Shuru
Apke Nagar Ki App…
पलेरा जतारा मार्ग पर महिलाओं ने अवैध शराब की बिक्री के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। इसी क्रम में महिलाओं ने सड़क पर चक्का जाम कर अपना विरोध दर्ज कराया।
बुंदेली संवाद न्यूज
पलेरा जतारा मार्ग पर महिलाओं ने अवैध शराब की बिक्री के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। इसी क्रम में महिलाओं ने सड़क पर चक्का जाम कर अपना विरोध दर्ज कराया।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर विवादों में घिर गया है, जहाँ मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा और डॉक्टरों के बीच चल रहे विवाद का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश प्रमुख सचिव राम रतन दीक्षित और उनकी टीम ने इन शिकायतों के बाद अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और अव्यवस्थाओं को अपनी आँखों से देखने के बाद सीएमएचओ डॉक्टर अनुरागी को भी अवगत कराया। आरोप है कि डॉक्टर मुकेश साहू, जिनका बंधपत्र अप्रैल 2026 में समाप्त हो चुका है, वे अब भी ओपीडी में बैठकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं और सरकारी क्वार्टर में निवास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त की है कि ऐसी स्थिति में यदि किसी मरीज की हालत बिगड़ती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। इसके अतिरिक्त, मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों के बजाय बाहर की कमीशन वाली दवाइयां लिखी जा रही हैं, जिससे गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों के बीच लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण मरीजों को भीषण गर्मी में घंटों भटकना पड़ता है। मरीजों और उनके परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर टी-शर्ट और चप्पल पहने हुए थे, जिससे उन्हें पहचानना मुश्किल हो रहा था। इस पूरे मामले में डॉ. अंकित राजपूत और डॉ. महेंद्र पटेल के नाम भी चर्चा में हैं। कुछ दिनों पहले अस्पताल परिसर में डॉक्टर के चेंबर में एक आवारा कुत्ते के आराम करते हुए फोटो सामने आने के बाद स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अस्पताल में साफ-सफाई और अनुशासन की स्थिति बेहद खराब है, और जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।2
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के बम्होरी कलां थाना क्षेत्र में अवैध शराब की खुलेआम बिक्री के विरोध में महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। महिलाओं ने पलेरा-जतारा रोड पर घंटों तक जाम लगाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया, जिसके चलते सड़क पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा। ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र के गांव-गांव में अवैध शराब परोसी जा रही है, जिसने सरकार के 'नशा मुक्ति अभियान' को पूरी तरह मज़ाक बना दिया है। पुलिस द्वारा समझाइश दिए जाने के बाद ही जाम खोला जा सका और यातायात सुचारु हो पाया। यह घटना स्थानीय स्तर पर अवैध शराब के व्यापक प्रसार और इसके खिलाफ जनता के बढ़ते असंतोष को उजागर करती है।1
- टीकमगढ़ जिले के अजनौर में गरीबों के हक पर डाका डालने का मामला सामने आया है। यहां एक राशन की दुकान को सील कर दिया गया है, जहाँ से 119 क्विंटल अनाज गायब पाया गया है। यह कार्रवाई गरीबों के लिए आए अनाज की कथित हेराफेरी को लेकर की गई है।1
- टीकमगढ़ शहर के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। शहर के चहुंमुखी विकास और जनहित के कार्यों को गति देने के उद्देश्य से 34 करोड़ रुपये की एक वृहद विकास योजना प्रस्तावित की गई थी, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है। इस बड़ी सौगात से टीकमगढ़ के विकास को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है। इस कदम के लिए एक पूर्व विधायक ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।1
- पलेरा जतारा मार्ग पर महिलाओं ने अवैध शराब की बिक्री के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। इसी क्रम में महिलाओं ने सड़क पर चक्का जाम कर अपना विरोध दर्ज कराया।1
- पलेरा-जतारा मार्ग पर महिलाओं ने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। यह कार्रवाई कुड़याला गांव में अवैध शराब की बिक्री के विरोध में की गई, जिसके कारण महिलाओं ने रास्ता अवरुद्ध कर दिया।1