डीएम की अध्यक्षता में जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर की गई बैठक रायबरेली : जनगणना-2027 के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने हेतु जिलाधिकारी हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना की तैयारियों, प्रक्रिया एवं संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना-2027 देश की पहली ऐसी जनगणना होगी, जिसमें आंकड़ों का संग्रहण पूर्णतः डिजिटल माध्यमों से किया जाएगा। प्रगणकों द्वारा विशेष मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सीधे स्मार्टफोन पर परिवारों से आंकड़े संकलित किए जाएंगे। साथ ही नागरिकों को एक निर्धारित वेब पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। बैठक में बताया गया कि जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसमें मकानों का सूचीकरण, उनकी स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं एवं परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। द्वितीय चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित सामाजिक एवं आर्थिक विवरण जैसे आयु, लिंग, शिक्षा, वैवाहिक स्थिति एवं आजीविका से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनगणना कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूर्ण करें। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि प्रगणक एवं सुपरवाइजर की तैनाती प्रशिक्षण प्रारंभ होने से पूर्व ही सीएमएमएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आंकड़ों के संकलन में शुद्धता, पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता सर्वाेपरि होनी चाहिए। जनगणना कार्य में लगे कार्मिक अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, तटस्थता एवं राष्ट्र सेवा की भावना के साथ करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) अमृता सिंह, नगर मजिस्ट्रेट राम अवतार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रफुल्ल कुमार शर्मा, सीओ सीटी अरूण कुमार, उपजिलाधिकारी सचिव यादव सहित समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
डीएम की अध्यक्षता में जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर की गई बैठक रायबरेली : जनगणना-2027 के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने हेतु जिलाधिकारी हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना की तैयारियों, प्रक्रिया एवं संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना-2027 देश की पहली ऐसी जनगणना होगी, जिसमें आंकड़ों का संग्रहण पूर्णतः डिजिटल माध्यमों से किया जाएगा। प्रगणकों द्वारा विशेष मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सीधे स्मार्टफोन पर परिवारों से आंकड़े संकलित किए जाएंगे। साथ ही नागरिकों को एक निर्धारित वेब पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। बैठक में बताया गया कि जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसमें मकानों का सूचीकरण, उनकी स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं एवं परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। द्वितीय चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित सामाजिक एवं आर्थिक विवरण जैसे आयु, लिंग, शिक्षा, वैवाहिक स्थिति एवं आजीविका से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनगणना कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूर्ण करें। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि प्रगणक एवं सुपरवाइजर की तैनाती प्रशिक्षण प्रारंभ होने से पूर्व ही सीएमएमएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आंकड़ों के संकलन में शुद्धता, पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता सर्वाेपरि होनी चाहिए। जनगणना कार्य में लगे कार्मिक अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, तटस्थता एवं राष्ट्र सेवा की भावना के साथ करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) अमृता सिंह, नगर मजिस्ट्रेट राम अवतार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रफुल्ल कुमार शर्मा, सीओ सीटी अरूण कुमार, उपजिलाधिकारी सचिव यादव सहित समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- ऊँचाहार, रायबरेली। ऊँचाहार कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मातादीन का पुरवा कंदराँवां गाँव में शुक्रवार की शाम मामूली सी बात पर शुरू हुआ विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। खेत में पड़ी लकड़ी उठाने को लेकर उपजे इस विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि सगे रिश्तों की मर्यादा तार-तार हो गई और भाई ही भाई के खून का प्यासा हो गया। लाठी-डंडों से हुआ जानलेवा हमला गाँव निवासी बजरंगी पाल का अपने ही सगे भाई से लकड़ी उठाने की बात पर झगड़ा शुरू हुआ था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि विपक्षी भाई ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर बजरंगी पाल पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले से मौके पर चीख-पुकार मच गई। बीच-बचाव करने आई महिलाओं को भी नहीं बख्शा जब बजरंगी पाल को बेरहमी से पीटा जा रहा था, तब उन्हें बचाने के लिए उनकी पत्नी विधावती और बहू शोभा आगे आईं। आरोप है कि हमलावरों ने महिलाओं का भी लिहाज नहीं किया और उनके साथ भी जमकर मारपीट की। इस हमले में बजरंगी पाल समेत तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में भर्ती, पुलिस जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ऊँचाहार ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज शुक्ल के अनुसार, मारपीट में घायल तीन लोग अस्पताल लाए गए हैं, जिनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिसिया कार्रवाई कोतवाल अजय कुमार राय ने बताया कि पुलिस को मौके पे भेजा गया है फिलहाल घायलों का उपचार कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तहरीर मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- Post by KEN1
- खागा बना आध्यात्मिक केंद्र, हरि कथा में जीवन के उद्देश्य पर गूंजा सन्देश मंगलम गार्डेन में भक्ति का महासंगम, हरि कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ खागा फतेहपुर ::- इस वक़्त की बड़ी खबर से आपको रबरू करवा दें की खागा नगर स्थित मंगलम गार्डेन में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आयोजित भव्य हरि कथा ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूरे परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा। कथा व्यास साध्वी सुबुद्धा भारती एवं साध्वी हरि अर्चना भारती ने अपने ओजस्वी प्रवचनों में मनुष्य जीवन के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं के पीछे भागते हुए अपने वास्तविक लक्ष्य को भूलता जा रहा है, जबकि जीवन का परम उद्देश्य ईश्वर की प्राप्ति है। उन्होंने बताया कि ईश्वर को पाने के लिए बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा, साधना और आत्मचिंतन आवश्यक है। जब मनुष्य अपने भीतर झांकता है, तभी उसे परमात्मा के दर्शन का मार्ग मिलता है। साध्वियों ने यह भी कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान के बिना जीवन अधूरा है और सच्चा सुख केवल परमात्मा से जुड़कर ही प्राप्त किया जा सकता है। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति में लीन नजर आए। कार्यक्रम का कुशल संचालन स्वामी विश्वनाथानंद द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया। इस अवसर पर क्षेत्र के कई प्रमुख सामाजिक एवं राजनीतिक लोग उपस्थित रहे, जिनमें ब्लॉक प्रमुख विजयीपुर आदित्य त्रिवेदी, बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के अध्यक्ष प्रवीण पांडेय, पप्पू द्विवेदी, आशीष मौर्य, व्यापार मंडल जिला अध्यक्ष शिव चन्द्र शुक्ला, राम बाबू तिवारी, राम मूरत पांडेय, सुरेश श्रीवास्तव, दुर्गेश द्विवेदी सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे। खागा में इस आयोजन ने न केवल धार्मिक चेतना को जागृत किया, बल्कि लोगों को जीवन के वास्तविक उद्देश्य की ओर भी प्रेरित किया। आलोक कुमार केशरवानी4
- gaon karanpur Kaushambi sar mere gaon mein mere Ghar ke bahar nali hai jo jab se bani hai abhi tak chalu nahin Hui Hai Mera padosi use nali ko band kiye hue hain jiski vajah se hamen dikkat ho rahi hai hamara Pani nahin nikalne Pa raha hai hamare ghar ke bahar badbu hai gandgi hai2
- Post by रिपोर्टर-धर्मराज निषाद1
- ऊँचाहार (रायबरेली): प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 'मिशन शक्ति 5.0' के दूसरे चरण के अंतर्गत शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ऊँचाहार ब्लॉक क्षेत्र के खुर्रमपुर स्थित पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय में शाम को आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासन ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान कोतवाल अजय कुमार राय ने विद्यालय की बालिकाओं और क्षेत्र की महिलाओं को सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों को 'गुड टच और बैड टच' के बीच के अंतर को समझाया और ऐसी स्थितियों में सतर्क रहने व आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही, बढ़ते डिजिटल अपराधों को देखते हुए साइबर क्राइम और साइबर ठगी से बचने के तरीकों पर भी चर्चा की गई। कोतवाल ने सरकार द्वारा जारी विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की उपयोगिता बताई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त की जा सके। उन्होंने छात्राओं से संवाद कर उनका फीडबैक भी लिया। इस अवसर पर एनटीपीसी चौकी प्रभारी संजय कुमार शर्मा, महिला आरक्षी गुड्डी देवी और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विनय शुक्ल 'बाबा' सहित विद्यालय का स्टाफ और ग्रामीण मौजूद रहे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और सुरक्षित महसूस कराना है।1