प्रतापगढ़ जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र के हथनी कुंडी गांव में एक जमीनी विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर कुल्हाड़ी और लाठियों से जानलेवा हमला किया, जिससे छह महिला-पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही 108 एम्बुलेंस और पुलिस की 112 टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के अगले दिन देवगढ़ थाना पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए। देवगढ़ थाना अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर एक क्रॉस केस बनाया गया है, और मामले की जांच जारी है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि उन पर जानलेवा हमला किया गया है। वे मांग कर रहे हैं कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की हत्या के प्रयास से संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाए और उनकी तत्काल गिरफ्तारी हो। पीड़ित पक्ष ने जिन लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया है, उनमें अशोक (अध्यापक), देवीलाल (लाइनमैन), शंकरलाल (होमगार्ड), विजयपाल मीणा (पशु चिकित्सक), हरीश मीणा, विक्रम मीणा, सुनील मीणा और दिलीप मीणा सहित अन्य शामिल हैं।
प्रतापगढ़ जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र के हथनी कुंडी गांव में एक जमीनी विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर कुल्हाड़ी और लाठियों से जानलेवा हमला किया, जिससे छह महिला-पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही 108 एम्बुलेंस और पुलिस
की 112 टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के अगले दिन देवगढ़ थाना पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए। देवगढ़ थाना
अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर एक क्रॉस केस बनाया गया है, और मामले की जांच जारी है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि उन पर जानलेवा हमला किया गया है। वे मांग कर रहे हैं कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की हत्या के प्रयास से
संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाए और उनकी तत्काल गिरफ्तारी हो। पीड़ित पक्ष ने जिन लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया है, उनमें अशोक (अध्यापक), देवीलाल (लाइनमैन), शंकरलाल (होमगार्ड), विजयपाल मीणा (पशु चिकित्सक), हरीश मीणा, विक्रम मीणा, सुनील मीणा और दिलीप मीणा सहित अन्य शामिल हैं।
- नीमच में महावीर इंटरनेशनल ने अपने 52वें स्थापना दिवस पखवाड़े के तहत जिला अस्पताल में एक 'जल मंदिर' का उद्घाटन किया है। इस पहल के माध्यम से, अस्पताल में भर्ती मरीजों को अब शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।1
- डूंगला में जिला विशेष टीम (डीएसटी) और मंगलवाड़ थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 2800 लीटर चोरी का अवैध केमिकल जब्त किया है, जिसके संबंध में चार आरोपियों के खिलाफ नामजद प्रकरण दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई जिला रसद विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में की गई, जिसके बाद आगे की जांच शुरू कर दी गई है। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा के निर्देशन तथा वृताधिकारी बड़ीसादड़ी हरिश्चन्द्र सिंह के सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई। डीएसटी प्रभारी एएसआई सुरज कुमार से मिली सूचना के आधार पर थानाधिकारी मंगलवाड़ भगवानलाल ने अपने जाप्ते के साथ छापरी सरहद में दबिश दी। इस दौरान एक बाड़े से कुल 28 ड्रमों में लगभग 2800 लीटर चोरी का अवैध केमिकल बरामद किया गया। इनमें से 7 ड्रमों में करीब 1400 लीटर तथा शेष 21 ड्रमों में औसतन 50 से 80 लीटर केमिकल भरा हुआ था। जिला रसद कार्यालय के अधिकारी हिमांशु जोशी की उपस्थिति में इस केमिकल को जब्त किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह चोरी का अवैध केमिकल चित्तौड़गढ़-उदयपुर नेशनल हाईवे स्थित राजहंस होटल के पीछे ट्रकों से उतारा जा रहा था। मामले में चार आरोपियों के विरुद्ध नामजद प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में मंगलवाड़ थाना पुलिस टीम से थानाधिकारी भगवानलाल, एसआई गोकुललाल, एएसआई भैरूलाल तथा कांस्टेबल टंवर सिंह, श्रीभान सिंह, गजेन्द्र सिंह एवं भैरूलाल शामिल रहे। वहीं, डीएसटी टीम में एएसआई सुरज कुमार के साथ कांस्टेबल वीरेंद्र, देवेंद्र, रामकेश, सुरेश सुंडा, जगदीश, अरविंद, अशोक एवं कृष्णकांत ने भाग लिया। जिला रसद कार्यालय, चित्तौड़गढ़ से हिमांशु जोशी एवं विजय थालोड़ भी इस कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे।4
- कुशलगढ़ नगर पालिका द्वारा आयोजित शहरी सेवा शिविर पिछले 20 दिनों से लगातार संचालित हो रहा है। इस शिविर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं, जिसके तहत अब तक 147 जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, नामांतरण और भूमि रूपांतरण सहित कई अन्य जनकल्याणकारी कार्यों का भी तुरंत समाधान किया जा रहा है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मुकेश मधु ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे आमजन को काफी राहत मिल रही है। शिविर में माया, रेखा मीणा सक्सेना, हरेंद्र भाटी, जय पांचाल, गुलाब देवी, विजयश्री पारगी, महेश पारगी, विकेश वड़किया, गौरव जैन, मयंक बैरागी, अलका राठौर, सुनीता डामोर, कल्याण सिंह शक्तावत, हिम्मत सिंह पत्ता, दीपेश्वर शक्तावत, वर्षा पंचोली और कविता डिंडोर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हालांकि, होम्योपैथिक एवं आयुर्वेदिक विभाग के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति के कारण इन सेवाओं को लेने पहुंचे लोगों को निराशा हुई। नगर पालिका प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस शिविर का लाभ उठाएं।2
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले में गनोड़ा के पास स्थित बेणेश्वर धाम, जिसे वागड़ का सबसे प्रमुख तीर्थ स्थल और 'वागड़ का महामोक्षधाम' माना जाता है, वहां पवित्र त्रिवेणी (सोम, माही, जाखम) नदी में विभिन्न शुभ कार्य किए जाते हैं। यहाँ पूरे भारत के आदिवासी समुदाय के लोग अपने पूर्वजों की अस्थियों का विसर्जन करते हैं, जिसे वे गंगा जी के समान पवित्र मानते हैं। माघ पूर्णिमा के मेले के दौरान त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर पापों से मुक्ति पाने का विशेष महत्व है। इसके अतिरिक्त, भक्त रातभर भगवान विष्णु और संत मावजी महाराज के भजन-कीर्तन करते हैं, बड़े धार्मिक अनुष्ठान और शांति यज्ञ आयोजित किए जाते हैं, तथा खंडित शिवलिंग और राधा-कृष्ण के स्वरूप के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इस स्थान को 'वागड़ का महामोक्षधाम' इसलिए कहा जाता है क्योंकि मुख्य मंदिर परिसर से दूर नदी का एक खाली और सूखा स्थान स्थानीय स्तर पर श्मशान घाट के रूप में मान्य है। हिंदू धर्म में त्रिवेणी संगम को महातीर्थ माना जाता है, और वागड़ क्षेत्र (डूंगरपुर, बांसवाड़ा) के आदिवासी और स्थानीय निवासी दृढ़ता से मानते हैं कि यदि मृत देह का दाह संस्कार सीधे इसी पवित्र त्रिवेणी के किनारे किया जाए, तो आत्मा को तत्काल मोक्ष मिलता है और वह सीधे भगवान विष्णु के चरणों में पहुँचती है। हालांकि, इस महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल पर आज भी श्रद्धालुओं को घाट पर चेंजिंग रूम और पानी की पाइपलाइन जैसी मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता है। इन समस्याओं को नज़रअंदाज़ करना महिलाओं की सुरक्षा और उनके स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ है, जिस पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है।1
- लगातार बारिश के कारण एक सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति पर यह गंभीर सवाल उठाया गया है कि क्या यह बेहाल रास्ता उन गरीबों, स्कूली बच्चों, मजदूरों और किसानों सहित अन्य लोगों के लिए उपयुक्त होगा, जो प्रतिदिन इस मार्ग का उपयोग करते हैं।1
- ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता खामेनेई के अंतिम संस्कार में विश्व भर के कई नेता शामिल हुए हैं। इस अंतिम विदाई पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।1
- मध्य प्रदेश के हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने भारत के साथ संबंधों को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि "हम भाई-बहन के रिश्ते को आगे बढ़ाएंगे," जिससे जापान और भारत के बीच भाईचारे के संबंध को और मजबूत करने का संकेत मिलता है।1
- बांसवाड़ा में थाना पाटन पुलिस ने राजकार्य में बाधा पहुँचाने, एक शव का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार नहीं होने देने और मौताणे की मांग कर कानून व्यवस्था प्रभावित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कुल 36 लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं और राजस्थान मृत शरीर का सम्मान अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है, जिनमें 16 लोग नामजद हैं। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई तब की गई जब मृतक के अंतिम संस्कार के दौरान कुछ लोगों ने ₹15 लाख मौताणे की मांग करते हुए राजकार्य में बाधा उत्पन्न की और शव का अंतिम संस्कार नहीं होने दिया। इस मामले की जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है, और अब अग्रिम अनुसंधान के साथ-साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी जारी है।2
- ईरान में अली खामेनेई के अंतिम विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें कई अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई है।1