शिकारपुर-अनूपशहर मार्ग पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें गंगा स्नान कर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे एक दम्पती को सामने से आ रही तेज रफ्तार महिन्द्रा पिकअप गाड़ी ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर के कारण मोटरसाइकिल सवार महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजकुमार के पुत्र जतन अपनी पत्नी कुसुम के साथ अनूपशहर से गंगा स्नान कर मोटरसाइकिल से अपने घर वापस लौट रहे थे। जैसे ही उनकी मोटरसाइकिल शिकारपुर-अनूपशहर रोड पर पहुँची, शिकारपुर की तरफ से आ रही सवारियों से भरी एक महिन्द्रा पिकअप गाड़ी ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और राहगीरों व स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस टक्कर में जतन की पत्नी कुसुम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि जतन गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यज्ञदत्त शर्मा, एसएसआई रूद्र प्रताप सिंह, कस्बा इंचार्ज दिलीप सिंह और पवन कुमार तुरंत मौके पर पहुँचे। घायल जतन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका उपचार चल रहा है। पुलिस ने मृतका कुसुम के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस प्रशासन ने घटना की जानकारी मृतका के परिजनों को दे दी है, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि परिजनों की तरफ से अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है, और तहरीर के आधार पर ही जाँच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिकारपुर-अनूपशहर मार्ग पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें गंगा स्नान कर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे एक दम्पती को सामने से आ रही तेज रफ्तार महिन्द्रा पिकअप गाड़ी ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर के कारण मोटरसाइकिल सवार महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजकुमार के पुत्र जतन अपनी पत्नी कुसुम के साथ अनूपशहर से गंगा स्नान कर मोटरसाइकिल से अपने घर वापस लौट रहे थे। जैसे ही उनकी मोटरसाइकिल शिकारपुर-अनूपशहर रोड पर पहुँची, शिकारपुर की तरफ से आ रही सवारियों से भरी एक महिन्द्रा पिकअप गाड़ी ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और राहगीरों व स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस टक्कर में जतन की पत्नी कुसुम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि जतन गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यज्ञदत्त शर्मा, एसएसआई रूद्र प्रताप सिंह, कस्बा इंचार्ज दिलीप सिंह और पवन कुमार तुरंत मौके पर पहुँचे। घायल जतन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका उपचार चल रहा है। पुलिस ने मृतका कुसुम के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस प्रशासन ने घटना की जानकारी मृतका के परिजनों को दे दी है, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि परिजनों की तरफ से अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है, और तहरीर के आधार पर ही जाँच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- बुलंदशहर में एक सहायक अध्यापक के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गाँव चरौरा मुस्तफाबाद स्कूल की प्रधानाध्यापिका बबिता और उनके पति ने इस सहायक अध्यापक के साथ मारपीट की। यह घटना एक स्कूल विवाद के बाद हुई, जब कथित तौर पर शिक्षक को नगर में रोककर पीटा गया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। इस पूरी घटना का सीसीटीवी वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित शिक्षक ने पुलिस को तत्काल तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जिसके आधार पर इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।1
- बुलंदशहर के पहासू ब्लॉक क्षेत्र के असरौली नगला गांव में जलभराव और गंदगी से परेशान स्थानीय लोगों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग पर जलभराव और गंदगी के कारण उन्हें मंदिर में पूजा करने जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, वहीं गंदा पानी मंदिर परिसर में भी भर जाता है। इस स्थिति से गांव में बीमारी फैलने का डर सता रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी, एडीओ पंचायत, ब्लॉक प्रमुख और बीडीओ के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अपनी नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी पर सीधा आरोप लगाया कि उन्होंने स्वच्छता अभियान को पलीता लगा दिया है। इसके साथ ही, यह भी आरोप है कि ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी ने मिलकर गांव के विकास के लिए मिले पैसे का बंदरबांट कर डाला है। मंदिर पर रह रहे साधु-संतों ने भी जलभराव की इस समस्या के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है। ग्रामीणों का दावा है कि कई बार और हर स्तर पर शिकायत देने के बाद भी उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ग्रामीणों ने नाली निर्माण की मांग की है। समस्या का निवारण न होने पर ग्रामीणों ने अब मुख्यमंत्री और जिला मजिस्ट्रेट से जल निकासी की व्यवस्था को लेकर गुहार लगाई है।4
- दादों मैन चौराहे पर अतिक्रमण के कारण स्थानीय लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। चौराहे पर लोगों द्वारा अपना सामान रखने से आए दिन भारी जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे सभी बेहद परेशान हैं। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के सभी नालों पर भी लोगों ने कब्जा कर रखा है, जिसके कारण बारिश का पानी निकलने में काफी दिक्कत आती है।1
- शिकारपुर और आसपास के क्षेत्रों में उस समय हड़कम्प मच गया, जब अचानक लोगों के मोबाइल फोन एक तेज सायरन और कंपन के साथ बज उठे। भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा भेजे गए इस आपातकाल अलर्ट (Emergency Alert) ने एक पल के लिए सबको चौंका दिया। मोबाइल स्क्रीन पर आए इस संदेश में अगले 3 घंटों के भीतर क्षेत्र में भीषण आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और ओलावृष्टि की गम्भीर चेतावनी दी गई है। संदेश के अनुसार, हवा की गति शुरुआत में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी, जो बढ़कर 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है। इसके साथ ही मूसलाधार बारिश, बिजली कड़कने और कई स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। जैसे ही यह फ्लैश मैसेज बाजारों, घरों और दफ्तरों में मौजूद लोगों के मोबाइलों पर आया, सैकड़ों मोबाइल एक साथ गूँज उठे, जिससे लोग अपनी-अपनी स्क्रीन देखने लगे। कई लोग शुरुआत में इसे कोई तकनीकी खराबी समझे, लेकिन जब आसपास के सभी मोबाइलों में एक साथ यह अलार्म बजा, तब उन्हें समझ आया कि यह मौसम विभाग और सरकार द्वारा जारी की गई आधिकारिक चेतावनी है। संदेश में स्पष्ट रूप से लिखा था कि अगले 3 घण्टों के दौरान जनपद के कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने के साथ तेज आंधी तूफान की चेतावनी है। इस हाई-अलर्ट के बाद प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। तेज आंधी और 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवाओं को देखते हुए लोगों को सलाह दी गई है कि चेतावनी के समय के दौरान घरों से बाहर न निकलें, बड़े पेड़ों, जर्जर दीवारों और बिजली के खम्भों या होर्डिंग्स के नीचे खड़े होने से बचें और अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर पार्क करें। इस आधुनिक अलर्ट सिस्टम की वजह से लोग समय रहते सतर्क हो गए हैं और क्षेत्र में मौसम के बदलते मिजाज को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।1
- बुलंदशहर के औरंगाबाद स्थित इस्माइला के पास एक चलती प्राइवेट बस में भीषण आग लग गई, जिससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। यह बस देखते ही देखते आग का गोला बन गई और पूरी तरह जलकर खाक हो गई। राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिसके चलते इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। थाना प्रभारी मोहम्मद असलम ने स्थिति को संभाला। आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी।1