करैरा प्रशासन द्वारा शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को एसडीएम अनुपम शर्मा और तहसीलदार ललित शर्मा राजस्व विभाग तथा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और शासकीय भूमि का सघन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने क्षेत्र का पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान प्रशासन द्वारा मौके पर एक चेतावनी सूचना बोर्ड भी स्थापित कराया गया, जिस पर स्पष्ट रूप से लिखा है कि शासकीय सर्वे क्रमांक-177 की भूमि पर यदि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से कब्जा करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस सूचना के माध्यम से प्रशासन ने लोगों से कानून का पालन करने और सरकारी भूमि से दूर रहने की अपील की। तहसीलदार ललित शर्मा ने राजस्व अमले को निर्देश दिए कि क्षेत्र में नियमित निरीक्षण किया जाए तथा किसी भी नए अतिक्रमण को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जाए, साथ ही सरकारी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध राजस्व एवं कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एसडीएम अनुपम शर्मा ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि शासन की भूमि सार्वजनिक संपत्ति है और इसका संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे भविष्य में विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रही और अधिकारियों ने राजस्व अभिलेखों का परीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई समय-समय पर होती रहनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की सक्रियता से अवैध कब्जों पर प्रभावी रोक लगने और सार्वजनिक उपयोग की भूमि सुरक्षित रहने की बात कही, जिससे भविष्य में शासन की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सुविधा मिलेगी। ग्रामीणों ने इस अभियान को जनहित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम बताया। करैरा प्रशासन ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी मिले तो तत्काल राजस्व विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सके।
करैरा प्रशासन द्वारा शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को एसडीएम अनुपम शर्मा और तहसीलदार ललित शर्मा राजस्व विभाग तथा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और शासकीय भूमि का सघन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने क्षेत्र का पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान प्रशासन द्वारा मौके पर एक चेतावनी सूचना बोर्ड भी स्थापित कराया गया, जिस पर स्पष्ट रूप से लिखा है कि शासकीय सर्वे क्रमांक-177 की भूमि पर यदि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से कब्जा करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस सूचना के माध्यम से प्रशासन ने लोगों से कानून का पालन करने और सरकारी भूमि से दूर रहने की अपील की। तहसीलदार ललित शर्मा ने राजस्व अमले को निर्देश दिए कि क्षेत्र में नियमित निरीक्षण किया जाए तथा किसी भी नए अतिक्रमण को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जाए, साथ ही सरकारी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध राजस्व एवं कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एसडीएम अनुपम शर्मा ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि शासन की भूमि सार्वजनिक संपत्ति है और इसका संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे भविष्य में विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रही और अधिकारियों ने राजस्व अभिलेखों का परीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई समय-समय पर होती रहनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की सक्रियता से अवैध कब्जों पर प्रभावी रोक लगने और सार्वजनिक उपयोग की भूमि सुरक्षित रहने की बात कही, जिससे भविष्य में शासन की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सुविधा मिलेगी। ग्रामीणों ने इस अभियान को जनहित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम बताया। करैरा प्रशासन ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी मिले तो तत्काल राजस्व विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सके।
- करैरा प्रशासन द्वारा शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को एसडीएम अनुपम शर्मा और तहसीलदार ललित शर्मा राजस्व विभाग तथा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और शासकीय भूमि का सघन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने क्षेत्र का पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान प्रशासन द्वारा मौके पर एक चेतावनी सूचना बोर्ड भी स्थापित कराया गया, जिस पर स्पष्ट रूप से लिखा है कि शासकीय सर्वे क्रमांक-177 की भूमि पर यदि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से कब्जा करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस सूचना के माध्यम से प्रशासन ने लोगों से कानून का पालन करने और सरकारी भूमि से दूर रहने की अपील की। तहसीलदार ललित शर्मा ने राजस्व अमले को निर्देश दिए कि क्षेत्र में नियमित निरीक्षण किया जाए तथा किसी भी नए अतिक्रमण को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जाए, साथ ही सरकारी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध राजस्व एवं कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एसडीएम अनुपम शर्मा ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि शासन की भूमि सार्वजनिक संपत्ति है और इसका संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे भविष्य में विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रही और अधिकारियों ने राजस्व अभिलेखों का परीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई समय-समय पर होती रहनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की सक्रियता से अवैध कब्जों पर प्रभावी रोक लगने और सार्वजनिक उपयोग की भूमि सुरक्षित रहने की बात कही, जिससे भविष्य में शासन की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सुविधा मिलेगी। ग्रामीणों ने इस अभियान को जनहित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम बताया। करैरा प्रशासन ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी मिले तो तत्काल राजस्व विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सके।1
- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का शिवपुरी जिले का भ्रमण प्रस्तावित है। इस संभावित दौरे के मद्देनजर जिला प्रशासन ने तैयारियों की रूपरेखा बनानी शुरू कर दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य आयोजन की सफलता और सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने आज संभावित कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं के विभिन्न पहलुओं का सूक्ष्म अवलोकन किया। उन्होंने सर्वप्रथम पोलोग्राउंड और गांधी पार्क का जायजा लिया, जहाँ स्थल की भौतिक स्थिति, सुरक्षा मानकों और जनसुविधाओं की दृष्टि से उपयोगिता को बारीकी से परखा। इसके बाद कलेक्टर वर्मा हवाईपट्टी पहुंचे, जहाँ उन्होंने तकनीकी व्यवस्थाओं और सुरक्षा प्रबंधों का मुआयना किया। इस दौरान व्यवस्थाओं के प्रत्येक बिंदु पर प्रशासनिक दृष्टिकोण से विचार-विमर्श किया गया। निरीक्षण में शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन, कोलारस विधायक महेंद्र सिंह यादव, जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव एवं हरवीर रघुवंशी ने स्थलों का अवलोकन किया और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सुझाव साझा किए। अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला, एसडीएम आनंद राजावत, संयुक्त कलेक्टर अनुराग निंगवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री के संभावित आगमन को देखते हुए एक सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया।1
- शिवपुरी जिले के नरवर में स्थित जैन पब्लिक स्कूल परिसर में एक हैरतअंगेज दृश्य देखने को मिला, जहाँ एक नाग ने अपने मुँह से मृत नागिन का शव बाहर निकाल दिया। इस घटना की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में लोग स्कूल परिसर में जमा हो गए थे, और मौके पर पहुँचे सर्पमित्र सलमान पठान ने नाग को सुरक्षित रेस्क्यू करने का प्रयास किया। यह नजारा देखकर वहाँ मौजूद लोग आश्चर्यचकित रह गए। सर्पमित्र सलमान पठान ने बताया कि स्कूल परिसर में उन्हें एक कोबरा दिखाई दिया था। काफी देर तक आसपास तलाश करने के बाद भी नागिन नहीं मिली। जब वह नाग को सुरक्षित रेस्क्यू करने की कोशिश कर रहे थे, तभी नाग ने अचानक अपने मुँह से एक मृत नागिन का शव बाहर निकाल दिया। सलमान पठान के अनुसार, प्राथमिक पहचान के आधार पर नर नाग भारतीय कोबरा (इंडियन कोबरा) और मादा नागिन स्पेक्टेकल्ड कोबरा प्रजाति की प्रतीत हुई। उन्होंने यह भी बताया कि कभी-कभी सांपों के बीच हुए संघर्ष या किसी अन्य कारण से एक सांप दूसरे को निगल लेता है, हालाँकि इस मामले में नाग द्वारा नागिन को निगलने का सही कारण वैज्ञानिक जाँच के बिना निश्चित रूप से नहीं बताया जा सकता। इस अनोखी घटना के बाद, सलमान पठान ने नाग को सुरक्षित पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास, यानी जंगल में छोड़ दिया। वहीं, मृत नागिन के शव को सम्मानपूर्वक जमीन में दफना दिया गया ताकि अन्य जानवर उसे नुकसान न पहुँचा सकें। इस घटना को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग स्कूल परिसर में एकत्रित हुए और यह पूरे क्षेत्र में चर्चा का एक मुख्य विषय बन गई।1
- शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र से एक मामला सामने आया है, जहाँ 35 हजार रुपये और एक बाइक को लेकर उपजे विवाद के बाद परिजनों ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय का रुख किया। इन परिजनों ने इस विवाद के चलते किसी अप्रिय घटना, विशेषकर हत्या की आशंका जताई है। इसी गंभीर आशंका और न्याय की तलाश में वे अपनी शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे हैं, जहाँ उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है।1
- करैरा प्रशासन ने शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अपनी प्रभावी कार्रवाई जारी रखी है, जिसके तहत मंगलवार को एसडीएम अनुपम शर्मा और तहसीलदार ललित शर्मा ने राजस्व विभाग तथा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचकर शासकीय भूमि का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस निरीक्षण के दौरान, प्रशासन ने मौके पर एक चेतावनी सूचना बोर्ड भी स्थापित कराया। इस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से अंकित किया गया है कि शासकीय सर्वे क्रमांक-177 की भूमि पर यदि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से कब्जा करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस सूचना के माध्यम से, प्रशासन ने लोगों से कानून का पालन करने और सरकारी भूमि से दूर रहने की अपील की। एसडीएम अनुपम शर्मा ने मौके पर उपस्थित ग्रामीणों से चर्चा करते हुए जोर दिया कि शासन की भूमि सार्वजनिक संपत्ति है, जिसका संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे भविष्य में होने वाले विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं, अतः किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार ललित शर्मा ने राजस्व अमले को नियमित निरीक्षण करने और किसी भी नए अतिक्रमण को प्रारंभिक स्तर पर ही रोकने के निर्देश दिए, साथ ही चेतावनी दी कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने के प्रयास पर राजस्व एवं कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होगी। निरीक्षण के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखी गई, जबकि अधिकारियों ने राजस्व अभिलेखों का परीक्षण और सीमाओं का अवलोकन कर संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई समय-समय पर होनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की सक्रियता से अवैध कब्जों पर प्रभावी रोक लगने और सार्वजनिक उपयोग की भूमि सुरक्षित रहने की उम्मीद जताई, जिससे भविष्य में शासन की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सुविधा मिलेगी और इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। करैरा प्रशासन की इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में यह संदेश स्पष्ट हो गया है कि एसडीएम अनुपम शर्मा और तहसीलदार ललित शर्मा के नेतृत्व में राजस्व प्रशासन शासकीय भूमि की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। प्रशासन ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि कहीं भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी मिले तो तत्काल राजस्व विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सके।1
- शिवपुरी जिले की करेरा तहसील के टीला रोड क्षेत्र से एक मृत गाय को ट्रैक्टर से रस्सी बांधकर घसीटकर ले जाने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना को लेकर गौ सेवकों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। गौ सेवक अर्जुन पंडित ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति ने गाय की मौत के बाद उसे रस्सी से बांधकर ट्रैक्टर से पहाड़ी क्षेत्र की ओर ले जाकर फेंकने का प्रयास किया। उनका कहना है कि इस घटना का वीडियो किसी व्यक्ति ने बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद लोगों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। वहीं, गौ सेवा समिति के जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र तिवारी ने भी प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पशुओं के प्रति क्रूरता किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। गौ सेवकों ने यह भी मांग की है कि मृत गौवंश के सम्मानजनक अंतिम संस्कार की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि गाय की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई थी और उसे इस तरीके से ले जाने के पीछे क्या वास्तविक कारण था। मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1