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पाली जिले के बाली पुलिस थाना क्षेत्र के मुडारा गांव में, होल माताजी भवन से जुड़े एक मामले को लेकर, आपसी रिश्तेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने की कृपा करने की मांग की गई है।
हिम्मत राम जणवा चौधरी
पाली जिले के बाली पुलिस थाना क्षेत्र के मुडारा गांव में, होल माताजी भवन से जुड़े एक मामले को लेकर, आपसी रिश्तेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने की कृपा करने की मांग की गई है।
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- श्रीमती गुलाबी नामक एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि राजस्थान में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और उनके अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है। उन्होंने बताया कि 10 जून 2026 को उन्होंने बाली पुलिस थाना में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन पुलिस थाने में महेंद्र सिंह ने उनकी FIR दर्ज नहीं की और उन्हें केवल एक रसीद थमा दी। इसके बाद, 17 जून 2026 को उन्होंने पाली के अधीक्षक महोदय से संपर्क किया, फिर भी पंचों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। गुलाबी जी का कहना है कि पंचों के खिलाफ ऑडियो और वीडियो सबूत देने के बावजूद भी कार्रवाई नहीं हुई, और कागजों में की गई कार्रवाई से उन्हें कोई संतुष्टि नहीं मिली। गुलाबी जी ने यह भी उल्लेख किया कि 12 जनवरी 2026 की एक FIR संख्या 10 पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद, उनके ससुर नवाराम जी कुछ रिश्तेदारों और पंचों के साथ मिलकर उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं। वे आशाराम के घर से कागज भेजकर जवाब दे रहे हैं और पंच समाज में उन्हें बदनाम करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इन हरकतों में उनके परिवार का "हुका पानी बंद करना" और उनके पिता व भाई को मानसिक तनाव देना शामिल है। पंचों से लगातार परेशान होने के कारण, श्रीमती गुलाबी ने न्यूज़ मीडिया से इस मामले को उठाने की कृपा करने का अनुरोध किया है और उन्होंने इस संबंध में वीडियो भी भेजे हैं। गुलाबी जी की पहचान श्रीमती गुलाबी पत्नी तुषार, पुत्री मोटाराम जी, उम्र 28 वर्ष, जाति जणवा चौधरी, निवासी मुंडारा होल गांव पातावा के रूप में की गई है।4
- सुमेरपुर में 27 जून को चारभुजा से बाड़मेर जा रही राजस्थान रोडवेज की एक बस में सादड़ी के पास फ्लाइंग टीम ने अचानक निरीक्षण किया। इस जांच के दौरान, देसूरी से सांडेराव की यात्रा कर रहे दो यात्री बिना वैध टिकट के सफर करते पाए गए। नियमों का उल्लंघन करने पर बस परिचालक वासनाराम चौधरी ने दोनों यात्रियों से नियमानुसार किराए का 10 गुना जुर्माना वसूल किया। इस कार्रवाई के बाद यात्रियों को टिकट जारी कर उनकी आगे की यात्रा सुनिश्चित की गई। यह कार्रवाई राजस्थान रोडवेज द्वारा समय-समय पर बिना टिकट यात्रा रोकने और राजस्व हानि को कम करने के उद्देश्य से फ्लाइंग टीमों के माध्यम से चलाए जाने वाले विशेष जांच अभियानों का हिस्सा है। रोडवेज के नियमों के अनुसार, प्रत्येक यात्री के लिए यात्रा शुरू करते ही टिकट लेना अनिवार्य है। बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर संबंधित यात्री से निर्धारित प्रावधानों के तहत जुर्माना वसूला जाता है। रोडवेज प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे बस में चढ़ते ही अपना टिकट अवश्य लें और अपनी पूरी यात्रा के दौरान उसे सुरक्षित अपने पास रखें।3
- सरूपगंज के रोहिड़ा रोड स्थित श्री काशी विश्वनाथ गौशाला सेवा समिति की वार्षिक आम सभा का आयोजन शनिवार को किया गया। यह सभा प्रशासक एवं उप तहसीलदार भांवरी तथा गौशाला अध्यक्ष लालदास महाराज के सानिध्य में आयोजित हुई। इस दौरान समिति ने सर्वसम्मति से गौशाला की नई कार्यकारीणी के गठन का प्रस्ताव लिया, साथ ही गौशाला के विकास और गौ चिकित्सालय व्यवस्था के सुचारू संचालन पर भी व्यापक चर्चा की गई। सभा में उप तहसीलदार रूपाराम मेघवाल (जो गौशाला के प्रशासक भी हैं) और पटवारी अनिल कुमार परवारी को दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया। उपस्थित सदस्यों ने वर्तमान संचालक लालदास महाराज को ही पुनः गौशाला का संचालक एवं अध्यक्ष बनाने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया, जो तब तक प्रभावी रहेगा जब तक स्थाई समिति का गठन नहीं हो जाता। इसके अतिरिक्त, महंत सनकादिक शरण महाराज आबावेरी को गौशाला का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया, और उन्हें बैंक एवं राजकार्यों के लिए अध्यक्ष तथा प्रशासक के साथ तीसरे हस्ताक्षरकर्ता के रूप में भी नियुक्त किया गया है। गौशाला की नई कार्यकारीणी इस प्रकार रहेगी: अध्यक्ष श्री लालदास महाराज, उपाध्यक्ष सनकादिक शरण महाराज आबावेरी, सचिव लक्ष्मणसिंह गुजराल, सहसचिव धनदास वैष्णव, कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, व्यवस्थापक मांगीलाल कलबी, और सह कोषाध्यक्ष मोहनलाल एम. कलबी। सदस्यगणों में अशोक सुथार, शेरसिंह, पवन जोशी, अनिल कुमार, विनोद दवे, रूपचंद अग्रवाल, मोहनलाल पटेल, गोपाल प्रजापत और संजय प्रजापत सहित अन्य सदस्यों को मनोनीत किया गया है।2
- राजस्थान के सिरोही जिले के मंडवारिया गाँव में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर मृत्युभोज में घी के मालपुए न बनाने के कारण समाज के पंचों ने कुल 43 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है। यह आरोप लगाया गया है कि एक परिवार ने अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण मृत्युभोज में परंपरा के अनुसार घी के मालपुए नहीं बनाए और साधारण भोजन ही परोसा। इसी बात से नाराज होकर समाज के एक दर्जन से अधिक पंचों ने बैठक कर मृत्युभोज कराने वाले परिवार सहित इन 43 परिवारों को समाज से बहिष्कृत करने का फरमान सुना दिया। बहिष्कार के बाद पीड़ित परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि गाँव में अब कोई उनसे बातचीत नहीं करता, उन्हें कई जगहों पर मजदूरी नहीं मिल रही, और सामाजिक कार्यक्रमों से भी दूर रखा जा रहा है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, यहाँ तक कि दुकानों से राशन मिलने में भी समस्या आ रही है। एक पीड़ित परिवार ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण घी के मालपुए नहीं बनाए गए थे, जिसके बाद समाज के पंचों ने उन्हें समाज से बाहर कर दिया, जिससे उन्हें गाँव में कोई काम नहीं मिल रहा और न ही कोई उनसे बात कर रहा है। इन परिवारों ने समाज के कई पंचों के खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कार्रवाई न होने से निराश होकर सभी 43 परिवारों के सदस्य जिला मुख्यालय पहुँचे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। एक अन्य पीड़ित ने सवाल उठाया, "घी के मालपुए नहीं बनाए तो क्या हम इंसान नहीं रहे? हमारी बहू-बेटियों से भी लोग बात नहीं कर रहे हैं। प्रशासन हमें न्याय दिलाए।" कानूनी जानकारों के अनुसार, सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई व सजा का प्रावधान है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में प्रशासन और पुलिस क्या कार्रवाई करती है।1
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- पाली में आर्य समाज और आर्य वीर दल पाली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'आत्मरक्षा एवं चरित्र निर्माण प्रशिक्षण शिविर' के अंतिम दिन शनिवार, 28 जून को शिविरार्थियों ने मानपुरा भाकरी स्थित जलदाय विभाग के फिल्टर प्लांट का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान बच्चों ने यह जानने का प्रयास किया कि उनके घरों तक शुद्ध पेयजल कैसे पहुँचता है। जलदाय विभाग के अधिशासी अभियंता कानसिंह राणावत ने बच्चों को प्लांट की प्रत्येक इकाई का निरीक्षण करवाकर जल शुद्धिकरण एवं वितरण की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने लगभग दो घंटे तक बच्चों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए। इस अवसर पर शिक्षक जीवनलाल आर्य, हनुमान आर्य, आर्य वीर दल अध्यक्ष दिलीप परिहार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। शैक्षणिक भ्रमण के बाद, शिविरार्थियों ने अपना नियमित प्रशिक्षण प्राप्त किया।1
- राजस्थान के सिरोही जिले के मंडवारिया गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर एक परिवार ने मृत्युभोज में आर्थिक तंगी के कारण घी के मालपुए नहीं बनाए। इस बात से नाराज होकर समाज के पंचों ने एक दर्जन से अधिक की संख्या में बैठक कर उस परिवार सहित कुल 43 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार करने का फरमान सुना दिया। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि इस फरमान के बाद उनका हुक्का-पानी बंद कर दिया गया है। गांव में उनसे कोई बातचीत नहीं कर रहा, मजदूरी नहीं मिल रही और दुकानों से राशन तक देने से मना किया जा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। एक पीड़ित परिवार ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि आर्थिक तंगी के चलते घी के मालपुए नहीं बनाने पर उन्हें समाज से बाहर कर दिया गया और अब काम भी नहीं मिल रहा। एक अन्य पीड़ित ने भावुक होकर पूछा कि घी के मालपुए नहीं बनाए तो क्या वे इंसान नहीं रहे और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित परिवारों ने समाज के कई पंचों के खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन उनका दावा है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कार्रवाई न होने से निराश होकर, सभी 43 परिवारों के सदस्य जिला मुख्यालय पहुंचे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की। कानूनी जानकारों के अनुसार, सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार कानूनन अपराध है और इसमें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। इस मामले में प्रशासन और पुलिस क्या कदम उठाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- एजुकेशन और एग्जाम सिस्टम में सुधार की मांग को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी अभियान 'छात्रों की गूंज' के तहत शनिवार को पाली के बाड़सा रिसोर्ट में एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कोटा में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा आयोजित 'छात्रों की गूंज' संवाद कार्यक्रम का बड़ी एलईडी स्क्रीन पर सीधा प्रसारण किया गया। इस अवसर पर शिक्षा, रोजगार, परीक्षा प्रणाली और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर छात्रों द्वारा उठाए गए सवालों और राहुल गांधी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिशुपालसिंह निम्बाड़ा और विधायक भीमराज भाटी ने छात्रों और युवाओं से इस अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'छात्रों की गूंज' केवल एक राजनीतिक अभियान नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की एक महत्वपूर्ण लड़ाई है, जिसमें सभी को अपने अधिकारों की लड़ाई में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान स्टूडेंट्स ने भी अपनी समस्याओं को खुलकर साझा किया। कॉलेज छात्रा कुसुम ने बताया कि सेमेस्टर प्रणाली के कारण छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और अच्छे पेपर होने के बावजूद भी उन्हें बैक मिल रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निजी कॉलेजों में फीस और अन्य भुगतानों के नाम पर छात्रों की डिग्रियाँ अक्सर रोक दी जाती हैं। इसी प्रकार, प्रथम वर्ष की छात्रा हिमांशी शर्मा ने बताया कि अच्छी तैयारी के बावजूद उन्हें दो विषयों में शून्य अंक देकर बैक लगा दी गई, और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी समस्या कई अन्य स्टूडेंट्स के साथ भी हुई है, जिससे परीक्षा प्रणाली में तत्काल सुधार की आवश्यकता है। छात्र रूद्रास और खुशवीर ने भी शिक्षा और परीक्षा से जुड़ी अपनी विभिन्न समस्याओं को कार्यक्रम में रखा। इस संवाद कार्यक्रम में स्टूडेंट्स और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अलावा मेहबूब टी, मंगलाराम चौधरी बाड़सा, जोगाराम सोलंकी, आनंद सोलंकी, यशपालसिंह शिवतलाव, गुलाबसिंह गिरवर, सीताराम टांक, गोबिंद बंजारा, राकेश मेवाड़ा, महेश जोशी, भेरूसिंह सोनाणा, महावीर कटारिया, ताराचन्द चन्दनानी, विकास राठौड़, गोरधन प्रजापत, दिनेश दवे, मोहनसिंह गुडलाई, वागाराम विश्नोई, पूनमचंद विश्नोई, चन्द्रपाल सिंह पुनायता, मगराज सोनी, फारुख रंगीला, साबिर अशरफी, मांगीलाल सोलंकी, संजय परमार, असगर कुरेशी, धनराज लौहार, विक्रम राठौड़ और मांगीलाल सोलंकी सहित कई कांग्रेस जन उपस्थित रहे।4
- मध्य प्रदेश के उज्जैन में मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। जुलूस के बीच एक कार में विस्फोटक सामग्री रखी गई, फिर उसे एक क्रेन की मदद से ऊपर लटकाया गया और बाद में धमाके के साथ उड़ा दिया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद भीड़ कथित तौर पर 'अल्लाहु अकबर' के नारे लगा रही थी। घटना को लेकर सवाल उठाए गए हैं कि क्या ये 'डरे हुए मुसलमान' हैं, और आखिर ये 'कट्टरपंथी मुसलमान' ऐसी हरकतों से क्या दिखाना चाहते हैं।1