मैहर अवैध एंबुलेंस का बोलबाला! यातायात व्यवस्था को खुली चुनौती, बिना परमिट सड़कों पर दौड़ रही अवैध एंबुलेंस , नियम-कायदों को ताक पर रखकर संचालित हो रही एंबुलेंस पर कब होगी कार्रवाई? हॉस्पिटल प्रबंधन एवं जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल। मैहर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में एंबुलेंस वाहनों के संचालन को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ एंबुलेंस आवश्यक दस्तावेजों एवं परमिट की स्थिति स्पष्ट किए बिना सड़कों पर दौड़ रही हैं। ऐसे वाहनों के कारण न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है, बल्कि नियमों के पालन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक कुछ एंबुलेंस वाहन खुलेआम सड़क पर संचालित होते दिखाई देते हैं। आरोप है कि संबंधित वाहनों के दस्तावेज, परमिट, फिटनेस एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताओं की जांच लंबे समय से नहीं की गई है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह परिवहन एवं यातायात नियमों के अनुपालन को लेकर गंभीर मामला हो सकता है। जांच के बजाय आखिर क्यों बनी हुई है खामोशी? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी एंबुलेंस के पास आवश्यक परमिट या दस्तावेज नहीं हैं, तो संबंधित विभाग द्वारा उसकी जांच क्यों नहीं की जा रही है? शहर की सड़कों पर प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई कब होगी। एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवा से जुड़े वाहनों के लिए नियमों का पालन और वाहन की वैधता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ऐसे में संबंधित विभाग को शिकायतों एवं सामने आ रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करना चाहिए। प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस से मांग की है कि शहर में संचालित एंबुलेंस वाहनों की सघन जांच अभियान चलाकर परमिट, फिटनेस, बीमा, पंजीयन सहित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए। यदि जांच में किसी वाहन के दस्तावेज नियमों के विपरीत पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और सड़कों पर कथित रूप से बिना परमिट दौड़ रही एंबुलेंस के संबंध में जांच कब शुरू होती है। स्थानीय नागरिकों की निगाहें अब परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।
मैहर अवैध एंबुलेंस का बोलबाला! यातायात व्यवस्था को खुली चुनौती, बिना परमिट सड़कों पर दौड़ रही अवैध एंबुलेंस , नियम-कायदों को ताक पर रखकर संचालित हो रही एंबुलेंस पर कब होगी कार्रवाई? हॉस्पिटल प्रबंधन एवं जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल। मैहर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में एंबुलेंस वाहनों के संचालन को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ एंबुलेंस आवश्यक दस्तावेजों एवं परमिट की स्थिति स्पष्ट किए बिना सड़कों पर दौड़ रही हैं। ऐसे वाहनों के कारण न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है, बल्कि नियमों के पालन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक कुछ एंबुलेंस वाहन खुलेआम सड़क पर संचालित होते दिखाई देते हैं। आरोप है कि संबंधित वाहनों के दस्तावेज, परमिट, फिटनेस एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताओं की जांच लंबे समय से नहीं की गई है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह परिवहन एवं यातायात नियमों के अनुपालन को लेकर गंभीर मामला हो सकता है। जांच के बजाय आखिर क्यों बनी हुई है खामोशी? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी एंबुलेंस के पास आवश्यक परमिट या दस्तावेज नहीं हैं, तो संबंधित विभाग द्वारा उसकी जांच क्यों नहीं की जा रही है? शहर की सड़कों पर प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई कब होगी। एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवा से जुड़े वाहनों के लिए नियमों का पालन और वाहन की वैधता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ऐसे में संबंधित विभाग को शिकायतों एवं सामने आ रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करना चाहिए। प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस से मांग की है कि शहर में संचालित एंबुलेंस वाहनों की सघन जांच अभियान चलाकर परमिट, फिटनेस, बीमा, पंजीयन सहित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए। यदि जांच में किसी वाहन के दस्तावेज नियमों के विपरीत पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और सड़कों पर कथित रूप से बिना परमिट दौड़ रही एंबुलेंस के संबंध में जांच कब शुरू होती है। स्थानीय नागरिकों की निगाहें अब परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।
- लाड़ली बहना योजना से श्रीमती आरती नामदेव को मिला आर्थिक संबल, बच्चों की जरूरतें पूरी करना हुआ आसान। मैहर, 22 सितंबर मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक संबल और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है। मैहर के वार्ड क्रमांक-1 निवासी श्रीमती आरती नामदेव भी इस योजना से लाभान्वित होकर अपने परिवार की जरूरतों को सहजता से पूरा कर रही हैं। श्रीमती आरती नामदेव बताती हैं कि पहले परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि बच्चों की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करने में भी कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता था। सीमित आय के कारण आवश्यक खर्चों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो जाता था। लाड़ली बहना योजना के माध्यम से मिलने वाली 1 हजार 500 रुपये की मासिक राशि उनके लिए आर्थिक सहारा बनी है। इस राशि से वे बच्चों की आवश्यक जरूरतों के साथ-साथ घर-परिवार के छोटे-मोटे खर्च भी आसानी से पूरा कर पा रही हैं। श्रीमती आरती नामदेव कहती हैं कि हर महीने मिलने वाली राशि से उन्हें आर्थिक रूप से आत्मविश्वास मिला है। अब छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भरता कम हुई है और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सुविधा हो रही है। श्रीमती आरती नामदेव लाड़ली बहना योजना के माध्यम से मिले इस आर्थिक संबल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।1
- Post by Sharda Shrivastava1
- खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज चैनल मध्य प्रदेश सतना जिला संपादक अरुण कुमार शर्मा खास खबर मैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने कहा किसी को डरने की जरूरत नही, मैहर पुलिस आपके साथ मैहर -जिले के ताला क्षेत्र अंतर्गत बिगौड़ी गांव में चल रही पलायन जैसे खबरों को लेकर मैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने कहा ऐसा कुछ नही है, पुलिस टीम ने गाव जाकर देखा है।इसके साथ ही मैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने कहा किसी को किसी से भी डरने की जरूरत नही है।मैहर पुलिस आपके साथ है।1
- मैहर के उभरते हुए सितारे संगीत की दुनिया में कर रहे मैहर का नाम रोशन मैहर के उभरते हुए सितारे संगीत की दुनिया में कर रहे मैहर का नाम रोशन1
- नानी के घर आए 9 साल के मासूम की नदी में डूबने से मौत: 44 घंटे बाद झाड़ियों में फंसा मिला लवकुश का शव मध्य भारत न्यूज़ सतना (मध्य प्रदेश) सतना: जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोटा गांव से एक दुखद खबर सामने आई है। अपनी नानी के घर आए 9 वर्षीय मासूम लवकुश चौधरी की नदी में डूबने से मौत हो गई। रविवार दोपहर नदी में नहाने के दौरान लापता हुए बालक का शव 44 घंटे के लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद मंगलवार सुबह झाड़ियों में फंसा मिला। नहाते समय गहरे पानी में चला गया था बालक जानकारी के अनुसार, लवकुश (पिता संत चौधरी, उम्र 9 वर्ष) मूल रूप से पन्ना जिले के पवई का रहने वाला था। वह कुछ दिनों पहले ही कोटा गांव में अपनी नानी के घर आया हुआ था। रविवार दोपहर करीब 12 बजे वह गांव के ही एक साथी के साथ कोटा नदी में नहाने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और पानी के तेज बहाव में बह गया। 44 घंटे चला रेस्क्यू अभियान बालक के नदी में डूबने की सूचना मिलते ही सिंहपुर थाना पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और तलाश शुरू की। पहला दिन (रविवार): शाम 7 बजे तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा होने के कारण ऑपरेशन रोकना पड़ा। दूसरा दिन (सोमवार): एसडीआरएफ टीम ने नदी में लगभग 2 किलोमीटर के दायरे में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। तीसरा दिन (मंगलवार): घटना स्थल से लगभग ढाई किलोमीटर दूर 'गहिरा खेत' के पास ग्रामीणों को नदी किनारे झाड़ियों में बालक का शव फंसा हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा ग्रामीणों की सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद से ही परिजनों और ननिहाल पक्ष का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- विगत वर्षों में शानदार परिणाम दिया अकादमी में विधार्थियो ने brainmaster academy में कोचिंग ले रहे विभिन्न विधालयों के विधार्थियो ने अच्छा परिणाम दिया1
- मैहर एसपी का बड़ा बयान: ताला क्षेत्र के बिगौड़ी गांव में कोई पलायन नहीं, अफवाहों पर न दें ध्यान मैहर एसपी का बड़ा बयान: ताला क्षेत्र के बिगौड़ी गांव में कोई पलायन नहीं, अफवाहों पर न दें ध्यान मैहर (मध्य प्रदेश): जिले के ताला थाना अंतर्गत बिगौड़ी गांव में पलायन की खबरों को मैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने पूरी तरह से खारिज और गलत बताया है उन्होंने स्पष्ट किया है कि गांव में डर या पलायन जैसी कोई स्थिति नहीं है और मैहर पुलिस पूरी तरह नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है क्या है पूरा मामला? एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि 16 तारीख की रात को भैयालाल कोल नामक व्यक्ति की कुएं में गिरने से मृत्यु हो गई थी । प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोग कुएं की जगत पर बैठकर खाना-पीना (पार्टी) कर रहे थे, जहां आपस में हुए विवाद के दौरान धक्का देने से यह हादसा हुआ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या का अपराध (IPC 302 / BNS 103) दर्ज कर तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है पलायन की खबरें पूरी तरह भ्रामक एसपी ने बताया कि मीडिया और सोशल मीडिया पर चलाई जा रही पलायन की खबरें पूरी तरह निराधार हैं । पुलिस टीम ने स्वयं गांव जाकर स्थिति का जायजा लिया है :। गांव में सभी लोग शांति और सौहार्द के साथ रह रहे हैं उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि किसी को भी डरने की आवश्यकता नहीं है, मैहर पुलिस हर कदम पर उनके साथ खड़ी है #MaiharNews #MaiharPolice #MPPolice #SatnaNews #CrimeUpdate #Maihar #TalaThana #BNS103 #MaiharSP #UnchehraNews1
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली ₹5,000 की सहायता, पहली डिलीवरी के समय बनी मजबूत संबल। मैहर, 22 सितंबर। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जरूरतमंद गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर मातृत्व के दौरान उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक बन रही है। मैहर के वार्ड क्रमांक-10 निवासी श्रीमती काजल सिद्धीकी भी इस योजना से लाभान्वित हुई हैं। श्रीमती काजल सिद्धीकी बताती हैं कि उनकी पहली डिलीवरी के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत उन्हें ₹5,000 की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। यह राशि उनके लिए काफी उपयोगी साबित हुई और मातृत्व के इस महत्वपूर्ण समय में आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली। उन्होंने बताया कि योजना से मिली सहायता से उन्हें स्वयं तथा नवजात बच्चे की बेहतर देखभाल करने में सहूलियत हुई। परिवार के लिए यह आर्थिक सहयोग कठिन समय में संबल बना और आवश्यक खर्चों को पूरा करने में मदद मिली। श्रीमती काजल सिद्धीकी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को महिलाओं और माताओं के लिए उपयोगी बताते हुए योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।1