मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का शिवपुरी जिले का भ्रमण प्रस्तावित है। इस संभावित दौरे के मद्देनजर जिला प्रशासन ने तैयारियों की रूपरेखा बनानी शुरू कर दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य आयोजन की सफलता और सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने आज संभावित कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं के विभिन्न पहलुओं का सूक्ष्म अवलोकन किया। उन्होंने सर्वप्रथम पोलोग्राउंड और गांधी पार्क का जायजा लिया, जहाँ स्थल की भौतिक स्थिति, सुरक्षा मानकों और जनसुविधाओं की दृष्टि से उपयोगिता को बारीकी से परखा। इसके बाद कलेक्टर वर्मा हवाईपट्टी पहुंचे, जहाँ उन्होंने तकनीकी व्यवस्थाओं और सुरक्षा प्रबंधों का मुआयना किया। इस दौरान व्यवस्थाओं के प्रत्येक बिंदु पर प्रशासनिक दृष्टिकोण से विचार-विमर्श किया गया। निरीक्षण में शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन, कोलारस विधायक महेंद्र सिंह यादव, जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव एवं हरवीर रघुवंशी ने स्थलों का अवलोकन किया और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सुझाव साझा किए। अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला, एसडीएम आनंद राजावत, संयुक्त कलेक्टर अनुराग निंगवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री के संभावित आगमन को देखते हुए एक सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का शिवपुरी जिले का भ्रमण प्रस्तावित है। इस संभावित दौरे के मद्देनजर जिला प्रशासन ने तैयारियों की रूपरेखा बनानी शुरू कर दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य आयोजन की सफलता और सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने आज संभावित कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं के विभिन्न पहलुओं का सूक्ष्म अवलोकन किया। उन्होंने सर्वप्रथम पोलोग्राउंड और गांधी पार्क का जायजा लिया, जहाँ स्थल की भौतिक स्थिति, सुरक्षा मानकों और जनसुविधाओं की दृष्टि से उपयोगिता को बारीकी से परखा। इसके बाद कलेक्टर वर्मा हवाईपट्टी पहुंचे, जहाँ उन्होंने तकनीकी व्यवस्थाओं और सुरक्षा प्रबंधों का मुआयना किया। इस दौरान व्यवस्थाओं के प्रत्येक बिंदु पर प्रशासनिक दृष्टिकोण से विचार-विमर्श किया गया। निरीक्षण में शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन, कोलारस विधायक महेंद्र सिंह यादव, जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव एवं हरवीर रघुवंशी ने स्थलों का अवलोकन किया और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सुझाव साझा किए। अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला, एसडीएम आनंद राजावत, संयुक्त कलेक्टर अनुराग निंगवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री के संभावित आगमन को देखते हुए एक सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया।
- शिवपुरी जिले की पोहरी थाना पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर करीब 25 लाख रुपये की चोरी का सफल खुलासा किया है। इस अभियान में एक अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्यों सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश भी शामिल है। पुलिस ने चोरी की गई लोहे की तिजोरी, लगभग 23 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, 85 हजार रुपये नकद, चोरी की गई पल्सर मोटरसाइकिल और एक अवैध देशी बंदूक बरामद की है। यह मामला तब सामने आया जब 25 जून को कृष्णगंज पोहरी निवासी अनुज शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 24 जून की रात को अज्ञात चोरों ने उनके छोटे भाई नीतू शर्मा के मकान के ताले तोड़कर अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर, करीब तीन क्विंटल वजनी लोहे की तिजोरी और घर के बाहर खड़ी पल्सर मोटरसाइकिल चोरी कर ली थी। इस सूचना पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर अपनी जांच शुरू की। शिवपुरी पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देशों पर, पोहरी और सुभाषपुरा थाना पुलिस ने साइबर सेल की मदद से सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान, अस्पताल के पास एक पुलिया के नीचे चोरी की गई पल्सर मोटरसाइकिल और क्षतिग्रस्त हालत में लोहे की तिजोरी बरामद कर ली गई। इसके बाद, 27 जून की रात को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर, पुलिस ने आईटीआई कॉलेज के पीछे नाले के पास घेराबंदी कर रामनिवास मोगिया, श्रीवल्लभ पारदी और रामेश्वर गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया, जो चोरी के माल का बंटवारा करने की योजना बना रहे थे। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने चोरी का सामान रामेश्वर गोस्वामी के खेत के पास नाले में मिट्टी में दबाकर छिपाया था। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने एक मंगलसूत्र, चार अंगूठियां, दो कड़े, एक जंजीर, दो जोड़ी झुमकी, तीन करधौनी, चार पायल, सात तोड़िया, बच्चों के चूड़े, बिछिया और चांदी के सिक्कों सहित करीब 23 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और 85 हजार रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा, चोरी की गई पल्सर बाइक और लोहे की तिजोरी भी बरामद हुई। बरामद कुल मशरूका की कीमत लगभग 25 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी श्रीवल्लभ पारदी अंतर्राज्यीय गिरोह का एक सक्रिय सदस्य है, जिसके खिलाफ मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में चोरी, लूट, डकैती, हत्या और हत्या के प्रयास जैसे कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। राजस्थान के कोटा रेंज से उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। वहीं, दूसरे आरोपी रामनिवास मोगिया के खिलाफ भी मध्यप्रदेश और राजस्थान के विभिन्न थानों में आर्म्स एक्ट, आबकारी एक्ट और नकबजनी सहित कई मामले दर्ज हैं।3
- एक विश्वविद्यालय ने अपने आधिकारिक पोर्टल पर कॉमन सीट आवंटन प्रणाली (CSAS) के तहत आवेदन लिंक को सक्रिय कर दिया है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए, छात्रों को सबसे पहले पोर्टल पर लॉग इन करना होगा। इसके बाद, उन्हें अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे।1
- भोपाल में बागेश्वर धाम सरकार के आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राम मंदिर दान विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस घटना से करोड़ों राम भक्तों की आस्था को गहरी ठेस पहुँची है। उन्होंने इस कृत्य को लोगों की मंदिर और संत समाज के प्रति श्रद्धा पर एक बड़ा आघात बताया। शास्त्री ने यह भी उल्लेख किया कि इससे हमारी प्राचीन और पवित्र सनातन परंपराओं से जुड़े लोगों के मन को अत्यंत दुख हुआ है, और इस घटना का सबसे बड़ा नुकसान भक्तों का ही हुआ है। आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी पूर्व की बातों को दोहराते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि जो व्यक्ति भगवान राम की नगरी में रहकर ऐसा घोर कृत्य करेगा, उसे अंततः ईश्वरीय दंड अवश्य मिलेगा। उन्होंने रावण द्वारा माता जानकी के हरण का उदाहरण देते हुए कहा कि उसके पूरे वंश का नाश हो गया था। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि जो व्यक्ति करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र में रहकर भी ईश्वर और धर्म का भय नहीं रखता, उसे निश्चित रूप से कठोर दैवीय दंड का सामना करना पड़ेगा।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के नरवर क्षेत्र में साँपों की दुनिया का एक बेहद हैरान कर देने वाला और दुर्लभ मामला सामने आया है। यहां एक साँप दूसरे साँप को निगलता हुआ दिखाई दिया, जिसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। इस असामान्य घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही सर्प मित्र सलमान पठान तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों साँपों को सुरक्षित रूप से कब्जे में लिया और फिर उन्हें प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ दिया। वन्यजीव जानकारों के अनुसार, कुछ विशेष परिस्थितियों में साँप दूसरे साँपों का भी शिकार कर लेते हैं, हालांकि ऐसे मामले बहुत ही कम देखने को मिलते हैं।1
- शिवपुरी के माधव चौक पर यादव महासभा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए कथित आरोपों के विरोध में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का पुतला दहन किया। इस दौरान, कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। यादव महासभा ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे जनहित के मुद्दों पर राजनीति करें।1
- शिवपुरी जिले के नरवर में एक अजीबोगरीब और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक नाग ने एकतरफा प्यार में नागिन को निगल लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। यह चौंकाने वाली घटना नरवर बड़ेडा जैन पब्लिक स्कूल में घटी और क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। सूचना मिलने पर जब सर्प मित्र सलमान पठान मौके पर पहुँचे और उन्होंने नाग को पकड़ने का प्रयास किया, तो नाग ने अपने मुँह से मृत नागिन को बाहर उगल दिया। इस अकल्पनीय दृश्य को देखकर वहाँ मौजूद सभी लोग दंग रह गए। सलमान पठान के अनुसार, संभवतः दोनों साँपों के बीच संघर्ष हुआ था, जिसके परिणामस्वरूप नाग ने नागिन को मार डाला और फिर उसे निगल लिया। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद नाग को जंगल में छोड़ दिया गया, जबकि मृत नागिन को दफना दिया गया।1
- मध्य प्रदेश के करेरा तहसील के टीला रोड क्षेत्र में एक मृत गाय को ट्रैक्टर से रस्सी बांधकर घसीटकर ले जाने का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना को लेकर गौ सेवकों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच करने और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। गौ सेवक अर्जुन पंडित ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति ने गाय की मौत के बाद उसे रस्सी से बांधकर ट्रैक्टर से पहाड़ी क्षेत्र की ओर ले जाकर फेंकने का प्रयास किया। उनका कहना है कि इस घटना का वीडियो किसी व्यक्ति ने बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद लोगों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। वहीं, गौ सेवा समिति के जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र तिवारी ने भी प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पशुओं के प्रति क्रूरता किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। गौ सेवकों ने यह भी मांग की है कि मृत गौवंश के सम्मानजनक अंतिम संस्कार की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह स्पष्ट नहीं है कि गाय की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई और उसे इस तरीके से ले जाने के पीछे क्या कारण था। मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1