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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने और आमजन को योग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को भरतपुर में एक विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। यह रैली बिजलीघर से प्रारंभ होकर कुम्हेर गेट तक पहुंची। इस आयोजन में विभिन्न विभागों के कार्मिकों के साथ-साथ कई सामाजिक, धार्मिक संगठनों और संस्थाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। रैली को अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन घनश्याम शर्मा ने हरीझंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर अतिरिक्त कलक्टर शहर राहुल सैनी, उपखंड अधिकरी भारती गुप्ता, उप निदेशक आयुर्वेद डॉ. साधुराम जैमन, उप निदेशक महिला अधिकारिता राजेश कुमार, आयुर्वेद अस्पताल के प्रधान चिकित्सक डॉ. चन्द्रप्रकाश दीक्षित और स्काउट के गिरीराज गर्ग सहित कई योग संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। रैली बिजलीघर से शुरू होकर मथुरा गेट, चौबुर्जा, गंगा मन्दिर और लक्ष्मण मन्दिर जैसे प्रमुख स्थानों से गुजरी, जहाँ रास्ते में व्यापारी संगठनों और आमजन ने इसका उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इस रैली में आयुर्वेद विभाग के चिकित्सक, जिला स्तरीय अधिकारियों, स्काउट, एनसीसी, राजस्थान पुलिस के जवान, ब्रहमकुमारी संस्थान के सदस्य तथा विभिन्न योग संस्थाओं के सदस्यों ने हिस्सा लिया और 'योग भगाए रोग-रोज करो योग' जैसे नारों के साथ आमजन को जागरूक किया।

2 hrs ago
user_यशपाल सोलंकी
यशपाल सोलंकी
Voice of people भरतपुर, भरतपुर, राजस्थान•
2 hrs ago
27d15bcc-388a-414d-b915-1bb8287be76f

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने और आमजन को योग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को भरतपुर में एक विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। यह रैली बिजलीघर से प्रारंभ होकर कुम्हेर गेट तक पहुंची। इस आयोजन में विभिन्न विभागों के कार्मिकों के साथ-साथ कई सामाजिक, धार्मिक संगठनों और संस्थाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। रैली को अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन घनश्याम शर्मा ने हरीझंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर अतिरिक्त कलक्टर शहर राहुल सैनी, उपखंड अधिकरी भारती गुप्ता, उप निदेशक आयुर्वेद डॉ. साधुराम जैमन, उप निदेशक महिला अधिकारिता राजेश कुमार, आयुर्वेद अस्पताल के प्रधान चिकित्सक डॉ. चन्द्रप्रकाश दीक्षित और स्काउट के गिरीराज गर्ग सहित कई योग संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। रैली बिजलीघर से शुरू होकर मथुरा गेट, चौबुर्जा, गंगा मन्दिर और लक्ष्मण मन्दिर जैसे प्रमुख स्थानों से गुजरी, जहाँ रास्ते में व्यापारी संगठनों और आमजन ने इसका उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इस रैली में आयुर्वेद विभाग के चिकित्सक, जिला स्तरीय अधिकारियों, स्काउट, एनसीसी, राजस्थान पुलिस के जवान, ब्रहमकुमारी संस्थान के सदस्य तथा विभिन्न योग संस्थाओं के सदस्यों ने हिस्सा लिया और 'योग भगाए रोग-रोज करो योग' जैसे नारों के साथ आमजन को जागरूक किया।

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  • एक युवक ने कुछ लोगों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। यह पूरा मामला अब पुलिस की जांच के दायरे में है, जिसके संबंध में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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    एक युवक ने कुछ लोगों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। यह पूरा मामला अब पुलिस की जांच के दायरे में है, जिसके संबंध में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    कुम्हेर, भरतपुर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • मथुरा जिले के कोसी क्षेत्र में स्थित बैठेन कला में एक मकान पर कब्जे की कोशिश को लेकर जमकर बवाल हुआ। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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    मथुरा जिले के कोसी क्षेत्र में स्थित बैठेन कला में एक मकान पर कब्जे की कोशिश को लेकर जमकर बवाल हुआ। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
    user_Police Ki Aawaz News
    Police Ki Aawaz News
    मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में थाना रिफाइनरी क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ मीरा नगर कॉलोनी, आजमपुर निवासी और समाजवादी राजनीति से जुड़े रहे नेता सेनापति कुंतल की दिनदहाड़े बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावरों ने लाठी-डंडों और सरियों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक के भाई मुरारी लाल कुंतल के अनुसार, सेनापति कुंतल दोपहर के समय अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में कन्हैया पहलवान और उसके साथियों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने उन पर क्रूरता से लाठी-डंडों और सरियों से हमला किया, जिससे उनके हाथ, पैर और सिर पर गंभीर चोटें आईं। हमलावर उन्हें मृत अवस्था में छोड़कर मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल सेनापति कुंतल को तत्काल जिला चिकित्सालय मथुरा ले जाया गया, जहाँ से उन्हें आगरा रेफर कर दिया गया। हालांकि, उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस वीभत्स वारदात को पुरानी रंजिश के चलते अंजाम दिया गया है। बताया जा रहा है कि सेनापति कुंतल पहले समाजवादी पार्टी से जुड़े थे और वर्तमान में प्रगतिशील पार्टी में सक्रिय थे। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। लोग सेनापति कुंतल के लिए न्याय की माँग कर रहे हैं।
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    उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में थाना रिफाइनरी क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ मीरा नगर कॉलोनी, आजमपुर निवासी और समाजवादी राजनीति से जुड़े रहे नेता सेनापति कुंतल की दिनदहाड़े बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावरों ने लाठी-डंडों और सरियों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

मृतक के भाई मुरारी लाल कुंतल के अनुसार, सेनापति कुंतल दोपहर के समय अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में कन्हैया पहलवान और उसके साथियों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने उन पर क्रूरता से लाठी-डंडों और सरियों से हमला किया, जिससे उनके हाथ, पैर और सिर पर गंभीर चोटें आईं। हमलावर उन्हें मृत अवस्था में छोड़कर मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल सेनापति कुंतल को तत्काल जिला चिकित्सालय मथुरा ले जाया गया, जहाँ से उन्हें आगरा रेफर कर दिया गया। हालांकि, उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस वीभत्स वारदात को पुरानी रंजिश के चलते अंजाम दिया गया है। बताया जा रहा है कि सेनापति कुंतल पहले समाजवादी पार्टी से जुड़े थे और वर्तमान में प्रगतिशील पार्टी में सक्रिय थे। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। लोग सेनापति कुंतल के लिए न्याय की माँग कर रहे हैं।
    user_RPR NEWS TV
    RPR NEWS TV
    Court reporter Mathura, Uttar Pradesh•
    8 hrs ago
  • गलत ब्लड चढ़ाए जाने के आरोप के बाद ढाई साल की एक मासूम बच्ची इशिका जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। इस हृदय विदारक स्थिति के चलते बच्ची की माँ की चीखें थम नहीं रही हैं, और उसके पिता लगातार मदद की गुहार लगा रहे हैं। अब सवाल यह है कि आखिर इस मासूम इशिका को कौन बचाएगा?
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    गलत ब्लड चढ़ाए जाने के आरोप के बाद ढाई साल की एक मासूम बच्ची इशिका जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। इस हृदय विदारक स्थिति के चलते बच्ची की माँ की चीखें थम नहीं रही हैं, और उसके पिता लगातार मदद की गुहार लगा रहे हैं। अब सवाल यह है कि आखिर इस मासूम इशिका को कौन बचाएगा?
    user_Pandit Rahul brijwasi
    Pandit Rahul brijwasi
    Mathura, Uttar Pradesh•
    11 hrs ago
  • गृह, गौपालन, पशुपालन, डेयरी तथा मत्स्य विभाग राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने 20 जून, शनिवार को डीग में जिला पुलिस को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 6 नई महिंद्रा बोलेरो गाड़ियां समर्पित कीं। यह पहल उनकी विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत की गई, जिसका लक्ष्य राजस्थान में सुशासन स्थापित करना और प्रदेश को अपराध मुक्त बनाना है, जिसे मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया। इस कार्यक्रम के दौरान, राजकीय योजनाओं व नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक अतिरिक्त वाहन पंचायत समिति नगर को भी सुपुर्द किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री बेढ़म ने बताया कि डीग एक नवगठित जिला है और यहाँ विभिन्न विभागों में संसाधनों की कमी स्वाभाविक है। चूँकि डीग जिला भौगोलिक रूप से अन्य राज्यों की सीमाओं के बेहद करीब है, इसलिए यहाँ सुरक्षा और चाक-चौबंद गश्त व्यवस्था अनिवार्य है। इसी आवश्यकता को देखते हुए, उन्होंने जनहित में अपनी विधायक निधि का सदुपयोग करते हुए इन वाहनों को स्वीकृत किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन नए वाहनों को ईआरवी-112 गाड़ियों के साथ-साथ जिला विशेष टीम और स्थानीय थानों की गश्त व्यवस्था में शामिल किया जाए। इसके अतिरिक्त, थानों में उपलब्ध पुरानी गाड़ियों की स्थानीय भामाशाहों के सहयोग से मरम्मत करवाकर उन्हें कस्बों व स्थानीय बाजारों में 7 से 8 किलोमीटर के दायरे में नियमित गश्त के लिए इस्तेमाल करने को कहा गया, ताकि कानून व्यवस्था पर पूर्ण नियंत्रण बना रहे। मंत्री बेढ़म ने राज्य सरकार द्वारा अपराधों पर नियंत्रण के विधिक और सांख्यिकीय आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि भजनलाल सरकार के कड़े रुख और प्रशासनिक मुस्तैदी के परिणामस्वरूप पिछले सवा दो वर्षों में राज्य में सभी प्रकार के अपराधों के ग्राफ में लगभग 15% की उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है। वहीं, हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती और लूट जैसे गंभीर व संगीन अपराधों में 18.74% की भारी गिरावट आई है, जबकि कई विशिष्ट श्रेणी के अपराधों में 40% से 45% तक की कमी देखी गई है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि पुलिस बल वही है, लेकिन सरकार के स्पष्ट विजन के कारण आज पुलिस का इकबाल और अधिक बुलंद हुआ है, जिससे अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं और आमजन खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है। कार्यक्रम में गृह राज्य मंत्री ने जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ को नए वाहनों की प्रतीकात्मक चाबियां सौंपी और उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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    गृह, गौपालन, पशुपालन, डेयरी तथा मत्स्य विभाग राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने 20 जून, शनिवार को डीग में जिला पुलिस को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 6 नई महिंद्रा बोलेरो गाड़ियां समर्पित कीं। यह पहल उनकी विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत की गई, जिसका लक्ष्य राजस्थान में सुशासन स्थापित करना और प्रदेश को अपराध मुक्त बनाना है, जिसे मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया। इस कार्यक्रम के दौरान, राजकीय योजनाओं व नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक अतिरिक्त वाहन पंचायत समिति नगर को भी सुपुर्द किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री बेढ़म ने बताया कि डीग एक नवगठित जिला है और यहाँ विभिन्न विभागों में संसाधनों की कमी स्वाभाविक है। चूँकि डीग जिला भौगोलिक रूप से अन्य राज्यों की सीमाओं के बेहद करीब है, इसलिए यहाँ सुरक्षा और चाक-चौबंद गश्त व्यवस्था अनिवार्य है। इसी आवश्यकता को देखते हुए, उन्होंने जनहित में अपनी विधायक निधि का सदुपयोग करते हुए इन वाहनों को स्वीकृत किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन नए वाहनों को ईआरवी-112 गाड़ियों के साथ-साथ जिला विशेष टीम और स्थानीय थानों की गश्त व्यवस्था में शामिल किया जाए। इसके अतिरिक्त, थानों में उपलब्ध पुरानी गाड़ियों की स्थानीय भामाशाहों के सहयोग से मरम्मत करवाकर उन्हें कस्बों व स्थानीय बाजारों में 7 से 8 किलोमीटर के दायरे में नियमित गश्त के लिए इस्तेमाल करने को कहा गया, ताकि कानून व्यवस्था पर पूर्ण नियंत्रण बना रहे।

मंत्री बेढ़म ने राज्य सरकार द्वारा अपराधों पर नियंत्रण के विधिक और सांख्यिकीय आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि भजनलाल सरकार के कड़े रुख और प्रशासनिक मुस्तैदी के परिणामस्वरूप पिछले सवा दो वर्षों में राज्य में सभी प्रकार के अपराधों के ग्राफ में लगभग 15% की उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है। वहीं, हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती और लूट जैसे गंभीर व संगीन अपराधों में 18.74% की भारी गिरावट आई है, जबकि कई विशिष्ट श्रेणी के अपराधों में 40% से 45% तक की कमी देखी गई है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि पुलिस बल वही है, लेकिन सरकार के स्पष्ट विजन के कारण आज पुलिस का इकबाल और अधिक बुलंद हुआ है, जिससे अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं और आमजन खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है। कार्यक्रम में गृह राज्य मंत्री ने जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ को नए वाहनों की प्रतीकात्मक चाबियां सौंपी और उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
    user_Amardeep sain ripoter
    Amardeep sain ripoter
    Advertising Photographer डीग, भरतपुर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • शनिवार को वृंदावन परिक्रमा मार्ग से सटे कुंभ मेला क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाते हुए लगभग आधा दर्जन झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए नगर निगम की टीम पुलिस बल और ईटीएफ के साथ मौके पर पहुंची, जहाँ जेसीबी की मदद से अतिक्रमणों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों ने इसका विरोध भी जताया, लेकिन पुलिस बल और ईटीएफ की मौजूदगी के कारण उनका विरोध प्रभावी नहीं हो सका। प्रभावित लोगों ने प्रशासन पर पक्षपात का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जहाँ गरीबों की झोपड़ियों को निशाना बनाया जा रहा है, वहीं मेला क्षेत्र में बने पक्के अतिक्रमणों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। गजेंद्र नामक व्यक्ति ने इस भेदभाव को उजागर करते हुए प्रशासन से सभी अतिक्रमणों पर समान रूप से कार्रवाई करने की माँग की। वहीं, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे आर.के. सिंह ने बताया कि यह क्षेत्र पहले भी अतिक्रमणमुक्त कराया जा चुका है, बावजूद इसके कुछ लोग दोबारा झोपड़ियां बनाकर कब्जा कर लेते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देश पर दोबारा की गई है और भविष्य में भी सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी दोहराया कि कुंभ मेला क्षेत्र और परिक्रमा मार्ग को पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त रखने का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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    शनिवार को वृंदावन परिक्रमा मार्ग से सटे कुंभ मेला क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाते हुए लगभग आधा दर्जन झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए नगर निगम की टीम पुलिस बल और ईटीएफ के साथ मौके पर पहुंची, जहाँ जेसीबी की मदद से अतिक्रमणों को हटाया गया।

कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों ने इसका विरोध भी जताया, लेकिन पुलिस बल और ईटीएफ की मौजूदगी के कारण उनका विरोध प्रभावी नहीं हो सका। प्रभावित लोगों ने प्रशासन पर पक्षपात का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जहाँ गरीबों की झोपड़ियों को निशाना बनाया जा रहा है, वहीं मेला क्षेत्र में बने पक्के अतिक्रमणों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। गजेंद्र नामक व्यक्ति ने इस भेदभाव को उजागर करते हुए प्रशासन से सभी अतिक्रमणों पर समान रूप से कार्रवाई करने की माँग की।

वहीं, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे आर.के. सिंह ने बताया कि यह क्षेत्र पहले भी अतिक्रमणमुक्त कराया जा चुका है, बावजूद इसके कुछ लोग दोबारा झोपड़ियां बनाकर कब्जा कर लेते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देश पर दोबारा की गई है और भविष्य में भी सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी दोहराया कि कुंभ मेला क्षेत्र और परिक्रमा मार्ग को पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त रखने का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
    user_Manish Sharma Anb News
    Manish Sharma Anb News
    Local News Reporter मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • मथुरा के थाना मांट क्षेत्र में, तहसील के किनारे लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण को प्रशासन ने पुलिस बल के साथ ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान, कुछ लोगों ने प्रशासन के बुलडोजर को रोकने की कोशिश की और वे एक टिन शेड पर चढ़ गए। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बड़ी मुश्किल से उन लोगों को समझा-बुझाकर हटाया, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने का काम जारी रहा। इस अभियान के बाद, मांट तहसील का क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त हो गया, जिसे हटाने में प्रशासन को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
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    मथुरा के थाना मांट क्षेत्र में, तहसील के किनारे लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण को प्रशासन ने पुलिस बल के साथ ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान, कुछ लोगों ने प्रशासन के बुलडोजर को रोकने की कोशिश की और वे एक टिन शेड पर चढ़ गए।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बड़ी मुश्किल से उन लोगों को समझा-बुझाकर हटाया, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने का काम जारी रहा। इस अभियान के बाद, मांट तहसील का क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त हो गया, जिसे हटाने में प्रशासन को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
    user_Murli Thakur Reporter
    Murli Thakur Reporter
    Court reporter मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • जनपद मथुरा के ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के उद्देश्य से केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित किए गए आयुष्मान आरोग्य मंदिर कई स्थानों पर अपनी उपयोगिता खोते नजर आ रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए इन स्वास्थ्य केंद्रों पर न तो पर्याप्त स्वास्थ्य कर्मी उपलब्ध हैं और न ही मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ मिल पा रही हैं। इन बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के कारण ग्रामीणों को मामूली बीमारी के उपचार के लिए भी कई किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल या निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकांश आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर नियमित रूप से डॉक्टर, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO), स्टाफ नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं रहते। कई केंद्रों पर आवश्यक दवाओं का अभाव है, जबकि जाँच सुविधाएँ केवल सरकारी अभिलेखों तक सीमित दिखाई देती हैं। विकास खंड मांट के ग्राम दीवाना कला का मामला भी इसी बदहाली को दर्शाता है, जहाँ के निवासियों ने डॉक्टर, CHO, स्टाफ नर्स, दवाओं और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग उठाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने समस्याओं के समाधान के बजाय केवल एएनएम की तैनाती दर्शाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली, लेकिन आज भी ग्रामीणों को समुचित स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध नहीं हैं। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन अधिकांश अधिकारी स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन केंद्रों पर प्रशिक्षित स्टाफ, आवश्यक दवाएँ और जाँच सुविधाएँ ही उपलब्ध नहीं होंगी, तो योजना का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा और करोड़ों रुपये से निर्मित भवन जनता के लिए केवल शोपीस बनकर रह जाएंगे। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का नियमित निरीक्षण कराया जाए, रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियाँ की जाएँ तथा दवाओं और जाँच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजनाएँ केवल बोर्ड और भवनों तक सीमित होकर रह जाएंगी। एक बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, तो आखिर मथुरा के कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मरीजों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएँ क्यों नहीं मिल पा रहीं।
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    जनपद मथुरा के ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के उद्देश्य से केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित किए गए आयुष्मान आरोग्य मंदिर कई स्थानों पर अपनी उपयोगिता खोते नजर आ रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए इन स्वास्थ्य केंद्रों पर न तो पर्याप्त स्वास्थ्य कर्मी उपलब्ध हैं और न ही मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ मिल पा रही हैं। इन बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के कारण ग्रामीणों को मामूली बीमारी के उपचार के लिए भी कई किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल या निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकांश आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर नियमित रूप से डॉक्टर, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO), स्टाफ नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं रहते। कई केंद्रों पर आवश्यक दवाओं का अभाव है, जबकि जाँच सुविधाएँ केवल सरकारी अभिलेखों तक सीमित दिखाई देती हैं। विकास खंड मांट के ग्राम दीवाना कला का मामला भी इसी बदहाली को दर्शाता है, जहाँ के निवासियों ने डॉक्टर, CHO, स्टाफ नर्स, दवाओं और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग उठाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने समस्याओं के समाधान के बजाय केवल एएनएम की तैनाती दर्शाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली, लेकिन आज भी ग्रामीणों को समुचित स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध नहीं हैं।

इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन अधिकांश अधिकारी स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन केंद्रों पर प्रशिक्षित स्टाफ, आवश्यक दवाएँ और जाँच सुविधाएँ ही उपलब्ध नहीं होंगी, तो योजना का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा और करोड़ों रुपये से निर्मित भवन जनता के लिए केवल शोपीस बनकर रह जाएंगे। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का नियमित निरीक्षण कराया जाए, रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियाँ की जाएँ तथा दवाओं और जाँच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजनाएँ केवल बोर्ड और भवनों तक सीमित होकर रह जाएंगी। एक बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, तो आखिर मथुरा के कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मरीजों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएँ क्यों नहीं मिल पा रहीं।
    user_नितिन कर्दम
    नितिन कर्दम
    मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • मथुरा जिले में गोवर्धन-बरसाना रोड पर शुक्रवार और शनिवार की मध्य रात्रि एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक श्रद्धालु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लगभग एक दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। श्रद्धालुओं से भरे एक टेंपो और बलेनो कार के बीच जोरदार भिड़ंत हुई, जो इतनी भीषण थी कि टेंपो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई। हादसे के शिकार हुए श्रद्धालु पटना और संभल के रहने वाले बताए गए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही गोवर्धन एसडीएम, क्षेत्राधिकारी और SHO गोवर्धन पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायल श्रद्धालुओं को गोवर्धन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सक के मुताबिक, कुल 10 घायलों को लाया गया था, जिनमें से एक श्रद्धालु की अस्पताल पहुँचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। प्राथमिक उपचार के बाद, 6 मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जिनमें से 3 की हालत बेहद गंभीर बताई गई है। अन्य घायलों को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
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    मथुरा जिले में गोवर्धन-बरसाना रोड पर शुक्रवार और शनिवार की मध्य रात्रि एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक श्रद्धालु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लगभग एक दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। श्रद्धालुओं से भरे एक टेंपो और बलेनो कार के बीच जोरदार भिड़ंत हुई, जो इतनी भीषण थी कि टेंपो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई। हादसे के शिकार हुए श्रद्धालु पटना और संभल के रहने वाले बताए गए हैं।

हादसे की सूचना मिलते ही गोवर्धन एसडीएम, क्षेत्राधिकारी और SHO गोवर्धन पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायल श्रद्धालुओं को गोवर्धन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सक के मुताबिक, कुल 10 घायलों को लाया गया था, जिनमें से एक श्रद्धालु की अस्पताल पहुँचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। प्राथमिक उपचार के बाद, 6 मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जिनमें से 3 की हालत बेहद गंभीर बताई गई है। अन्य घायलों को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
    user_Gajendr Singh
    Gajendr Singh
    Court reporter Mahavan, Mathura•
    11 hrs ago
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