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गौवंश की मौत से आहत करणी सेना व सामाजिक संगठनों ने भारी वाहनों पर कार्रवाई की मांग की गौवंश की मौत से आहत करणी सेना व सामाजिक संगठनों ने भारी वाहनों पर कार्रवाई की मांग की साईंखेड़ा। 26 अगस्त को साईंखेड़ा-सेठान के बीच स्टेट हाईवे-44 पर फ्लाई ऐश से जुड़े अज्ञात भारी वाहन की टक्कर से आठ गौवंश हादसे का शिकार हो गए, जिनमें चार गौमाता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हो गईं। घटना से आहत करणी सेना एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों तथा गौभक्तों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर दुर्घटनाओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन में साईंखेड़ा के मुख्य मार्ग एवं स्टेट हाईवे-44 का राजस्व विभाग तथा नगर परिषद की संयुक्त टीम से सीमांकन एवं निरीक्षण कर अवैध अतिक्रमण तत्काल हटाने तथा अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम एवं अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही हाईवे पर भारी वाहनों की गति, फिटनेस, परमिट एवं चालकों की नियमित जांच, दुर्घटना संभावित स्थानों पर सीसीटीवी, पर्याप्त प्रकाश, गति सीमा एवं चेतावनी संकेतक लगाने की मांग रखी गई। रात्रि में भारी वाहनों की विशेष चेकिंग तथा नशे में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और एनटीपीसी सहित अन्य परियोजनाओं से जुड़े भारी वाहनों के संचालकों एवं ठेकेदारों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के लिए जवाबदेह बनाने की मांग भी की गई। ज्ञापन में कहा गया कि यह मामला केवल गौवंश की मृत्यु का नहीं, बल्कि साईंखेड़ा के नागरिकों के जीवन और सार्वजनिक मार्ग की सुरक्षा का भी प्रश्न है। प्रशासन द्वारा समय रहते मुख्य मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात व्यवस्था सुरक्षित करना जनहित में आवश्यक है। इस दौरान राकेश शर्मा, चंद्रपाल राजपूत, आनंद राजपूत, राकेश खेमरिया, अनुराग शर्मा, अनिल मिढोतिया, नितिन तिवारी, विशेष अवधिया, नितिन राजपूत, बृजेश राजपूत, नीलेश तोमर, कमलेश अवधिया, लक्ष्मीकांत मेहरा, राजीव गुर्जर, पवन राजपूत, भवानी राजपूत, शिवू राजपूत, नितेश राजपूत, दीपू राजपूत, गुलजार राजपूत, प्रतिपाल राजपूत, यशवंत राजपूत, दुर्गेश राजपूत, गुलाब राजपूत सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी एवं गौभक्त मौजूद रहे।

1 hr ago
user_Ranjeet Tomar
Ranjeet Tomar
पत्रकार Narsimhapur, Narsinghpur•
1 hr ago
156d475c-a685-4fd1-ae33-c2bd654b142a

गौवंश की मौत से आहत करणी सेना व सामाजिक संगठनों ने भारी वाहनों पर कार्रवाई की मांग की गौवंश की मौत से आहत करणी सेना व सामाजिक संगठनों ने भारी वाहनों पर कार्रवाई की मांग की साईंखेड़ा। 26 अगस्त को साईंखेड़ा-सेठान के बीच स्टेट हाईवे-44 पर फ्लाई ऐश से जुड़े अज्ञात भारी वाहन की टक्कर से आठ गौवंश हादसे का शिकार हो गए, जिनमें चार गौमाता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हो गईं। घटना से आहत करणी सेना एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों तथा गौभक्तों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर दुर्घटनाओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन में साईंखेड़ा के मुख्य मार्ग एवं स्टेट हाईवे-44 का राजस्व विभाग तथा नगर परिषद की संयुक्त टीम से सीमांकन एवं निरीक्षण कर अवैध अतिक्रमण तत्काल हटाने तथा अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम एवं अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही हाईवे पर भारी वाहनों की गति, फिटनेस, परमिट एवं चालकों की नियमित जांच, दुर्घटना संभावित स्थानों पर सीसीटीवी, पर्याप्त प्रकाश, गति सीमा एवं चेतावनी संकेतक लगाने की मांग रखी गई। रात्रि में भारी वाहनों की विशेष चेकिंग तथा नशे में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और एनटीपीसी सहित अन्य परियोजनाओं से जुड़े भारी वाहनों के संचालकों एवं ठेकेदारों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के लिए जवाबदेह बनाने की मांग भी की गई। ज्ञापन में कहा गया कि यह मामला केवल गौवंश की मृत्यु का नहीं, बल्कि साईंखेड़ा के नागरिकों के जीवन और सार्वजनिक मार्ग की सुरक्षा का भी प्रश्न है। प्रशासन द्वारा समय रहते मुख्य मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात व्यवस्था सुरक्षित करना जनहित में आवश्यक है। इस दौरान राकेश शर्मा, चंद्रपाल राजपूत, आनंद राजपूत, राकेश खेमरिया, अनुराग शर्मा, अनिल मिढोतिया, नितिन तिवारी, विशेष अवधिया, नितिन राजपूत, बृजेश राजपूत, नीलेश तोमर, कमलेश अवधिया, लक्ष्मीकांत मेहरा, राजीव गुर्जर, पवन राजपूत, भवानी राजपूत, शिवू राजपूत, नितेश राजपूत, दीपू राजपूत, गुलजार राजपूत, प्रतिपाल राजपूत, यशवंत राजपूत, दुर्गेश राजपूत, गुलाब राजपूत सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी एवं गौभक्त मौजूद रहे।

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  • 25 करोड़ की सीवरेज परियोजना पर संकट: भुगतान के अभाव में स्टाफ ने छोड़ा काम, चोकिंग-ओवरफ्लो से साईंखेड़ा परेशान 25 करोड़ की सीवरेज परियोजना पर संकट: भुगतान के अभाव में स्टाफ ने छोड़ा काम, चोकिंग-ओवरफ्लो से साईंखेड़ा परेशान साईंखेड़ा। नगर की स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से एशियन डेवलपमेंट बैंक से वित्त पोषित एवं मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (MPUDC), भोपाल के माध्यम से लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित साईंखेड़ा सीवरेज परियोजना अब अपने उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है। जिस परियोजना को नगर के लिए बड़ी सौगात माना गया था, वही आज उपेक्षा, भुगतान संबंधी विवाद और कमजोर संचालन व्यवस्था के चलते गंभीर संकट में पहुंचती दिखाई दे रही है। जानकारी के अनुसार नवंबर 2024 में परियोजना के ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस का कार्य प्रारंभ हुआ था। आरोप है कि इसके बाद लंबे समय से संबंधित ठेकेदार को भुगतान नहीं किया गया। भुगतान लंबित होने के कारण ठेकेदार कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थ हुआ और परियोजना के संचालन तथा रखरखाव में लगे कर्मचारियों के काम छोड़ने से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई। स्टाफ हटते ही चरमराई व्यवस्था तकनीकी एवं मेंटेनेंस स्टाफ की कमी का सीधा असर अब जमीन पर दिखाई दे रहा है। नगर के विभिन्न हिस्सों में सीवरेज पाइपलाइन चोक होने, मैनहोल ओवरफ्लो होने, नालियां भरने और गंदा पानी फैलने जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय स्तर पर शिकायतों के बावजूद इनके स्थायी समाधान को लेकर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि यदि परियोजना की नियमित मेंटेनेंस व्यवस्था इसी प्रकार प्रभावित रही तो करोड़ों रुपये से तैयार किया गया सीवरेज नेटवर्क धीरे-धीरे तकनीकी रूप से खराब होने की स्थिति में पहुंच सकता है। इसका सीधा असर नगरवासियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण पर पड़ेगा। ठेकेदार ने भी ऑपरेशन-मेंटेनेंस से अलग होने का दिया संकेत सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भुगतान नहीं होने की स्थिति में संबंधित ठेकेदार द्वारा विभाग को अपनी कठिनाइयों से अवगत कराते हुए ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस कार्य से अलग किए जाने का अनुरोध भी किया गया है। यदि यह स्थिति सही है तो यह केवल भुगतान का मामला नहीं, बल्कि इतनी बड़ी सार्वजनिक परियोजना के भविष्य के संचालन पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। परियोजना का भविष्य कौन तय करेगा? नगरवासियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद परियोजना को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी किसकी है? नगर परिषद, MPUDC और संबंधित PIU के बीच समन्वय की स्थिति क्या है? लंबित भुगतान का समाधान कब होगा? मेंटेनेंस के लिए पर्याप्त तकनीकी स्टाफ कब उपलब्ध होगा? और यदि वर्तमान एजेंसी ऑपरेशन-मेंटेनेंस से अलग होती है तो आगे परियोजना किस व्यवस्था से संचालित होगी? इन सवालों का स्पष्ट जवाब नगरवासियों को अब तक नहीं मिल पा रहा है। नए क्षेत्रों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने की योजना भी अस्पष्ट परियोजना का उद्देश्य केवल वर्तमान नेटवर्क को संचालित करना ही नहीं, बल्कि नगर के अधिकाधिक घरों एवं नए क्षेत्रों को सीवरेज सुविधा से जोड़ना भी है। लेकिन किस चरण में कितने नए घर जोड़े जाएंगे, नए क्षेत्रों को कब लाभ मिलेगा और इसके लिए क्या कार्ययोजना तैयार की गई है, इस संबंध में भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ रही है। करोड़ों की परियोजना पर अब जवाबदेही जरूरी यह मामला महज नाली चोक होने या मैनहोल ओवरफ्लो होने तक सीमित नहीं है। यह करोड़ों रुपये की सार्वजनिक निधि से निर्मित एक महत्वपूर्ण अधोसंरचना की कार्यक्षमता और उसके भविष्य से जुड़ा विषय है। यदि समय रहते परियोजना के संचालन, रखरखाव, भुगतान और विस्तार को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आशंका है कि करोड़ों रुपये से निर्मित यह व्यवस्था धीरे-धीरे अनुपयोगी होती चली जाएगी और अंततः इसका आर्थिक एवं सामाजिक भार नगरवासियों को उठाना पड़ेगा। अब आवश्यकता है कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग पूरे मामले की गंभीरता से समीक्षा करें, परियोजना की वर्तमान तकनीकी स्थिति की जांच कराएं, लंबित भुगतान की स्थिति स्पष्ट करें, जिम्मेदार एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित करें और भविष्य के संचालन की ठोस कार्ययोजना सार्वजनिक करें। सवाल सीधा है—25 करोड़ रुपये की परियोजना यदि आज ही रखरखाव और संचालन के संकट में फंस गई है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है और जवाबदेही तय कब होगी?
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    25 करोड़ की सीवरेज परियोजना पर संकट: भुगतान के अभाव में स्टाफ ने छोड़ा काम, चोकिंग-ओवरफ्लो से साईंखेड़ा परेशान
25 करोड़ की सीवरेज परियोजना पर संकट: भुगतान के अभाव में स्टाफ ने छोड़ा काम, चोकिंग-ओवरफ्लो से साईंखेड़ा परेशान
साईंखेड़ा। नगर की स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से एशियन डेवलपमेंट बैंक से वित्त पोषित एवं मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (MPUDC), भोपाल के माध्यम से लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित साईंखेड़ा सीवरेज परियोजना अब अपने उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है। जिस परियोजना को नगर के लिए बड़ी सौगात माना गया था, वही आज उपेक्षा, भुगतान संबंधी विवाद और कमजोर संचालन व्यवस्था के चलते गंभीर संकट में पहुंचती दिखाई दे रही है।
जानकारी के अनुसार नवंबर 2024 में परियोजना के ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस का कार्य प्रारंभ हुआ था। आरोप है कि इसके बाद लंबे समय से संबंधित ठेकेदार को भुगतान नहीं किया गया। भुगतान लंबित होने के कारण ठेकेदार कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थ हुआ और परियोजना के संचालन तथा रखरखाव में लगे कर्मचारियों के काम छोड़ने से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई।
स्टाफ हटते ही चरमराई व्यवस्था
तकनीकी एवं मेंटेनेंस स्टाफ की कमी का सीधा असर अब जमीन पर दिखाई दे रहा है। नगर के विभिन्न हिस्सों में सीवरेज पाइपलाइन चोक होने, मैनहोल ओवरफ्लो होने, नालियां भरने और गंदा पानी फैलने जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय स्तर पर शिकायतों के बावजूद इनके स्थायी समाधान को लेकर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।
सबसे गंभीर स्थिति यह है कि यदि परियोजना की नियमित मेंटेनेंस व्यवस्था इसी प्रकार प्रभावित रही तो करोड़ों रुपये से तैयार किया गया सीवरेज नेटवर्क धीरे-धीरे तकनीकी रूप से खराब होने की स्थिति में पहुंच सकता है। इसका सीधा असर नगरवासियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण पर पड़ेगा।
ठेकेदार ने भी ऑपरेशन-मेंटेनेंस से अलग होने का दिया संकेत
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भुगतान नहीं होने की स्थिति में संबंधित ठेकेदार द्वारा विभाग को अपनी कठिनाइयों से अवगत कराते हुए ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस कार्य से अलग किए जाने का अनुरोध भी किया गया है। यदि यह स्थिति सही है तो यह केवल भुगतान का मामला नहीं, बल्कि इतनी बड़ी सार्वजनिक परियोजना के भविष्य के संचालन पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।
परियोजना का भविष्य कौन तय करेगा?
नगरवासियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद परियोजना को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी किसकी है? नगर परिषद, MPUDC और संबंधित PIU के बीच समन्वय की स्थिति क्या है? लंबित भुगतान का समाधान कब होगा? मेंटेनेंस के लिए पर्याप्त तकनीकी स्टाफ कब उपलब्ध होगा? और यदि वर्तमान एजेंसी ऑपरेशन-मेंटेनेंस से अलग होती है तो आगे परियोजना किस व्यवस्था से संचालित होगी?
इन सवालों का स्पष्ट जवाब नगरवासियों को अब तक नहीं मिल पा रहा है।
नए क्षेत्रों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने की योजना भी अस्पष्ट
परियोजना का उद्देश्य केवल वर्तमान नेटवर्क को संचालित करना ही नहीं, बल्कि नगर के अधिकाधिक घरों एवं नए क्षेत्रों को सीवरेज सुविधा से जोड़ना भी है। लेकिन किस चरण में कितने नए घर जोड़े जाएंगे, नए क्षेत्रों को कब लाभ मिलेगा और इसके लिए क्या कार्ययोजना तैयार की गई है, इस संबंध में भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ रही है।
करोड़ों की परियोजना पर अब जवाबदेही जरूरी
यह मामला महज नाली चोक होने या मैनहोल ओवरफ्लो होने तक सीमित नहीं है। यह करोड़ों रुपये की सार्वजनिक निधि से निर्मित एक महत्वपूर्ण अधोसंरचना की कार्यक्षमता और उसके भविष्य से जुड़ा विषय है।
यदि समय रहते परियोजना के संचालन, रखरखाव, भुगतान और विस्तार को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आशंका है कि करोड़ों रुपये से निर्मित यह व्यवस्था धीरे-धीरे अनुपयोगी होती चली जाएगी और अंततः इसका आर्थिक एवं सामाजिक भार नगरवासियों को उठाना पड़ेगा।
अब आवश्यकता है कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग पूरे मामले की गंभीरता से समीक्षा करें, परियोजना की वर्तमान तकनीकी स्थिति की जांच कराएं, लंबित भुगतान की स्थिति स्पष्ट करें, जिम्मेदार एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित करें और भविष्य के संचालन की ठोस कार्ययोजना सार्वजनिक करें।
सवाल सीधा है—25 करोड़ रुपये की परियोजना यदि आज ही रखरखाव और संचालन के संकट में फंस गई है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है और जवाबदेही तय कब होगी?
    user_Ranjeet Tomar
    Ranjeet Tomar
    पत्रकार Narsimhapur, Narsinghpur•
    47 min ago
  • नरसिंहपुर - गांव में बिक रही अवैध शराब बिक्री पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर sp को सौपा ज्ञापन सागौनी खुर्द में अवैध तरीके से बिक रही शराब पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है आज ग्रामीण युवा एसपी ऑफिस पहुंचे और एसपी को आवेदन दिया जिसमें उन्होंने गांव में बिक रही अवैध शराब पर प्रतिबंध लगाने की मांग की उनका कहना है कि गांव में कुछ लोगों के द्वारा अवैध शराब का विक्रय किया जा रहा है जिससे ग्रामीणों के साथ युवा पीढ़ी भी बर्बाद हो रही है वहीं गांव में पूर्णता शराब विक्रय पर रोक लगवाई जाए जिसको लेकर ग्रामीणों ने एसपी को ज्ञापन सोपा और शराब पूर्णता बंद करवाने की मांग
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    नरसिंहपुर - गांव में बिक रही अवैध शराब बिक्री पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर sp को सौपा ज्ञापन
सागौनी खुर्द में अवैध तरीके से बिक रही शराब पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है आज ग्रामीण युवा एसपी ऑफिस पहुंचे और एसपी को आवेदन दिया जिसमें उन्होंने गांव में बिक रही अवैध शराब पर प्रतिबंध लगाने की मांग की उनका कहना है कि गांव में कुछ लोगों के द्वारा अवैध शराब का विक्रय किया जा रहा है जिससे ग्रामीणों के साथ युवा पीढ़ी भी बर्बाद हो रही है वहीं गांव में पूर्णता शराब विक्रय पर रोक लगवाई जाए जिसको  लेकर ग्रामीणों ने एसपी को ज्ञापन सोपा और शराब पूर्णता बंद करवाने की मांग
    user_SATISH DUBEY
    SATISH DUBEY
    पत्रकार Narsimhapur, Narsinghpur•
    1 hr ago
  • *सरकारी कॉलेजों की बदहाली पर ABVP का कड़ा सवाल* *सरकारी कॉलेजों में सुविधाओं का टोटा... ABVP ने खोला व्यवस्थाओं के खिलाफ मोर्चा!* एंकर— नरसिंहपुर में शासकीय महाविद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। ABVP ने शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सरकारी कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कॉलेजों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन उन्हें जरूरी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। ज्ञापन में शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था, खराब वाटर कूलर और RO मशीनों को दुरुस्त कराने, पर्याप्त और सुरक्षित शौचालय उपलब्ध कराने तथा छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन व डिस्पोजल की व्यवस्था की मांग की गई है। वहीं कक्षाओं में पर्याप्त बेंच-डेस्क, पंखे, प्रकाश और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग भी उठाई गई है। ABVP ने महाविद्यालयों की लाइब्रेरी में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप किताबें और प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध कराने, प्रयोगशालाओं में जरूरी उपकरण और सुरक्षा सुविधाएं देने तथा खेल मैदान और खेल सामग्री की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके साथ ही कॉलेज परिसरों में साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, पौधरोपण और हरित वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया गया है। सबसे अहम मांग कॉलेज परिसरों की सुरक्षा को लेकर है। ABVP ने प्रवेश और निकास द्वार पर उचित सुरक्षा व्यवस्था के साथ संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि परिसरों में असामाजिक तत्वों का प्रवेश रोकना जरूरी है, ताकि छात्र-छात्राएं सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकें। बाइट - डिप्टी कलेक्टर बाइट – प्रयांश पटेल, जिला संयोजक ABVP बाइट – रोशनी रजक, ABVP बाइट – संदीप, ABVP *सरकारी कॉलेजों की बदहाली पर ABVP का कड़ा सवाल* *सरकारी कॉलेजों में सुविधाओं का टोटा... ABVP ने खोला व्यवस्थाओं के खिलाफ मोर्चा!* एंकर— नरसिंहपुर में शासकीय महाविद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। ABVP ने शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सरकारी कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कॉलेजों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन उन्हें जरूरी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। ज्ञापन में शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था, खराब वाटर कूलर और RO मशीनों को दुरुस्त कराने, पर्याप्त और सुरक्षित शौचालय उपलब्ध कराने तथा छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन व डिस्पोजल की व्यवस्था की मांग की गई है। वहीं कक्षाओं में पर्याप्त बेंच-डेस्क, पंखे, प्रकाश और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग भी उठाई गई है। ABVP ने महाविद्यालयों की लाइब्रेरी में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप किताबें और प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध कराने, प्रयोगशालाओं में जरूरी उपकरण और सुरक्षा सुविधाएं देने तथा खेल मैदान और खेल सामग्री की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके साथ ही कॉलेज परिसरों में साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, पौधरोपण और हरित वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया गया है। सबसे अहम मांग कॉलेज परिसरों की सुरक्षा को लेकर है। ABVP ने प्रवेश और निकास द्वार पर उचित सुरक्षा व्यवस्था के साथ संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि परिसरों में असामाजिक तत्वों का प्रवेश रोकना जरूरी है, ताकि छात्र-छात्राएं सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकें। बाइट - डिप्टी कलेक्टर बाइट – प्रयांश पटेल, जिला संयोजक ABVP बाइट – रोशनी रजक, ABVP बाइट – संदीप, ABVP
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    *सरकारी कॉलेजों की बदहाली पर ABVP का कड़ा सवाल*


*सरकारी कॉलेजों में सुविधाओं का टोटा... ABVP ने खोला व्यवस्थाओं के खिलाफ मोर्चा!*

एंकर— नरसिंहपुर में शासकीय महाविद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। ABVP ने शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सरकारी कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कॉलेजों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन उन्हें जरूरी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।
ज्ञापन में शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था, खराब वाटर कूलर और RO मशीनों को दुरुस्त कराने, पर्याप्त और सुरक्षित शौचालय उपलब्ध कराने तथा छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन व डिस्पोजल की व्यवस्था की मांग की गई है। वहीं कक्षाओं में पर्याप्त बेंच-डेस्क, पंखे, प्रकाश और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग भी उठाई गई है।
ABVP ने महाविद्यालयों की लाइब्रेरी में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप किताबें और प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध कराने, प्रयोगशालाओं में जरूरी उपकरण और सुरक्षा सुविधाएं देने तथा खेल मैदान और खेल सामग्री की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके साथ ही कॉलेज परिसरों में साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, पौधरोपण और हरित वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।
सबसे अहम मांग कॉलेज परिसरों की सुरक्षा को लेकर है। ABVP ने प्रवेश और निकास द्वार पर उचित सुरक्षा व्यवस्था के साथ संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि परिसरों में असामाजिक तत्वों का प्रवेश रोकना जरूरी है, ताकि छात्र-छात्राएं सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकें।

बाइट - डिप्टी कलेक्टर
बाइट – प्रयांश पटेल, जिला संयोजक ABVP
बाइट – रोशनी रजक, ABVP
बाइट – संदीप, ABVP
*सरकारी कॉलेजों की बदहाली पर ABVP का कड़ा सवाल*
*सरकारी कॉलेजों में सुविधाओं का टोटा... ABVP ने खोला व्यवस्थाओं के खिलाफ मोर्चा!*
एंकर— नरसिंहपुर में शासकीय महाविद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। ABVP ने शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सरकारी कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कॉलेजों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन उन्हें जरूरी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।
ज्ञापन में शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था, खराब वाटर कूलर और RO मशीनों को दुरुस्त कराने, पर्याप्त और सुरक्षित शौचालय उपलब्ध कराने तथा छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन व डिस्पोजल की व्यवस्था की मांग की गई है। वहीं कक्षाओं में पर्याप्त बेंच-डेस्क, पंखे, प्रकाश और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग भी उठाई गई है।
ABVP ने महाविद्यालयों की लाइब्रेरी में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप किताबें और प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध कराने, प्रयोगशालाओं में जरूरी उपकरण और सुरक्षा सुविधाएं देने तथा खेल मैदान और खेल सामग्री की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके साथ ही कॉलेज परिसरों में साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, पौधरोपण और हरित वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।
सबसे अहम मांग कॉलेज परिसरों की सुरक्षा को लेकर है। ABVP ने प्रवेश और निकास द्वार पर उचित सुरक्षा व्यवस्था के साथ संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि परिसरों में असामाजिक तत्वों का प्रवेश रोकना जरूरी है, ताकि छात्र-छात्राएं सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकें।
बाइट - डिप्टी कलेक्टर
बाइट – प्रयांश पटेल, जिला संयोजक ABVP
बाइट – रोशनी रजक, ABVP
बाइट – संदीप, ABVP
    user_Bablu Choudhary.
    Bablu Choudhary.
    नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • पखांजुर- उजियारा अभियान के तहत बांदे पुलिस की बड़ी कार्यवाही
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    पखांजुर- उजियारा अभियान के तहत बांदे पुलिस की बड़ी कार्यवाही
    user_पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    Media and information sciences faculty नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • सड़क और पुल के अभाव में जान जोखिम में डालने को मजबूर खैरी के ग्रामीण, पानाझीर नदी पार करने को लेकर बनी रहती है अनहोनी की आशंका ​नरसिंहपुर / चांवरपाठा: जिले के चांवरपाठा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टेकापार के छोटे से गांव खैरी के ग्रामीणों को आज के इस आधुनिक युग में भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। लगभग 150 की आबादी वाले इस गांव के लोगों को आवागमन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं गुजरना पड़ता। सड़क और पुल न होने के कारण ग्रामीण हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को विवश हैं। ​पक्की सड़क और पुल का है अभाव ​ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम खैरी से काचरकोना जाने के लिए लगभग 3 किलोमीटर का कच्चा रास्ता है, जो बारिश के दिनों में पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है। वहीं दूसरी ओर, खैरी और इमलिया के बीच पानाझीर नदी पड़ती है। आवागमन के लिए कोई पक्का मार्ग या पुल न होने के कारण ग्रामीणों के सामने गंभीर संकट खड़ा रहता है। ​बारिश में और विकराल हो जाती है समस्या ​बरसात के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले लेती है। नदी में जलस्तर बढ़ने पर ग्रामीणों के पास आवागमन का कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता। मजबूरी में लोगों को उफनती नदी को जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ता है। इस विकट स्थिति का सबसे बुरा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है, जो स्कूल तक नहीं पहुंच पाते। ​स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी पड़ रही प्रशासनिक लापरवाही ​सड़क और पुल के अभाव में सबसे बड़ी विडंबना स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है। आपातकालीन स्थिति में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना लोहे के चने चबाने जैसा साबित होता है। समय पर इलाज न मिलने से कई बार गंभीर परिस्थितियां बन जाती हैं। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय अस्पताल ले जाना परिजनों के लिए किसी बड़ी चिंता और बड़े जोखिम से कम नहीं होता। ​जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बाद भी सिफर रहा नतीजा ​ग्राम खैरी के रहवासियों ने इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय ग्राम पंचायत सरपंच से लेकर क्षेत्र के विधायक और सांसद तक कई बार गुहार लगाई है, लेकिन विडंबना यह है कि आश्वासन के सिवाय ग्रामीणों को अब तक कुछ नहीं मिला। समस्या का कोई स्थायी समाधान न होने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी और निराशा व्याप्त है। ​ग्रामीणों की प्रमुख मांगें ​पक्की सड़क का निर्माण: ग्राम खैरी से काचरकोना तक लगभग 3 किलोमीटर तक के मार्ग को पक्का बनाया जाए। ​पुल का निर्माण: खैरी और इमलिया के बीच स्थित पानाझीर नदी पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कराया जाए। ​तत्काल सुरक्षा प्रबंध: बरसात के मौसम में विद्यार्थियों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित आवागमन के लिए वैकल्पिक व तात्कालिक व्यवस्था की जाए। ​स्थायी समाधान: संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और समस्या का त्वरित व स्थायी समाधान निकालें। ​यह केवल एक सड़क या पुल की मांग नहीं है, बल्कि यह ग्राम खैरी के नागरिकों के जीवन की सुरक्षा, नौनिहालों की शिक्षा और मरीजों व गर्भवती महिलाओं को समय पर जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का गंभीर सवाल है। अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशन के बाद शासन-प्रशासन और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि इस ओर कब तक सुध लेते हैं।
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    सड़क और पुल के अभाव में जान जोखिम में डालने को मजबूर खैरी के ग्रामीण, पानाझीर नदी पार करने को लेकर बनी रहती है अनहोनी की आशंका
​नरसिंहपुर / चांवरपाठा:
जिले के चांवरपाठा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टेकापार के छोटे से गांव खैरी के ग्रामीणों को आज के इस आधुनिक युग में भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। लगभग 150 की आबादी वाले इस गांव के लोगों को आवागमन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं गुजरना पड़ता। सड़क और पुल न होने के कारण ग्रामीण हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को विवश हैं।
​पक्की सड़क और पुल का है अभाव
​ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम खैरी से काचरकोना जाने के लिए लगभग 3 किलोमीटर का कच्चा रास्ता है, जो बारिश के दिनों में पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है। वहीं दूसरी ओर, खैरी और इमलिया के बीच पानाझीर नदी पड़ती है। आवागमन के लिए कोई पक्का मार्ग या पुल न होने के कारण ग्रामीणों के सामने गंभीर संकट खड़ा रहता है।
​बारिश में और विकराल हो जाती है समस्या
​बरसात के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले लेती है। नदी में जलस्तर बढ़ने पर ग्रामीणों के पास आवागमन का कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता। मजबूरी में लोगों को उफनती नदी को जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ता है। इस विकट स्थिति का सबसे बुरा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है, जो स्कूल तक नहीं पहुंच पाते।
​स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी पड़ रही प्रशासनिक लापरवाही
​सड़क और पुल के अभाव में सबसे बड़ी विडंबना स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है। आपातकालीन स्थिति में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना लोहे के चने चबाने जैसा साबित होता है। समय पर इलाज न मिलने से कई बार गंभीर परिस्थितियां बन जाती हैं। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय अस्पताल ले जाना परिजनों के लिए किसी बड़ी चिंता और बड़े जोखिम से कम नहीं होता।
​जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बाद भी सिफर रहा नतीजा
​ग्राम खैरी के रहवासियों ने इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय ग्राम पंचायत सरपंच से लेकर क्षेत्र के विधायक और सांसद तक कई बार गुहार लगाई है, लेकिन विडंबना यह है कि आश्वासन के सिवाय ग्रामीणों को अब तक कुछ नहीं मिला। समस्या का कोई स्थायी समाधान न होने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी और निराशा व्याप्त है।
​ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
​पक्की सड़क का निर्माण: ग्राम खैरी से काचरकोना तक लगभग 3 किलोमीटर तक के मार्ग को पक्का बनाया जाए।
​पुल का निर्माण: खैरी और इमलिया के बीच स्थित पानाझीर नदी पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कराया जाए।
​तत्काल सुरक्षा प्रबंध: बरसात के मौसम में विद्यार्थियों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित आवागमन के लिए वैकल्पिक व तात्कालिक व्यवस्था की जाए।
​स्थायी समाधान: संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और समस्या का त्वरित व स्थायी समाधान निकालें।
​यह केवल एक सड़क या पुल की मांग नहीं है, बल्कि यह ग्राम खैरी के नागरिकों के जीवन की सुरक्षा, नौनिहालों की शिक्षा और मरीजों व गर्भवती महिलाओं को समय पर जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का गंभीर सवाल है। अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशन के बाद शासन-प्रशासन और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि इस ओर कब तक सुध लेते हैं।
    user_NP Ashish Dubey Journalist
    NP Ashish Dubey Journalist
    Advertising agency नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • नरसिंहपुर से सतीश विश्वकर्मा की रिपोर्ट स्काई इंडिया टीवी चैनल राशन सिस्टम पर बड़ा सवाल! कहीं बारिश में कतार, कहीं जनसुनवाई में गुहार,गरीब बोले हमारा राशन दो एंकर...नरसिंहपुर जिले में गरीबों की थाली मे पहुंचने वाले राशन पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के दो अलग-अलग इलाकों से आई तस्वीरों ने राशन वितरण व्यवस्था की पोल खोलने का दावा किया है। पहली तस्वीर चीचली ब्लॉक के बसुरिया की है, जहां राशन दुकान के बाहर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की लंबी कतार बारिश में खड़ी नजर आई। हालात बिगड़े तो पुलिस बुलानी पड़ी। ग्रामीणों का आरोप है कि दो से तीन महीने से राशन नहीं मिला, जबकि कार्ड पर राशन चढ़ाकर पहले ही अंगूठा लगवा लिया गया। यहाँ राशन विक्रेता गोविंद मेहरा का कहना है की जुलाई में कम आवंटन आया था,और अगस्त-सितंबर का राशन लैप्स होने से बचाने के लिए अंगूठा लेने का दावा किया है।
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    नरसिंहपुर से सतीश विश्वकर्मा की रिपोर्ट स्काई इंडिया टीवी चैनल 

राशन सिस्टम पर
 बड़ा सवाल! कहीं बारिश में कतार, कहीं जनसुनवाई में गुहार,गरीब बोले हमारा राशन दो

एंकर...नरसिंहपुर जिले में गरीबों की थाली मे
 पहुंचने वाले राशन पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के दो अलग-अलग इलाकों से आई तस्वीरों ने राशन वितरण व्यवस्था की पोल खोलने का दावा किया है।

पहली तस्वीर चीचली ब्लॉक के बसुरिया की है, जहां राशन दुकान के बाहर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की लंबी कतार बारिश में खड़ी नजर आई। हालात बिगड़े तो पुलिस बुलानी पड़ी। ग्रामीणों का आरोप है कि दो से तीन महीने से राशन नहीं मिला, जबकि कार्ड पर राशन चढ़ाकर पहले ही अंगूठा लगवा लिया गया।

यहाँ राशन विक्रेता गोविंद मेहरा का कहना है की जुलाई में कम आवंटन आया था,और अगस्त-सितंबर का राशन लैप्स होने से बचाने के लिए अंगूठा लेने का दावा किया है।
    user_Satish Vishwakarma
    Satish Vishwakarma
    Photographer करेली, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जामा मस्जिद कमेटी गोटेगांव की जानिब से मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह गोटेगांव-2026 का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले करीब 9 मेधावी विद्यार्थियों को कमेटी की ओर से शील्ड एवं एक-एक हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और समाज के अन्य बच्चों में भी मेहनत एवं बेहतर शिक्षा हासिल करने का जज़्बा पैदा करना है। सम्मान समारोह के माध्यम से शिक्षा को बढ़ावा देने और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाने का संदेश दिया गया। सुबह हुई परचम कुशाई, मांगी अमन-ओ-अमान की दुआ रातभर चले कार्यक्रम के बाद सुबह करीब 4:30 बजे हज़रत शकूर बाबा रहमतुल्लाहि तआला अलैह के आस्ताने पर परचम कुशाई की रस्म अदा की गई। इस दौरान मुल्क और शहर में अमन-ओ-अमान, खुशहाली, भाईचारे और तरक्की के लिए विशेष दुआएं की गईं। ग्यारह बजे निकला जुलूस-ए-मुहम्मदी ﷺ इसके बाद सुबह करीब 11 बजे जुलूस-ए-मुहम्मदी ﷺ का आगाज़ हुआ। जुलूस हज़रत शकूर बाबा रहमतुल्लाहि तआला अलैह के आस्ताने से शुरू होकर फव्वारा चौक, रिपटा, ठाकुर बाबा होते हुए पेट्रोल पंप मार्ग से गुज़रा और वापस शकूर बाबा के आस्ताने पर पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस का शहर के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने बड़ी मोहब्बत और अकीदत के साथ इस्तकबाल किया। जगह-जगह लोगों ने जुलूस में शामिल अकीदतमंदों का स्वागत किया। पूरे जुलूस के दौरान धार्मिक एवं सामाजिक भाईचारे का माहौल देखने को मिला। जुलूस के बाद हुआ लंगर-ए-आम जुलूस के समापन के बाद हज़रत शकूर बाबा रहमतुल्लाहि तआला अलैह के आस्ताने पर लंगर-ए-आम का भी इंतजाम किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। इस तरह गोटेगांव में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ का आयोजन पूरी अकीदत, मोहब्बत और भाईचारे के साथ संपन्न हुआ। आयोजकों की ओर से नगरवासियों सहित देशवासियों को जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ की मुबारकबाद पेश की गई तथा आपसी मोहब्बत, अमन, भाईचारे और शिक्षा को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया ।
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    जामा मस्जिद कमेटी गोटेगांव की जानिब से मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह गोटेगांव-2026 का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले करीब 9 मेधावी विद्यार्थियों को कमेटी की ओर से शील्ड एवं एक-एक हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।
आयोजकों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और समाज के अन्य बच्चों में भी मेहनत एवं बेहतर शिक्षा हासिल करने का जज़्बा पैदा करना है। सम्मान समारोह के माध्यम से शिक्षा को बढ़ावा देने और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाने का संदेश दिया गया।
सुबह हुई परचम कुशाई, मांगी अमन-ओ-अमान की दुआ
रातभर चले कार्यक्रम के बाद सुबह करीब 4:30 बजे हज़रत शकूर बाबा रहमतुल्लाहि तआला अलैह के आस्ताने पर परचम कुशाई की रस्म अदा की गई। इस दौरान मुल्क और शहर में अमन-ओ-अमान, खुशहाली, भाईचारे और तरक्की के लिए विशेष दुआएं की गईं।
ग्यारह बजे निकला जुलूस-ए-मुहम्मदी ﷺ
इसके बाद सुबह करीब 11 बजे जुलूस-ए-मुहम्मदी ﷺ का आगाज़ हुआ। जुलूस हज़रत शकूर बाबा रहमतुल्लाहि तआला अलैह के आस्ताने से शुरू होकर फव्वारा चौक, रिपटा, ठाकुर बाबा होते हुए पेट्रोल पंप मार्ग से गुज़रा और वापस शकूर बाबा के आस्ताने पर पहुंचकर संपन्न हुआ।
जुलूस का शहर के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने बड़ी मोहब्बत और अकीदत के साथ इस्तकबाल किया। जगह-जगह लोगों ने जुलूस में शामिल अकीदतमंदों का स्वागत किया। पूरे जुलूस के दौरान धार्मिक एवं सामाजिक भाईचारे का माहौल देखने को मिला।
जुलूस के बाद हुआ लंगर-ए-आम
जुलूस के समापन के बाद हज़रत शकूर बाबा रहमतुल्लाहि तआला अलैह के आस्ताने पर लंगर-ए-आम का भी इंतजाम किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की।
इस तरह गोटेगांव में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ का आयोजन पूरी अकीदत, मोहब्बत और भाईचारे के साथ संपन्न हुआ। आयोजकों की ओर से नगरवासियों सहित देशवासियों को जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ की मुबारकबाद पेश की गई तथा आपसी मोहब्बत, अमन, भाईचारे और शिक्षा को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया ।
    user_DEEPAK SAHU
    DEEPAK SAHU
    रिपोर्टर गोटेगांव, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • करेली में अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया ईद-मिलादुन्नबी, निकला भव्य जुलूस, गूंजा अमन-भाईचारे का पैगाम
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    करेली में अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया ईद-मिलादुन्नबी, निकला भव्य जुलूस, गूंजा अमन-भाईचारे का पैगाम
    user_पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    Media and information sciences faculty नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
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