Shuru
Apke Nagar Ki App…
fhchchsvwj.hkwgiwvywjetuw.hdje hii wigwue jb eu ueuy oh gf su uei
Azeem
fhchchsvwj.hkwgiwvywjetuw.hdje hii wigwue jb eu ueuy oh gf su uei
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- बिल्सी के गांव बेहटाजवी निवासी रामचंद्र वैध, जो पहले मोच और सामान्य शारीरिक समस्याओं का इलाज करते थे, आजकल अपने बढ़ते और गंभीर दावों के कारण चर्चा और सवालों के घेरे में हैं। सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के बाद, उनकी पहचान एक साधारण वैध से बदलकर "गुरु जी" के रूप में हो गई है। जिस काजल शाक्य नामक लड़की ने उन्हें वायरल किया था, उसी ने अब उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे उनके दावों की सच्चाई पर "सच या छल" का सवाल उठ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पहले केवल हाथ-पैर और गर्दन की मोच देखने वाले वैध जी अब दुआ, आशीर्वाद और कथित चमत्कारों के जरिए कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों सहित गंभीर रोगों को ठीक करने का दावा कर रहे हैं। इन दावों का कोई वैज्ञानिक या चिकित्सकीय प्रमाण सामने नहीं आया है। साथ ही, पहले निःशुल्क सेवा का दावा करने वाले वैध जी के यहां अब दान पात्र रखा जाने लगा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह सेवा है या श्रद्धा और मजबूरी का आर्थिक लाभ उठाने का माध्यम। क्षेत्र के कई जागरूक लोगों का मानना है कि बीमारी से परेशान लोग उम्मीद में ऐसे बड़े-बड़े दावों का शिकार बन सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी स्पष्ट किया है कि कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार आधुनिक चिकित्सा पद्धति से ही संभव है, और ऐसे मामलों में चमत्कारिक इलाज के दावों पर भरोसा करना मरीज की जान के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। यह सवाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से भी पूछा जा रहा है कि क्या खुलेआम किए जा रहे इन गंभीर दावों की जांच होगी, या आस्था के नाम पर ये दावे ऐसे ही चलते रहेंगे। रिपोर्ट इंडिया टीवी 24 न्यूज ब्यूरो चीफ बदायूं विवेक चौहान की है, जिसमें यह भी रेखांकित किया गया है कि आस्था रखना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन आस्था के नाम पर झूठे दावे कर लोगों को गुमराह करना समाज और मरीजों दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है।1
- आजकल सोशल मीडिया पर चंद्रमा और मंगल के एक साथ मिलने को लेकर काफी चर्चा हो रही है। इस खगोलीय घटनाक्रम को भविष्य के लिए शुभ संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे लोगों के जीवन में कुछ अच्छा होने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- जनपद बदायूँ में गौवंशों की लगातार हो रही मौतों ने स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्तमान जिलाधिकारी की गौवंशों के प्रति निष्क्रियता का खामियाजा गौशालाओं में गौवंश भुगत रहे हैं। यह मामला बदायूँ के विकास खण्ड वजीरगंज के उरैना गांव स्थित गौशाला से जुड़ा है, जहाँ गौशालाओं के नाम पर गौवंशों की भयानक दुर्दशा सामने आई है। गौशालाओं में लापरवाही चरम पर पहुँच गई है, और इसके बावजूद गौशाला संचालकों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती। गौवंशों की इस स्थिति को लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं में उझानी-कछला मार्ग पर एक भीषण सड़क हादसे में पांच महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दर्दनाक घटना तब हुई जब ये सभी लोग एक भात मांगने की रस्म में शामिल होने के लिए ई-रिक्शा से जा रहे थे, जिससे शादी समारोह की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। जानकारी के अनुसार, जिस ई-रिक्शा में ये लोग सवार थे, वह तेज टक्कर का शिकार हो गया, जिसके परिणामस्वरूप यह बड़ा हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, पुलिस मौके पर पहुँचकर मामले की जांच में जुट गई है। इस हृदय विदारक हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है, और स्थानीय लोग इस अप्रत्याशित घटना से स्तब्ध हैं।1
- यह प्रश्न उठाया गया है कि पीयूष भैया ने जो बात कही थी, वह कितनी सही थी।1
- उझानी थाना क्षेत्र में बरेली-मथुरा मार्ग पर करुआ पुल के पास आमने-सामने से दो बाइकों की टक्कर हो गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एम्बुलेंस के जरिए उझानी के सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया। एक व्यक्ति की मौत की खबर मिलते ही उसके परिजनों में कोहराम मच गया।4
- रूदायन नगर में स्थित एक देवालय में प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम संपन्न होने के उपरांत एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह देवालय, जो मूल रूप से राधा कृष्ण के नाम से जाना जाता था और अब साईं मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है, का पुनर्निर्माण और मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्य नगर के समाजसेवियों रामनाथ रस्तोगी जी, प्रभु रस्तोगी जी, नारायण रस्तोगी जी और रामेश्वर रस्तोगी जी द्वारा करवाया गया। सफेद पत्थर से बना यह चमचमाता देवालय किसी तीर्थ स्थल से कम नहीं लगता। विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनेक दैवीय रूपों की प्राण-प्रतिष्ठा कराई। इसके बाद निकाली गई आकर्षक शोभायात्रा में पीतल बैंड की धुन पर देवी-देवताओं की मूर्ति रूप और रंग-बिरंगी पोशाक में सजे पुरुष और महिलाओं ने नगर की भलाई के लिए उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस मंगलमय अवसर पर नगर पंचायत कार्यालय की ओर से भी विशेष व्यवस्थाएं की गईं। शोभायात्रा में शामिल भक्तों के मार्ग पर साफ-सफाई, जल छिड़काव और भगवान की बारात के स्वागत में चूना डलवाया गया। इसके साथ ही, नगर के विभिन्न स्थानों पर भक्तों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई; राजपुर रोड स्थित नत्थूलाल गुप्ता ने आइसक्रीम, मुरली मनोहर गुप्ता ने हलवा, तथा मेडिकल के सामने खुले चौक के बीचों-बीच अंकित गुप्ता, मोनू गुप्ता और रमन गुप्ता आदि ने भक्तों को जलपान कराकर उनकी थकान दूर की। शोभायात्रा के दौरान नगर में जगह-जगह सामूहिक रूप से फूलों की वर्षा की गई। इस अवसर पर दीपक गुप्ता, चुनमुन गुप्ता, किसन रस्तोगी, अंकित गुप्ता, मोनू गुप्ता, मृदुल गुप्ता, नत्थू लाल गुप्ता, मा. रामप्रकाश गुप्ता सहित सैकड़ों भक्तगण मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं में बदायूं-मथुरा मार्ग पर आज दोपहर एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर और ई-रिक्शा की भीषण भिड़ंत हो गई, जिसमें पांच महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक हादसे में चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए और पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा उझानी कोतवाली क्षेत्र के कछला के पास हुआ। ई-रिक्शा में सवार ये महिलाएं एक वैवाहिक कार्यक्रम के तहत 'भात' की रस्म निभाने जा रही थीं। उनका हंसी-खुशी और गीतों से भरा सफर चंद पलों में ही मातम में बदल गया। जैसे ही हादसे की खबर गांव और शादी वाले घर पहुंची, खुशियां मातम में तब्दील हो गईं और पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना के बाद आरोपी ट्रैक्टर चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।1