Shuru
Apke Nagar Ki App…
অআইঈউঊএঐওঔকখগঘঙচছজঝঞটঠডঢণতথদধনপফবভমযরলশষ্আইঈউঊএঐওঔকখগঘ আমার পায়
সেখ সাফিউল ইসলাম
অআইঈউঊএঐওঔকখগঘঙচছজঝঞটঠডঢণতথদধনপফবভমযরলশষ্আইঈউঊএঐওঔকখগঘ আমার পায়
More news from अंडमान और निकोबार द्वीप समूह and nearby areas
- दक्षिण अंडमान के फेरागंज क्षेत्र में कई घरों तक पहुँचने के लिए कोई उचित सड़क नहीं है। इससे स्थानीय निवासियों को आवागमन और आवश्यक सेवाओं तक पहुँचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- vhfsHioyrwqssfgjll,nb অআইঈউঊএঐওঔকখগঘচছজঝঞটঠডঢণতথদধনপফবভমযরলশষ্ইইঈউঊএঐও টঠডঢণতথদধনকখগঘঙচছজঝঞ1
- गया के नूतन नगर में एक प्रोफेसर परिवार पर हथियारबंद अपराधियों ने जानलेवा हमला किया, जिसमें परिवार के सदस्यों को पीटा और जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सिविल लाइंस पुलिस ने शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। इस घटना ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिसपर प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की जा रही है।3
- हाल ही में राष्ट्रपति की उपस्थिति को शुभ शगुन बताया जा रहा है। कई लोग उनके दिखने के तरीके में अच्छे भविष्य का संकेत देख रहे हैं।1
- Post by Suraj Nishad 🙋🥰🌹🌴🤝🏞️2
- Calculatoriaba colonia1
- बहोरीबंद तहसील क्षेत्र में भीषण गर्मी में तपती ज़िंदगी: ईंट भट्टों पर मजदूरों का संघर्ष भीषण गर्मी ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित कर रखा है, वहीं दूसरी ओर ईंट भट्टों पर काम करने वाले कारीगरों की जिंदगी आग के दरिया से गुजर रही है। तपते सूरज और झुलसा देने वाली लू के बीच ईंट बनाने वाले मजदूर अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ खेतों में झोपड़ियां बनाकर रहने को मजबूर हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक ये मजदूर मिट्टी गूंथने, ईंट तैयार करने और उन्हें पकाने के काम में जुटे रहते हैं। 45 डिग्री के करीब पहुंच चुके तापमान में भी उनके हौसले और मेहनत कम नहीं हो रही है। सबसे मार्मिक तस्वीर तब सामने आती है, जब मजदूरों के छोटे बच्चे भी इसी तपती जमीन पर खेलते और अपने माता-पिता के साथ समय बिताते दिखाई देते हैं। ना तेज गर्मी से बचने का कोई पक्का इंतजाम और ना ही पर्याप्त सुविधाएं — फिर भी परिवार दो वक्त की रोटी के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। ईंट भट्टों पर काम करने वाले इन कारीगरों का कहना है कि मेहनत ही उनके परिवार का सहारा है। गर्मी चाहे कितनी भी बढ़ जाए, काम बंद करने का मतलब भूखे पेट सोना है। यह तस्वीर केवल मजदूरी की नहीं, बल्कि संघर्ष, मजबूरी और मेहनतकश लोगों की जीवटता की कहानी भी बयां करती है। ज़रूरत है कि प्रशासन और समाज ऐसे श्रमिक परिवारों की मूलभूत सुविधाओं और बच्चों की सुरक्षा की ओर गंभीर ध्यान दे ईट का काम कर रहे कारीगरों ने आज रविवार दोपहर करीब 3 बजे बताया कि यही समय होता है जब ईंटों को बनाने का काम तेजी से किया जा सकता है1
- नया बांग्ला सीरियल 'सफिओराफी' का दूसरा एपिसोड अब टीवी पर उपलब्ध है। दर्शक इस ताज़ा कड़ी को तुरंत देख सकते हैं।1
- suraj1