwa•
    12 hrs ago
  • 🎙️ **ब्रेकिंग न्यूज़ | अम्बिकापुर** परिवहन कार्यालय अम्बिकापुर के सामने रोज़ाना खड़े भारी वाहन अब आम जनता के लिए **खतरे की घंटी** बन चुके हैं। सैकड़ों ट्रक और मालवाहक मुख्य सड़क पर लाइन लगाकर खड़े रहते हैं, जिससे राहगीर, दोपहिया चालक और स्कूली बच्चे हर दिन **जान जोखिम में डालकर** निकलने को मजबूर हैं। 🚨 हैरानी की बात यह है कि इसी जगह पहले भी **कई बड़ी दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं**, लेकिन न परिवहन विभाग जागा, न पुलिस प्रशासन, और न ही ट्रैफिक पुलिस ने कोई सख्त कार्रवाई की। जबकि RTO परिसर में **पर्याप्त जगह मौजूद है**, फिर भी वाहन जानबूझकर **मेन रोड पर खड़े कर दिए जाते हैं**। ⚠️ सवाल यह है — क्या प्रशासन किसी और बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है? 📢 अब ज़रूरत है **तुरंत कार्रवाई की**, वरना यह लापरवाही किसी दिन बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। https://www.instagram.com/reel/DTsKYGKjAJr/?igsh=MTN4NTYzYWh6bm11OQ==
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    🎙️ **ब्रेकिंग न्यूज़ | अम्बिकापुर**
परिवहन कार्यालय अम्बिकापुर के सामने रोज़ाना खड़े भारी वाहन अब आम जनता के लिए **खतरे की घंटी** बन चुके हैं।
सैकड़ों ट्रक और मालवाहक मुख्य सड़क पर लाइन लगाकर खड़े रहते हैं,
जिससे राहगीर, दोपहिया चालक और स्कूली बच्चे
हर दिन **जान जोखिम में डालकर** निकलने को मजबूर हैं।
🚨 हैरानी की बात यह है कि
इसी जगह पहले भी **कई बड़ी दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं**,
लेकिन न परिवहन विभाग जागा,
न पुलिस प्रशासन,
और न ही ट्रैफिक पुलिस ने कोई सख्त कार्रवाई की।
जबकि RTO परिसर में **पर्याप्त जगह मौजूद है**,
फिर भी वाहन जानबूझकर **मेन रोड पर खड़े कर दिए जाते हैं**।
⚠️ सवाल यह है —
क्या प्रशासन किसी और बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है?
📢 अब ज़रूरत है **तुरंत कार्रवाई की**,
वरना यह लापरवाही
किसी दिन बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।
https://www.instagram.com/reel/DTsKYGKjAJr/?igsh=MTN4NTYzYWh6bm11OQ==
    user_SURGUJA TIMES
    SURGUJA TIMES
    Journalist अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
  • भारत–ओमान साझेदारी भविष्य के लिए मजबूत: पीएम मोदी
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    भारत–ओमान साझेदारी भविष्य के लिए मजबूत: पीएम मोदी
    user_Pradesh Khabar
    Pradesh Khabar
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • रांची पुलिस की बड़ी जीत: 61 दिनों बाद 'ऑपरेशन कन्हैया' सफल, कोडरमा से सुरक्षित मिला मासूम
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    रांची पुलिस की बड़ी जीत: 61 दिनों बाद 'ऑपरेशन कन्हैया' सफल, कोडरमा से सुरक्षित मिला मासूम
    user_Naya Bharat Tv 24
    Naya Bharat Tv 24
    Kanke, Ranchi•
    5 hrs ago
  • जारी प्रखंड के मेराल पंचायत अंतर्गत देवीडीह गांव में निर्माणाधीन धूमकुड़िया भवन भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। सरकारी भवन निर्माण में जिस तरह की घटिया गुणवत्ता की ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। हालात ऐसे हैं कि ईंटें पानी लगते ही और हाथ में पकड़ते ही चूर-चूर हो जा रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब इस गंभीर अनियमितता को लेकर लाभुक समिति के सचिव सुधीर लकड़ा से सवाल किया गया, तो उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि “एस्टिमेट में इसी किस्म की ईंटों से निर्माण कराने का निर्देश है।” अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी एस्टिमेट में जानलेवा और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग की अनुमति दी जाती है? ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य में खुलेआम घटिया किस्म की बांग्ला भट्ठा की ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि निर्माण स्थल पर न तो किसी अभियंता (इंजीनियर) की मौजूदगी है और न ही किसी तरह की तकनीकी जांच। बिना इंजीनियर के सरकारी भवन का निर्माण कराना नियमों की खुली अवहेलना है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। यदि समय रहते निर्माण कार्य की जांच नहीं की गई, तो यह धूमकुड़िया भवन भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और इसमें संलिप्त अधिकारियों व लाभुक समिति के सदस्यों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन की लूट पर रोक लग सके।
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    जारी प्रखंड के मेराल पंचायत अंतर्गत देवीडीह गांव में निर्माणाधीन धूमकुड़िया भवन भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। सरकारी भवन निर्माण में जिस तरह की घटिया गुणवत्ता की ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। हालात ऐसे हैं कि ईंटें पानी लगते ही और हाथ में पकड़ते ही चूर-चूर हो जा रही हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब इस गंभीर अनियमितता को लेकर लाभुक समिति के सचिव सुधीर लकड़ा से सवाल किया गया, तो उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि “एस्टिमेट में इसी किस्म की ईंटों से निर्माण कराने का निर्देश है।”
अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी एस्टिमेट में जानलेवा और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग की अनुमति दी जाती है?
ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य में खुलेआम घटिया किस्म की बांग्ला भट्ठा की ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि निर्माण स्थल पर न तो किसी अभियंता (इंजीनियर) की मौजूदगी है और न ही किसी तरह की तकनीकी जांच। बिना इंजीनियर के सरकारी भवन का निर्माण कराना नियमों की खुली अवहेलना है।
ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। यदि समय रहते निर्माण कार्य की जांच नहीं की गई, तो यह धूमकुड़िया भवन भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और इसमें संलिप्त अधिकारियों व लाभुक समिति के सदस्यों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन की लूट पर रोक लग सके।
    user_Shiwam Kumar
    Shiwam Kumar
    Journalist चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    14 hrs ago
  • जीवन में ओवरब्रिज नहीं बनेगा? #shorts #shortvideo #short #viral #railway #fatak #tori
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    जीवन में ओवरब्रिज नहीं बनेगा? #shorts #shortvideo #short #viral #railway #fatak #tori
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    Journalist लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    18 hrs ago
  • रंका खपरो पंचायत में अखिल भारतीय भुईयां समाज ज्योतिबा फुले, दशरथ मांझी, फातिमा सेख का मनाया जयंती
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    रंका खपरो पंचायत में अखिल भारतीय भुईयां समाज ज्योतिबा फुले, दशरथ मांझी, फातिमा सेख का मनाया जयंती
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    Reporter Ranka, Garhwa•
    12 hrs ago
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