रिपोर्टर मुन्नालाल राठौर लोकेशन कराहल जिला श्योपुर *बरगवां मिडिल स्कूल में हंगामा: शिक्षक पर भेदभाव के आरोप, परिजन सहित ग्रामीणों ने जताया विरोध* कराहल के बरगवां स्थित मिडिल स्कूल में आज उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक छात्र के परिजन ने शिक्षक पर बच्चों के साथ कथित भेदभावपूर्ण व्यवहार करने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगाए। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुंच गए और विद्यालय प्रभारी के सामने शिक्षक के प्रति नाराजगी जताई। छात्र के पिता सिरमौर गुर्जर, निवासी चितारा ने आरोप लगाया कि शिक्षक राहुल धाकड़ ने उनके बच्चे से कथित तौर पर कहा कि “गुर्जर क्या पढ़ना जाने” और यह भी कहा कि “तुम्हारे पापा स्कूल में डॉन बनकर आ जाते हैं, वह बोर्ड पर पढ़ाकर बता दें।” शिक्षक की कथित टिप्पणी से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर मामले पर आपत्ति जताई और अपनी नाराजगी जाहिर की। परिजनों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि स्कूल में बच्चों की हाजिरी शिक्षक स्वयं दर्ज नहीं करते, बल्कि बच्चों से ही हाजिरी भरवाई जा रही है। ग्रामीणों ने विद्यालय की व्यवस्था और शिक्षण कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। मामले की जानकारी मिलने पर विद्यालय प्रभारी देवीलाल सिनेरिया ने ग्रामीणों को समझाइश दी और भविष्य में विद्यालय से इस तरह की शिकायत सामने नहीं आने का भरोसा दिलाया। इसके बाद संबंधित शिक्षक द्वारा माफी मांगे जाने पर मामला शांत हुआ और ग्रामीण वापस लौट गए। हालांकि, विद्यालय में सामने आए इस पूरे घटनाक्रम ने बच्चों की शिक्षा, शिक्षक-छात्र व्यवहार और स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविकता सामने लाता है या नहीं। कराहल जिला श्योपुर इरशाद पठान *बरगवां मिडिल स्कूल में हंगामा: शिक्षक पर भेदभाव के आरोप, परिजन सहित ग्रामीणों ने जताया विरोध* कराहल के बरगवां स्थित मिडिल स्कूल में आज उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक छात्र के परिजन ने शिक्षक पर बच्चों के साथ कथित भेदभावपूर्ण व्यवहार करने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगाए। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुंच गए और विद्यालय प्रभारी के सामने शिक्षक के प्रति नाराजगी जताई। छात्र के पिता सिरमौर गुर्जर, निवासी चितारा ने आरोप लगाया कि शिक्षक राहुल धाकड़ ने उनके बच्चे से कथित तौर पर कहा कि “गुर्जर क्या पढ़ना जाने” और यह भी कहा कि “तुम्हारे पापा स्कूल में डॉन बनकर आ जाते हैं, वह बोर्ड पर पढ़ाकर बता दें।” शिक्षक की कथित टिप्पणी से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर मामले पर आपत्ति जताई और अपनी नाराजगी जाहिर की। परिजनों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि स्कूल में बच्चों की हाजिरी शिक्षक स्वयं दर्ज नहीं करते, बल्कि बच्चों से ही हाजिरी भरवाई जा रही है। ग्रामीणों ने विद्यालय की व्यवस्था और शिक्षण कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। मामले की जानकारी मिलने पर विद्यालय प्रभारी देवीलाल सिनेरिया ने ग्रामीणों को समझाइश दी और भविष्य में विद्यालय से इस तरह की शिकायत सामने नहीं आने का भरोसा दिलाया। इसके बाद संबंधित शिक्षक द्वारा माफी मांगे जाने पर मामला शांत हुआ और ग्रामीण वापस लौट गए। हालांकि, विद्यालय में सामने आए इस पूरे घटनाक्रम ने बच्चों की शिक्षा, शिक्षक-छात्र व्यवहार और स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविकता सामने लाता है या नहीं।
रिपोर्टर मुन्नालाल राठौर लोकेशन कराहल जिला श्योपुर *बरगवां मिडिल स्कूल में हंगामा: शिक्षक पर भेदभाव के आरोप, परिजन सहित ग्रामीणों ने जताया विरोध* कराहल के बरगवां स्थित मिडिल स्कूल में आज उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक छात्र के परिजन ने शिक्षक पर बच्चों के साथ कथित भेदभावपूर्ण व्यवहार करने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगाए। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुंच गए और विद्यालय प्रभारी के सामने शिक्षक के प्रति नाराजगी जताई। छात्र के पिता सिरमौर गुर्जर, निवासी चितारा ने आरोप लगाया कि शिक्षक राहुल धाकड़ ने उनके बच्चे से कथित तौर पर कहा कि “गुर्जर क्या पढ़ना जाने” और यह भी कहा कि “तुम्हारे पापा स्कूल में डॉन बनकर आ जाते हैं, वह बोर्ड पर पढ़ाकर बता दें।” शिक्षक की कथित टिप्पणी से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर मामले पर आपत्ति जताई और अपनी नाराजगी जाहिर की। परिजनों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि स्कूल में बच्चों की हाजिरी शिक्षक स्वयं दर्ज नहीं करते, बल्कि बच्चों से ही हाजिरी भरवाई जा रही है। ग्रामीणों ने विद्यालय की व्यवस्था और शिक्षण कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। मामले की जानकारी मिलने पर विद्यालय प्रभारी देवीलाल सिनेरिया ने ग्रामीणों को समझाइश दी और भविष्य में विद्यालय से इस तरह की शिकायत सामने नहीं आने का भरोसा दिलाया। इसके बाद संबंधित शिक्षक द्वारा माफी मांगे जाने पर मामला शांत हुआ और ग्रामीण वापस लौट गए। हालांकि, विद्यालय में सामने आए इस पूरे घटनाक्रम ने बच्चों की शिक्षा, शिक्षक-छात्र व्यवहार और स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविकता सामने लाता है या
नहीं। कराहल जिला श्योपुर इरशाद पठान *बरगवां मिडिल स्कूल में हंगामा: शिक्षक पर भेदभाव के आरोप, परिजन सहित ग्रामीणों ने जताया विरोध* कराहल के बरगवां स्थित मिडिल स्कूल में आज उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक छात्र के परिजन ने शिक्षक पर बच्चों के साथ कथित भेदभावपूर्ण व्यवहार करने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगाए। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुंच गए और विद्यालय प्रभारी के सामने शिक्षक के प्रति नाराजगी जताई। छात्र के पिता सिरमौर गुर्जर, निवासी चितारा ने आरोप लगाया कि शिक्षक राहुल धाकड़ ने उनके बच्चे से कथित तौर पर कहा कि “गुर्जर क्या पढ़ना जाने” और यह भी कहा कि “तुम्हारे पापा स्कूल में डॉन बनकर आ जाते हैं, वह बोर्ड पर पढ़ाकर बता दें।” शिक्षक की कथित टिप्पणी से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर मामले पर आपत्ति जताई और अपनी नाराजगी जाहिर की। परिजनों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि स्कूल में बच्चों की हाजिरी शिक्षक स्वयं दर्ज नहीं करते, बल्कि बच्चों से ही हाजिरी भरवाई जा रही है। ग्रामीणों ने विद्यालय की व्यवस्था और शिक्षण कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। मामले की जानकारी मिलने पर विद्यालय प्रभारी देवीलाल सिनेरिया ने ग्रामीणों को समझाइश दी और भविष्य में विद्यालय से इस तरह की शिकायत सामने नहीं आने का भरोसा दिलाया। इसके बाद संबंधित शिक्षक द्वारा माफी मांगे जाने पर मामला शांत हुआ और ग्रामीण वापस लौट गए। हालांकि, विद्यालय में सामने आए इस पूरे घटनाक्रम ने बच्चों की शिक्षा, शिक्षक-छात्र व्यवहार और स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविकता सामने लाता है या नहीं।
- श्योपुर जिले के माध्यमिक में शिक्षक पर लगे समय पर नहीं पहुंचने और बच्चों से हाजिरी लगाने के आरोप1
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- रिपोर्टर मुन्नालाल राठौर लोकेशन कराहल जिला श्योपुर *बरगवां मिडिल स्कूल में हंगामा: शिक्षक पर भेदभाव के आरोप, परिजन सहित ग्रामीणों ने जताया विरोध* कराहल के बरगवां स्थित मिडिल स्कूल में आज उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक छात्र के परिजन ने शिक्षक पर बच्चों के साथ कथित भेदभावपूर्ण व्यवहार करने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगाए। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुंच गए और विद्यालय प्रभारी के सामने शिक्षक के प्रति नाराजगी जताई। छात्र के पिता सिरमौर गुर्जर, निवासी चितारा ने आरोप लगाया कि शिक्षक राहुल धाकड़ ने उनके बच्चे से कथित तौर पर कहा कि “गुर्जर क्या पढ़ना जाने” और यह भी कहा कि “तुम्हारे पापा स्कूल में डॉन बनकर आ जाते हैं, वह बोर्ड पर पढ़ाकर बता दें।” शिक्षक की कथित टिप्पणी से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर मामले पर आपत्ति जताई और अपनी नाराजगी जाहिर की। परिजनों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि स्कूल में बच्चों की हाजिरी शिक्षक स्वयं दर्ज नहीं करते, बल्कि बच्चों से ही हाजिरी भरवाई जा रही है। ग्रामीणों ने विद्यालय की व्यवस्था और शिक्षण कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। मामले की जानकारी मिलने पर विद्यालय प्रभारी देवीलाल सिनेरिया ने ग्रामीणों को समझाइश दी और भविष्य में विद्यालय से इस तरह की शिकायत सामने नहीं आने का भरोसा दिलाया। इसके बाद संबंधित शिक्षक द्वारा माफी मांगे जाने पर मामला शांत हुआ और ग्रामीण वापस लौट गए। हालांकि, विद्यालय में सामने आए इस पूरे घटनाक्रम ने बच्चों की शिक्षा, शिक्षक-छात्र व्यवहार और स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविकता सामने लाता है या नहीं। कराहल जिला श्योपुर इरशाद पठान *बरगवां मिडिल स्कूल में हंगामा: शिक्षक पर भेदभाव के आरोप, परिजन सहित ग्रामीणों ने जताया विरोध* कराहल के बरगवां स्थित मिडिल स्कूल में आज उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक छात्र के परिजन ने शिक्षक पर बच्चों के साथ कथित भेदभावपूर्ण व्यवहार करने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगाए। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुंच गए और विद्यालय प्रभारी के सामने शिक्षक के प्रति नाराजगी जताई। छात्र के पिता सिरमौर गुर्जर, निवासी चितारा ने आरोप लगाया कि शिक्षक राहुल धाकड़ ने उनके बच्चे से कथित तौर पर कहा कि “गुर्जर क्या पढ़ना जाने” और यह भी कहा कि “तुम्हारे पापा स्कूल में डॉन बनकर आ जाते हैं, वह बोर्ड पर पढ़ाकर बता दें।” शिक्षक की कथित टिप्पणी से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर मामले पर आपत्ति जताई और अपनी नाराजगी जाहिर की। परिजनों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि स्कूल में बच्चों की हाजिरी शिक्षक स्वयं दर्ज नहीं करते, बल्कि बच्चों से ही हाजिरी भरवाई जा रही है। ग्रामीणों ने विद्यालय की व्यवस्था और शिक्षण कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। मामले की जानकारी मिलने पर विद्यालय प्रभारी देवीलाल सिनेरिया ने ग्रामीणों को समझाइश दी और भविष्य में विद्यालय से इस तरह की शिकायत सामने नहीं आने का भरोसा दिलाया। इसके बाद संबंधित शिक्षक द्वारा माफी मांगे जाने पर मामला शांत हुआ और ग्रामीण वापस लौट गए। हालांकि, विद्यालय में सामने आए इस पूरे घटनाक्रम ने बच्चों की शिक्षा, शिक्षक-छात्र व्यवहार और स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविकता सामने लाता है या नहीं।2
- *सवाई माधोपुर को मिली 8 नई रोडवेज बसें, जिला कलक्टर काना राम ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना* *सोरोंजी, धौलपुर एवं नारायणपुर के लिए प्रस्तावित नई सेवाओं से बढ़ेगी कनेक्टिविटी, तीन पुरानी बसों का लेंगी स्थान* *सवाई माधोपुर, 1 अगस्त।* आमजन को बेहतर, सुरक्षित एवं सुगम सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में शनिवार को जिला कलक्टर काना राम ने सवाई माधोपुर आगार को आवंटित 8 नई रोडवेज बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पूर्व वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अक्षत, रोली एवं पुष्प मालाओं से बसों का विधिवत पूजन किया गया। जिला कलक्टर ने कहा कि सुदृढ़ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था आमजन की दैनिक आवश्यकताओं से सीधे जुड़ी है। नई बसों के संचालन से जिले की अन्य शहरों एवं क्षेत्रों से कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ यात्रियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन का लाभ मिलेगा। उन्होंने रोडवेज अधिकारियों को बसों का समयबद्ध संचालन, नियमित रखरखाव तथा यात्री सुविधाओं एवं सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। *प्रदेश को मिली 144 बसों में से 8 सवाई माधोपुर डीपो को:-* डिपो प्रबंधक पीयूष जैन ने बताया कि राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम को प्राप्त 144 नई बसों में से 8 बसें सवाई माधोपुर डिपो को आवंटित की गई हैं। इनमें दो बसों का संचालन सवाई माधोपुर से भरतपुर होते हुए सोरोंजी, दो बसों का सवाई माधोपुर-जयपुर एवं जयपुर-धौलपुर तथा एक बस का सवाई माधोपुर से थानागाजी होते हुए नारायणपुर मार्ग पर संचालन किया जाएगा। शेष तीन नई बसें पुरानी एवं खराब बसों के स्थान पर वर्तमान मार्गों पर संचालित की जाएंगी। नई बस सेवाओं से जयपुर, धौलपुर, भरतपुर, सोरोंजी, थानागाजी एवं नारायणपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों, पर्यटकों एवं नियमित यात्रियों को लाभ मिलने के साथ मौजूदा मार्गों पर भी सेवाएं अधिक सुविधाजनक एवं विश्वसनीय होंगी। *प्रतिदिन 10 से 11 हजार यात्रियों को मिल रही रोडवेज सेवा:-* डिपो प्रबंधक ने बताया कि सवाई माधोपुर आगार से वर्तमान में जयपुर, टोंक, अलवर, दौसा, बौंली, लालसोट, अजमेर, धौलपुर एवं उदयपुर सहित विभिन्न प्रमुख स्थानों के लिए नियमित बस सेवाएं संचालित हैं। डिपो से प्रतिदिन करीब 32 बसों के माध्यम से लगभग 10 से 11 हजार यात्रियों को आवागमन की सुविधा मिल रही है। नई बसों के संचालन से रोडवेज की पहुंच बढ़ने के साथ मौजूदा सेवाओं को और अधिक नियमित एवं सुविधाजनक बनाने में सहायता मिलेगी।1
- ठेका सफाई कर्मियों को काम पर लेने से इनकार, शहर की सफाई व्यवस्था ठप होने का खतरा लाखेरी - लाखेरी नगर पालिका में ठेका सफाई कर्मियों को काम पर लेने से इनकार किए जाने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो सकती है। जानकारी के अनुसार ठेका सफाई कर्मियों का पिछले 9 माह का वेतन बकाया है। वेतन नहीं मिलने से सफाई कर्मियों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। आर्थिक तंगी के कारण कई कर्मियों के लिए परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है। सफाई कर्मियों का कहना है कि महीनों से वेतन नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने लगातार काम किया, लेकिन अब उन्हें काम पर भी नहीं लिया जा रहा है। इससे उनमें भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि पहले बकाया वेतन का भुगतान किया जाए और नियमित रूप से काम पर रखा जाए। उधर, यदि सफाई कर्मियों की समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो शहर में कचरे के ढेर लगने की आशंका है, जिससे आमजन को परेशानी के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। सफाई कर्मियों ने प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि उनका 9 माह का बकाया वेतन जल्द जारी किया जाए तथा सभी ठेका कर्मियों को पुनः काम पर लेकर शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा जाए। अब देखना होगा कि नगर पालिका और प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाते हैं।1
- इटावा बालाजी मंदिर चोरी: खिड़की काटकर घुसे चोर, 2 किलो से अधिक चांदी लेकर फरार | F.I.R दर्ज | मंदिर कमेटी के सदस्य ने खोला राज Exclusive Ground Report इटावा बालाजी मंदिर चोरी: खिड़की काटकर घुसे चोर, 2 किलो से अधिक चांदी लेकर फरार | F.I.R दर्ज | मंदिर कमेटी के सदस्य ने खोला राज Exclusive Ground Report1
- ☕❤️ श्योपुर से आए ओम प्रकाश भाई से मिलकर बहुत अच्छा लगा। आपका स्नेह और अपनापन हमारे लिए अनमोल है। आपके आगमन से बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश पर चाय की मिठास और भी बढ़ गई। बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश की ओर से ओम प्रकाश भाई को उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुख-समृद्धि की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🙏 आप सभी का प्रेम और विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। इसी तरह अपना स्नेह बनाए रखें, आपका स्वागत हमेशा रहेगा। ❤️☕ #BalluTeaStall #FamousSheopur #Sheopur #MadhyaPradesh #TeaLovers #AtithiDevoBhava1
- श्योपुर: महिला कांग्रेस ने किया पुतला दहन, केंद्रीय मंत्री और सांसद के खिलाफ जताया विरोध श्योपुर। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती अलका लांबा के निर्देश एवं मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्षा श्रीमती रीना बोरासी के आदेशानुसार जिला महिला कांग्रेस श्योपुर द्वारा केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी द्वारा बिलकिस बानो प्रकरण के दोषियों के स्वागत एवं समर्थन तथा सांसद कंगना रनौत द्वारा आंदोलनकारी बेटियों के लिए कथित रूप से किए गए अपमानजनक शब्दों के विरोध में पुतला दहन कर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए महिलाओं के सम्मान और न्याय की रक्षा की मांग उठाई। कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा प्रभारी कृष्णा राठौर, सेवादल जिला अध्यक्ष शमीम खान, पूर्व उपाध्यक्ष गुड्डी बाई, पूर्व उपाध्यक्ष मीना माहौर, उमा बाथम, रईसा बानो, गायत्री देवी, ललिता बाई, जानकी देवी, मनवर बाई, गीता बाई सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा प्रभारी कृष्णा राठौर ने कहा कि देश की बेटियों के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। महिलाओं के आत्मसम्मान, न्याय और संविधान की गरिमा की रक्षा के लिए महिला कांग्रेस लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान पर किसी भी प्रकार का आघात स्वीकार नहीं किया जाएगा और बेटियों के अपमान का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। श्योपुर: महिला कांग्रेस ने किया पुतला दहन, केंद्रीय मंत्री और सांसद के खिलाफ जताया विरोध श्योपुर। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती अलका लांबा के निर्देश एवं मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्षा श्रीमती रीना बोरासी के आदेशानुसार जिला महिला कांग्रेस श्योपुर द्वारा केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी द्वारा बिलकिस बानो प्रकरण के दोषियों के स्वागत एवं समर्थन तथा सांसद कंगना रनौत द्वारा आंदोलनकारी बेटियों के लिए कथित रूप से किए गए अपमानजनक शब्दों के विरोध में पुतला दहन कर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए महिलाओं के सम्मान और न्याय की रक्षा की मांग उठाई। कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा प्रभारी कृष्णा राठौर, सेवादल जिला अध्यक्ष शमीम खान, पूर्व उपाध्यक्ष गुड्डी बाई, पूर्व उपाध्यक्ष मीना माहौर, उमा बाथम, रईसा बानो, गायत्री देवी, ललिता बाई, जानकी देवी, मनवर बाई, गीता बाई सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा प्रभारी कृष्णा राठौर ने कहा कि देश की बेटियों के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। महिलाओं के आत्मसम्मान, न्याय और संविधान की गरिमा की रक्षा के लिए महिला कांग्रेस लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान पर किसी भी प्रकार का आघात स्वीकार नहीं किया जाएगा और बेटियों के अपमान का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा।3