प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली ₹5,000 की सहायता, पहली डिलीवरी के समय बनी मजबूत संबल। मैहर, 22 सितंबर। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जरूरतमंद गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर मातृत्व के दौरान उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक बन रही है। मैहर के वार्ड क्रमांक-10 निवासी श्रीमती काजल सिद्धीकी भी इस योजना से लाभान्वित हुई हैं। श्रीमती काजल सिद्धीकी बताती हैं कि उनकी पहली डिलीवरी के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत उन्हें ₹5,000 की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। यह राशि उनके लिए काफी उपयोगी साबित हुई और मातृत्व के इस महत्वपूर्ण समय में आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली। उन्होंने बताया कि योजना से मिली सहायता से उन्हें स्वयं तथा नवजात बच्चे की बेहतर देखभाल करने में सहूलियत हुई। परिवार के लिए यह आर्थिक सहयोग कठिन समय में संबल बना और आवश्यक खर्चों को पूरा करने में मदद मिली। श्रीमती काजल सिद्धीकी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को महिलाओं और माताओं के लिए उपयोगी बताते हुए योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली ₹5,000 की सहायता, पहली डिलीवरी के समय बनी मजबूत संबल। मैहर, 22 सितंबर। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जरूरतमंद गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर मातृत्व के दौरान उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक बन रही है। मैहर के वार्ड क्रमांक-10 निवासी श्रीमती काजल सिद्धीकी भी इस योजना से लाभान्वित हुई हैं। श्रीमती काजल सिद्धीकी बताती हैं कि उनकी पहली डिलीवरी के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत उन्हें ₹5,000 की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। यह राशि उनके लिए काफी उपयोगी साबित हुई और मातृत्व के इस महत्वपूर्ण समय में आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली। उन्होंने बताया कि योजना से मिली सहायता से उन्हें स्वयं तथा नवजात बच्चे की बेहतर देखभाल करने में सहूलियत हुई। परिवार के लिए यह आर्थिक सहयोग कठिन समय में संबल बना और आवश्यक खर्चों को पूरा करने में मदद मिली। श्रीमती काजल सिद्धीकी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को महिलाओं और माताओं के लिए उपयोगी बताते हुए योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।
- खबर हम देग चित्रकूट न्यूज चैनल मध्य प्रदेश सतना जिला संपादक अरुण कुमार शर्मा1
- रामनगर तहसील ग्राम नादो की जमीन कब होगी अतिक्रमण मुक्त❓️❗️ रामनगर तहसील ग्राम नादो की जमीन कब होगी अतिक्रमण मुक्त❓️❗️1
- उड़ान भर ले परिंदे, दुनिया है तेरी खोज में pradeep sir brainmaster सपने हमेंशा बड़े रखो, क्योंकि बड़ा सोचने से ही बड़ा काम होता है--प्रदीप सर1
- *अमरपाटन - बाल भारती स्कूल के डायरेक्टर की पुलिस ने निकाल दी हेकड़ी, जहा था सिस्टम वही धूल गई इज्जत, मारपीट के बाद पहुंची पुलिस भर का लाई थाने, शिक्षा के मंदिर में गुंडागर्दी, सुबह अमरपाटन के बाल भारती पब्लिक स्कूल में हुई थी मारपीट जिसके बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला, विद्यालय प्रबंधक समझौता का बना रहा दबाव* *अमरपाटन - बाल भारती स्कूल के डायरेक्टर की पुलिस ने निकाल दी हेकड़ी, जहा था सिस्टम वही धूल गई इज्जत, मारपीट के बाद पहुंची पुलिस भर का लाई थाने, शिक्षा के मंदिर में गुंडागर्दी, सुबह अमरपाटन के बाल भारती पब्लिक स्कूल में हुई थी मारपीट जिसके बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला, विद्यालय प्रबंधक समझौता का बना रहा दबाव*1
- खबर जबलपुर/लुटेरी हसीना पुलिस की गिरफ्त में लड़कों को बनाती थी शिकार पैसे की करती मांग#news#mihar#mplive#zeenew खबर जबलपुर/लुटेरी हसीना पुलिस की गिरफ्त में लड़कों को बनाती थी शिकार पैसे की करती मांग#news#mihar#mplive#zeenew1
- मैहर अवैध एंबुलेंस का बोलबाला! यातायात व्यवस्था को खुली चुनौती, बिना परमिट सड़कों पर दौड़ रही अवैध एंबुलेंस , नियम-कायदों को ताक पर रखकर संचालित हो रही एंबुलेंस पर कब होगी कार्रवाई? हॉस्पिटल प्रबंधन एवं जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल। मैहर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में एंबुलेंस वाहनों के संचालन को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ एंबुलेंस आवश्यक दस्तावेजों एवं परमिट की स्थिति स्पष्ट किए बिना सड़कों पर दौड़ रही हैं। ऐसे वाहनों के कारण न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है, बल्कि नियमों के पालन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक कुछ एंबुलेंस वाहन खुलेआम सड़क पर संचालित होते दिखाई देते हैं। आरोप है कि संबंधित वाहनों के दस्तावेज, परमिट, फिटनेस एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताओं की जांच लंबे समय से नहीं की गई है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह परिवहन एवं यातायात नियमों के अनुपालन को लेकर गंभीर मामला हो सकता है। जांच के बजाय आखिर क्यों बनी हुई है खामोशी? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी एंबुलेंस के पास आवश्यक परमिट या दस्तावेज नहीं हैं, तो संबंधित विभाग द्वारा उसकी जांच क्यों नहीं की जा रही है? शहर की सड़कों पर प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई कब होगी। एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवा से जुड़े वाहनों के लिए नियमों का पालन और वाहन की वैधता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ऐसे में संबंधित विभाग को शिकायतों एवं सामने आ रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करना चाहिए। प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस से मांग की है कि शहर में संचालित एंबुलेंस वाहनों की सघन जांच अभियान चलाकर परमिट, फिटनेस, बीमा, पंजीयन सहित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए। यदि जांच में किसी वाहन के दस्तावेज नियमों के विपरीत पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और सड़कों पर कथित रूप से बिना परमिट दौड़ रही एंबुलेंस के संबंध में जांच कब शुरू होती है। स्थानीय नागरिकों की निगाहें अब परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- खबर हम देग चित्रकूट न्यूज चैनल मध्य प्रदेश सतना जिला संपादक अरुण कुमार शर्मा खास खबर सतना। नई बस्ती को भू अभिलेख में आबादी दर्ज करने की मांग महापौर से की गई।1
- सेवा संकल्प अभियान 📍में मिल रहा अपार प्रेम और सम्मान सौरभ पाण्डेय सेवा संकल्प अभियान 📍में मिल रहा अपार प्रेम और सम्मान सौरभ पाण्डेय1
- ककलपुर में मौत की खदान-केशर ने ली 13 वर्षीय लल्लू की जान, तीसरी मौत के बाद भी प्रशासन मौन ककलपुर में मौत की खदान-केशर ने ली 13 वर्षीय लल्लू की जान, तीसरी मौत के बाद भी प्रशासन मौन *रामपुर बाघेलान / बेला -* सतना जिले के रामपुर बघेलान तहसील अंतर्गत ककलपुर ग्राम पंचायत वार्ड नं. 1 साहू बस्ती में सुरक्षा व्यवस्था के बिना चल रही खदान और केशर एक बार फिर एक मासूम की मौत का कारण बन गई। मृतक बालक की पहचान *लल्लू उर्फ अखिलेश साहू पिता चंद्रभान साहू, उम्र 13 वर्ष* के रूप में हुई है। बताया गया कि बालक अपने घर से झिरिया सामान लेने साइकिल से निकला था और खदान में भरे पानी में डूब गया। *मौके का मंजर साजिश की ओर इशारा -* मौके पर जो दृश्य मिला उसने सबको झकझोर दिया। मासूम की साइकिल प्रभात स्टोन केशर की बाउंड्री वॉल से सटकर खड़ी थी, साइकिल पर काली पन्नी में रखा सामान जस का तस रखा था और बच्चे की चप्पल 60-70 फीट गहरी खदान के पानी में तैर रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चा होशियार था, वो खुद खदान में कैसे गिरेगा? प्रथम दृष्टया ग्रामीण इसे हादसा नहीं, साजिश बता रहे हैं। *10 साल से खुला मौत का कुआं, ये तीसरी मौत -* ग्रामीणों के अनुसार यह हादसा फूलेंद सिंह की खदान के ठीक बगल में संचालित *बंसपति सिंह की प्रभात केशर* में हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि केशर मालिक द्वारा 10 साल पहले अवैध उत्खनन कर खदान को 70 फीट गहरा खोदकर मौत का कुआं बनाकर खुला छोड़ दिया गया है। यहाँ कोई सुरक्षा व्यवस्था, बाउंड्री वॉल या चेतावनी बोर्ड नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि यह इस खदान और केशर पर होने वाली *तीसरी मौत* है। पहले भी एसडीएम, तहसीलदार को ज्ञापन दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। *मौके पर सिर्फ पुलिस, NDRF ने दिया सुबह का आश्वासन -* घटना की सूचना के बाद मौके पर *रामपुर बघेलान थाना पुलिस और बेला चौकी पुलिस* ही पहुंची। अंधेरा और गहराई ज्यादा होने से पुलिस ने भीड़ को खदान से दूर किया। परिजनों ने NDRF को फोन किया तो जवाब मिला - "रात में रेस्क्यू नहीं होगा, सुबह 8 बजे ऑपरेशन होगा।" वहीं केशर मालिक ने फोन बंद करने के बाद मौके पर पहुंचकर पल्ला झाड़ते हुए कहा - "यह खदान मेरे हिस्से में नहीं है।" मौके पर माइनिंग विभाग, SDM, तहसीलदार का कोई भी अमला नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि माइनिंग विभाग सिर्फ हाईवे पर खड़े होकर कार्रवाई करता है, जबकि ये फर्जी तरीके से चल रही केशर पर कोई ध्यान नहीं देता। सरपंच ने इस केशर को NOC कैसे दे दी, इसकी भी जांच होनी चाहिए। *मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधि -* घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर * अमरपाटन जनपद सभापति प्रजेश द्विवेदी, पंकज सिंह परिहार, राजेंद्र मिश्रा( पूर्व सेवा सहकारिता अध्यक्ष )शिव शंकर गोटिया सहित सैकड़ों ग्रामीण* पहुंच गए। पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील की है। *ग्रामीणों की मांग -* प्रभात केशर मालिक पर FIR दर्ज हो, मृतक परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, सभी खुली खदानों को बंद कर बाउंड्री वॉल बनाई जाए और सरपंच की NOC की जांच हो। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर उतरकर चक्काजाम किया जाएगा।4