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मधुबनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर सुबह जयनगर उधना एक्सप्रेस ट्रेन के एक खाली जनरल बोगी में आग लग गई। शुरुआती आशंका थी कि यह आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। अच्छी बात यह रही कि इस घटना में कोई नुकसान नहीं हुआ और दमकल की गाड़ी ने तुरंत आग पर काबू पा लिया। हालांकि, यह पहली घटना नहीं है, बताया जा रहा है कि इससे पहले भी एक बार इस ट्रेन के कोच में आग लग चुकी है। इस बार की आग को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि इसे शरारती तत्वों द्वारा लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, जयगनर में लाइन की कमी के चलते खाली रैक को मधुबनी स्टेशन पर ही रखा गया था। घटना की सूचना मिलते ही डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्र मधुबनी स्टेशन पहुंचे। फिलहाल, पदाधिकारी घटना के पीछे के कारणों की जांच कर रहे हैं और यह प्रक्रिया अभी भी जारी है।
तेज नारायण ब्रम्हर्षी
मधुबनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर सुबह जयनगर उधना एक्सप्रेस ट्रेन के एक खाली जनरल बोगी में आग लग गई। शुरुआती आशंका थी कि यह आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। अच्छी बात यह रही कि इस घटना में कोई नुकसान नहीं हुआ और दमकल की गाड़ी ने तुरंत आग पर काबू पा लिया। हालांकि, यह पहली घटना नहीं है, बताया जा रहा है कि इससे पहले भी एक बार इस ट्रेन के कोच में आग लग चुकी है। इस बार की आग को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि इसे शरारती तत्वों द्वारा लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, जयगनर में लाइन की कमी के चलते खाली रैक को मधुबनी स्टेशन पर ही रखा गया था। घटना की सूचना मिलते ही डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्र मधुबनी स्टेशन पहुंचे। फिलहाल, पदाधिकारी घटना के पीछे के कारणों की जांच कर रहे हैं और यह प्रक्रिया अभी भी जारी है।
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- जिलाधिकारी ने एक महत्वपूर्ण संदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि पेंशन का लाभ लेने वाले सभी व्यक्तियों के लिए जीवन प्रमाणीकरण कराना आवश्यक है। इस अनिवार्यता पर जोर देते हुए उन्होंने सभी संबंधित पेंशनभोगियों से इस प्रक्रिया को पूरा करने का आग्रह किया है।1
- मधुबनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर सुबह जयनगर उधना एक्सप्रेस ट्रेन के एक खाली जनरल बोगी में आग लग गई। शुरुआती आशंका थी कि यह आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। अच्छी बात यह रही कि इस घटना में कोई नुकसान नहीं हुआ और दमकल की गाड़ी ने तुरंत आग पर काबू पा लिया। हालांकि, यह पहली घटना नहीं है, बताया जा रहा है कि इससे पहले भी एक बार इस ट्रेन के कोच में आग लग चुकी है। इस बार की आग को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि इसे शरारती तत्वों द्वारा लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, जयगनर में लाइन की कमी के चलते खाली रैक को मधुबनी स्टेशन पर ही रखा गया था। घटना की सूचना मिलते ही डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्र मधुबनी स्टेशन पहुंचे। फिलहाल, पदाधिकारी घटना के पीछे के कारणों की जांच कर रहे हैं और यह प्रक्रिया अभी भी जारी है।1
- मधुबनी जिले में 18 मई को ऑफिसर कॉलोनी से काम कर लौट रही महिला उमा देवी के साथ हुई घटना के बाद एक नया मोड़ आया है। इस मामले में उमा देवी ने सोनू कुमार और गणेश कुमार महतो पर गंभीर आरोप लगाए थे। इन्हीं आरोपों के जवाब में, आरोपित सोनू कुमार के पिता रमा शंकर महतो और माता जयंती देवी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने अपने बेटे सोनू कुमार और गणेश कुमार महतो को निर्दोष बताया। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि उमा देवी द्वारा लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं और एक निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। इस मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है, और लोग पुलिस जांच के निष्कर्ष का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।1
- मधुबनी के स्टेशन चौक पर हनुमान प्रेम मंदिर स्थित है, जहाँ दक्षिण मुख युगल हनुमान विराजमान हैं।1
- आज मधुबनी जिले के जयनगर प्रखंड अंतर्गत देवदा मध्य पंचायत में बकरीद की नमाज अदा की गई।1
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- दरभंगा में गौ रक्षा दल द्वारा एक उच्च स्तरीय बैठक और संगोष्ठी का आयोजन किया गया।1
- मधुबनी के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय सलहा में महावारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर किशोरियों के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। किशोरी मंच की नोडल शिक्षिका चंदा कुमारी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पेंटिंग प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता और रेड डॉट चैलेंज जैसी गतिविधियां शामिल थीं, जिसमें छात्राओं और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका डॉ. मीनाक्षी कुमारी ने छात्राओं के साथ महावारी से जुड़े विषयों पर खुलकर बातचीत की, यह समझाते हुए कि यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इस पर बिना किसी झिझक के चर्चा करना आवश्यक है। छात्राओं को शैक्षणिक वीडियो भी दिखाए गए, ताकि वे पीरियड्स के दौरान सहजता और आत्मविश्वास के साथ रह सकें। इस दौरान सेनेटरी पैड का वितरण भी किया गया, साथ ही उनके सुरक्षित उपयोग और रखरखाव के बारे में जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को महावारी स्वच्छता, स्वास्थ्य और इससे जुड़े मिथकों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के अंत में, छात्राओं ने महावारी विषय पर विभिन्न पेंटिंग्स के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किए और अपने हाथों पर रेड डॉट बनाकर पीरियड्स को स्वीकार करने तथा समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने की शपथ ली। विद्यालय की इस पहल को किशोरियों को स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1