मध्य प्रदेश सरकार जहां एक तरफ आगामी मानसून सत्र में प्रदेश में यूसीसी (समान नागरिक संहिता) लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है और अपनी मंशा जाहिर कर चुकी है, वहीं दूसरी तरफ इसके विरोध में भी सुर बुलंद होने लगे हैं। इस प्रस्तावित कानून को संविधान, शरीयत और देश की विविधता में एकता के खिलाफ मानते हुए भोपाल सहित प्रदेश की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने एकजुट होकर एक 'ज्वाइंट एक्शन कमेटी' का गठन किया है। इस नवनिर्मित कमेटी ने रविवार को राजधानी भोपाल में एक कार्यक्रम आयोजित कर इस कानून को देश की प्रचलित व्यवस्था के खिलाफ बताया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि समानता की बात कहकर इस नए कानून को थोपा जा रहा है, लेकिन असल में इसमें आदिवासियों, एससी, एसटी और अल्पसंख्यकों को पूरी तरह दरकिनार किया जा रहा है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि खासतौर से मुस्लिम समाज को शरीयत से अलग करने की कोशिश की जा रही है और सरकार के इस मनमाने व हठधर्मिता वाले रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वक्ताओं ने भावुक और कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि देश का मुसलमान 'बाय चॉइस' भारत में रुका है और उसके बुजुर्गों ने भी इस देश की आजादी के लिए अपना खून बहाया है। जब मुस्लिम समाज एक ऐसे मुल्क में नहीं गया जहां उसको मजहबी आजादी हासिल थी, तो वह अब अपने ही देश में इस तरह की पाबंदियों को कतई कुबूल नहीं करेगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यूसीसी उन कुर्बानियों का मजाक है, जो हमारे बुजुर्गों ने देश की आजादी के लिए दी हैं। इस विरोध कार्यक्रम में कई संगठनों से जुड़े प्रमुख लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में सीनियर एडवोकेट सैयद साजिद अली, पूर्व महापौर दीपचंद यादव, पूर्व डीजीपी एमडब्ल्यू अंसारी, अंतर्राष्ट्रीय शायर विजय तिवारी, एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान, काजी सैयद अनस अली नदवी, तौकीर निजामी, हाफिज मुजाहिद अली खान, मोहम्मद माहिर और सरवत जैदी आदि मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश सरकार जहां एक तरफ आगामी मानसून सत्र में प्रदेश में यूसीसी (समान नागरिक संहिता) लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है और अपनी मंशा जाहिर कर चुकी है, वहीं दूसरी तरफ इसके विरोध में भी सुर बुलंद होने लगे हैं। इस प्रस्तावित कानून को संविधान, शरीयत और देश की विविधता में एकता के खिलाफ मानते हुए भोपाल सहित प्रदेश की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने एकजुट होकर एक 'ज्वाइंट एक्शन कमेटी' का गठन किया है। इस नवनिर्मित कमेटी ने रविवार को राजधानी भोपाल में एक कार्यक्रम आयोजित कर इस कानून को देश की प्रचलित व्यवस्था के खिलाफ बताया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि समानता की बात कहकर इस नए कानून को थोपा जा रहा है, लेकिन असल में इसमें आदिवासियों, एससी, एसटी और अल्पसंख्यकों को पूरी तरह दरकिनार किया जा रहा है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि खासतौर से मुस्लिम समाज को शरीयत से अलग करने की कोशिश की जा रही है
और सरकार के इस मनमाने व हठधर्मिता वाले रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वक्ताओं ने भावुक और कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि देश का मुसलमान 'बाय चॉइस' भारत में रुका है और उसके बुजुर्गों ने भी इस देश की आजादी के लिए अपना खून बहाया है। जब मुस्लिम समाज एक ऐसे मुल्क में नहीं गया जहां उसको मजहबी आजादी हासिल थी, तो वह अब अपने ही देश में इस तरह की पाबंदियों को कतई कुबूल नहीं करेगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यूसीसी उन कुर्बानियों का मजाक है, जो हमारे बुजुर्गों ने देश की आजादी के लिए दी हैं। इस विरोध कार्यक्रम में कई संगठनों से जुड़े प्रमुख लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में सीनियर एडवोकेट सैयद साजिद अली, पूर्व महापौर दीपचंद यादव, पूर्व डीजीपी एमडब्ल्यू अंसारी, अंतर्राष्ट्रीय शायर विजय तिवारी, एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान, काजी सैयद अनस अली नदवी, तौकीर निजामी, हाफिज मुजाहिद अली खान, मोहम्मद माहिर और सरवत जैदी आदि मौजूद रहे।
- भोपाल के तलैया थाना क्षेत्र में पवन नाम के एक पुलिसकर्मी पर एक युवक से 50 हजार रुपये मांगने और उसके साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। आरोप के मुताबिक, पुलिसकर्मी ने पीड़ित युवक आदिल को बुधवारा चौराहे पर बुलाकर पैसों की मांग की थी। पैसे देने से इनकार करने पर आदिल के साथ मारपीट की गई और उसे किसी बड़ी कार्रवाई की धमकी भी दी गई। पीड़ित आदिल को मोसिन कचौड़ी और शाहिद कबूतर का करीबी बताया जा रहा है। यह भी आरोप है कि पवन नाम का यह पुलिसकर्मी पहले भी कई बार आदिल के साथ मारपीट की वारदातों को अंजाम दे चुका है।1
- मध्य प्रदेश के पंचायत विभाग में कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार को लेकर एक बड़ा और सनसनीखेज आरोप सामने आया है। विभाग के ही एक हाल ही में निलंबित हुए उपयंत्री ने विभाग के भीतर कथित भ्रष्टाचार और कमीशन व्यवस्था को लेकर बेहद सनसनीखेज दावे किए हैं। निलंबित उपयंत्री का दावा है कि उनके पास इस कथित भ्रष्टाचार से जुड़े पुख्ता सबूत मौजूद हैं, जिन्हें वे जल्द ही उचित मंच पर प्रस्तुत करेंगे। हालांकि, इन गंभीर आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इस मामले में जांच का अंतिम निष्कर्ष आना अभी बाकी है। इस बड़े खुलासे के बाद अब यह सवाल बना हुआ है कि क्या विभाग में कोई बड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- दतिया विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी द्वारा लिए गए निर्णय पर मध्य प्रदेश शासन के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस चुनाव को लेकर जो भी निर्णय हुआ है, वह पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी का निर्णय है और सभी लोग मिलकर उस निर्णय को शिरोधार्य करते हैं। उनके अनुसार, संगठन ही सबसे सर्वोपरि है और पार्टी के सभी कार्यकर्ता संगठन के इस फैसले का सम्मान करेंगे। इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि यदि इस निर्णय को लेकर किसी भी प्रकार का कोई विषय खड़ा होता है, तो उसका निराकरण पार्टी स्तर पर ही बैठकर किया जाएगा।1
- भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र में एक महिला का घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से सनसनी फैल गई है। मृतका की पहचान मथरी बाई उर्फ ममता के रूप में हुई है। मृतका के शरीर पर पुलिस को कई चोटों के निशान मिले हैं, और उनका एक कान भी कटा हुआ पाया गया है। इस घटना को लेकर परिजनों ने लूट के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई है। फिलहाल पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए पुलिस द्वारा आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं और मामले की हर पहलू से जांच जारी है।1
- भोपाल के तलैया थाना क्षेत्र में पवन नाम के एक पुलिसकर्मी पर युवक से ₹50,000 की मांग करने और उसके साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। आरोप है कि पुलिसकर्मी पवन ने युवक आदिल को बुधवारा चौराहे पर बुलाकर पैसों की मांग की थी। पैसे नहीं देने पर आदिल के साथ मारपीट की गई और उसे बड़ी कार्रवाई की धमकी भी दी गई। बताया जा रहा है कि पीड़ित आदिल, मोसिन कचौड़ी और शाहिद कबूतर का करीबी है। यह भी आरोप है कि पुलिसकर्मी पवन पहले भी कई बार आदिल के साथ मारपीट कर चुका है।1
- दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। इस बीच, नाराज चल रहे पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा मुख्यमंत्री निवास पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री मोहन यादव से हुई। इस बैठक में उनके साथ संगठन के लोग और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे, जिनके बीच एक लंबी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री निवास से मुलाकात कर बाहर निकले नरोत्तम मिश्रा ने साफ किया कि वह पार्टी का पूरा साथ देंगे और नामांकन प्रक्रिया में भी शामिल होने जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि नाराज कार्यकर्ताओं को भी पूरी तरह समझा दिया गया है।1
- मध्य प्रदेश सरकार जहां एक तरफ आगामी मानसून सत्र में प्रदेश में यूसीसी (समान नागरिक संहिता) लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है और अपनी मंशा जाहिर कर चुकी है, वहीं दूसरी तरफ इसके विरोध में भी सुर बुलंद होने लगे हैं। इस प्रस्तावित कानून को संविधान, शरीयत और देश की विविधता में एकता के खिलाफ मानते हुए भोपाल सहित प्रदेश की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने एकजुट होकर एक 'ज्वाइंट एक्शन कमेटी' का गठन किया है। इस नवनिर्मित कमेटी ने रविवार को राजधानी भोपाल में एक कार्यक्रम आयोजित कर इस कानून को देश की प्रचलित व्यवस्था के खिलाफ बताया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि समानता की बात कहकर इस नए कानून को थोपा जा रहा है, लेकिन असल में इसमें आदिवासियों, एससी, एसटी और अल्पसंख्यकों को पूरी तरह दरकिनार किया जा रहा है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि खासतौर से मुस्लिम समाज को शरीयत से अलग करने की कोशिश की जा रही है और सरकार के इस मनमाने व हठधर्मिता वाले रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वक्ताओं ने भावुक और कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि देश का मुसलमान 'बाय चॉइस' भारत में रुका है और उसके बुजुर्गों ने भी इस देश की आजादी के लिए अपना खून बहाया है। जब मुस्लिम समाज एक ऐसे मुल्क में नहीं गया जहां उसको मजहबी आजादी हासिल थी, तो वह अब अपने ही देश में इस तरह की पाबंदियों को कतई कुबूल नहीं करेगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यूसीसी उन कुर्बानियों का मजाक है, जो हमारे बुजुर्गों ने देश की आजादी के लिए दी हैं। इस विरोध कार्यक्रम में कई संगठनों से जुड़े प्रमुख लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में सीनियर एडवोकेट सैयद साजिद अली, पूर्व महापौर दीपचंद यादव, पूर्व डीजीपी एमडब्ल्यू अंसारी, अंतर्राष्ट्रीय शायर विजय तिवारी, एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान, काजी सैयद अनस अली नदवी, तौकीर निजामी, हाफिज मुजाहिद अली खान, मोहम्मद माहिर और सरवत जैदी आदि मौजूद रहे।2