चित्रकूट। विकासखंड पहाड़ी अंतर्गत ग्राम पंचायत गनीवा में गौशाला की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला की उचित व्यवस्था न होने के कारण बड़ी संख्या में अन्ना मवेशी खुले में घूम रहे हैं और किसानों के खेतों तक पहुंचकर खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। 🌾 महीनों की मेहनत पर अन्ना मवेशियों का संकट इस समय किसानों के खेतों में धान की फसल तैयार हो रही है। किसान दिन-रात मेहनत कर अपनी फसल को बचाने में जुटे हैं, लेकिन खुले में घूम रहे मवेशियों के झुंड किसानों की चिंता बढ़ा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किसानों को रात में भी खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। 📸 खेतों में पहुंच रहे मवेशी, तस्वीरों में दिखी स्थिति स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों में भी मवेशी खेतों में दिखाई दे रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसानों के सामने अन्ना मवेशियों की समस्या कितनी गंभीर बनी हुई है। गनीवा गौशाला की बदहाली से किसान परेशान, खेतों में खुलेआम घूम रहे अन्ना मवेशी—धान की फसल पर मंडरा रहा संकट चित्रकूट। विकासखंड पहाड़ी अंतर्गत ग्राम पंचायत गनीवा में गौशाला की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला की उचित व्यवस्था न होने के कारण बड़ी संख्या में अन्ना मवेशी खुले में घूम रहे हैं और किसानों के खेतों तक पहुंचकर खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। 🌾 महीनों की मेहनत पर अन्ना मवेशियों का संकट इस समय किसानों के खेतों में धान की फसल तैयार हो रही है। किसान दिन-रात मेहनत कर अपनी फसल को बचाने में जुटे हैं, लेकिन खुले में घूम रहे मवेशियों के झुंड किसानों की चिंता बढ़ा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किसानों को रात में भी खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। 📸 खेतों में पहुंच रहे मवेशी, तस्वीरों में दिखी स्थिति स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों में भी मवेशी खेतों में दिखाई दे रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसानों के सामने अन्ना मवेशियों की समस्या कितनी गंभीर बनी हुई है। ❓ गौशाला होने के बावजूद अन्ना मवेशी सड़कों और खेतों में क्यों? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि ग्राम पंचायत में गौशाला की व्यवस्था है, तो बड़ी संख्या में मवेशी खुले में क्यों घूम रहे हैं? क्या गौशाला में पर्याप्त जगह, चारा, पानी और सुरक्षा की व्यवस्था उपलब्ध है? क्या गौशाला की नियमित निगरानी और संचालन की जिम्मेदारी ठीक से निभाई जा रही है? ⚠️ किसानों के सामने दोहरी परेशानी एक ओर किसान प्राकृतिक परिस्थितियों और बढ़ती लागत के बीच खेती कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अन्ना मवेशियों से फसल बचाना उनके लिए अतिरिक्त चुनौती बन गया है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो तैयार हो रही धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। 📢 प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग ग्रामीणों और किसानों ने संबंधित अधिकारियों से गनीवा गौशाला का स्थलीय निरीक्षण कराने, वहां की वास्तविक व्यवस्थाओं की जांच करने तथा खुले में घूम रहे अन्ना मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था कराने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों का सवाल है कि गनीवा की गौशाला की वर्तमान स्थिति क्या है और यदि गौशाला की व्यवस्था में कोई बदलाव या उसे हटाने की कार्रवाई हुई है तो उसका कारण क्या है? प्रशासन को इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। 👉 अब देखने वाली बात होगी कि किसानों की इस गंभीर समस्या पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक संज्ञान लेते हैं और गनीवा के किसानों को अन्ना मवेशियों से राहत दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। @highlight Shankar Yadav DM Chitrakoot चित्रकूट धाम SDM Rajapur Chitrakoot CDO Chitrakoot BDO pahari #ganeeva #lodhauara_bujurg #पहाड़ी #ग्रामीण #ग्रामीण_क्षेत्र
चित्रकूट। विकासखंड पहाड़ी अंतर्गत ग्राम पंचायत गनीवा में गौशाला की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला की उचित व्यवस्था न होने के कारण बड़ी संख्या में अन्ना मवेशी खुले में घूम रहे हैं और किसानों के खेतों तक पहुंचकर खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। 🌾 महीनों की मेहनत पर अन्ना मवेशियों का संकट इस समय किसानों के खेतों में धान की फसल तैयार हो रही है। किसान दिन-रात मेहनत कर अपनी फसल को बचाने में जुटे हैं, लेकिन खुले में घूम रहे मवेशियों के झुंड किसानों की चिंता बढ़ा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किसानों को रात में भी खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। 📸 खेतों में पहुंच रहे मवेशी, तस्वीरों में दिखी स्थिति स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों में भी मवेशी खेतों में दिखाई दे रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसानों के सामने अन्ना मवेशियों की समस्या कितनी गंभीर बनी हुई है। गनीवा गौशाला की बदहाली से किसान परेशान, खेतों में खुलेआम घूम रहे अन्ना मवेशी—धान की फसल पर मंडरा रहा संकट चित्रकूट। विकासखंड पहाड़ी अंतर्गत ग्राम पंचायत गनीवा में गौशाला की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला की उचित व्यवस्था न होने के कारण बड़ी संख्या में अन्ना मवेशी खुले में घूम रहे हैं और किसानों के खेतों तक पहुंचकर खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। 🌾 महीनों की मेहनत पर अन्ना मवेशियों का संकट इस समय किसानों के खेतों में धान की फसल तैयार हो रही है। किसान दिन-रात मेहनत कर अपनी फसल को बचाने में जुटे हैं, लेकिन खुले में घूम रहे मवेशियों के झुंड किसानों की चिंता बढ़ा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किसानों को रात में भी खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। 📸 खेतों में पहुंच रहे मवेशी, तस्वीरों में दिखी स्थिति स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों में भी मवेशी खेतों में दिखाई दे रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसानों के सामने अन्ना मवेशियों की समस्या कितनी गंभीर बनी हुई है। ❓ गौशाला होने के बावजूद अन्ना मवेशी सड़कों और खेतों में क्यों? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि ग्राम पंचायत में गौशाला की व्यवस्था है, तो बड़ी संख्या में मवेशी खुले में क्यों घूम रहे हैं? क्या गौशाला में पर्याप्त जगह, चारा, पानी और सुरक्षा की व्यवस्था उपलब्ध है? क्या गौशाला की नियमित निगरानी और संचालन की जिम्मेदारी ठीक से निभाई जा रही है? ⚠️ किसानों के सामने दोहरी परेशानी एक ओर किसान प्राकृतिक परिस्थितियों और बढ़ती लागत के बीच खेती कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अन्ना मवेशियों से फसल बचाना उनके लिए अतिरिक्त चुनौती बन गया है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो तैयार हो रही धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। 📢 प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग ग्रामीणों और किसानों ने संबंधित अधिकारियों से गनीवा गौशाला का स्थलीय निरीक्षण कराने, वहां की वास्तविक व्यवस्थाओं की जांच करने तथा खुले में घूम रहे अन्ना मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था कराने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों का सवाल है कि गनीवा की गौशाला की वर्तमान स्थिति क्या है और यदि गौशाला की व्यवस्था में कोई बदलाव या उसे हटाने की कार्रवाई हुई है तो उसका कारण क्या है? प्रशासन को इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। 👉 अब देखने वाली बात होगी कि किसानों की इस गंभीर समस्या पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक संज्ञान लेते हैं और गनीवा के किसानों को अन्ना मवेशियों से राहत दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। @highlight Shankar Yadav DM Chitrakoot चित्रकूट धाम SDM Rajapur Chitrakoot CDO Chitrakoot BDO pahari #ganeeva #lodhauara_bujurg #पहाड़ी #ग्रामीण #ग्रामीण_क्षेत्र
- चित्रकूट। विकासखंड पहाड़ी अंतर्गत ग्राम पंचायत गनीवा में गौशाला की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला की उचित व्यवस्था न होने के कारण बड़ी संख्या में अन्ना मवेशी खुले में घूम रहे हैं और किसानों के खेतों तक पहुंचकर खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। 🌾 महीनों की मेहनत पर अन्ना मवेशियों का संकट इस समय किसानों के खेतों में धान की फसल तैयार हो रही है। किसान दिन-रात मेहनत कर अपनी फसल को बचाने में जुटे हैं, लेकिन खुले में घूम रहे मवेशियों के झुंड किसानों की चिंता बढ़ा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किसानों को रात में भी खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। 📸 खेतों में पहुंच रहे मवेशी, तस्वीरों में दिखी स्थिति स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों में भी मवेशी खेतों में दिखाई दे रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसानों के सामने अन्ना मवेशियों की समस्या कितनी गंभीर बनी हुई है। गनीवा गौशाला की बदहाली से किसान परेशान, खेतों में खुलेआम घूम रहे अन्ना मवेशी—धान की फसल पर मंडरा रहा संकट चित्रकूट। विकासखंड पहाड़ी अंतर्गत ग्राम पंचायत गनीवा में गौशाला की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला की उचित व्यवस्था न होने के कारण बड़ी संख्या में अन्ना मवेशी खुले में घूम रहे हैं और किसानों के खेतों तक पहुंचकर खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। 🌾 महीनों की मेहनत पर अन्ना मवेशियों का संकट इस समय किसानों के खेतों में धान की फसल तैयार हो रही है। किसान दिन-रात मेहनत कर अपनी फसल को बचाने में जुटे हैं, लेकिन खुले में घूम रहे मवेशियों के झुंड किसानों की चिंता बढ़ा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किसानों को रात में भी खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। 📸 खेतों में पहुंच रहे मवेशी, तस्वीरों में दिखी स्थिति स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों में भी मवेशी खेतों में दिखाई दे रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसानों के सामने अन्ना मवेशियों की समस्या कितनी गंभीर बनी हुई है। ❓ गौशाला होने के बावजूद अन्ना मवेशी सड़कों और खेतों में क्यों? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि ग्राम पंचायत में गौशाला की व्यवस्था है, तो बड़ी संख्या में मवेशी खुले में क्यों घूम रहे हैं? क्या गौशाला में पर्याप्त जगह, चारा, पानी और सुरक्षा की व्यवस्था उपलब्ध है? क्या गौशाला की नियमित निगरानी और संचालन की जिम्मेदारी ठीक से निभाई जा रही है? ⚠️ किसानों के सामने दोहरी परेशानी एक ओर किसान प्राकृतिक परिस्थितियों और बढ़ती लागत के बीच खेती कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अन्ना मवेशियों से फसल बचाना उनके लिए अतिरिक्त चुनौती बन गया है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो तैयार हो रही धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। 📢 प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग ग्रामीणों और किसानों ने संबंधित अधिकारियों से गनीवा गौशाला का स्थलीय निरीक्षण कराने, वहां की वास्तविक व्यवस्थाओं की जांच करने तथा खुले में घूम रहे अन्ना मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था कराने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों का सवाल है कि गनीवा की गौशाला की वर्तमान स्थिति क्या है और यदि गौशाला की व्यवस्था में कोई बदलाव या उसे हटाने की कार्रवाई हुई है तो उसका कारण क्या है? प्रशासन को इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। 👉 अब देखने वाली बात होगी कि किसानों की इस गंभीर समस्या पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक संज्ञान लेते हैं और गनीवा के किसानों को अन्ना मवेशियों से राहत दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। @highlight Shankar Yadav DM Chitrakoot चित्रकूट धाम SDM Rajapur Chitrakoot CDO Chitrakoot BDO pahari #ganeeva #lodhauara_bujurg #पहाड़ी #ग्रामीण #ग्रामीण_क्षेत्र1
- मराठा कालीन भवन के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण को मिलेगा नया स्वरूप मराठाकालीन भवन में बनेगा 5करोड़ से पार्क व हाट बाजार चित्रकूट। जनपद मुख्यालय कर्वी स्थित पुरानी बाजार में बने ऐतिहासिक मराठा कालीन भवन के जीर्णोद्धार एवं फसाड लाइटिंग सहित विभिन्न विकास कार्यों हेतु पर्यटन विभाग द्वारा ₹5 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि इस कार्य के अंतर्गत भवन का पारंपरिक चूना-सुरखी तकनीक से जीर्णोद्धार एवं पेंटिंग, हॉर्टिकल्चर, इंटरलॉकिंग पाथवे, फसाड एवं स्ट्रीट लाइटिंग तथा परिसर को वृहद पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही स्थानीय कारीगरों एवं जीआई/ओडीओपी उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने हेतु हाट बाजार विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय कला एवं उत्पादों को नया मंच मिलेगा। कार्य हेतु टेंडर प्रक्रिया प्रचलित है तथा शीघ्र कार्य प्रारंभ किया जाएगा।1
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- जनपद कौशांबी के थाना संदीपन घाट के अंतर्गत घटित घटना के संबंध अभियोग पंजीकृत पांच नामजद अभियुक्तों में से दो अभियुक्तों को हिरासत में लेकर के पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रहा है। शेष तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी के संबंध में पुलिस अधीक्षक के द्वारा दो टीमों का गठन किया गया , इसी के संबंध में क्षेत्राधिकारी चायल शिवांक सिंह ने दी जानकारी।1
- भीम आर्मी के नेता को मारी गोली!मचा बावल!होगी आर पार की जंग! दलित नेताओं के उड़े होश! #BhimArmy #DalitLeader #ShootingIncident #PoliticalNews #UPNews #BreakingNews #UttarPradesh #LawAndOrder #CrimeNews #DalitPolitics #BhimArmyNews #LatestNews #NewsUpdate #BreakingUpdate1
- मामूली विवाद में महिला से अभद्रता व गाली-गलौज का आरोप, कोतवाली में दिया प्रार्थना पत्र मामूली विवाद में महिला से अभद्रता व गाली-गलौज का आरोप, कोतवाली में दिया प्रार्थना पत्र पहाड़ी/चित्रकूट। कोतवाली पहाड़ी क्षेत्र के ग्राम नांदी में मामूली विवाद को लेकर एक महिला के साथ अभद्रता एवं गाली-गलौज किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने कोतवाली पहाड़ी में प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पीड़िता केतकी पत्नी राकेश प्रजापति निवासी ग्राम नांदी ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उसके पड़ोस में रहने वाले मुन्ना पुत्र सुक्खू घर के पास रखा पत्थर उठा ले गए। पीड़िता के अनुसार, बरसात के दिनों में घर के सामने कीचड़ होने के कारण छोटे बच्चों को आवागमन में परेशानी होती थी, इसी वजह से दरवाजे के पास पत्थर रखा गया था। आरोप है कि पत्थर हटाए जाने से आवागमन में परेशानी होने की बात कहने पर विपक्षी द्वारा महिला के साथ अभद्रता करते हुए गाली-गलौज की गई। पीड़िता ने प्रार्थना पत्र के माध्यम से पुलिस से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि प्रार्थना पत्र देने के बावजूद फिलहाल मामले में पुलिस स्तर से कोई कार्यवाही नहीं हुई है।1
- कौशांबी मेडिकल कॉलेज में प्रदर्शन के बीच इलाज न मिलने का आरोप, 40 वर्षीय फूलमती की मौत! कौशांबी मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि हालत बिगड़ने पर 40 वर्षीय फूलमती को मेडिकल कॉलेज लाया गया, लेकिन डॉक्टरों से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद समय पर उपचार नहीं मिला। इसी दौरान महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई और फूलमती की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब बड़ा सवाल—क्या समय पर इलाज मिलता तो फूलमती की जान बच सकती थी?1
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