मध्यप्रदेश की नई ट्रांसफर नीति से राज्य में शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे इसका 'बेड़ा गर्क' होता दिख रहा है। यह गंभीर स्थिति किसी एक जिले या ग्राम तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में ऐसे ही हालात बने हुए हैं। इसका एक उदाहरण सागर जिले के गौरझामर क्षेत्र में देखा जा सकता है, जहाँ दो हाई एजुकेशन विद्यालयों (एक बालक और एक बालिका विद्यालय) में कक्षा 9 से 12 तक लगभग 1000 छात्र पढ़ते हैं। इन कक्षाओं के सुचारु संचालन के लिए कम से कम 8 वर्ग की आवश्यकता होती है, लेकिन शिक्षकों के ट्रांसफर और रिलीविंग के बाद एक विद्यालय में केवल 5 शिक्षक ही शेष बचे हैं। इन्हीं 5 शिक्षकों पर 8 कक्षाएं संचालित करने की जिम्मेदारी है। वहीं, बालिका हायर सेकेंडरी गौरझामर की निर्माणाधीन बिल्डिंग लगभग नए सत्र के दिसंबर माह में कक्षाओं के संचालन के लिए तैयार हो जाएगी। ऐसी स्थिति में, इतने कम शिक्षकों के साथ नए भवन में कक्षाएं कैसे संचालित होंगी, यह एक बड़ा चिंता का विषय है। इस समस्या के निदान के लिए यह मांग की गई है कि पहले अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए और उसके बाद ही ट्रांसफर के रिलीविंग आदेश सौंपे जाएं। ऐसा करने से विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान नहीं होगा और उनके भविष्य को लेकर चिंताजनक स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
मध्यप्रदेश की नई ट्रांसफर नीति से राज्य में शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे इसका 'बेड़ा गर्क' होता दिख रहा है। यह गंभीर स्थिति किसी एक जिले या ग्राम तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में ऐसे ही हालात बने हुए हैं। इसका एक उदाहरण सागर जिले के गौरझामर क्षेत्र में देखा जा सकता है, जहाँ दो हाई एजुकेशन विद्यालयों (एक बालक और एक बालिका विद्यालय) में कक्षा 9 से 12 तक लगभग 1000 छात्र पढ़ते हैं। इन कक्षाओं के सुचारु संचालन के लिए कम से कम 8 वर्ग की आवश्यकता होती है, लेकिन शिक्षकों के ट्रांसफर और रिलीविंग के बाद एक विद्यालय में केवल 5 शिक्षक ही शेष बचे हैं। इन्हीं 5 शिक्षकों पर 8 कक्षाएं संचालित करने की जिम्मेदारी है। वहीं, बालिका हायर सेकेंडरी गौरझामर की निर्माणाधीन बिल्डिंग लगभग नए सत्र के दिसंबर माह में कक्षाओं के संचालन के लिए तैयार हो जाएगी। ऐसी स्थिति में, इतने कम शिक्षकों के साथ नए भवन में कक्षाएं कैसे संचालित होंगी, यह एक बड़ा चिंता का विषय है। इस समस्या के निदान के लिए यह मांग की गई है कि पहले अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए और उसके बाद ही ट्रांसफर के रिलीविंग आदेश सौंपे जाएं। ऐसा करने से विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान नहीं होगा और उनके भविष्य को लेकर चिंताजनक स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
- मध्यप्रदेश की नई ट्रांसफर नीति से राज्य में शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे इसका 'बेड़ा गर्क' होता दिख रहा है। यह गंभीर स्थिति किसी एक जिले या ग्राम तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में ऐसे ही हालात बने हुए हैं। इसका एक उदाहरण सागर जिले के गौरझामर क्षेत्र में देखा जा सकता है, जहाँ दो हाई एजुकेशन विद्यालयों (एक बालक और एक बालिका विद्यालय) में कक्षा 9 से 12 तक लगभग 1000 छात्र पढ़ते हैं। इन कक्षाओं के सुचारु संचालन के लिए कम से कम 8 वर्ग की आवश्यकता होती है, लेकिन शिक्षकों के ट्रांसफर और रिलीविंग के बाद एक विद्यालय में केवल 5 शिक्षक ही शेष बचे हैं। इन्हीं 5 शिक्षकों पर 8 कक्षाएं संचालित करने की जिम्मेदारी है। वहीं, बालिका हायर सेकेंडरी गौरझामर की निर्माणाधीन बिल्डिंग लगभग नए सत्र के दिसंबर माह में कक्षाओं के संचालन के लिए तैयार हो जाएगी। ऐसी स्थिति में, इतने कम शिक्षकों के साथ नए भवन में कक्षाएं कैसे संचालित होंगी, यह एक बड़ा चिंता का विषय है। इस समस्या के निदान के लिए यह मांग की गई है कि पहले अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए और उसके बाद ही ट्रांसफर के रिलीविंग आदेश सौंपे जाएं। ऐसा करने से विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान नहीं होगा और उनके भविष्य को लेकर चिंताजनक स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।1
- एक घटना में, एक थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने एक लड़की के भाई को धमकाया। यह धमकी आरोपी के साथ समझौता (राजीनामा) करवाने के उद्देश्य से दी गई थी, जिसके चलते लड़की के भाई को आरोपी के साथ राजीनामा करने के लिए मजबूर किया गया।1
- बाड़ी थाना, रायसेन के प्रभारी जेपी त्रिपाठी ने नागरिकों से साइबर अपराधियों से सतर्क रहने और सुरक्षित रहने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से आगाह किया है कि 'फ्री UC' और 'डायमंड' जैसे ऑनलाइन गेमिंग के प्रलोभन में न पड़ें, क्योंकि यह न केवल उनके गेमिंग अकाउंट को खाली कर सकता है, बल्कि उनके बैंक खाते को भी खाली कर सकता है।1
- यह दावा किया गया है कि एनटीपीसी का निर्माण कांग्रेस द्वारा किया गया था। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार सत्ता में आने के बाद से, एनटीपीसी में सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह से बेपटरी हो गई हैं।1
- तेन्दूखेड़ा क्षेत्र में किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर राष्ट्रवादी किसान आर्मी के कार्यकर्ताओं ने विधायक विश्वनाथ सिंह पटेल को उनके गृह ग्राम 'रीछा' पहुँचकर एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद थे, जिन्होंने मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी और खाद की सुगम उपलब्धता की प्रमुख मांगें उठाईं। ज्ञापन के माध्यम से, किसानों ने विशेष रूप से मांग की कि उनकी मूंग की फसल को 100% समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए ताकि उन्हें उपज का वाजिब दाम मिल सके। साथ ही, उन्होंने खाद वितरण के दौरान होने वाली लंबी लाइनों और अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए इसे तत्काल सरल बनाने की मांग की ताकि किसानों को घंटों लाइन में खड़ा न रहना पड़े। किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद विधायक विश्वनाथ सिंह पटेल ने उन्हें आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि वे इन वाजिब मांगों को प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष प्रमुखता से रखेंगे और इन समस्याओं के शीघ्र व उचित समाधान के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा करना उनकी और सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर राष्ट्रवादी किसान आर्मी के कई प्रमुख पदाधिकारी, किसान नेता और बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान मौजूद थे, जिन्होंने अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद जताई है।1
- नगर पंचायत ने, कार्यसाधक अधिकारी मनविंदर पाल सिंह के नेतृत्व में, शहर के भीतर दुकानदारों द्वारा सड़क किनारे गलत तरीके से रखे गए सामान को हटवाया।1
- नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में शुक्रवार को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने आय से अधिक संपत्ति की शिकायतों के बाद एक बड़ी कार्रवाई की है। EOW के अधिकारियों ने गाडरवारा नगर पालिका के सेवानिवृत्त सहायक राजस्व निरीक्षक (ARI) योगेंद्र ढिमोले के आवास पर दबिश दी। यह कार्रवाई शुक्रवार सुबह शुरू हुई और देर शाम तक जारी रही, जिसमें 15 से 20 सदस्यीय EOW टीम ने ढिमोले के घर को घेरे में लेकर बारीकी से तलाशी ली और दस्तावेजों तथा संपत्तियों का गहन सत्यापन शुरू किया। ईओडब्ल्यू की शुरुआती जांच में योगेंद्र ढिमोले और उनके परिवार के नाम पर भारी मात्रा में बेनामी संपत्ति होने के संकेत मिले हैं, जिसका मूल्यांकन किया जा रहा है। इन संपत्तियों में गाडरवारा में एक दो मंजिला आलीशान मकान, लखनादौन में एक आलीशान घर और एक प्लॉट, क्षेत्र में कृषि योग्य भूमि के दस्तावेज, बेटे के नाम पर संचालित एक दुकान, एक थार वाहन, तीन मोटरसाइकिल और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली शामिल हैं। इसके साथ ही, बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात और नकदी भी मिली है। सूत्रों के अनुसार, योगेंद्र ढिमोले पूर्व में लखनादौन नगर पालिका में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं और इसी दौरान उन पर भ्रष्टाचार व आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायतें ईओडब्ल्यू तक पहुँची थीं। फिलहाल, ईओडब्ल्यू की टीम द्वारा जब्त दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच प्रक्रिया और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही संपत्ति का सटीक आंकड़ा और भ्रष्टाचार की गंभीरता का पता चल पाएगा। इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।1
- देवनगर, रायसेन के थाना प्रभारी हरिओम अस्ताया ने नागरिकों से साइबर ठगी के प्रति अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने लोगों को ऑनलाइन किसी भी लिंक पर सोच-समझकर क्लिक करने का आग्रह किया है, ताकि वे खुद को और दूसरों को भी धोखाधड़ी का शिकार होने से बचा सकें। थाना प्रभारी अस्ताया ने विशेष रूप से 'वीडियो लाइक कर कमाई' के लालच को लेकर चेतावनी दी है, यह बताते हुए कि यह अक्सर एक जाल होता है जो आपकी मेहनत की कमाई को लूट सकता है।1