नानी के घर आए 9 साल के मासूम की नदी में डूबने से मौत: 44 घंटे बाद झाड़ियों में फंसा मिला लवकुश का शव मध्य भारत न्यूज़ सतना (मध्य प्रदेश) सतना: जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोटा गांव से एक दुखद खबर सामने आई है। अपनी नानी के घर आए 9 वर्षीय मासूम लवकुश चौधरी की नदी में डूबने से मौत हो गई। रविवार दोपहर नदी में नहाने के दौरान लापता हुए बालक का शव 44 घंटे के लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद मंगलवार सुबह झाड़ियों में फंसा मिला। नहाते समय गहरे पानी में चला गया था बालक जानकारी के अनुसार, लवकुश (पिता संत चौधरी, उम्र 9 वर्ष) मूल रूप से पन्ना जिले के पवई का रहने वाला था। वह कुछ दिनों पहले ही कोटा गांव में अपनी नानी के घर आया हुआ था। रविवार दोपहर करीब 12 बजे वह गांव के ही एक साथी के साथ कोटा नदी में नहाने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और पानी के तेज बहाव में बह गया। 44 घंटे चला रेस्क्यू अभियान बालक के नदी में डूबने की सूचना मिलते ही सिंहपुर थाना पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और तलाश शुरू की। पहला दिन (रविवार): शाम 7 बजे तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा होने के कारण ऑपरेशन रोकना पड़ा। दूसरा दिन (सोमवार): एसडीआरएफ टीम ने नदी में लगभग 2 किलोमीटर के दायरे में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। तीसरा दिन (मंगलवार): घटना स्थल से लगभग ढाई किलोमीटर दूर 'गहिरा खेत' के पास ग्रामीणों को नदी किनारे झाड़ियों में बालक का शव फंसा हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा ग्रामीणों की सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद से ही परिजनों और ननिहाल पक्ष का रो-रोकर बुरा हाल है।
नानी के घर आए 9 साल के मासूम की नदी में डूबने से मौत: 44 घंटे बाद झाड़ियों में फंसा मिला लवकुश का शव मध्य भारत न्यूज़ सतना (मध्य प्रदेश) सतना: जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोटा गांव से एक दुखद खबर सामने आई है। अपनी नानी के घर आए 9 वर्षीय मासूम लवकुश चौधरी की नदी में डूबने से मौत हो गई। रविवार दोपहर नदी में नहाने के दौरान लापता हुए बालक का शव 44 घंटे के लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद मंगलवार सुबह झाड़ियों में फंसा मिला। नहाते समय गहरे पानी में चला गया था बालक जानकारी के अनुसार, लवकुश (पिता संत चौधरी, उम्र 9 वर्ष) मूल रूप से पन्ना जिले के पवई का रहने वाला था। वह कुछ दिनों पहले ही कोटा गांव में अपनी नानी के घर आया हुआ था। रविवार दोपहर करीब 12 बजे वह गांव के ही एक साथी के साथ कोटा नदी में नहाने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और पानी के तेज बहाव में बह गया। 44 घंटे चला रेस्क्यू अभियान बालक के नदी में डूबने की सूचना मिलते ही सिंहपुर थाना पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और तलाश शुरू की। पहला दिन (रविवार): शाम 7 बजे तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा होने के कारण ऑपरेशन रोकना पड़ा। दूसरा दिन (सोमवार): एसडीआरएफ टीम ने नदी में लगभग 2 किलोमीटर के दायरे में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। तीसरा दिन (मंगलवार): घटना स्थल से लगभग ढाई किलोमीटर दूर 'गहिरा खेत' के पास ग्रामीणों को नदी किनारे झाड़ियों में बालक का शव फंसा हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा ग्रामीणों की सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद से ही परिजनों और ननिहाल पक्ष का रो-रोकर बुरा हाल है।
- खबर हम देग चित्रकूट न्यूज चैनल मध्य प्रदेश सतना जिला संपादक अरुण कुमार शर्मा1
- रामनगर तहसील ग्राम नादो की जमीन कब होगी अतिक्रमण मुक्त❓️❗️ रामनगर तहसील ग्राम नादो की जमीन कब होगी अतिक्रमण मुक्त❓️❗️1
- उड़ान भर ले परिंदे, दुनिया है तेरी खोज में pradeep sir brainmaster सपने हमेंशा बड़े रखो, क्योंकि बड़ा सोचने से ही बड़ा काम होता है--प्रदीप सर1
- *मां शारदा शक्तिपीठ मैहर 22 09 2026 मंगलवार को काल भैरव के दिव्य अलौकिक दर्शन एवम आरती🚩* *मां शारदा शक्तिपीठ मैहर 22 09 2026 मंगलवार को काल भैरव के दिव्य अलौकिक दर्शन एवम आरती🚩*1
- खबर जबलपुर/लुटेरी हसीना पुलिस की गिरफ्त में लड़कों को बनाती थी शिकार पैसे की करती मांग#news#mihar#mplive#zeenew खबर जबलपुर/लुटेरी हसीना पुलिस की गिरफ्त में लड़कों को बनाती थी शिकार पैसे की करती मांग#news#mihar#mplive#zeenew1
- मैहर अवैध एंबुलेंस का बोलबाला! यातायात व्यवस्था को खुली चुनौती, बिना परमिट सड़कों पर दौड़ रही अवैध एंबुलेंस , नियम-कायदों को ताक पर रखकर संचालित हो रही एंबुलेंस पर कब होगी कार्रवाई? हॉस्पिटल प्रबंधन एवं जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल। मैहर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में एंबुलेंस वाहनों के संचालन को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ एंबुलेंस आवश्यक दस्तावेजों एवं परमिट की स्थिति स्पष्ट किए बिना सड़कों पर दौड़ रही हैं। ऐसे वाहनों के कारण न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है, बल्कि नियमों के पालन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक कुछ एंबुलेंस वाहन खुलेआम सड़क पर संचालित होते दिखाई देते हैं। आरोप है कि संबंधित वाहनों के दस्तावेज, परमिट, फिटनेस एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताओं की जांच लंबे समय से नहीं की गई है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह परिवहन एवं यातायात नियमों के अनुपालन को लेकर गंभीर मामला हो सकता है। जांच के बजाय आखिर क्यों बनी हुई है खामोशी? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी एंबुलेंस के पास आवश्यक परमिट या दस्तावेज नहीं हैं, तो संबंधित विभाग द्वारा उसकी जांच क्यों नहीं की जा रही है? शहर की सड़कों पर प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई कब होगी। एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवा से जुड़े वाहनों के लिए नियमों का पालन और वाहन की वैधता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ऐसे में संबंधित विभाग को शिकायतों एवं सामने आ रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करना चाहिए। प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस से मांग की है कि शहर में संचालित एंबुलेंस वाहनों की सघन जांच अभियान चलाकर परमिट, फिटनेस, बीमा, पंजीयन सहित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए। यदि जांच में किसी वाहन के दस्तावेज नियमों के विपरीत पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और सड़कों पर कथित रूप से बिना परमिट दौड़ रही एंबुलेंस के संबंध में जांच कब शुरू होती है। स्थानीय नागरिकों की निगाहें अब परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- खबर हम देग चित्रकूट न्यूज चैनल मध्य प्रदेश सतना जिला संपादक अरुण कुमार शर्मा खास खबर सतना। नई बस्ती को भू अभिलेख में आबादी दर्ज करने की मांग महापौर से की गई।1
- सेवा संकल्प अभियान 📍में मिल रहा अपार प्रेम और सम्मान सौरभ पाण्डेय सेवा संकल्प अभियान 📍में मिल रहा अपार प्रेम और सम्मान सौरभ पाण्डेय1
- ककलपुर में मौत की खदान-केशर ने ली 13 वर्षीय लल्लू की जान, तीसरी मौत के बाद भी प्रशासन मौन ककलपुर में मौत की खदान-केशर ने ली 13 वर्षीय लल्लू की जान, तीसरी मौत के बाद भी प्रशासन मौन *रामपुर बाघेलान / बेला -* सतना जिले के रामपुर बघेलान तहसील अंतर्गत ककलपुर ग्राम पंचायत वार्ड नं. 1 साहू बस्ती में सुरक्षा व्यवस्था के बिना चल रही खदान और केशर एक बार फिर एक मासूम की मौत का कारण बन गई। मृतक बालक की पहचान *लल्लू उर्फ अखिलेश साहू पिता चंद्रभान साहू, उम्र 13 वर्ष* के रूप में हुई है। बताया गया कि बालक अपने घर से झिरिया सामान लेने साइकिल से निकला था और खदान में भरे पानी में डूब गया। *मौके का मंजर साजिश की ओर इशारा -* मौके पर जो दृश्य मिला उसने सबको झकझोर दिया। मासूम की साइकिल प्रभात स्टोन केशर की बाउंड्री वॉल से सटकर खड़ी थी, साइकिल पर काली पन्नी में रखा सामान जस का तस रखा था और बच्चे की चप्पल 60-70 फीट गहरी खदान के पानी में तैर रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चा होशियार था, वो खुद खदान में कैसे गिरेगा? प्रथम दृष्टया ग्रामीण इसे हादसा नहीं, साजिश बता रहे हैं। *10 साल से खुला मौत का कुआं, ये तीसरी मौत -* ग्रामीणों के अनुसार यह हादसा फूलेंद सिंह की खदान के ठीक बगल में संचालित *बंसपति सिंह की प्रभात केशर* में हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि केशर मालिक द्वारा 10 साल पहले अवैध उत्खनन कर खदान को 70 फीट गहरा खोदकर मौत का कुआं बनाकर खुला छोड़ दिया गया है। यहाँ कोई सुरक्षा व्यवस्था, बाउंड्री वॉल या चेतावनी बोर्ड नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि यह इस खदान और केशर पर होने वाली *तीसरी मौत* है। पहले भी एसडीएम, तहसीलदार को ज्ञापन दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। *मौके पर सिर्फ पुलिस, NDRF ने दिया सुबह का आश्वासन -* घटना की सूचना के बाद मौके पर *रामपुर बघेलान थाना पुलिस और बेला चौकी पुलिस* ही पहुंची। अंधेरा और गहराई ज्यादा होने से पुलिस ने भीड़ को खदान से दूर किया। परिजनों ने NDRF को फोन किया तो जवाब मिला - "रात में रेस्क्यू नहीं होगा, सुबह 8 बजे ऑपरेशन होगा।" वहीं केशर मालिक ने फोन बंद करने के बाद मौके पर पहुंचकर पल्ला झाड़ते हुए कहा - "यह खदान मेरे हिस्से में नहीं है।" मौके पर माइनिंग विभाग, SDM, तहसीलदार का कोई भी अमला नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि माइनिंग विभाग सिर्फ हाईवे पर खड़े होकर कार्रवाई करता है, जबकि ये फर्जी तरीके से चल रही केशर पर कोई ध्यान नहीं देता। सरपंच ने इस केशर को NOC कैसे दे दी, इसकी भी जांच होनी चाहिए। *मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधि -* घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर * अमरपाटन जनपद सभापति प्रजेश द्विवेदी, पंकज सिंह परिहार, राजेंद्र मिश्रा( पूर्व सेवा सहकारिता अध्यक्ष )शिव शंकर गोटिया सहित सैकड़ों ग्रामीण* पहुंच गए। पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील की है। *ग्रामीणों की मांग -* प्रभात केशर मालिक पर FIR दर्ज हो, मृतक परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, सभी खुली खदानों को बंद कर बाउंड्री वॉल बनाई जाए और सरपंच की NOC की जांच हो। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर उतरकर चक्काजाम किया जाएगा।4