28 किसानों का दल सेब की अति सघन बागवानी का प्रशिक्षण लेने हिमाचल रवाना, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना 28 किसानों का दल सेब की अति सघन बागवानी का प्रशिक्षण लेने हिमाचल रवाना, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना सोलन में पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान किसान सीखेंगे आधुनिक बागवानी की तकनीकें देहरादून प्रदेश में सेब उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को हाथीबड़कला स्थित कैंप कार्यालय से जनपद देहरादून के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के 28 किसानों के दल को पांच दिवसीय प्रशिक्षण के लिए हिमाचल प्रदेश रवाना किया। कृषि मंत्री जाेशी ने किसानों के दल को डॉ. वाई.एस. परमार यूनिवर्सिटी ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री, नौणी, सोलन के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान किसान सेब उत्पादन की आधुनिक एवं उच्च तकनीकों जैसे कटाई-छंटाई, फल पौध रोपण, उर्वरक प्रबंधन, जैविक खाद, बडिंग एवं ग्राफ्टिंग, फलों की पैकेजिंग और मार्केटिंग आदि की जानकारी प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद किसान स्वयं इन तकनीकों का लाभ उठाने के साथ-साथ अन्य किसानों को भी आधुनिक बागवानी के प्रति जागरूक करेंगे। इससे प्रदेश में सेब उत्पादन एवं उत्पादकता में गुणात्मक वृद्धि होगी और किसानों की आय में इजाफा होगा। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने और किसानों की आर्थिकी मजबूत करने के लिए क्लस्टर आधारित खेती एवं उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा दे रही है। प्रदेश में ₹808.79 करोड़ की लागत से सेब की अति सघन बागवानी योजना संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत 5,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सेब के बागान विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना में किसानों को 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सेब तुड़ाई उपरांत प्रबंधन योजना के अंतर्गत ₹144.55 करोड़ की लागत से सी.ए. स्टोरेज एवं सॉर्टिंग-ग्रेडिंग इकाइयां स्थापित की जा रही हैं, जिसमें 50 से 70 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त ₹80 करोड़ की लागत से सेब की अत्याधुनिक नर्सरी योजना के तहत 400 एकड़ क्षेत्रफल में नर्सरी स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सेब की अति सघन बागवानी से पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और पलायन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें आधुनिक कृषि एवं बागवानी तकनीकों का प्रशिक्षण देना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से भविष्य में जिला योजना एवं राज्य सेक्टर की योजनाओं के माध्यम से समय-समय पर किसानों का चयन कर उन्हें प्रदेश के भीतर एवं बाहर प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके अंतर्गत कीवी फल उत्पादन और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों में भी किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि उनकी आय और आर्थिकी को और अधिक मजबूत किया जा सके। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में सेब उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के साथ-साथ किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेब की अति सघन बागवानी पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने और पलायन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस अवसर पर सरकार में दायित्वधारी ज्योति कोटिया, संध्या थापा, मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. डी.के. तिवारी सहित अन्य कृषक उपस्थित रहे।
28 किसानों का दल सेब की अति सघन बागवानी का प्रशिक्षण लेने हिमाचल रवाना, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना 28 किसानों का दल सेब की अति सघन बागवानी का प्रशिक्षण लेने हिमाचल रवाना, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना सोलन में पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान किसान सीखेंगे आधुनिक बागवानी की तकनीकें देहरादून प्रदेश में सेब उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को हाथीबड़कला स्थित कैंप कार्यालय से जनपद देहरादून के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के 28 किसानों के दल को पांच दिवसीय प्रशिक्षण के लिए हिमाचल प्रदेश रवाना किया। कृषि मंत्री जाेशी ने किसानों के दल को डॉ. वाई.एस. परमार यूनिवर्सिटी ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री, नौणी, सोलन के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान किसान सेब उत्पादन की आधुनिक एवं उच्च तकनीकों जैसे कटाई-छंटाई, फल पौध रोपण, उर्वरक प्रबंधन, जैविक खाद, बडिंग एवं ग्राफ्टिंग, फलों की पैकेजिंग और मार्केटिंग आदि की जानकारी प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद किसान स्वयं इन तकनीकों का लाभ उठाने के साथ-साथ अन्य किसानों को भी आधुनिक बागवानी के प्रति जागरूक करेंगे। इससे प्रदेश में सेब उत्पादन एवं उत्पादकता में गुणात्मक वृद्धि होगी और किसानों की आय में इजाफा होगा। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने और किसानों की आर्थिकी मजबूत करने के लिए क्लस्टर आधारित खेती एवं उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा दे रही है। प्रदेश में ₹808.79 करोड़ की लागत से सेब की अति सघन बागवानी योजना संचालित की जा
रही है, जिसके अंतर्गत 5,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सेब के बागान विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना में किसानों को 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सेब तुड़ाई उपरांत प्रबंधन योजना के अंतर्गत ₹144.55 करोड़ की लागत से सी.ए. स्टोरेज एवं सॉर्टिंग-ग्रेडिंग इकाइयां स्थापित की जा रही हैं, जिसमें 50 से 70 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त ₹80 करोड़ की लागत से सेब की अत्याधुनिक नर्सरी योजना के तहत 400 एकड़ क्षेत्रफल में नर्सरी स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सेब की अति सघन बागवानी से पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और पलायन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें आधुनिक कृषि एवं बागवानी तकनीकों का प्रशिक्षण देना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से भविष्य में जिला योजना एवं राज्य सेक्टर की योजनाओं के माध्यम से समय-समय पर किसानों का चयन कर उन्हें प्रदेश के भीतर एवं बाहर प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके अंतर्गत कीवी फल उत्पादन और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों में भी किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि उनकी आय और आर्थिकी को और अधिक मजबूत किया जा सके। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में सेब उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के साथ-साथ किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेब की अति सघन बागवानी पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने और पलायन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस अवसर पर सरकार में दायित्वधारी ज्योति कोटिया, संध्या थापा, मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. डी.के. तिवारी सहित अन्य कृषक उपस्थित रहे।
- 28 किसानों का दल सेब की अति सघन बागवानी का प्रशिक्षण लेने हिमाचल रवाना, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना 28 किसानों का दल सेब की अति सघन बागवानी का प्रशिक्षण लेने हिमाचल रवाना, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना सोलन में पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान किसान सीखेंगे आधुनिक बागवानी की तकनीकें देहरादून प्रदेश में सेब उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को हाथीबड़कला स्थित कैंप कार्यालय से जनपद देहरादून के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के 28 किसानों के दल को पांच दिवसीय प्रशिक्षण के लिए हिमाचल प्रदेश रवाना किया। कृषि मंत्री जाेशी ने किसानों के दल को डॉ. वाई.एस. परमार यूनिवर्सिटी ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री, नौणी, सोलन के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान किसान सेब उत्पादन की आधुनिक एवं उच्च तकनीकों जैसे कटाई-छंटाई, फल पौध रोपण, उर्वरक प्रबंधन, जैविक खाद, बडिंग एवं ग्राफ्टिंग, फलों की पैकेजिंग और मार्केटिंग आदि की जानकारी प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद किसान स्वयं इन तकनीकों का लाभ उठाने के साथ-साथ अन्य किसानों को भी आधुनिक बागवानी के प्रति जागरूक करेंगे। इससे प्रदेश में सेब उत्पादन एवं उत्पादकता में गुणात्मक वृद्धि होगी और किसानों की आय में इजाफा होगा। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने और किसानों की आर्थिकी मजबूत करने के लिए क्लस्टर आधारित खेती एवं उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा दे रही है। प्रदेश में ₹808.79 करोड़ की लागत से सेब की अति सघन बागवानी योजना संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत 5,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सेब के बागान विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना में किसानों को 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सेब तुड़ाई उपरांत प्रबंधन योजना के अंतर्गत ₹144.55 करोड़ की लागत से सी.ए. स्टोरेज एवं सॉर्टिंग-ग्रेडिंग इकाइयां स्थापित की जा रही हैं, जिसमें 50 से 70 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त ₹80 करोड़ की लागत से सेब की अत्याधुनिक नर्सरी योजना के तहत 400 एकड़ क्षेत्रफल में नर्सरी स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सेब की अति सघन बागवानी से पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और पलायन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें आधुनिक कृषि एवं बागवानी तकनीकों का प्रशिक्षण देना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से भविष्य में जिला योजना एवं राज्य सेक्टर की योजनाओं के माध्यम से समय-समय पर किसानों का चयन कर उन्हें प्रदेश के भीतर एवं बाहर प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके अंतर्गत कीवी फल उत्पादन और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों में भी किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि उनकी आय और आर्थिकी को और अधिक मजबूत किया जा सके। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में सेब उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के साथ-साथ किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेब की अति सघन बागवानी पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने और पलायन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस अवसर पर सरकार में दायित्वधारी ज्योति कोटिया, संध्या थापा, मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. डी.के. तिवारी सहित अन्य कृषक उपस्थित रहे।2
- _शराब के नशे में यात्री बस चला रहा चालक गिरफ्तार/निरुद्ध, मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत की गई वैधानिक कार्रवाई सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा आमजन एवं यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से टिहरी पुलिस द्वारा जनपद में लगातार वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक मंगलवार को थाना लम्बगांव पुलिस टीम द्वारा चेकिंग के दौरान सतर्कता एवं तत्परता का परिचय देते हुए एक बड़ी संभावित सड़क दुर्घटना को समय रहते टाल दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार प्रातः उत्तरकाशी से श्रीनगर गढ़वाल की ओर जा रही यात्री बस संख्या UK 10PA 1010 (जय काशी विश्वनाथ सेवा) को प्रातः लगभग 09:30 बजे थाना लम्बगांव पुलिस टीम द्वारा चेकिंग के लिए रोका गया। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम को बस चालक की गतिविधियों एवं व्यवहार पर संदेह हुआ कि वह शराब के नशे में वाहन चला रहा है। पुलिस टीम द्वारा बिना किसी देरी के एल्कोमीटर मशीन से चालक की जांच की गई, जिसमें उसके अत्यधिक शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई। चालक की इस लापरवाही से बस में सवार यात्रियों की जान-माल को गंभीर खतरा हो सकता था तथा किसी बड़ी सड़क दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए लम्बगांव पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए चालक के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की गई तथा यात्री बस को नियमानुसार कब्जे में लिया गया। वहीं, बस में सवार यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी यात्रा सुरक्षित रूप से जारी रह सके, इसके लिए पुलिस टीम द्वारा तत्काल वैकल्पिक बैकअप वाहन की व्यवस्था कराई गई। इसके पश्चात सभी यात्रियों को सकुशल उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। 🔹 लम्बगांव पुलिस की इस त्वरित, सतर्क एवं जिम्मेदार कार्रवाई से न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि शराब के नशे में वाहन चलाने से होने वाली एक संभावित बड़ी दुर्घटना को भी समय रहते टाल दिया गया। पुलिस की इस सराहनीय पहल पर बस में सवार यात्रियों ने टिहरी पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए पुलिस टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा की। टिहरी पुलिस ने आम जन से अपील की है कि - शराब अथवा किसी भी प्रकार के नशे का सेवन कर वाहन बिल्कुल न चलाएं। - वाहन चलाते समय यातायात नियमों एवं निर्धारित गति सीमा का पालन करें। - यात्री वाहन चालक अपनी जिम्मेदारी को समझें, क्योंकि उनके हाथों में अनेक लोगों की जान और सुरक्षा होती है। - यात्रा के दौरान वाहन चालक की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। एक छोटी सी लापरवाही किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा का संकल्प है।1
- आबकारी निरीक्षक प्रेरणा बिष्ट के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई, दो दिन में करीब 5 पेटी शराब बरामद आबकारी आयुक्त महोदया देहरादून के आदेश के क्रम में दिनांक दिनांक 2 एवं 3 नवंबर 2026 को अवैध शराब की रोकथाम हेतु आबकारी विभाग ऋषिकेश टीम द्वारा आबकारी निरीक्षक श्रीमती प्रेरणा बिष्ट के नेतृत्व मे हरिपुर कलां , कृष्णा नगर कॉलोनी , छिदरवाला गुमानीवाला क्षेत्र में अवैध शराब के विरुद्ध सघन प्रवर्तन अभियान चलाया गया, प्रथम कार्यवाही दिनांक 02 नवंबर को रात्रि में हरिपुर कलां में दबिश के दौरान 01 महिला एवं 01 पुरुष को 02 पेटी हरियाणा ब्रांड की अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया पुनः आज दिनांक 3 नवंबर 2026 को 02 अभियुक्तों को अवैध शराब बिक्री करते हुए गिरफ्तार किया गया जिनके कब्जे से 40 बियर 60 पव्वे एवं 10 हाफ अंग्रेजी शराब बरामद की गई । संपूर्ण कार्यवाही में लगभग 05 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की गई गिरफ्तार किये अभियुक्तों का विवरण निम्न प्रकार है 01 सागर पुत्र हरीश निवासी हिसार हरियाणा 02 प्रीति पत्नी सुनील निवासी हरिपुर कलां ऋषिकेश (3) चंद्रप्रकाश कांता प्रसाद निवासी हरिपुर कलां देहरादून ( 4) ओमप्रकाश पुत्र दिलीप सिंह निवासी थानों रायवाला देहरादून दोनों अभियुकताओ के विरुद्ध धारा 60/63आबकारी अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया टीम में निम्न स्टाफ मौजूद रहे उप आबकारी निरीक्षक- आशीष प्रकाश, अर्जुन सिंह,प्रधान आबकारी सिपाही दीपा डोबरियाल,आबकारी सिपाही अंकित कुमार आशीष चौहान, सोनम पवार ,रेशमा चौहान सम्मिलित रहे।4
- केदारताल ट्रेक पर बड़ा रेस्क्यू अभियान जारी, 8 लोग अब भी दुर्गम इलाके में फंसे; SDRF की टीमें जुटीं भारी बर्फबारी और हिमस्खलन ने रोका रास्ता, अब तक 5 लोगों को सुरक्षित खोजा गया उत्तरकाशी। उत्तरकाशी के केदारताल ट्रेक पर लापता और फंसे ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए SDRF उत्तराखंड पुलिस का सर्च एवं रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, भारी बर्फबारी और खराब मौसम के बीच रेस्क्यू टीमें आठ लोगों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। जानकारी के अनुसार, 27 अक्टूबर को 7 ट्रेकर्स और 6 सपोर्टिंग स्टाफ सहित कुल 13 सदस्यीय दल गंगोत्री से केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था। इस दौरान मौसम खराब होने, भारी बर्फबारी और ग्लेशियर के चलते रास्ता अवरुद्ध हो गया, जिसके कारण दल निर्धारित समय पर वापस नहीं लौट सका। रेस्क्यू अभियान के दौरान कच्ची ढांग के आसपास पांच लोगों को सुरक्षित खोज लिया गया है, जबकि शेष आठ लोग भोजखड़क से आगे हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्र में फंसे हुए हैं। सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी के दिशा-निर्देशों में जवान बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अभियान चला रहे हैं। अत्यधिक ठंड, खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद SDRF की टीमें फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हैं। रेस्क्यू अभियान में अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ भी समन्वय बनाया गया है। सभी आठ लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।1
- रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू की याचिका पर सुनवाई पूरी, आज आएगा हाईकोर्ट का फैसला** **The Aman Times** **रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू की याचिका पर सुनवाई पूरी, आज आएगा हाईकोर्ट का फैसला** उत्तराखंड हाईकोर्ट में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू की गिरफ्तारी पर रोक लगाने और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है। न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। सुनवाई के दौरान रेखा आर्य की ओर से याचिका खारिज करने की मांग की गई, जबकि गिरधारी लाल साहू ने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को गलत तथ्यों पर आधारित बताते हुए निरस्त करने की मांग की। मामले में 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति और कंपनियों में शेयर को लेकर भी दलीलें रखी गईं। अब आज हाईकोर्ट के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हैं।1
- उत्तरकाशी. केदारताल ट्रेक हादसा.हिमपात और एवलांच के बीच फंसे ट्रैकर्स की तलाश जारी, रेस्क्यू टीम ने दो शव किए बरामद. उत्तराखंड के लोकप्रिय और चुनौतीपूर्ण केदारताल ट्रेक पर गए पर्यटकों के दल के साथ हुए हादसे में रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। प्रतिकूल मौसम और भारी हिमपात (बर्फबारी) के बीच एस.डी.आर.एफ. (SDRF) और निम (NIM) की संयुक्त टीम ने आज (3 नवंबर 2026) सर्च ऑपरेशन के दौरान दो शव बरामद किए हैं। हालांकि, अभी तक इन शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई है। *क्या है पूरा मामला?* प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोल सीकर ट्रेकिंग एजेंसी के माध्यम से गंगोत्री से केदारताल ट्रेकिंग के लिए एक दल रवाना हुआ था। वापसी के दौरान रास्ते में अचानक बदले मौसम, भारी हिमपात और एवलांच की चपेट में आकर लगभग 4,000 मीटर की ऊंचाई पर 7 ट्रैकर्स और 1 गाइड सहित कुल 8 सदस्य लापता हो गए थे। एजेंसी द्वारा घटना की सूचना 30 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 6:30 बजे दी गई थी। *रेस्क्यू ऑपरेशन* *सैटेलाइट फोन से मिला संपर्क* - एस.डी.आर.एफ. और निम की संयुक्त टीम ने सैटेलाइट फोन के जरिए मिले संकेतों और संभावित लोकेशन के आधार पर आज सुबह करीब 7:30 बजे फिर से सर्च अभियान शुरू किया। *दो शव बरामद* - कड़े संघर्ष और चुनौतीपूर्ण मौसम के बीच सर्च टीम ने एवलांच में दबे हुए एक महिला और एक पुरुष का शव बरामद कर लिया है। भारी बर्फ के मलबे से शवों को बाहर निकालने के लिए टीम को खासी मशक्कत करनी पड़ी। *हेलीपैड का निर्माण* - आपातकालीन स्थिति और राहत एवं बचाव कार्यों को गति देने के लिए रेस्क्यू टीम ने घटनास्थल पर ही एक वैकल्पिक हेलीपैड भी तैयार कर लिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर एयर रेस्क्यू या राहत सामग्री पहुंचाई जा सके। *फिलहाल अभियान समाप्त, कल फिर होगी खोज* - समुद्र तल से लगभग 4,000 मीटर की ऊंचाई पर चलाए गए आज के इस अभियान को दोपहर करीब 3:00 बजे समाप्त कर दिया गया, जिसके बाद सभी बचाव कर्मी सुरक्षित बेस कैंप लौट आए हैं। *कल फिर शुरू होगा रेस्क्यू* प्रशासन और रेस्क्यू टीमों के हौसले बुलंद हैं। लापता अन्य सदस्यों की तलाश के लिए कल सुबह एक बार फिर से युद्धस्तर पर सर्च अभियान चलाया जाएगा। खराब मौसम और अत्यधिक ठंड के कारण इस अभियान में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन टीमें लापता ट्रैकर्स को सुरक्षित ढूँढने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।4
- लक्सर हरिद्वार हाईवे पर फिर पहुंचे गजराज सड़कों पर आ जा रहे वाहनों को किसानों ने रुकवा कर बड़ी दुर्घटना होने से बचाई।1
- दलेर मेहंदी विवाद पर अपने बयान पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल कायम दलेर मेहंदी विवाद पर अपने बयान पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल कायम माफी मांगने से बेहतर इस्तीफा देना पसंद करूंगा- सुबोध उनियाल1