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एक बार एस विडियो को जारूर देखेंयह विडियो देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे यह विडियो देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे
Sapna thakur
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- User9655Badod, Agar Malwa😂4 hrs ago
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- User3168Agra, Uttar Pradesh💣16 hrs ago
- User5377Aliganj, Etah💣17 hrs ago
- User2728Lohardaga, Jharkhand💣20 hrs ago
- User8207Bodla, Kabirdham👌1 day ago
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- बलिया के रेवती क्षेत्र के भाखर गांव में 18 मार्च 2026 को भाखर-खरिका महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव में भोजपुरी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी, जिनमें गोलू राजा, चंदन यादव, अनुपमा यादव, दीपिका ओझा, और नृत्य के लिए काजल राज व पायल गोस्वामी शामिल थे ¹। इस कार्यक्रम का आयोजन समाजसेवी जेपी सिंह ने किया था, जो पूर्व प्रधान भी हैं। मुख्य अतिथि के रूप में जौनपुर के पूर्व सांसद श्याम सिंह यादव उपस्थित थे ¹। *बयान:* - जेपी सिंह, आयोजक: "यह महोत्सव ग्रामीण स्तर पर संस्कृति को बढ़ावा देने और मनोरंजन का एक बड़ा मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।" - श्याम सिंह यादव, मुख्य अतिथि: "यह महोत्सव क्षेत्र की संस्कृति और प्रतिभा को प्रदर्शित करने का एक अच्छा अवसर है।" इस महोत्सव में क्षेत्र के राजनीतिक दिग्गज भी शामिल हुए। कार्यक्रम के लिए सुरक्षा, पार्किंग और प्रकाश की विशेष व्यवस्था की गई थी ¹।1
- प्रियदर्शकों को नमस्कार आज चैत्र नवरात्रि का पहला दिन माता शैलपुत्री का है आपको बता दें कि आज हिंदू नव वर्ष का भी शुभारंभ हुआ है नवरात्रि प्रारंभ होने के उपलक्ष में आज AIN नेटवर्क आपको घर बैठे फिरोजाबाद माता करौली मईया के दर्शन करने का सौभाग्य प्रदान करता है | फिरोजाबाद के कोटला चुंगी के पास स्थित लगभव 30 वर्ष पुराना श्री राजराजेश्वरी कैला देवी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह करौली के मूल मंदिर के समान मान्यता रखता है और यहाँ की मुख्य विशेषता नवरात्रि के दौरान लगने वाला भव्य मेला तथा राजस्थान से आने वाली अखंड ज्योति है। यहाँ श्रद्धालु मन्नत पूरी होने पर नेजा (पताका) चढ़ाते हैं। फिरोजाबाद राजराजेश्वरी कैला देवी मंदिर की मुख्य विशेषताएं: करौली जैसी मान्यता: फिरोजाबाद का यह मंदिर राजस्थान के करौली स्थित प्रसिद्ध कैला देवी मंदिर का एक रूप माना जाता है, जहाँ श्रद्धालु आस्था के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। अखंड ज्योति: यहाँ राजस्थान के करौली से लाई गई अखंड ज्योति स्थापित है, जिसके दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। नवरात्रि मेला: नवरात्रि के दिनों में यहाँ विशेष मेले का आयोजन होता है, जिसमें उत्तर प्रदेश के अलावा आसपास के राज्यों के भक्त भी शामिल होते हैं। नेजा चढ़ाने की परंपरा: मन्नतें पूरी होने पर भक्त यहाँ पारंपरिक नेजा (ध्वज) समर्पित करते हैं। सुलभ दर्शन: जो भक्त राजस्थान के करौली नहीं जा पाते, वे यहाँ दर्शन करके पुण्य कमाते हैं। Updated News- AIN नेटवर्क से अनुज रावत की व्यरों रिपोर्ट | देश व प्रदेश की हर छोटी बड़ी खबर को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना ना भूलें | AIN NETWORK को आवश्यकता है पूरे भारतवर्ष के प्रत्येक जिले तहसील व ब्लॉक से पत्रकारिता करने हेतु युवक युवतियों की | संपर्क करें -9193250352 ( प्रधान संपादक -अनुज रावत )1
- जोधपुर । मैं एक बहुत महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार रखना चाहती हूँ — दिव्यांग शिविरों में व्यवस्था और दिव्यांगजनों की समस्याएँ आखिर कौन सुनेगा? हम सब जानते हैं कि सरकार और समाज द्वारा समय-समय पर दिव्यांगजनों के लिए शिविर आयोजित किए जाते हैं। इन शिविरों का उद्देश्य होता है कि दिव्यांग भाइयों-बहनों को प्रमाण पत्र, UDID कार्ड, पेंशन, उपकरण और अन्य सुविधाएँ आसानी से मिल सकें। यह एक बहुत अच्छी पहल है। लेकिन सवाल यह है कि क्या इन शिविरों में आने वाले हर दिव्यांग व्यक्ति की समस्या वास्तव में सुनी जाती है? आज ऐसा ही कुछ देखने को मिला एमडीएम अस्पताल में, जहां मरीजों को कॉल करके बुला लिया गया एवं चेक अप एवं अन्य सुविधाओं का झांसा देकर। पर इतनी ज्यादा भीड़ होने के बावजूद कहीं कोई सुविधा सही तरीके से नहीं थी। दिव्यांगों के अभिभावक आसपास के गांव से आए थे कुछ लोकल थे कुछ तो जरा भी पढ़े लिखे नहीं थे जिन्हें कुछ नहीं पता कि उन्हें करना क्या है । पूछने पर यहां का स्टाफ कोई भी ठीक से जवाब नहीं देता। परिजन सुबह 9:00 बजे अपने बच्चे जिन मैं से कुछ को ऑटिज्म, मेंटल रिटारर्डेशन, सेरेब्रल पारसी इत्यादि से पीड़ित थे और उन्हें नहीं पता था कि क्या करना है उन्हें सिर्फ कॉल करके बुला दिया गया था कि हॉस्पिटल आना है। कुछ अभिभावक तो इतनी ज्यादा पढ़े-लिखे भी नहीं थे कि उन्हें क्या करना चाहिए। अक्सर हम देखते हैं कि शिविरों में बहुत भीड़ होती है। कई दिव्यांगजन दूर-दूर से आते हैं — कोई व्हीलचेयर पर, कोई बैसाखियों के सहारे, तो कोई अपने माता-पिता के कंधों पर। लेकिन वहाँ पहुँचने के बाद उन्हें लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है, सही जानकारी नहीं मिलती, और कई बार उनकी बात सुनने वाला भी कोई नहीं होता। सोचिए, एक दिव्यांग व्यक्ति जो पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, अगर उसकी समस्या भी सही से नहीं सुनी जाएगी तो उसे कितनी निराशा होगी।1
- पत्रकार ब्यूरो चीफ डिस्ट्रिक्ट हैंड, प्रैस रिपोर्टर राजीव सिकरवार वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज चैनल आगरा उत्तर प्रदेश 🙏 🇮🇳 🚩 🚩 दैनिक उजाला आज तक हिंदी पेपर आगरा उत्तर प्रदेश 🌹 🙏 🇮🇳 ✍️ 🚩 भारतसूत्र लाइव टीवी न्यूज चैनल आगरा उत्तर प्रदेश 🌹 🙏 🇮🇳 ✍️ 🚩 आगरा के सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अजय वीर जैन ने -समाज का न्यायिक व्यवस्था पर विश्वास बढ़ाने वाला मुकदमा लड़कर न्याय दिलाया. आगरा के सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अजय वीर जैन ने -समाज का न्यायिक व्यवस्था पर विश्वास बढ़ाने वाला मुकदमा लड़कर न्याय दिलाया। भागचंद पहलवान हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 19 दोषियों को उम्रकैद *--प्रख्यात अधिवक्ता अजय वीर सिंह जैन ने की सक्रिय पैराकारी* अपराध करने वाले योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम देकर बच जाने समाज को घोर निराशा होती है,लेकिन कुछ मामलों में निचली अदालतों के फैसले बदलते है और दोषियों को अंतत:अपने कृत्य की सजा भुगतनी पड़ती है।समाज का न्यायिक व्यवस्था पर विश्वास बढ़ाने वाला एक ऐसा ही अपने समय का चर्चित वाद भग्गू कुचबंदिया उर्फ भागचंद पहलवान हत्याकांड का है,जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने जबलपुर हाई कोर्ट ने इस फैसले को पलटते हुए निचली अदालत के द्वारा दिये गये फैसले को बरकरार रखा। 11 जुलाई 2003 को घटी हत्या की घटना में अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।मार्च 2026 अदालत ने 24 आरोपियों में जीवित बचे 19 दोषियों को सजा सुनायी। भागचंद पहलवान, अपने समय के विख्यात थे,उनकी उपलब्धियों के लिये म प्र शासन ने 'मध्य प्रदेश केसरी' का खिताब विभूषित किया था। यह हत्या उस समय हुई थी जबकि पहलवान नर्मदा नदी में स्नान करके लौट रहे थे।वाद की पैरवी प्रख्यात अजय वीर सिंह एडवोकेट ने की है। मूल रूप से आगरा निवासी श्री सिंह कहा कि निश्चित रूप से यह मामला कई पेचीदगियों से भरा हुआ था साथ ही बीस साल से अधिक पुरानी घटना का है।उन्होंने कहा कि सवाल भागचंद पहलवान की हत्या करने वालों को सजा दिलवाने भर का नहीं न्याय व्यवस्था के प्रति समाज का विश्वास और मजबूत करने का है। उल्लेखनीय है कि म प्र के बहुचर्चित भागचंद पहलवान हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए सभी 19 आरोपियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा बरकरार रखी । इस मामले में पीड़ित भागचंद के भाई सीताराम कुचबेदिया द्वारा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर की प्रधान पीठ के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई थी। वादकारी पक्ष के अधिवक्ता अजय वीर सिंह ने बताया कि जुलाई 2003 में भगचंद पहलवान की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 147, 148, 149, 323, 325 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट ने सभी 19 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि बाद में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को आंशिक रूप से पलटते हुए आरोपियों की सजा को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (भाग-2) में परिवर्तित कर दिया था। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने इस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। यह अपील सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुई। सुनवाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए ट्रायल कोर्ट के निर्णय को पुनः बहाल कर दिया और सभी 19 आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने सभी दोषियों को 8 सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने का निर्देश भी दिया है। इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की बड़ी जीत माना जा रहा है। अजय वीर सिंह आगरा के मूल निवासी हैं तथा में सैंट पीटर्स कॉलेज और सेंट जॉन्स कॉलेज से पढ़ाई कर चुके है । अजय वीर सिंह जैन अधिवक्ता- सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया4
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- कानपुर रेलवे ट्रैक पर सिलेंडर ब्लास्ट! महाबोधि एक्सप्रेस गुजरने के बाद धमाका, बड़ा हादसा टला #KanpurNews #RailwayBlast #LPGCylinder #BreakingNews #UPNews1
- Post by Soni Verma1
- बल्दीराय थाना क्षेत्र के पूरे सूबेदार मजरे बिसावां गांव में बुधवार रात एक युवक का शव चिलबिल के पेड़ से शर्ट के सहारे लटका मिलने से क्षेत्र में मचा हड़कंप सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल शुरू वही ग्रामीणों ने शव की पहचान लगभग 21 वर्षीय राहुल यादव पुत्र राजेंद्र यादव के रूप में की है। बताया जा रहा है कि शव को छूते ही वह नीचे गिर गया,जिससे प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी बल्दीराय आशुतोष कुमार और थानाध्यक्ष नारद मुनि सिंह भी मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। बल्दीराय थाना प्रभारी नारद मुनि सिंह ने कहा,पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहन जांच कर रही है। उक्त घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी बल्दीराय, आशुतोष कुमार के द्वारा दी गयी जानकारी।1