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मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के नरवर क्षेत्र में साँपों की दुनिया का एक बेहद हैरान कर देने वाला और दुर्लभ मामला सामने आया है। यहां एक साँप दूसरे साँप को निगलता हुआ दिखाई दिया, जिसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। इस असामान्य घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही सर्प मित्र सलमान पठान तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों साँपों को सुरक्षित रूप से कब्जे में लिया और फिर उन्हें प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ दिया। वन्यजीव जानकारों के अनुसार, कुछ विशेष परिस्थितियों में साँप दूसरे साँपों का भी शिकार कर लेते हैं, हालांकि ऐसे मामले बहुत ही कम देखने को मिलते हैं।

6 hrs ago
user_Anil Bhargava
Anil Bhargava
मीडिया नरवर, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
6 hrs ago

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के नरवर क्षेत्र में साँपों की दुनिया का एक बेहद हैरान कर देने वाला और दुर्लभ मामला सामने आया है। यहां एक साँप दूसरे साँप को निगलता हुआ दिखाई दिया, जिसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। इस असामान्य घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही सर्प मित्र सलमान पठान तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों साँपों को सुरक्षित रूप से कब्जे में लिया और फिर उन्हें प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ दिया। वन्यजीव जानकारों के अनुसार, कुछ विशेष परिस्थितियों में साँप दूसरे साँपों का भी शिकार कर लेते हैं, हालांकि ऐसे मामले बहुत ही कम देखने को मिलते हैं।

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  • मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के नरवर क्षेत्र में साँपों की दुनिया का एक बेहद हैरान कर देने वाला और दुर्लभ मामला सामने आया है। यहां एक साँप दूसरे साँप को निगलता हुआ दिखाई दिया, जिसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। इस असामान्य घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही सर्प मित्र सलमान पठान तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों साँपों को सुरक्षित रूप से कब्जे में लिया और फिर उन्हें प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ दिया। वन्यजीव जानकारों के अनुसार, कुछ विशेष परिस्थितियों में साँप दूसरे साँपों का भी शिकार कर लेते हैं, हालांकि ऐसे मामले बहुत ही कम देखने को मिलते हैं।
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    मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के नरवर क्षेत्र में साँपों की दुनिया का एक बेहद हैरान कर देने वाला और दुर्लभ मामला सामने आया है। यहां एक साँप दूसरे साँप को निगलता हुआ दिखाई दिया, जिसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। इस असामान्य घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।

घटना की जानकारी मिलते ही सर्प मित्र सलमान पठान तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों साँपों को सुरक्षित रूप से कब्जे में लिया और फिर उन्हें प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ दिया। वन्यजीव जानकारों के अनुसार, कुछ विशेष परिस्थितियों में साँप दूसरे साँपों का भी शिकार कर लेते हैं, हालांकि ऐसे मामले बहुत ही कम देखने को मिलते हैं।
    user_Anil Bhargava
    Anil Bhargava
    मीडिया नरवर, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • नरवर के ग्रामीणों और आम नागरिकों ने नरवर-मगरौनी और थरखेड़ा क्षेत्र में कथित रूप से गांव-गांव बिक रही अवैध कमीशन शराब और नशे के कारोबार पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इसी सिलसिले में सोमवार को उन्होंने नरवर तहसीलदार और थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि बड़े पैमाने पर अवैध शराब की बिक्री के कारण युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है, जिससे क्षेत्र का सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से धार्मिक और पर्यटन स्थल लौड़ी माता मंदिर के पास स्थित शराब की दुकान को हटाने की मांग की, क्योंकि वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, फिर भी शराब दुकान के कारण आए दिन विवाद और झगड़े होते हैं। इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में मगरौनी क्षेत्र में नशे के कारण कई परिवारों के प्रभावित होने का उल्लेख किया गया है, साथ ही हाल ही में हुई एक मारपीट की घटना का जिक्र करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री को तुरंत बंद करने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्र की जनता आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रशासन की ओर से फिलहाल ज्ञापन प्राप्त कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
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    नरवर के ग्रामीणों और आम नागरिकों ने नरवर-मगरौनी और थरखेड़ा क्षेत्र में कथित रूप से गांव-गांव बिक रही अवैध कमीशन शराब और नशे के कारोबार पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इसी सिलसिले में सोमवार को उन्होंने नरवर तहसीलदार और थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि बड़े पैमाने पर अवैध शराब की बिक्री के कारण युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है, जिससे क्षेत्र का सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से धार्मिक और पर्यटन स्थल लौड़ी माता मंदिर के पास स्थित शराब की दुकान को हटाने की मांग की, क्योंकि वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, फिर भी शराब दुकान के कारण आए दिन विवाद और झगड़े होते हैं। इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में मगरौनी क्षेत्र में नशे के कारण कई परिवारों के प्रभावित होने का उल्लेख किया गया है, साथ ही हाल ही में हुई एक मारपीट की घटना का जिक्र करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री को तुरंत बंद करने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्र की जनता आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रशासन की ओर से फिलहाल ज्ञापन प्राप्त कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
    user_Jitendra shakya
    Jitendra shakya
    Media Consultant नरवर, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • भितरवार नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 5 के पार्षद जितेंद्र सिंह परिहार पर 'पर उपदेश कुशल बहुतेरे' वाली कहावत सटीक बैठ रही है, क्योंकि नगर के मुख्य तिराहे पर महिला सम्मान की दुहाई देकर धरना-प्रदर्शन करने वाले इस पार्षद के अपने ही वार्ड में महिलाएं असुरक्षित हैं। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा लाखों रुपये की लागत से बनाया गया महिला व पुरुष यात्री प्रतीक्षालय वर्तमान में असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का गढ़ बन चुका है। देखरेख के अभाव में यह सरकारी संपत्ति पूरी तरह बर्बाद हो रही है, और जिम्मेदार अपनी आंखें मूंदे हुए हैं। सर्दी, गर्मी और बरसात से बचने के लिए बनाया गया यह यात्री प्रतीक्षालय अब महिलाओं के लिए खौफ का कारण बन गया है। बसों और वाहनों के इंतजार में आने वाली ग्रामीण व स्थानीय महिलाएं नशेड़ियों के डर से इसके अंदर कदम रखने की हिम्मत नहीं जुटा पातीं और उन्हें तपती धूप तथा खुले आसमान के नीचे खड़े होकर गाड़ियों का इंतजार करना पड़ता है। इस बदहाली का मुख्य कारण प्रतीक्षालय के समीप स्थित शराब की दुकान है, जहाँ दिन-रात शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। यात्री प्रतीक्षालय के अंदर अवैध रूप से लगने वाले कबाब, बिरयानी और अंडे के ठेलों ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जहाँ लोग शराब दुकान से बोतलें लेकर सीधे इन्हीं ठेलों पर आकर प्रतीक्षालय को अपना 'मयखाना' बना लेते हैं। दिनदहाड़े होने वाली इस अराजकता से यहाँ का माहौल पूरी तरह दूषित हो चुका है, जिससे महिलाओं और संभ्रांत नागरिकों का यहाँ से गुजरना भी मुश्किल हो गया है। इस बदहाली ने पार्षद जितेंद्र सिंह परिहार की कथनी और करनी को सरेआम बेनकाब कर दिया है। नगर में तीखी चर्चा है कि पार्षद ने पहले मुख्य तिराहे पर शौचालय के बाहर फल का ठेला लगाने वालों को हटाने के लिए 'महिला सम्मान' का कार्ड खेलकर खूब सियासत चमकाई थी। लेकिन अब जब उनके अपने ही वार्ड क्रमांक 5 में महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा की धज्जियां उड़ रही हैं, तो पार्षद महोदय ने रहस्यमयी चुप्पी साध ली है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दूसरों को नसीहत देने वाले जनप्रतिनिधि का अपने ही क्षेत्र की समस्याओं से मुंह मोड़ना यह साबित करता है कि उनके लिए महिला सम्मान सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट था। जनता अब खुले तौर पर सवाल उठा रही है कि मुख्य तिराहे पर फल के ठेले हटवाने के लिए धरना देने वाले पार्षद को अपने वार्ड में यात्री प्रतीक्षालय के अंदर लगने वाले कबाब, बिरयानी और अंडे के अवैध ठेले क्यों नहीं दिखाई देते? वे पूछ रहे हैं कि 'महिला सम्मान' की परिभाषा सिर्फ दूसरे वार्डों के लिए है, और अपने वार्ड में खुले आसमान के नीचे खड़ी रहने को मजबूर महिलाओं की लाचारी पर पार्षद की अंतरात्मा क्यों सो रही है? जनता यह भी जानना चाहती है कि शराब के पियक्कड़ और चखने के ठेलों के कारण प्रतीक्षालय को 'मयखाना' बनाने वाले उपद्रवियों पर पार्षद ने आज तक पुलिस या प्रशासन से कार्रवाई की मांग क्यों नहीं की। नागरिक सवाल कर रहे हैं कि क्या वार्ड क्रमांक 5 की जनता ने उन्हें केवल चुनावी भाषणों और दोहरी राजनीति के लिए चुना था, या फिर सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और विकास उनकी जिम्मेदारी नहीं है? वे पार्षद से इस 'नशे के अड्डे' पर कभी औचक निरीक्षण करने की हिम्मत दिखाने की चुनौती भी दे रहे हैं।
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    भितरवार नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 5 के पार्षद जितेंद्र सिंह परिहार पर 'पर उपदेश कुशल बहुतेरे' वाली कहावत सटीक बैठ रही है, क्योंकि नगर के मुख्य तिराहे पर महिला सम्मान की दुहाई देकर धरना-प्रदर्शन करने वाले इस पार्षद के अपने ही वार्ड में महिलाएं असुरक्षित हैं। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा लाखों रुपये की लागत से बनाया गया महिला व पुरुष यात्री प्रतीक्षालय वर्तमान में असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का गढ़ बन चुका है। देखरेख के अभाव में यह सरकारी संपत्ति पूरी तरह बर्बाद हो रही है, और जिम्मेदार अपनी आंखें मूंदे हुए हैं।

सर्दी, गर्मी और बरसात से बचने के लिए बनाया गया यह यात्री प्रतीक्षालय अब महिलाओं के लिए खौफ का कारण बन गया है। बसों और वाहनों के इंतजार में आने वाली ग्रामीण व स्थानीय महिलाएं नशेड़ियों के डर से इसके अंदर कदम रखने की हिम्मत नहीं जुटा पातीं और उन्हें तपती धूप तथा खुले आसमान के नीचे खड़े होकर गाड़ियों का इंतजार करना पड़ता है। इस बदहाली का मुख्य कारण प्रतीक्षालय के समीप स्थित शराब की दुकान है, जहाँ दिन-रात शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। यात्री प्रतीक्षालय के अंदर अवैध रूप से लगने वाले कबाब, बिरयानी और अंडे के ठेलों ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जहाँ लोग शराब दुकान से बोतलें लेकर सीधे इन्हीं ठेलों पर आकर प्रतीक्षालय को अपना 'मयखाना' बना लेते हैं। दिनदहाड़े होने वाली इस अराजकता से यहाँ का माहौल पूरी तरह दूषित हो चुका है, जिससे महिलाओं और संभ्रांत नागरिकों का यहाँ से गुजरना भी मुश्किल हो गया है।

इस बदहाली ने पार्षद जितेंद्र सिंह परिहार की कथनी और करनी को सरेआम बेनकाब कर दिया है। नगर में तीखी चर्चा है कि पार्षद ने पहले मुख्य तिराहे पर शौचालय के बाहर फल का ठेला लगाने वालों को हटाने के लिए 'महिला सम्मान' का कार्ड खेलकर खूब सियासत चमकाई थी। लेकिन अब जब उनके अपने ही वार्ड क्रमांक 5 में महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा की धज्जियां उड़ रही हैं, तो पार्षद महोदय ने रहस्यमयी चुप्पी साध ली है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दूसरों को नसीहत देने वाले जनप्रतिनिधि का अपने ही क्षेत्र की समस्याओं से मुंह मोड़ना यह साबित करता है कि उनके लिए महिला सम्मान सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट था।

जनता अब खुले तौर पर सवाल उठा रही है कि मुख्य तिराहे पर फल के ठेले हटवाने के लिए धरना देने वाले पार्षद को अपने वार्ड में यात्री प्रतीक्षालय के अंदर लगने वाले कबाब, बिरयानी और अंडे के अवैध ठेले क्यों नहीं दिखाई देते? वे पूछ रहे हैं कि 'महिला सम्मान' की परिभाषा सिर्फ दूसरे वार्डों के लिए है, और अपने वार्ड में खुले आसमान के नीचे खड़ी रहने को मजबूर महिलाओं की लाचारी पर पार्षद की अंतरात्मा क्यों सो रही है? जनता यह भी जानना चाहती है कि शराब के पियक्कड़ और चखने के ठेलों के कारण प्रतीक्षालय को 'मयखाना' बनाने वाले उपद्रवियों पर पार्षद ने आज तक पुलिस या प्रशासन से कार्रवाई की मांग क्यों नहीं की। नागरिक सवाल कर रहे हैं कि क्या वार्ड क्रमांक 5 की जनता ने उन्हें केवल चुनावी भाषणों और दोहरी राजनीति के लिए चुना था, या फिर सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और विकास उनकी जिम्मेदारी नहीं है? वे पार्षद से इस 'नशे के अड्डे' पर कभी औचक निरीक्षण करने की हिम्मत दिखाने की चुनौती भी दे रहे हैं।
    user_KK Sharma पत्रकार दैनिक भारत मत समाचार
    KK Sharma पत्रकार दैनिक भारत मत समाचार
    पत्रकार भितरवार, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • शिवपुरी जिले के करैरा में प्रशासन ने शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को एसडीएम अनुपम शर्मा और तहसीलदार ललित शर्मा ने राजस्व विभाग तथा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचकर शासकीय भूमि का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पैदल भ्रमण कर क्षेत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्पष्ट कर दिया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान, शासकीय सर्वे क्रमांक-177 की भूमि पर एक चेतावनी सूचना बोर्ड भी लगाया गया है। इस बोर्ड पर यह उल्लेख किया गया है कि इस भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम अनुपम शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि शासकीय भूमि एक सार्वजनिक संपत्ति है और इसका संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण से विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है, अतः शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। वहीं, तहसीलदार ललित शर्मा ने राजस्व अमले को नियमित निरीक्षण करने और किसी भी नए अतिक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अतिक्रमण का प्रयास करने वालों के खिलाफ राजस्व और कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस निरीक्षण के दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा। अधिकारियों ने राजस्व अभिलेखों का परीक्षण किया, सीमाओं का अवलोकन किया और संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए ऐसे अभियानों को नियमित रूप से चलाने की मांग की, ताकि सार्वजनिक भूमि सुरक्षित रहे और विकास कार्यों में कोई बाधा न आए। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण की जानकारी मिलती है, तो वे इसकी सूचना तत्काल राजस्व विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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    शिवपुरी जिले के करैरा में प्रशासन ने शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को एसडीएम अनुपम शर्मा और तहसीलदार ललित शर्मा ने राजस्व विभाग तथा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचकर शासकीय भूमि का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पैदल भ्रमण कर क्षेत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्पष्ट कर दिया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान, शासकीय सर्वे क्रमांक-177 की भूमि पर एक चेतावनी सूचना बोर्ड भी लगाया गया है। इस बोर्ड पर यह उल्लेख किया गया है कि इस भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम अनुपम शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि शासकीय भूमि एक सार्वजनिक संपत्ति है और इसका संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण से विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है, अतः शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। वहीं, तहसीलदार ललित शर्मा ने राजस्व अमले को नियमित निरीक्षण करने और किसी भी नए अतिक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अतिक्रमण का प्रयास करने वालों के खिलाफ राजस्व और कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इस निरीक्षण के दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा। अधिकारियों ने राजस्व अभिलेखों का परीक्षण किया, सीमाओं का अवलोकन किया और संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए ऐसे अभियानों को नियमित रूप से चलाने की मांग की, ताकि सार्वजनिक भूमि सुरक्षित रहे और विकास कार्यों में कोई बाधा न आए। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण की जानकारी मिलती है, तो वे इसकी सूचना तत्काल राजस्व विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
    user_Ram Manohar Mishra
    Ram Manohar Mishra
    पत्रकार करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    41 min ago
  • करैरा प्रशासन द्वारा शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को एसडीएम अनुपम शर्मा और तहसीलदार ललित शर्मा राजस्व विभाग तथा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और शासकीय भूमि का सघन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने क्षेत्र का पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान प्रशासन द्वारा मौके पर एक चेतावनी सूचना बोर्ड भी स्थापित कराया गया, जिस पर स्पष्ट रूप से लिखा है कि शासकीय सर्वे क्रमांक-177 की भूमि पर यदि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से कब्जा करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस सूचना के माध्यम से प्रशासन ने लोगों से कानून का पालन करने और सरकारी भूमि से दूर रहने की अपील की। तहसीलदार ललित शर्मा ने राजस्व अमले को निर्देश दिए कि क्षेत्र में नियमित निरीक्षण किया जाए तथा किसी भी नए अतिक्रमण को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जाए, साथ ही सरकारी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध राजस्व एवं कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एसडीएम अनुपम शर्मा ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि शासन की भूमि सार्वजनिक संपत्ति है और इसका संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे भविष्य में विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रही और अधिकारियों ने राजस्व अभिलेखों का परीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई समय-समय पर होती रहनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की सक्रियता से अवैध कब्जों पर प्रभावी रोक लगने और सार्वजनिक उपयोग की भूमि सुरक्षित रहने की बात कही, जिससे भविष्य में शासन की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सुविधा मिलेगी। ग्रामीणों ने इस अभियान को जनहित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम बताया। करैरा प्रशासन ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी मिले तो तत्काल राजस्व विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सके।
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    करैरा प्रशासन द्वारा शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को एसडीएम अनुपम शर्मा और तहसीलदार ललित शर्मा राजस्व विभाग तथा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और शासकीय भूमि का सघन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने क्षेत्र का पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान प्रशासन द्वारा मौके पर एक चेतावनी सूचना बोर्ड भी स्थापित कराया गया, जिस पर स्पष्ट रूप से लिखा है कि शासकीय सर्वे क्रमांक-177 की भूमि पर यदि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से कब्जा करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस सूचना के माध्यम से प्रशासन ने लोगों से कानून का पालन करने और सरकारी भूमि से दूर रहने की अपील की। तहसीलदार ललित शर्मा ने राजस्व अमले को निर्देश दिए कि क्षेत्र में नियमित निरीक्षण किया जाए तथा किसी भी नए अतिक्रमण को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जाए, साथ ही सरकारी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध राजस्व एवं कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

एसडीएम अनुपम शर्मा ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि शासन की भूमि सार्वजनिक संपत्ति है और इसका संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे भविष्य में विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रही और अधिकारियों ने राजस्व अभिलेखों का परीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई समय-समय पर होती रहनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की सक्रियता से अवैध कब्जों पर प्रभावी रोक लगने और सार्वजनिक उपयोग की भूमि सुरक्षित रहने की बात कही, जिससे भविष्य में शासन की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सुविधा मिलेगी। ग्रामीणों ने इस अभियान को जनहित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम बताया। करैरा प्रशासन ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी मिले तो तत्काल राजस्व विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सके।
    user_Jeetu gour thakur daily report
    Jeetu gour thakur daily report
    Insurance Agent शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    43 min ago
  • मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का शिवपुरी जिले का भ्रमण प्रस्तावित है। इस संभावित दौरे के मद्देनजर जिला प्रशासन ने तैयारियों की रूपरेखा बनानी शुरू कर दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य आयोजन की सफलता और सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने आज संभावित कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं के विभिन्न पहलुओं का सूक्ष्म अवलोकन किया। उन्होंने सर्वप्रथम पोलोग्राउंड और गांधी पार्क का जायजा लिया, जहाँ स्थल की भौतिक स्थिति, सुरक्षा मानकों और जनसुविधाओं की दृष्टि से उपयोगिता को बारीकी से परखा। इसके बाद कलेक्टर वर्मा हवाईपट्टी पहुंचे, जहाँ उन्होंने तकनीकी व्यवस्थाओं और सुरक्षा प्रबंधों का मुआयना किया। इस दौरान व्यवस्थाओं के प्रत्येक बिंदु पर प्रशासनिक दृष्टिकोण से विचार-विमर्श किया गया। निरीक्षण में शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन, कोलारस विधायक महेंद्र सिंह यादव, जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव एवं हरवीर रघुवंशी ने स्थलों का अवलोकन किया और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सुझाव साझा किए। अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला, एसडीएम आनंद राजावत, संयुक्त कलेक्टर अनुराग निंगवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री के संभावित आगमन को देखते हुए एक सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया।
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    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का शिवपुरी जिले का भ्रमण प्रस्तावित है। इस संभावित दौरे के मद्देनजर जिला प्रशासन ने तैयारियों की रूपरेखा बनानी शुरू कर दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य आयोजन की सफलता और सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करना है।

इसी क्रम में, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने आज संभावित कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं के विभिन्न पहलुओं का सूक्ष्म अवलोकन किया। उन्होंने सर्वप्रथम पोलोग्राउंड और गांधी पार्क का जायजा लिया, जहाँ स्थल की भौतिक स्थिति, सुरक्षा मानकों और जनसुविधाओं की दृष्टि से उपयोगिता को बारीकी से परखा। इसके बाद कलेक्टर वर्मा हवाईपट्टी पहुंचे, जहाँ उन्होंने तकनीकी व्यवस्थाओं और सुरक्षा प्रबंधों का मुआयना किया। इस दौरान व्यवस्थाओं के प्रत्येक बिंदु पर प्रशासनिक दृष्टिकोण से विचार-विमर्श किया गया।

निरीक्षण में शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन, कोलारस विधायक महेंद्र सिंह यादव, जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव एवं हरवीर रघुवंशी ने स्थलों का अवलोकन किया और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सुझाव साझा किए। अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला, एसडीएम आनंद राजावत, संयुक्त कलेक्टर अनुराग निंगवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री के संभावित आगमन को देखते हुए एक सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया।
    user_Kuldeep gupta
    Kuldeep gupta
    पत्रकारिता शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • करैरा प्रशासन ने शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अपनी प्रभावी कार्रवाई जारी रखी है, जिसके तहत मंगलवार को एसडीएम अनुपम शर्मा और तहसीलदार ललित शर्मा ने राजस्व विभाग तथा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचकर शासकीय भूमि का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस निरीक्षण के दौरान, प्रशासन ने मौके पर एक चेतावनी सूचना बोर्ड भी स्थापित कराया। इस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से अंकित किया गया है कि शासकीय सर्वे क्रमांक-177 की भूमि पर यदि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से कब्जा करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस सूचना के माध्यम से, प्रशासन ने लोगों से कानून का पालन करने और सरकारी भूमि से दूर रहने की अपील की। एसडीएम अनुपम शर्मा ने मौके पर उपस्थित ग्रामीणों से चर्चा करते हुए जोर दिया कि शासन की भूमि सार्वजनिक संपत्ति है, जिसका संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे भविष्य में होने वाले विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं, अतः किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार ललित शर्मा ने राजस्व अमले को नियमित निरीक्षण करने और किसी भी नए अतिक्रमण को प्रारंभिक स्तर पर ही रोकने के निर्देश दिए, साथ ही चेतावनी दी कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने के प्रयास पर राजस्व एवं कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होगी। निरीक्षण के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखी गई, जबकि अधिकारियों ने राजस्व अभिलेखों का परीक्षण और सीमाओं का अवलोकन कर संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई समय-समय पर होनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की सक्रियता से अवैध कब्जों पर प्रभावी रोक लगने और सार्वजनिक उपयोग की भूमि सुरक्षित रहने की उम्मीद जताई, जिससे भविष्य में शासन की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सुविधा मिलेगी और इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। करैरा प्रशासन की इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में यह संदेश स्पष्ट हो गया है कि एसडीएम अनुपम शर्मा और तहसीलदार ललित शर्मा के नेतृत्व में राजस्व प्रशासन शासकीय भूमि की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। प्रशासन ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि कहीं भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी मिले तो तत्काल राजस्व विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सके।
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    करैरा प्रशासन ने शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अपनी प्रभावी कार्रवाई जारी रखी है, जिसके तहत मंगलवार को एसडीएम अनुपम शर्मा और तहसीलदार ललित शर्मा ने राजस्व विभाग तथा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचकर शासकीय भूमि का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इस निरीक्षण के दौरान, प्रशासन ने मौके पर एक चेतावनी सूचना बोर्ड भी स्थापित कराया। इस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से अंकित किया गया है कि शासकीय सर्वे क्रमांक-177 की भूमि पर यदि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से कब्जा करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस सूचना के माध्यम से, प्रशासन ने लोगों से कानून का पालन करने और सरकारी भूमि से दूर रहने की अपील की।

एसडीएम अनुपम शर्मा ने मौके पर उपस्थित ग्रामीणों से चर्चा करते हुए जोर दिया कि शासन की भूमि सार्वजनिक संपत्ति है, जिसका संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे भविष्य में होने वाले विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं, अतः किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार ललित शर्मा ने राजस्व अमले को नियमित निरीक्षण करने और किसी भी नए अतिक्रमण को प्रारंभिक स्तर पर ही रोकने के निर्देश दिए, साथ ही चेतावनी दी कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने के प्रयास पर राजस्व एवं कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

निरीक्षण के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखी गई, जबकि अधिकारियों ने राजस्व अभिलेखों का परीक्षण और सीमाओं का अवलोकन कर संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई समय-समय पर होनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की सक्रियता से अवैध कब्जों पर प्रभावी रोक लगने और सार्वजनिक उपयोग की भूमि सुरक्षित रहने की उम्मीद जताई, जिससे भविष्य में शासन की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सुविधा मिलेगी और इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

करैरा प्रशासन की इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में यह संदेश स्पष्ट हो गया है कि एसडीएम अनुपम शर्मा और तहसीलदार ललित शर्मा के नेतृत्व में राजस्व प्रशासन शासकीय भूमि की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। प्रशासन ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि कहीं भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी मिले तो तत्काल राजस्व विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सके।
    user_रितिक परमार
    रितिक परमार
    Local News Reporter शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    47 min ago
  • शिवपुरी जिले की करेरा तहसील के टीला रोड क्षेत्र से एक मृत गाय को ट्रैक्टर से रस्सी बांधकर घसीटकर ले जाने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना को लेकर गौ सेवकों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। गौ सेवक अर्जुन पंडित ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति ने गाय की मौत के बाद उसे रस्सी से बांधकर ट्रैक्टर से पहाड़ी क्षेत्र की ओर ले जाकर फेंकने का प्रयास किया। उनका कहना है कि इस घटना का वीडियो किसी व्यक्ति ने बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद लोगों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। वहीं, गौ सेवा समिति के जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र तिवारी ने भी प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पशुओं के प्रति क्रूरता किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। गौ सेवकों ने यह भी मांग की है कि मृत गौवंश के सम्मानजनक अंतिम संस्कार की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि गाय की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई थी और उसे इस तरीके से ले जाने के पीछे क्या वास्तविक कारण था। मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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    शिवपुरी जिले की करेरा तहसील के टीला रोड क्षेत्र से एक मृत गाय को ट्रैक्टर से रस्सी बांधकर घसीटकर ले जाने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना को लेकर गौ सेवकों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

गौ सेवक अर्जुन पंडित ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति ने गाय की मौत के बाद उसे रस्सी से बांधकर ट्रैक्टर से पहाड़ी क्षेत्र की ओर ले जाकर फेंकने का प्रयास किया। उनका कहना है कि इस घटना का वीडियो किसी व्यक्ति ने बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद लोगों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। वहीं, गौ सेवा समिति के जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र तिवारी ने भी प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पशुओं के प्रति क्रूरता किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। गौ सेवकों ने यह भी मांग की है कि मृत गौवंश के सम्मानजनक अंतिम संस्कार की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि गाय की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई थी और उसे इस तरीके से ले जाने के पीछे क्या वास्तविक कारण था। मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
    user_रितिक परमार
    रितिक परमार
    Local News Reporter शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    12 min ago
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