मनुष्य का जीवन केवल भोग-विलास के लिए नहीं बल्कि भगवान की भक्ति और आत्मकल्याण के लिए सतना। भागवत कथा के पंचम दिवस का व्याख्यान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन कथा में भगवान की लीलाओं, भक्तों की भक्ति और धर्म के गूढ़ रहस्यों का वर्णन किया जाता है। रैगांव में आयोजित भागवत कथा के दौरान कथा व्यास आज भोले शंकर जी महाराज बताते हैं कि मनुष्य का जीवन केवल भोग-विलास के लिए नहीं बल्कि भगवान की भक्ति और आत्मकल्याण के लिए मिला है। कथा के पांचवें दिन की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम भक्तों की महिमा से होती है। कथा व्यास आचार्य भोले शंकर जी महाराज बताते हैं कि इस संसार में भगवान का नाम ही सबसे बड़ा सहारा है। जो मनुष्य सच्चे मन से भगवान का स्मरण करता है, उसके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। कथा में बताया जाता है कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान विभिन्न अवतार लेकर धर्म की रक्षा करते हैं। भगवान के अवतार केवल दुष्टों के विनाश के लिए ही नहीं बल्कि भक्तों की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए भी होते हैं। पंचम दिवस की कथा में भक्त प्रह्लाद की भक्ति का उदाहरण दिया जाता है। कथा व्यास आचार्य भोले शंकर जी महाराज बताते हैं कि प्रह्लाद बचपन से ही भगवान विष्णु के अनन्य भक्त थे। उनके पिता हिरण्यकश्यप भगवान के विरोधी थे, लेकिन प्रह्लाद ने कभी भी भगवान का नाम लेना नहीं छोड़ा। हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र को कई बार मारने का प्रयास किया, लेकिन भगवान ने हर बार अपने भक्त की रक्षा की। अंत में भगवान नरसिंह अवतार में प्रकट हुए और हिरण्यकश्यप का वध करके भक्त प्रह्लाद की रक्षा की। इस प्रसंग से यह शिक्षा मिलती है कि भगवान अपने सच्चे भक्तों की रक्षा अवश्य करते हैं। कथा व्यास आचार्य भोले शंकर जी महाराज कहते हैं कि भक्ति में शक्ति होती है। जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान को याद करता है, उसके जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ भी भगवान की कृपा से दूर हो जाती हैं। इसलिए मनुष्य को हमेशा भगवान का नाम जपते रहना चाहिए। पांचवें दिन की कथा में यह भी बताया जाता है कि मनुष्य को अपने जीवन में अहंकार नहीं करना चाहिए। अहंकार मनुष्य को पतन की ओर ले जाता है। रावण, कंस और हिरण्यकश्यप जैसे कई उदाहरण हैं जिनका अहंकार अंत में उनके विनाश का कारण बना। कथा व्यास आचार्य भोले शंकर जी महाराज कहते हैं कि मनुष्य को हमेशा विनम्र और धर्म के मार्ग पर चलने वाला होना चाहिए। जो व्यक्ति धर्म और सत्य के मार्ग पर चलता है, भगवान हमेशा उसका साथ देते हैं। इस दिन की कथा में भगवान की माया का भी वर्णन किया जाता है। संसार की सारी वस्तुएँ नश्वर हैं, केवल भगवान का नाम ही अमर है। इसलिए मनुष्य को माया के मोह में फंसकर अपने जीवन को व्यर्थ नहीं करना चाहिए। कथा के दौरान यह भी बताया जाता है कि सत्संग का मनुष्य के जीवन में बहुत बड़ा महत्व है। संतों और महात्माओं की संगति से मनुष्य के विचार शुद्ध होते हैं और उसे सही मार्ग मिलता है। जो व्यक्ति सत्संग में बैठकर भगवान की कथा सुनता है, उसके जीवन के पाप नष्ट हो जाते हैं। कथा व्यास आचार्य भोले शंकर जी महाराज कहते हैं कि भागवत कथा सुनने मात्र से ही मनुष्य के जीवन में परिवर्तन आने लगता है। उसके मन में भगवान के प्रति प्रेम और भक्ति जागृत होती है। पांचवें दिन की कथा का एक महत्वपूर्ण संदेश यह भी है कि मनुष्य को अपने माता-पिता, गुरु और समाज का सम्मान करना चाहिए। जो व्यक्ति अपने बड़ों का सम्मान करता है, उसके जीवन में सुख और शांति बनी रहती है। कथा के अंत में व्यास आचार्य भोले शंकर जी महाराज जी बताते हैं कि मनुष्य को अपने जीवन में दया, करुणा, सत्य और सेवा जैसे गुणों को अपनाना चाहिए। यही गुण मनुष्य को महान बनाते हैं और भगवान की कृपा का पात्र बनाते हैं। पंचम दिवस की कथा का सार यही है कि भगवान की भक्ति ही जीवन का सबसे बड़ा धन है। जो व्यक्ति भगवान की शरण में जाता है, उसे कभी भी किसी बात का भय नहीं रहता। भगवान हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और उन्हें जीवन में सही मार्ग दिखाते हैं। अंत में कथा व्यास आचार्य भोले शंकर जी महाराज सभी श्रद्धालुओं से कहते हैं कि अपने जीवन में भगवान का नाम जपते रहें, सत्संग करते रहें और धर्म के मार्ग पर चलते रहें। यही मनुष्य जीवन का सच्चा उद्देश्य है। इस प्रकार भागवत कथा के पांचवें दिन भक्तों को भक्ति, श्रद्धा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी जाती है।
मनुष्य का जीवन केवल भोग-विलास के लिए नहीं बल्कि भगवान की भक्ति और आत्मकल्याण के लिए सतना। भागवत कथा के पंचम दिवस का व्याख्यान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन कथा में भगवान की लीलाओं, भक्तों की भक्ति और धर्म के गूढ़ रहस्यों का वर्णन किया जाता है। रैगांव में आयोजित भागवत कथा के दौरान कथा व्यास आज भोले शंकर जी महाराज बताते हैं कि मनुष्य का जीवन केवल भोग-विलास के लिए नहीं बल्कि भगवान की भक्ति और आत्मकल्याण के लिए मिला है। कथा के पांचवें दिन की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम भक्तों की महिमा से होती है। कथा व्यास आचार्य भोले शंकर जी महाराज बताते हैं कि इस संसार में भगवान का नाम ही सबसे बड़ा सहारा है। जो मनुष्य सच्चे मन से भगवान का स्मरण करता है, उसके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। कथा में बताया जाता है कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान विभिन्न अवतार लेकर धर्म की रक्षा करते हैं। भगवान के अवतार केवल दुष्टों के विनाश के लिए ही नहीं बल्कि भक्तों की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए भी होते हैं। पंचम दिवस की कथा में
भक्त प्रह्लाद की भक्ति का उदाहरण दिया जाता है। कथा व्यास आचार्य भोले शंकर जी महाराज बताते हैं कि प्रह्लाद बचपन से ही भगवान विष्णु के अनन्य भक्त थे। उनके पिता हिरण्यकश्यप भगवान के विरोधी थे, लेकिन प्रह्लाद ने कभी भी भगवान का नाम लेना नहीं छोड़ा। हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र को कई बार मारने का प्रयास किया, लेकिन भगवान ने हर बार अपने भक्त की रक्षा की। अंत में भगवान नरसिंह अवतार में प्रकट हुए और हिरण्यकश्यप का वध करके भक्त प्रह्लाद की रक्षा की। इस प्रसंग से यह शिक्षा मिलती है कि भगवान अपने सच्चे भक्तों की रक्षा अवश्य करते हैं। कथा व्यास आचार्य भोले शंकर जी महाराज कहते हैं कि भक्ति में शक्ति होती है। जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान को याद करता है, उसके जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ भी भगवान की कृपा से दूर हो जाती हैं। इसलिए मनुष्य को हमेशा भगवान का नाम जपते रहना चाहिए। पांचवें दिन की कथा में यह भी बताया जाता है कि मनुष्य को अपने जीवन में अहंकार नहीं करना चाहिए। अहंकार मनुष्य को पतन की ओर ले जाता है। रावण, कंस और हिरण्यकश्यप जैसे कई उदाहरण हैं
जिनका अहंकार अंत में उनके विनाश का कारण बना। कथा व्यास आचार्य भोले शंकर जी महाराज कहते हैं कि मनुष्य को हमेशा विनम्र और धर्म के मार्ग पर चलने वाला होना चाहिए। जो व्यक्ति धर्म और सत्य के मार्ग पर चलता है, भगवान हमेशा उसका साथ देते हैं। इस दिन की कथा में भगवान की माया का भी वर्णन किया जाता है। संसार की सारी वस्तुएँ नश्वर हैं, केवल भगवान का नाम ही अमर है। इसलिए मनुष्य को माया के मोह में फंसकर अपने जीवन को व्यर्थ नहीं करना चाहिए। कथा के दौरान यह भी बताया जाता है कि सत्संग का मनुष्य के जीवन में बहुत बड़ा महत्व है। संतों और महात्माओं की संगति से मनुष्य के विचार शुद्ध होते हैं और उसे सही मार्ग मिलता है। जो व्यक्ति सत्संग में बैठकर भगवान की कथा सुनता है, उसके जीवन के पाप नष्ट हो जाते हैं। कथा व्यास आचार्य भोले शंकर जी महाराज कहते हैं कि भागवत कथा सुनने मात्र से ही मनुष्य के जीवन में परिवर्तन आने लगता है। उसके मन में भगवान के प्रति प्रेम और भक्ति जागृत होती है। पांचवें दिन की कथा का एक महत्वपूर्ण संदेश यह भी
है कि मनुष्य को अपने माता-पिता, गुरु और समाज का सम्मान करना चाहिए। जो व्यक्ति अपने बड़ों का सम्मान करता है, उसके जीवन में सुख और शांति बनी रहती है। कथा के अंत में व्यास आचार्य भोले शंकर जी महाराज जी बताते हैं कि मनुष्य को अपने जीवन में दया, करुणा, सत्य और सेवा जैसे गुणों को अपनाना चाहिए। यही गुण मनुष्य को महान बनाते हैं और भगवान की कृपा का पात्र बनाते हैं। पंचम दिवस की कथा का सार यही है कि भगवान की भक्ति ही जीवन का सबसे बड़ा धन है। जो व्यक्ति भगवान की शरण में जाता है, उसे कभी भी किसी बात का भय नहीं रहता। भगवान हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और उन्हें जीवन में सही मार्ग दिखाते हैं। अंत में कथा व्यास आचार्य भोले शंकर जी महाराज सभी श्रद्धालुओं से कहते हैं कि अपने जीवन में भगवान का नाम जपते रहें, सत्संग करते रहें और धर्म के मार्ग पर चलते रहें। यही मनुष्य जीवन का सच्चा उद्देश्य है। इस प्रकार भागवत कथा के पांचवें दिन भक्तों को भक्ति, श्रद्धा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी जाती है।
- भारतीय किसान यूनियन की ट्रैक्टर रैली निकली। हवाई पट्टी मोड़ से शुरू हुई रैली सर्किट हाउस, सिविल लाइन, राजेंद्र नगर से होते हुए कलेक्ट्रेट की ओर पहुंची1
- बीरसािंहपुर (सतना) | मध्य भारत न्यूज़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना के जरिए घर-घर पानी पहुँचाने के दावे सतना जिले के चंदाई गांव में खोखले साबित हो रहे हैं। गांव में 4.5 करोड़ रुपये की लागत से दो-दो पानी की टंकियां तो खड़ी कर दी गई हैं, लेकिन विडंबना यह है कि पिछले 15 दिनों से ग्रामीणों के घरों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुँची है। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी योजना? स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकारी पैसे का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि चंदाई गांव में पानी की विकराल समस्या बनी हुई है। गर्मी की शुरुआत होते ही पानी की किल्लत ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आश्चर्य की बात यह है कि गांव में दो टंकियां होने के बावजूद सप्लाई ठप पड़ी है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर सरपंच और सचिव की मनमानी को इस बदहाली का जिम्मेदार ठहराया है। प्रशासनिक बेरुखी: शिकायतों पर नहीं हो रहा असर ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत पिछले साल भी प्रशासन से की थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय निवासी के अनुसार, "शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। प्रशासन मौन है और भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है।" ग्रामीणों की मांग: उच्च स्तरीय जांच हो बढ़ती गर्मी और पानी के अभाव से जूझ रहे चंदाई के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से गुहार लगाई है कि: तत्काल एक विशेष जांच टीम (SIT) बुलाकर टंकियों के निर्माण और पाइपलाइन की जांच कराई जाए। करोड़ों के बजट के बावजूद पानी न मिलने के दोषियों (सरपंच-सचिव) पर कड़ी कार्रवाई हो। जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर जागता है या चंदाई के ग्रामीण इस चिलचिलाती गर्मी में प्यासे रहने को ही मजबूर रहेंगे। रिपोर्ट: ब्यूरो, मध्य भारत न्यूज़1
- मैहर जिले के देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत भेडा गेट के पास चलती बस मे लगी आग, गनीमत रही कि समय रहते ड्राइवर ने सभी को निकाला बाहर, जिसके चलते बड़ी घटना टली जा सकी, आग लगने के कारण सड़क पर बन रही ट्रैफिक जाम की स्थिति, डायल 100पुलिस पहुंची मौके पर, फायर ब्रिगेड को दी गयी सूचना4
- कांग्रेस कार्यालय में उड़ा रंग गुलाल, फाग गीतों और ठंडाई के साथ मना होली मिलन समारोह मैहर। जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में जनपद पंचायत के सामने स्थित ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में 'होली मिलन समारोह' का भव्य और रंगारंग आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राजनीतिक मर्यादाओं से परे जाकर सामाजिक सद्भाव की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहाँ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों के पदाधिकारी शामिल हुए। रंग-गुलाल से सराबोर हुए कार्यकर्ता समारोह की शुरुआत एक-दूसरे को तिलक लगाकर और गले मिलकर होली की शुभकामनाएं देने के साथ हुई। उपस्थित जनों ने अबीर-गुलाल उड़ाकर आपसी भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर पूरा कार्यालय परिसर सतरंगी रंगों और उल्लास से भर गया। फाग मंडली ने बांधा समां, गानों पर थिरके कदम कार्यक्रम में स्थानीय फाग मंडली ने अपनी प्रस्तुतियों से चार चांद लगा दिए। पारंपरिक फाग गीतों की मधुर धुनों के बीच जब "रंग बरसे भीगी चुनर वाली"और होली खेले रघुवीरा अवध में जैसे लोकप्रिय गीत गूंजे, तो कार्यकर्ता और धर्मेश घई रोमीभैया खुद को रोक नहीं पाए और जमकर धमाल मचाया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। ठंडाई और स्वल्पाहार का आनंद होली के इस उत्सव को और भी खास बनाने के लिए जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों और कार्यकर्ताओं के लिए शीतल ठंडाई और स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई थी, जिसका सभी ने भरपूर आनंद लिया। इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति समारोह में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष धर्मेश घई . सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा डब्बू भैया ब्लॉक अध्यक्ष रमेश प्रजापति मुन्ना . रामभद्र पांडे जितेंद्र कुशवाहा महेंद्र पटेल. बैजनाथ कुशवाहा गणेश चतुर्वेदी महेंद्र त्रिपाठी पप्पू भैया. पंकज कुशवाहा नरेंद्र सराफ. यशवंतसिंह चंदेल समर्पण शुक्ला रजनीश . महेंद्र पटेल अक्षत दहिया राजेंद्र बबलू पटेल अरविंद पटेल रानू पटेल.रजनीश रमापति गौतम बृजभान कोल विपिन सिंह बघेलअखंड सिंह जितेंद्र बंशकार अजय वंशकार राकेश वंशकार सुरेश अयोध्या कुशवाहा अमजद खान बड़ा देव जितेंद्र पांडे जिला पूर्व जिला अध्यक्ष दिलीप मिश्रा हरबंस तिवारी रमेश शुक्ला पंकज सोनी. शुभम सोनी अयोध्या प्रसाद कुशवाहा राजेंद्र बुंदेला सहित जिला और ब्लॉक स्तर के अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि होली का यह त्यौहार हमें आपसी मतभेद भुलाकर प्रेम और सौहार्द के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी का आभार व्यक्त किया।2
- *बदेरा पुलिस पर फिर गंभीर आरोप, पैर तोड़ कांड के बाद अब हाथ तोड़ने का मामला चर्चा में* मैहर जिले की बदेरा पुलिस पर लगे पैर तोड़ कांड का आक्रोश अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब हाथ तोड़ने का नया मामला सामने आ गया है। शनिवार को एक पीड़ित व्यक्ति पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और अपनी आपबीती सुनाई। उसने आरोप लगाया कि पुलिस की मारपीट से उसका हाथ टूट गया। घटना के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। पीड़ित के बयान का वीडियो भी सामने आया है, जिसकी जांच की मांग की जा रही है1
- gram post bigaudi tahshil amarpatan district Maihar Madhya pradesh me tuta huaa हैंड पंप है जो 1 साल से इसी तरह है अभी तक बनाया नहीं गया कृपया जल्दी निवारण करे1
- नगरीय विकास एवं आवास मंत्री तथा सतना जिले के प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विकास कार्यो की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, विधायक चित्रकूट श्री सुरेंद्र सिंह गहरवार, महापौर श्री योगेश ताम्रकार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रामखेलावन कोल, उपाध्यक्ष श्रीमती सुष्मिता सिंह,नगर निगम अध्यक्ष श्री राजेश चतुर्वेदी, जिलाध्यक्ष श्री भगवती प्रसाद पाण्डेय,कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक श्री हंसराज सिंह, डीएफओ श्री मयंक चांदीवाल, आयुक्त नगर निगम श्री शेर सिंह मीना,सीईओ जिला पंचायत श्री शैलेंद्र सिंह, अपर कलेक्टर श्री विकास सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।1
- *आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़े परिजन, हत्या के तीसरे दिन हुआ शव का अग्नि संस्कार,* मैहर के वार्ड न.4 हरदुआ मे 8 मार्च को शाम 4 बजे मृतक के साथ हुई थी घटना, परिजन के अनुसार जमीन के एग्रीमेंट के बाद बिना पैसे के रजिस्ट्री करने का बना रहे थे दबाव जिसके बाद मोतीलाल कुशवाहा व उसके चार भाइयो ने घर मे घुसकर की थी मारपीट, हाथपाई करने के दौरान विष्णुनाथ कुशवाहा की गयी जान, संस्कार के दौरान पुलिस रही मौजूद, लोगों में आक्रोश1