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जीवन बचाने निकली एयर एंबुलेंस बनी मौत की उड़ान | झारखंड के चतरा जंगल में दर्दनाक क्रैश

21 hrs ago
user_We News 24
We News 24
सिमडेगा, सिमडेगा, झारखंड•
21 hrs ago

जीवन बचाने निकली एयर एंबुलेंस बनी मौत की उड़ान | झारखंड के चतरा जंगल में दर्दनाक क्रैश

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    We News 24
    सिमडेगा, सिमडेगा, झारखंड•
    21 hrs ago
  • अंबिकापुर में कांग्रेसियों ने घड़ी चौक पर पुलिस कर्मियों की कार्य पर नारे बाजी लगाए और उनके पुतले पर लगाई आग।
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    अंबिकापुर में कांग्रेसियों ने घड़ी चौक पर पुलिस कर्मियों की कार्य पर नारे बाजी लगाए और उनके पुतले पर लगाई आग।
    user_हमर जशपुर
    हमर जशपुर
    Jashpur, Chhattisgarh•
    1 hr ago
  • ब्रह्माकुमारीज शिव दर्शन भवन गुमला में ‘सेल्फ एंपावरमेंट टू नेशन एंपावरमेंट’ अभियान अंतर्गत प्रेरणादायी कार्यक्रम गुमला। ब्रह्मा कुमारीज के सिक्योरिटी सर्विस विंग द्वारा ‘सेल्फ एंपावरमेंट टू नेशन एंपावरमेंट’ अभियान के अंतर्गत शिव दर्शन भवन, गुमला में ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक एवं भूतपूर्व सैनिक कल्याण संगठन के सदस्यों हेतु एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों को मानसिक सशक्तिकरण, सकारात्मक चिंतन और राजयोग ध्यान के माध्यम से आंतरिक शांति का अनुभव कराना था। इस अवसर पर ऑफिसर कमांडिंग ईसीएचएस, गुमला कर्नल आर. के. सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। भूतपूर्व सैनिक कल्याण संगठन के अध्यक्ष सूबेदार लक्ष्मण बड़ाईक (सेवानिवृत), सूबेदार सहदेव महतो (सेवानिवृत) सहित अनेक पूर्व सैनिकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। मुख्य वक्ता राजयोगिनी शांति दीदी ने अपने अनुभवयुक्त संबोधन में कहा कि जिस प्रकार सैनिक देश की रक्षा और सुरक्षा में अपना अमूल्य जीवन समर्पित करते हैं, उसी प्रकार अब उन्हें अपने मन और स्वास्थ्य की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सकारात्मक बोल, मन की स्वच्छता और नियमित दिनचर्या में ध्यान को अपनाने से मानसिक शुद्धता एवं स्थायी शांति का अनुभव संभव है। कार्यक्रम में बीके अमृता बहन, बीके ममता बहन, बीके अमित एवं बीके मंगल ने भी अपने प्रेरणादायी विचार रखे और राजयोग के माध्यम से आत्मबल बढ़ाने की विधि बताई। वक्ताओं ने कहा कि सशक्त व्यक्ति ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। कर्नल आर. के. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सैनिक जीवन अनुशासन, समर्पण और साहस का प्रतीक है, वहीं आध्यात्मिक सशक्तिकरण से जीवन में संतुलन और मानसिक दृढ़ता आती है। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को समाज के लिए उपयोगी बताया। अंत में सभी उपस्थित जनों ने सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ।
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    ब्रह्माकुमारीज शिव दर्शन भवन गुमला में ‘सेल्फ एंपावरमेंट टू नेशन एंपावरमेंट’ अभियान अंतर्गत प्रेरणादायी कार्यक्रम
गुमला। ब्रह्मा कुमारीज के सिक्योरिटी सर्विस विंग द्वारा ‘सेल्फ एंपावरमेंट टू नेशन एंपावरमेंट’ अभियान के अंतर्गत शिव दर्शन भवन, गुमला में ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक एवं भूतपूर्व सैनिक कल्याण संगठन के सदस्यों हेतु एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों को मानसिक सशक्तिकरण, सकारात्मक चिंतन और राजयोग ध्यान के माध्यम से आंतरिक शांति का अनुभव कराना था।
इस अवसर पर ऑफिसर कमांडिंग ईसीएचएस, गुमला कर्नल आर. के. सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। भूतपूर्व सैनिक कल्याण संगठन के अध्यक्ष सूबेदार लक्ष्मण बड़ाईक (सेवानिवृत), सूबेदार सहदेव महतो (सेवानिवृत) सहित अनेक पूर्व सैनिकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
मुख्य वक्ता राजयोगिनी शांति दीदी ने अपने अनुभवयुक्त संबोधन में कहा कि जिस प्रकार सैनिक देश की रक्षा और सुरक्षा में अपना अमूल्य जीवन समर्पित करते हैं, उसी प्रकार अब उन्हें अपने मन और स्वास्थ्य की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सकारात्मक बोल, मन की स्वच्छता और नियमित दिनचर्या में ध्यान को अपनाने से मानसिक शुद्धता एवं स्थायी शांति का अनुभव संभव है।
कार्यक्रम में बीके अमृता बहन, बीके ममता बहन, बीके अमित एवं बीके मंगल ने भी अपने प्रेरणादायी विचार रखे और राजयोग के माध्यम से आत्मबल बढ़ाने की विधि बताई। वक्ताओं ने कहा कि सशक्त व्यक्ति ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।
कर्नल आर. के. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सैनिक जीवन अनुशासन, समर्पण और साहस का प्रतीक है, वहीं आध्यात्मिक सशक्तिकरण से जीवन में संतुलन और मानसिक दृढ़ता आती है। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को समाज के लिए उपयोगी बताया।
अंत में सभी उपस्थित जनों ने सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ।
    user_Dipak gupta
    Dipak gupta
    पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
    10 hrs ago
  • ​बसिया। प्रखंड क्षेत्र के रेफरल अस्पताल के मुख्य गेट के समीप मंगलवार को बसिया सहिया संघ की महिलाओं ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पिछले 6 महीनों से प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं होने से नाराज सहियाओं ने कार्य बहिष्कार करते हुए अस्पताल परिसर में धरना दिया। ------------------------------- ​ *आर्थिक तंगी की कगार पर सहिया परिवार* ------------------------------ ​धरना प्रदर्शन के दौरान सहियाओं ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि लंबे समय से भुगतान लंबित होने के कारण उनके सामने जीविका का संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि ​घर का राशन और दाना-पानी जुटाना मुश्किल हो गया है।​पैसों के अभाव में बच्चों के स्कूल की फीस जमा नहीं हो पा रही है।​महंगाई के इस दौर में मात्र 2000 रुपये की प्रोत्साहन राशि पर निर्भर रहना पहले ही चुनौतीपूर्ण था, उसके ऊपर 6 महीने से भुगतान नहीं मिलने का कारण हामरे घर में खाने के भी लाले पड़ गए हैं। --------------------------- *​नई भुगतान प्रणाली का विरोध* ------------------------------ ​सहियाओं ने भुगतान प्रक्रिया में आए बदलावों पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उनकी प्रमुख मांगें ​बकाया भुगतान: पिछले 6 महीने की रुकी हुई प्रोत्साहन राशि का अविलंब भुगतान किया जाए। ​ नई ट्रेजरी प्रणाली के बजाय ब्लॉक स्तर पर होने वाली ऑफलाइन भुगतान प्रणाली को पुनः लागू किया जाए, ताकि राशि समय पर मिल सके। ​ सहियाओं ने सरकार से मांग की है कि उन्हें प्रोत्साहन राशि के बजाय एक निश्चित मानदेय दिया जाए, जिससे वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। ​"हम दिन-रात स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीणों तक पहुँचाते हैं, लेकिन आज हमें खुद के बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है।​
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    ​बसिया। प्रखंड क्षेत्र के रेफरल अस्पताल के मुख्य गेट के समीप मंगलवार को बसिया सहिया संघ की महिलाओं ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पिछले 6 महीनों से प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं होने से नाराज सहियाओं ने कार्य बहिष्कार करते हुए अस्पताल परिसर में धरना दिया।
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​ *आर्थिक तंगी की कगार पर सहिया परिवार* 
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​धरना प्रदर्शन के दौरान सहियाओं ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि लंबे समय से भुगतान लंबित होने के कारण उनके सामने जीविका का संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि ​घर का राशन और दाना-पानी जुटाना मुश्किल हो गया है।​पैसों के अभाव में बच्चों के स्कूल की फीस जमा नहीं हो पा रही है।​महंगाई के इस दौर में मात्र 2000 रुपये की प्रोत्साहन राशि पर निर्भर रहना पहले ही चुनौतीपूर्ण था, उसके ऊपर 6 महीने से भुगतान नहीं मिलने का कारण हामरे घर में खाने के भी लाले पड़ गए  हैं।
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*​नई भुगतान प्रणाली का विरोध* 
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​सहियाओं ने भुगतान प्रक्रिया में आए बदलावों पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उनकी प्रमुख मांगें ​बकाया भुगतान: पिछले 6 महीने की रुकी हुई प्रोत्साहन राशि का अविलंब भुगतान किया जाए।
​ नई ट्रेजरी प्रणाली के बजाय ब्लॉक स्तर पर होने वाली ऑफलाइन भुगतान प्रणाली को पुनः लागू किया जाए, ताकि राशि समय पर मिल सके।
​ सहियाओं ने सरकार से मांग की है कि उन्हें प्रोत्साहन राशि के बजाय एक निश्चित मानदेय दिया जाए, जिससे वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
​"हम दिन-रात स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीणों तक पहुँचाते हैं, लेकिन आज हमें खुद के बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है।​
    user_Niraj kumar Sahu
    Niraj kumar Sahu
    पत्रकार बसिया, गुमला, झारखंड•
    15 hrs ago
  • *चैनपुर के हुकड़ा पहाड़ में मिला रहस्यमयी प्राचीन तांबे का सिक्का, इतिहास के नए राज खुलने की उम्मीद* गुमला। जिले के चैनपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित हुकड़ा पहाड़ से एक रहस्यमयी और अति प्राचीन तांबे का सिक्का मिलने से क्षेत्र में उत्सुकता और चर्चा का माहौल बन गया है। समाजसेवी कुलदीप कुमार बैगा को हुकड़ा पहाड़ घूमने के दौरान यह वन साइडेड (एक तरफा) तांबे का सिक्का मिला, जिसकी बनावट, भाषा और शैली पूरी तरह अलग और प्राचीन प्रतीत हो रही है। बताया जा रहा है कि सिक्के का वजन लगभग 10 ग्राम है। इसकी खास बात यह है कि सिक्के के केवल एक तरफ ही चित्र और लेखन मौजूद है, जबकि दूसरी तरफ पूरी तरह सपाट है। इसी कारण इसे वन साइडेड सिक्का कहा जा रहा है। सिक्के पर अंकित लिपि और भाषा की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है, जिससे इसका ऐतिहासिक महत्व और भी बढ़ गया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यह सिक्का करीब 1800 वर्ष पुराना हो सकता है। जानकारी के अनुसार, प्राचीन भारत में एक तरफा तांबे के सिक्कों का प्रचलन मौर्य काल और सम्राट अशोक (272–232 ईसा पूर्व) के समय भी था। वहीं पंच-मार्क्ड सिक्कों को भारत के सबसे प्राचीन सिक्कों में गिना जाता है। इसके अलावा मध्यकाल में शेरशाह सूरी और बाद में ब्रिटिश काल (1793) में भी तांबे के सिक्के जारी किए गए थे, जिन पर सूर्य, पेड़, पशु या राजा के चित्र अंकित होते थे। हालांकि, हुकड़ा पहाड़ में मिले इस सिक्के पर इस प्रकार के सामान्य प्रतीक नहीं हैं, बल्कि इसमें किसी प्राचीन लिपि में लेख अंकित दिखाई देता है, जिसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है। इससे संभावना जताई जा रही है कि यह सिक्का किसी अज्ञात या कम ज्ञात प्राचीन काल से जुड़ा हो सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हुकड़ा पहाड़ क्षेत्र में पहले भी प्राचीन सभ्यता के संकेत मिलते रहे हैं। यहां बड़ी संख्या में मिट्टी के बर्तनों के टुकड़े, ईंटों के अवशेष और चट्टानों पर बने प्राचीन गड्ढे पाए जाते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि इन गड्ढों का उपयोग पुराने समय में धान कूटने के लिए किया जाता था। इस दुर्लभ सिक्के की खोज से यह संभावना मजबूत हो गई है कि हुकड़ा पहाड़ के अंदर प्राचीन इतिहास के कई अनछुए रहस्य छिपे हो सकते हैं। अब लोगों की नजर सरकार और पुरातत्व विभाग पर टिकी है कि वे इस महत्वपूर्ण खोज की वैज्ञानिक जांच कराकर क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को उजागर करें। यदि इस सिक्के की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो चैनपुर का हुकड़ा पहाड़ झारखंड के महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों में शामिल हो सकता है।
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    *चैनपुर के हुकड़ा पहाड़ में मिला रहस्यमयी प्राचीन तांबे का सिक्का, इतिहास के नए राज खुलने की उम्मीद*
गुमला। जिले के चैनपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित हुकड़ा पहाड़ से एक रहस्यमयी और अति प्राचीन तांबे का सिक्का मिलने से क्षेत्र में उत्सुकता और चर्चा का माहौल बन गया है। समाजसेवी कुलदीप कुमार बैगा को हुकड़ा पहाड़ घूमने के दौरान यह वन साइडेड (एक तरफा) तांबे का सिक्का मिला, जिसकी बनावट, भाषा और शैली पूरी तरह अलग और प्राचीन प्रतीत हो रही है।
बताया जा रहा है कि सिक्के का वजन लगभग 10 ग्राम है। इसकी खास बात यह है कि सिक्के के केवल एक तरफ ही चित्र और लेखन मौजूद है, जबकि दूसरी तरफ पूरी तरह सपाट है। इसी कारण इसे वन साइडेड सिक्का कहा जा रहा है। सिक्के पर अंकित लिपि और भाषा की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है, जिससे इसका ऐतिहासिक महत्व और भी बढ़ गया है।
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यह सिक्का करीब 1800 वर्ष पुराना हो सकता है। जानकारी के अनुसार, प्राचीन भारत में एक तरफा तांबे के सिक्कों का प्रचलन मौर्य काल और सम्राट अशोक (272–232 ईसा पूर्व) के समय भी था। वहीं पंच-मार्क्ड सिक्कों को भारत के सबसे प्राचीन सिक्कों में गिना जाता है। इसके अलावा मध्यकाल में शेरशाह सूरी और बाद में ब्रिटिश काल (1793) में भी तांबे के सिक्के जारी किए गए थे, जिन पर सूर्य, पेड़, पशु या राजा के चित्र अंकित होते थे।
हालांकि, हुकड़ा पहाड़ में मिले इस सिक्के पर इस प्रकार के सामान्य प्रतीक नहीं हैं, बल्कि इसमें किसी प्राचीन लिपि में लेख अंकित दिखाई देता है, जिसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है। इससे संभावना जताई जा रही है कि यह सिक्का किसी अज्ञात या कम ज्ञात प्राचीन काल से जुड़ा हो सकता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, हुकड़ा पहाड़ क्षेत्र में पहले भी प्राचीन सभ्यता के संकेत मिलते रहे हैं। यहां बड़ी संख्या में मिट्टी के बर्तनों के टुकड़े, ईंटों के अवशेष और चट्टानों पर बने प्राचीन गड्ढे पाए जाते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि इन गड्ढों का उपयोग पुराने समय में धान कूटने के लिए किया जाता था।
इस दुर्लभ सिक्के की खोज से यह संभावना मजबूत हो गई है कि हुकड़ा पहाड़ के अंदर प्राचीन इतिहास के कई अनछुए रहस्य छिपे हो सकते हैं। अब लोगों की नजर सरकार और पुरातत्व विभाग पर टिकी है कि वे इस महत्वपूर्ण खोज की वैज्ञानिक जांच कराकर क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को उजागर करें।
यदि इस सिक्के की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो चैनपुर का हुकड़ा पहाड़ झारखंड के महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों में शामिल हो सकता है।
    user_Kuldeep kumar
    Kuldeep kumar
    Voice of people गुमला, गुमला, झारखंड•
    16 hrs ago
  • कुनकुरी पण्डरीपानी में बोरिंग को बौर किया गया था दोनों ही खराब हो चुका है ठेकेदार द्वारा लपरवाही बारता गया
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    कुनकुरी पण्डरीपानी में बोरिंग को बौर किया गया था दोनों ही खराब हो चुका है ठेकेदार द्वारा लपरवाही बारता गया
    user_Dj sund Devnarayan Pandripani
    Dj sund Devnarayan Pandripani
    Farmer Kunkuri, Jashpur•
    18 hrs ago
  • चैनपुर: कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पीड़िता के पिता द्वारा थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, घटना 20 फरवरी 2026 की रात की है। पीड़िता गांव में ही आयोजित एक शादी समारोह में गई थी। रात करीब 8:30 बजे, जब वह वहां मौजूद थी, तभी एक ज्ञात युवक और उसके दो अज्ञात साथियों ने जबरन उसे उठा लिया और पास के जंगल में ले गए।आरोप है कि तीनों युवकों ने बारी-बारी से नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और घटना को अंजाम देकर वहां से फरार हो गए। पीड़िता ने घर लौटकर परिजनों को अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद परिजनों ने आरोपियों की तलाश की लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला।अगले दिन, 21 फरवरी 2026 को कुरुमगढ़ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बीएनएस की धारा 70(2) और पॉक्सो की धारा 4/6 के तहत केस दर्ज किया है केस संख्या 02/2026 अंकित की गई है मामले की जांच की जिम्मेदारी SI संजय उरांव को सौंपी गई है।
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    चैनपुर: कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पीड़िता के पिता द्वारा थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, घटना 20 फरवरी 2026 की रात की है। पीड़िता गांव में ही आयोजित एक शादी समारोह में गई थी। रात करीब 8:30 बजे, जब वह वहां मौजूद थी, तभी एक ज्ञात युवक और उसके दो अज्ञात साथियों ने जबरन उसे उठा लिया और पास के जंगल में ले गए।आरोप है कि तीनों युवकों ने बारी-बारी से नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और घटना को अंजाम देकर वहां से फरार हो गए। पीड़िता ने घर लौटकर परिजनों को अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद परिजनों ने आरोपियों की तलाश की लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला।अगले दिन, 21 फरवरी 2026 को कुरुमगढ़ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बीएनएस की धारा 70(2) और पॉक्सो की धारा 4/6 के तहत केस दर्ज किया है केस संख्या 02/2026 अंकित की गई है मामले की जांच की जिम्मेदारी SI संजय उरांव को सौंपी गई है।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    9 hrs ago
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    user_We News 24
    We News 24
    सिमडेगा, सिमडेगा, झारखंड•
    21 hrs ago
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