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रक्षाबंधन पर बाजार में सजी राखी की दुकानें दिन भर लगी ग्राहकों की भीड़ रिपोर्टर योगेश कुमार गुप्ता बांसखोह कस्बा स्थित बस स्टैंड पर व आसपास दुकानों पर रक्षाबंधन के पर्व पर राखी की दुकानें सजाई गई इस दौरान राखी की दुकानें पर व मिष्ठान भंडार की दुकानों पर, कपड़े की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ लगी हुई नजर आई इस मौके पर महिलाएं अपने भाई की लंबी उम्र की मनोकामना को लेकर राखी बांधती है और अपने परिवार की सुख शांति के लिए रक्षाबंधन का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है इस मौके पर भाई अपनी बहन को कपड़े अन्य उपहार देते है इस मौके पर घर घर में कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं
Yogesh Kumar Gupta
रक्षाबंधन पर बाजार में सजी राखी की दुकानें दिन भर लगी ग्राहकों की भीड़ रिपोर्टर योगेश कुमार गुप्ता बांसखोह कस्बा स्थित बस स्टैंड पर व आसपास दुकानों पर रक्षाबंधन के पर्व पर राखी की दुकानें सजाई गई इस दौरान राखी की दुकानें पर व मिष्ठान भंडार की दुकानों पर, कपड़े की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ लगी हुई नजर आई इस मौके पर महिलाएं अपने भाई की लंबी उम्र की मनोकामना को लेकर राखी बांधती है और अपने परिवार की सुख शांति के लिए रक्षाबंधन का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है इस मौके पर भाई अपनी बहन को कपड़े अन्य उपहार देते है इस मौके पर घर घर में कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं
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- कमल का फूल, हमारी भूल—अबकी बार सवालों का हिसाब जरूरी है #राजस्थान #राजनीति #जनताकीआवाज #CityCablenewsjaipur1
- डोटासरा का बीजेपी पर बड़ा आरोप, बोले- अधिकारियों के फीडबैक से टिकट देना गलत जयपुर। निकाय चुनाव में टिकट वितरण को लेकर राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डोटासरा ने दावा किया कि बीजेपी के कुछ नेता संभावित रूप से जीतने वाले उम्मीदवारों की जानकारी एसडीएम से मांग रहे हैं और अधिकारियों के फीडबैक के आधार पर टिकट देने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। डोटासरा ने कहा कि यदि टिकट वितरण में ब्यूरोक्रेसी की राय को प्राथमिकता दी जा रही है, तो यह बीजेपी के अंदरूनी सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने कार्यकर्ताओं और जमीनी स्तर के फीडबैक के आधार पर उम्मीदवारों का चयन करना चाहिए। पीसीसी चीफ ने मांग की कि निकाय चुनाव की टिकट प्रक्रिया से ब्यूरोक्रेसी को दूर रखा जाए। उन्होंने बीजेपी को अपने कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेकर टिकट वितरण करने की सलाह दी। डोटासरा के इस बयान के बाद निकाय चुनाव में टिकट वितरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।1
- कट बंद, ट्रैफिक का दबाव बढ़ा: कालवाड़ रोड पर जाम बना आफत हाथोज-बाईपास के बीच कई कट बंद होने से बढ़ी परेशानी, रावण गेट और प्रताप सर्कल पर यातायात का दबाव बढ़ा; एक घंटे में तय हो रहा सफर जयपुर। कालवाड़ रोड पर इन दिनों बढ़ता यातायात दबाव आमजन के लिए परेशानी का सबब बन गया है। हाथोज से बाईपास के बीच कई कट बंद किए जाने के बाद वाहन चालकों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इसके चलते कालवाड़ रोड पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यातायात व्यवस्था में बदलाव के बाद रोजाना आने-जाने वाले लोगों का समय और ईंधन दोनों अधिक खर्च हो रहे हैं। रावण गेट के बीच कट बंद होने से लंबा चक्कर करधनी से रावण गेट के बीच कट बंद होने के कारण वाहन चालकों को आगे जाकर यू-टर्न लेना पड़ रहा है। इससे आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को भी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई इलाकों में आने-जाने के लिए करीब दो किलोमीटर तक का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। प्रताप सर्कल का कट बंद, मुख्य सड़क पर बढ़ा दबाव प्रताप सर्कल की ओर जाने वाला कट बंद होने से कालवाड़ रोड पर ट्रैफिक का दबाव और बढ़ गया है। पहले बड़ी संख्या में वाहन प्रताप सर्कल की तरफ डायवर्ट हो जाते थे, जिससे कालवाड़ रोड पर यातायात का दबाव कम रहता था। अब कट बंद होने के कारण अधिकतर वाहन मुख्य सड़क पर ही बने रहने से जाम की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। बाईपास से हाथोज तक एक घंटे का सफर जाम का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाईपास से हाथोज पहुंचने में करीब एक घंटे तक का समय लग रहा है। वहीं हाथोज से बाईपास की तरफ जाने वाले वाहन भी करीब एक घंटे तक जाम में फंस रहे हैं। सुबह और शाम के समय स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। स्थानीय कॉलोनियों के लोग भी परेशान कालवाड़ रोड से जुड़ी आसपास की कॉलोनियों के लोगों को भी कट बंद होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों को पहले की तुलना में लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और यातायात पुलिस से मांग की है कि बंद किए गए कटों की व्यवस्था की समीक्षा की जाए और यातायात दबाव को कम करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में कालवाड़ रोड पर जाम की समस्या और गंभीर हो सकती है। कट बंद, ट्रैफिक का दबाव बढ़ा: कालवाड़ रोड पर जाम बना आफत हाथोज-बाईपास के बीच कई कट बंद होने से बढ़ी परेशानी, रावण गेट और प्रताप सर्कल पर यातायात का दबाव बढ़ा; एक घंटे में तय हो रहा सफर जयपुर। कालवाड़ रोड पर इन दिनों बढ़ता यातायात दबाव आमजन के लिए परेशानी का सबब बन गया है। हाथोज से बाईपास के बीच कई कट बंद किए जाने के बाद वाहन चालकों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इसके चलते कालवाड़ रोड पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यातायात व्यवस्था में बदलाव के बाद रोजाना आने-जाने वाले लोगों का समय और ईंधन दोनों अधिक खर्च हो रहे हैं। रावण गेट के बीच कट बंद होने से लंबा चक्कर करधनी से रावण गेट के बीच कट बंद होने के कारण वाहन चालकों को आगे जाकर यू-टर्न लेना पड़ रहा है। इससे आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को भी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई इलाकों में आने-जाने के लिए करीब दो किलोमीटर तक का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। प्रताप सर्कल का कट बंद, मुख्य सड़क पर बढ़ा दबाव प्रताप सर्कल की ओर जाने वाला कट बंद होने से कालवाड़ रोड पर ट्रैफिक का दबाव और बढ़ गया है। पहले बड़ी संख्या में वाहन प्रताप सर्कल की तरफ डायवर्ट हो जाते थे, जिससे कालवाड़ रोड पर यातायात का दबाव कम रहता था। अब कट बंद होने के कारण अधिकतर वाहन मुख्य सड़क पर ही बने रहने से जाम की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। बाईपास से हाथोज तक एक घंटे का सफर जाम का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाईपास से हाथोज पहुंचने में करीब एक घंटे तक का समय लग रहा है। वहीं हाथोज से बाईपास की तरफ जाने वाले वाहन भी करीब एक घंटे तक जाम में फंस रहे हैं। सुबह और शाम के समय स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। स्थानीय कॉलोनियों के लोग भी परेशान कालवाड़ रोड से जुड़ी आसपास की कॉलोनियों के लोगों को भी कट बंद होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों को पहले की तुलना में लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और यातायात पुलिस से मांग की है कि बंद किए गए कटों की व्यवस्था की समीक्षा की जाए और यातायात दबाव को कम करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में कालवाड़ रोड पर जाम की समस्या और गंभीर हो सकती है।1
- दौसा आज कुंडल कस्बे में मुरली मनोहर बड़े मंदिर से ध्वज पूजन के साथ खेजडे वाले बालाजी महाराज की विशाल ध्वज-पद यात्रा निकाली गई इस दौरान विशेष पूजा अर्चना कर एवं आरती सहित ध्वज पूजन के साथ बालाजी महाराज की अलौकिक संघार एवं महा आरती के साथ ध्वजा पदयात्रा रवाना हुई इस दौरान सैकड़ो पद यात्रियों ने सुबह बड़े महादेव मंदिर से 8:00 बजे ध्वज पूजन के साथ बालाजी महाराज के जयकारा लगाते हुए तथा ढोल नगाड़ों की धूम के साथ ध्वजा पदयात्रा की शुरुआत हुई इस दौरान सैकड़ो श्रद्धालुओं ने हाथों में बालाजी महाराज की ध्वजा लेकर जय श्री राम के नारे लगाते हुए बालाजी धाम के लिए प्रस्थान किया इस दौरान मार्ग में जगह-जगह पद यात्रियों का स्वागत किया गया तथा पदयात्रा के कुंडल बालाजी महाराज को ध्वज अर्पित किया गया इस दौरान विशाल भंडारा प्रसादी का भी आयोजन किया गया इस दौरान एडवोकेट सियाराम शर्मा ने भी बालाजी महाराज की पदयात्रा में शामिल हुए इस दौरान सभी क्षेत्रवासियों के सर्वधर्म प्रेमी बंधुओ ने इस पदयात्रा में भाग लिया तथा डीजे की धुन पर नाचते गाते हुए सैकड़ो महिला एवं पुरुषों पद यात्रियों ने भाग लिया इस दौरान खेजड़ी वाले बालाजी मंदिर परिसर में भव्य धार्मिक महोत्सव को लेकर मंदिर समिति एवं धर्म प्रेमी जानते के द्वारा सभी तैयारियां को पूर्ण रूप देते हुए पदयात्रा में शामिल हुए मनीष, अजय जितेंद्र कुमार नरेश सियाराम शर्मा जितेंद्र कुमार शर्मा सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे2
- लालसोट से डिग्गीपुरी की 48वीं पदयात्रा की कमान नेमी चन्द जागा को, बने अध्यक्ष डिग्गीपुरी की 48वीं पदयात्रा के अध्यक्ष बने नेमी चन्द जागा लालसोट में श्री कल्याण मंडल की बैठक में नेमी चन्द जागा को अध्यक्ष एवं विजय जांगिड़ कोषाध्यक्ष चुना गया। पदयात्रा की तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई।1
- जिले में एफएफएस व्यवस्था का शुभारंभ, अब ऑनलाइन होगी उर्वरक बुकिंग एवं बिक्री,कलेक्टर काना राम ने करमोदा में किसानों को दी डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी, किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार कर सकेंगे उर्वरक बुकिंग सवाई माधोपुर, 27 अगस्त। किसानों को यूरिया एवं डीएपी सहित सब्सिडी वाले उर्वरकों की पारदर्शी, सुगम एवं मांग आधारित उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल व्यवस्था का गुरूवार को इफको बाजार, करमोदा में शुभारंभ किया गया। जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में किसानों को ऑनलाइन उर्वरक बुकिंग एवं डिजिटल वितरण प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इस दौरान 150 से अधिक किसानों को एफएफएस एप के माध्यम से फार्मर आईडी अथवा आधार आईडी से उर्वरक बुकिंग, उपलब्ध उर्वरक एवं विक्रेता का चयन तथा बुकिंग के बाद अधिकृत विक्रेता के यहां पोस मशीन से सत्यापन एवं बिल जारी होने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। करीब 50 किसानों को बुकिंग अनुसार उर्वरक उपलब्ध करवाया गया। वहीं वजीरपुर में अतिरिक्त निदेशक भरतपुर देशराज चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में 100 से अधिक कृषकों ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी दी। *डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता और कालाबाजारी पर लगेगा अंकुश:-* कलक्टर काना राम ने कहा कि नई डिजिटल व्यवस्था से उर्वरक की बुकिंग से लेकर बिक्री एवं वितरण तक प्रत्येक चरण का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे किसानों को उनकी वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी तथा अनावश्यक खरीद, जमाखोरी, कालाबाजारी एवं निर्धारित दर से अधिक वसूली पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा। उन्होंने किसानों से व्यवस्था का अधिकाधिक लाभ उठाने तथा आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक की बुकिंग करने की अपील की। *267 रुपए में यूरिया, करीब 1,600 रुपए प्रति बैग सब्सिडी:-* संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) लखपत लाल मीणा ने बताया कि सरकार किसानों को एक बैग यूरिया 267 रूपए की निर्धारित दर पर उपलब्ध कराती है, जबकि प्रति बैग करीब 1,600 रूपए की सब्सिडी सरकार द्वारा वहन की जाती है। सब्सिडी वाले उर्वरक की कालाबाजारी एवं अनधिकृत उपयोग की संभावनाओं को रोकने में डिजिटल व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। *फार्मर आईडी से होगी उर्वरक बिक्री:-* मीणा ने बताया कि अब उर्वरक बिक्री फार्मर आईडी के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने बताया कि किसान एक फसल सीजन में प्रति हैक्टेयर अधिकतम 5 बैग यूरिया, 3 बैग डीएपी प्राप्त कर सकेंगे। नई व्यवस्था से किसानों को अनावश्यक कागजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी तथा उर्वरक की प्रत्येक बिक्री डिजिटल रूप से दर्ज होने के कारण वास्तविक मांग, उपलब्ध स्टॉक एवं वितरण की प्रभावी निगरानी संभव होगी। *ऐसे होगी किसान को उर्वरक बुकिंग:-* किसान एफएफएस एप डाउनलोड कर जिला, तहसील एवं गांव का चयन कर फार्मर आईडी अथवा आधार के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करेंगे। इसके बाद उपलब्ध विकल्पों में से आवश्यक उर्वरक एवं मात्रा का चयन कर बुकिंग पूरी करेंगे। बुकिंग के बाद बुकिंग आईडी और क्यूआर कोड प्राप्त होगा। किसान चयनित अधिकृत उर्वरक विक्रेता के यहां जाकर पोस मशीन के माध्यम से सत्यापन करवाकर बिल प्राप्त करने के बाद उर्वरक ले सकेंगे। *जिले के विभिन्न स्थानों पर भी किसानों को दी जानकारी:-* एफएफएस व्यवस्था के शुभारंभ के अवसर पर करमोदा, वजीरपुर, पीपलदा, भाड़ौती, मित्रपुरा, खंडार सहित विभिन्न स्थानों पर किसानों एवं उर्वरक विक्रेताओं को ऑनलाइन बुकिंग तथा पोस के माध्यम से डिजिटल वितरण प्रक्रिया की जानकारी दी गई। कृषि विभाग ने उर्वरक कंपनियों, सहकारी समितियों एवं अधिकृत विक्रेताओं से व्यवस्था के सुचारू क्रियान्वयन में सहयोग करने तथा किसानों को निर्धारित दर पर, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराने का आह्वान किया है।4
- नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही हुई है। कई पुल बह गए हैं, गांव जलमग्न हो गए हैं और सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही हुई है। कई पुल बह गए हैं, गांव जलमग्न हो गए हैं और सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक लापता लोगों में पुलिसकर्मी, विदेशी सैलानी और बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक शामिल हैं, जबकि हेलिकॉप्टरों की मदद से राहत और बचाव अभियान जारी1
- नगरीय निकाय आम चुनाव-2026: मतदान दलों का दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न,367 पीठासीन अधिकारियों एवं 365 प्रथम मतदान अधिकारियों को दिया सैद्धांतिक एवं ईवीएम का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण सवाई माधोपुर, 27 अगस्त। आगामी 9 एवं 11 सितंबर 2026 को होने वाले नगरीय निकाय आम चुनाव के लिए गठित मतदान दलों का दो दिवसीय प्रशिक्षण गुरुवार को शहीद कैप्टन रिपुदमन सिंह राजकीय महाविद्यालय के दक्षिण परिसर में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में कुल 367 पीठासीन अधिकारियों एवं 365 प्रथम मतदान अधिकारियों को निर्वाचन प्रक्रिया, ईवीएम संचालन एवं मतदान संबंधी आवश्यक प्रावधानों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस 25 अगस्त को दो पारियों में कुल 250 पीठासीन अधिकारियों एवं 247 प्रथम मतदान अधिकारियों तथा द्वितीय दिवस 27 अगस्त को दो पारियों में 117 पीठासीन अधिकारियों एवं 118 प्रथम मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। द्वितीय दिवस जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर काना राम ने प्रशिक्षण स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने प्रशिक्षण कक्षों में पहुंचकर पीठासीन अधिकारियों एवं मतदान अधिकारियों से संवाद किया तथा ईवीएम संचालन की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मतदान दलों को निर्वाचन प्रक्रिया एवं ईवीएम संचालन का गुणवत्तापूर्ण सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि मतदान दिवस पर प्रक्रिया स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुचारू रूप से सम्पन्न हो। प्रशिक्षण प्रकोष्ठ प्रभारी एवं अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान मतदान प्रक्रिया एवं ईवीएम संचालन की सैद्धांतिक जानकारी के साथ सभी प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण भी कराया गया। प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं कार्मिकों की समझ का आकलन करने के लिए प्रशिक्षण उपरांत टेस्ट भी आयोजित किया गया। सहायक प्रशिक्षण अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक दिनेश कुमार गुप्ता, एडीपीसी हरकेश लाल मीणा सहित प्रशिक्षण प्रकोष्ठ से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान सवाई माधोपुर, खण्डार, बौंली, वजीरपुर, बामनवास एवं गंगापुर सिटी से संबंधित सहायक रिटर्निंग अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- विराटनगर क्षेत्र के अन्नपूर्णा स्टैंड से बागावास चौरासी मार्ग बदहाल, NH-248A के गहरे गड्ढे बने हादसों का सबब, ग्रामीणों में भारी रोषबागावास चौरासी। NH-248A पर अन्नपूर्णा स्टैंड से बागावास चौरासी तक सड़क की बदहाल स्थिति से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर हर समय खतरा मंडरा रहा है। स्थिति यह है कि राहगीर जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।पैचवर्क के नाम पर खानापूर्ति, दावों की खुली पोल,ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या को लेकर पूर्व में उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपकर सड़क की मरम्मत की मांग की थी। इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर विभाग द्वारा सड़क पर मोहर्रम डालकर पैचवर्क (मरम्मत) तो कराया गया, लेकिन घटिया कार्य के कारण कुछ ही समय में सड़क दोबारा गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने केवल बजट ठिकाने लगाने के लिए खानापूर्ति की है, जिसका खामियाजा अब जनता भुगत रही है।मासूमों की सुरक्षा दांव पर, बड़े हादसे का अंदेशाइस मुख्य मार्ग से प्रतिदिन हजारों ग्रामीणों के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे गुजरते हैं। सड़क पर बने जानलेवा गड्ढों के कारण आए दिन दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इसका कोई स्थायी और ठोस समाधान नहीं निकाला, तो यहाँ कभी भी कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता है।गुणवत्तापूर्ण निर्माण की मांगक्षेत्र के आक्रोशित लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस मार्ग का अस्थाई पैचवर्क बंद कर, पूरी सड़क का नए सिरे से गुणवत्तापूर्ण निर्माण करवाया जाए। यदि जल्द ही इस दिशा में उचित कदम नहीं उठाए गए, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।1