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रामनगर, नैनीताल में एक जिप्सी को टाइगर के बेहद करीब ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग ने त्वरित और बड़ी कार्रवाई की है। यह वीडियो एक भाजपा नेता द्वारा साझा किया गया था, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा। वन विभाग द्वारा की गई जांच के उपरांत, संबंधित जिप्सी चालक पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, चालक को अब तराई पश्चिमी वन प्रभाग के किसी भी पर्यटन जोन में प्रवेश नहीं मिलेगा। विभाग ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि रोमांच के नाम पर वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और सभी जिप्सी चालकों व गाइडों को नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।
Hariapl singh journalist
रामनगर, नैनीताल में एक जिप्सी को टाइगर के बेहद करीब ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग ने त्वरित और बड़ी कार्रवाई की है। यह वीडियो एक भाजपा नेता द्वारा साझा किया गया था, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा। वन विभाग द्वारा की गई जांच के उपरांत, संबंधित जिप्सी चालक पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, चालक को अब तराई पश्चिमी वन प्रभाग के किसी भी पर्यटन जोन में प्रवेश नहीं मिलेगा। विभाग ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि रोमांच के नाम पर वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और सभी जिप्सी चालकों व गाइडों को नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।
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- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले के कस्बा खीरी टाउन में हज़रत घुंघरू पीर रहमतुल्लाह अलैह का 279वां सालाना उर्स अकीदत और एहतराम के साथ संपन्न हो गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ा, जिन्होंने दरगाह पर हाज़िरी देकर मुल्क में अमन, खुशहाली और तरक़्क़ी के लिए दुआएं मांगी। पूरे आयोजन के दौरान एक रूहानी और पावन माहौल देखने को मिला।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में महिलाओं की सुरक्षा और त्वरित न्याय को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक घटना शुक्रवार को सामने आई। आरोप है कि दुष्कर्म के प्रयास, मारपीट और कपड़े फाड़ने की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया, जिससे नाराज होकर एक महिला 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद उसे नीचे उतारा जा सका। पीड़ित महिला का आरोप है कि कुछ दिन पहले उसके साथ मारपीट हुई, कपड़े फाड़े गए और दुष्कर्म का प्रयास किया गया। जब वह शिकायत लेकर थाने पहुंची, तो पुलिस ने मामला दर्ज करने से मना कर दिया। महिला ने यह भी बताया कि इस दौरान उसके पिता के साथ भी मारपीट की गई। न्याय न मिलने से परेशान होकर उसने टावर पर चढ़कर आत्महत्या करने की धमकी दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और महिला को नीचे उतारने के लिए घंटों काउंसलिंग और समझाने-बुझाने का प्रयास किया। आखिरकार, पुलिस के आश्वासन के बाद महिला नीचे उतर आई। यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर महिलाओं से जुड़े मामलों में पुलिस की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है। उत्तर प्रदेश सरकार 'मिशन शक्ति' और 'नारी वंदन' जैसे अभियानों के माध्यम से महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर जोर देती रही है, और इसी उद्देश्य से महिला हेल्पलाइन 181 और महिला बीट पुलिसिंग भी शुरू की गई थीं। ऐसे में, जब एक पीड़िता को अपनी जान जोखिम में डालकर FIR दर्ज कराने के लिए टावर पर चढ़ना पड़े, तो इन अभियानों की जमीनी हकीकत पर सवाल उठना स्वाभाविक है। महिला आयोग और मानवाधिकार संगठन पहले भी कह चुके हैं कि थानों में पीड़िताओं की शिकायत दर्ज न करना 'दूसरा अपराध' है। फिलहाल, पुलिस ने महिला को आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और महिला संगठनों ने लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी पीड़िता को न्याय के लिए ऐसा खतरनाक कदम न उठाना पड़े।1
- मोहम्मदी क्षेत्र के ग्राम गुलौली में शनिवार को एक रिहायशी मकान की ऊपरी मंजिल में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। यह घटना गुलौली निवासी विवेक सिंह पुत्र सुनील सिंह के मकान में हुई, जहाँ अचानक शॉर्ट सर्किट से उठी चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस अग्निकांड में घर में रखा लाखों रुपये का गृहस्थी का सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। आग की लपटें देखकर ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुँचे और कड़ी मशक्कत के बाद लगभग एक घंटे की जद्दोजहद के बाद आग पर काबू पा सके। इस भीषण आग में दो वॉशिंग मशीन, चार कूलर, अनाज, कपड़े, बिस्तर और अन्य कई कीमती सामान जलकर नष्ट हो गए हैं। पीड़ित परिवार ने इस भारी नुकसान की सूचना स्थानीय प्रशासन को दे दी है।1
- उत्तर प्रदेश के दुधवा नेशनल पार्क में, यहाँ के 'शहंशाह' गब्बर अपने चिर परिचित अंदाज में सैलानियों को खूब लुभा रहे हैं। पार्क की अपनी 'सल्तनत' में गब्बर को देखने के लिए जंगल सफारी पर आने वाले देशी और विदेशी पर्यटक बेहद बेताब रहते हैं।1
- लखनऊ और हरदोई में लाखन आर्मी द्वारा आयोजित पासी स्वाभिमान यात्रा को लगातार व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है, जो अब एक जनआंदोलन का रूप लेती दिख रही है। लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने माँ चंद्रिका देवी मंदिर और श्री खाटू श्याम जी मंदिर में दर्शन-पूजन कर इस यात्रा का शुभारंभ किया था। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य राजपासी राजा कंस जी के ऐतिहासिक किले और उनके आराध्य भगवान शिव के प्राचीन मंदिर के संरक्षण के साथ ही पासी समाज की गौरवशाली विरासत को बचाना है। यह यात्रा 9 जून को हरदोई से शुरू हुई थी और 9 जुलाई तक विभिन्न गांवों, कस्बों और शहरों में पहुंचकर समाज को जागरूक करने का कार्य करेगी। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि इसका लक्ष्य पासी समाज के इतिहास, बलिदान, स्वाभिमान, महापुरुषों और सांस्कृतिक धरोहरों को जन-जन तक पहुंचाना है। यात्रा के दौरान, विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी का भव्य स्वागत किया जा रहा है, जिसमें महिलाएं और युवतियां वीरांगना ऊदा देवी पासी की परंपरा का स्मरण करते हुए तिलक लगाकर, आरती उतारकर और पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन कर रही हैं। बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होकर सामाजिक एकता और संगठन का संदेश दे रहे हैं। जनसभाओं, नुक्कड़ सभाओं और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को शिक्षा, संगठन और अपने इतिहास को जानने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वक्ताओं ने जोर दिया है कि समाज को अपनी विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए एकजुट होकर कार्य करना होगा। लाखन आर्मी के पदाधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरण का अभियान है, जिसका उद्देश्य समाज में आत्मसम्मान, जागरूकता और संगठन की भावना को मजबूत करना है। इस यात्रा को विभिन्न क्षेत्रों में सर्वसमाज का भी समर्थन मिल रहा है, और लोग अपनी पहचान, विरासत तथा सम्मान की रक्षा के लिए संगठित होकर आगे बढ़ने को समय की आवश्यकता बता रहे हैं। बढ़ते जनसमर्थन के साथ, पासी स्वाभिमान यात्रा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।4
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- कमलापुरी गांव में कथित रूप से अवैध शराब की बिक्री और कारोबार को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, जिन्होंने प्रशासन से इस पर तत्काल और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से अवैध तरीके से शराब बेची जा रही है, जिससे न केवल सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है, बल्कि युवाओं पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस अवैध धंधे पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि कई बार मौखिक शिकायतें करने के बावजूद समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। उनकी चिंता है कि इस कारोबार के कारण गांव में अशांति का माहौल बन रहा है और यह कानून-व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसलिए, उन्होंने संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन से इस मामले की जांच करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह बंद कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे और आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे। फिलहाल, इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, और ग्रामीण प्रशासन द्वारा शिकायत का संज्ञान लेकर जांच तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की उम्मीद कर रहे हैं।1
- खीरी जिले के निघासन क्षेत्र में 10 जून को घाघरा नदी के किनारे एक भयावह घटना सामने आई है, जहाँ मगरमच्छ के हमले में एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। पूरे मामले के अनुसार, ग्राम पंचायत तेलियार के बोकारिया निवासी अवध राम पाल प्रतिदिन की तरह अपनी भेड़ें चराने के लिए घाघरा नदी के किनारे गए थे। बताया जाता है कि जब उन्हें प्यास लगी और वे नदी किनारे पानी पीने पहुँचे, तभी पहले से घात लगाए बैठे एक मगरमच्छ ने उन पर अचानक हमला कर दिया। मगरमच्छ का यह हमला इतना भीषण था कि अवध राम पाल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुँच गए, जिन्होंने नाव की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद अवध राम पाल के शव को मगरमच्छ के चंगुल से बाहर निकाला।1