कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने सोमवार को बेंगलुरु में आयोजित एक प्रेस वार्ता में भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस के 'संकल्प समावेश' कार्यक्रम को लेकर झूठे प्रचार का आरोप लगाया और स्वीकार किया कि कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक जाम की समस्या हुई थी। हालांकि, पार्टी ने कुछ विद्यार्थियों के नीट परीक्षा से वंचित रहने की खबरों पर खेद व्यक्त करते हुए प्रभावित छात्रों की हरसंभव सहायता करने की बात कही है। हरिप्रसाद ने बताया कि कार्यक्रम रविवार को इसलिए आयोजित किया गया था ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, जिसके लिए पुलिस और सेवा दल के कार्यकर्ताओं को पहले से आवश्यक निर्देश दिए गए थे तथा कार्यक्रम में आने वाली सभी बसों को सुबह 10.30 बजे तक पैलेस ग्राउंड्स में पार्क करा दिया गया था। उन्होंने दोहराया कि यदि किसी छात्र को फिर भी असुविधा हुई है तो कांग्रेस उसकी भरपाई के लिए तैयार है। हरिप्रसाद ने भाजपा सांसदों पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देशभर में नीट और अन्य परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य संकट में है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कभी इस पर खेद व्यक्त नहीं किया। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रश्नपत्र लीक और उससे उत्पन्न मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के लिए कौन जिम्मेदार है। केपीसीसी अध्यक्ष ने यह भी इंगित किया कि मैसूर, यादगीर और दक्षिण कन्नड़ सहित कई जिलों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहे, जबकि वहां किसी राजनीतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं था, जिससे यह आरोप लगाया गया कि भाजपा अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए कांग्रेस को निशाना बना रही है। उन्होंने मांग की कि नीट घोटाले के लिए केंद्र सरकार को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। हरिप्रसाद ने व्यापम घोटाले का भी उल्लेख किया, जिसमें शिवराज सिंह चौहान के मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए इस मामले से जुड़े कई लोगों की मौत हुई थी, पर सच्चाई आज तक सामने नहीं आ सकी। केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के उस बयान पर कि प्रधानमंत्री मोदी से इंतजार करना सीखना चाहिए, हरिप्रसाद ने कहा कि उन्हें यह जानने में कोई रुचि नहीं है कि कौन कितनी देर एयरपोर्ट पर रुका या किस हेलीकॉप्टर से गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री को नीट, सीबीएसई और यूपीएससी प्रश्नपत्र लीक मामलों पर जवाब देना चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। प्रेस वार्ता में जब ट्रैफिक जाम से प्रभावित विद्यार्थियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने फिर से आश्वासन दिया कि कांग्रेस की टीम उनसे संपर्क करने का प्रयास करेगी और उनके नुकसान की भरपाई के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक में पहले सीईटी प्रणाली के माध्यम से मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित होती थीं और नीट व्यवस्था लागू होने के बाद अनेक विवाद सामने आए हैं।
कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने सोमवार को बेंगलुरु में आयोजित एक प्रेस वार्ता में भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस के 'संकल्प समावेश' कार्यक्रम को लेकर झूठे प्रचार का आरोप लगाया और स्वीकार किया कि कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक जाम की समस्या हुई थी। हालांकि, पार्टी ने कुछ विद्यार्थियों के नीट परीक्षा से वंचित रहने की खबरों पर खेद व्यक्त करते हुए प्रभावित छात्रों की हरसंभव सहायता करने की बात कही है। हरिप्रसाद ने बताया कि कार्यक्रम रविवार को इसलिए आयोजित किया गया था ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, जिसके लिए पुलिस और सेवा दल के कार्यकर्ताओं को पहले से आवश्यक निर्देश दिए गए थे तथा कार्यक्रम में आने वाली सभी बसों को सुबह 10.30 बजे तक पैलेस ग्राउंड्स में पार्क करा दिया गया था। उन्होंने दोहराया कि यदि किसी छात्र को फिर भी असुविधा हुई है तो कांग्रेस उसकी भरपाई के लिए तैयार है। हरिप्रसाद ने भाजपा सांसदों पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देशभर में नीट और अन्य परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य संकट में है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कभी इस पर खेद व्यक्त नहीं किया। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रश्नपत्र लीक और उससे उत्पन्न मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के लिए कौन जिम्मेदार है। केपीसीसी अध्यक्ष ने यह भी इंगित किया कि मैसूर, यादगीर और दक्षिण कन्नड़ सहित कई जिलों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहे, जबकि वहां किसी राजनीतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं था, जिससे यह आरोप लगाया गया कि भाजपा अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए कांग्रेस को निशाना बना रही है। उन्होंने मांग की कि नीट घोटाले के लिए केंद्र सरकार को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। हरिप्रसाद ने व्यापम घोटाले का भी उल्लेख किया, जिसमें शिवराज सिंह चौहान के मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए इस मामले से जुड़े कई लोगों की मौत हुई थी, पर सच्चाई आज तक सामने नहीं आ सकी। केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के उस बयान पर कि प्रधानमंत्री मोदी से इंतजार करना सीखना चाहिए, हरिप्रसाद ने कहा कि उन्हें यह जानने में कोई रुचि नहीं है कि कौन कितनी देर एयरपोर्ट पर रुका या किस हेलीकॉप्टर से गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री को नीट, सीबीएसई और यूपीएससी प्रश्नपत्र लीक मामलों पर जवाब देना चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। प्रेस वार्ता में जब ट्रैफिक जाम से प्रभावित विद्यार्थियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने फिर से आश्वासन दिया कि कांग्रेस की टीम उनसे संपर्क करने का प्रयास करेगी और उनके नुकसान की भरपाई के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक में पहले सीईटी प्रणाली के माध्यम से मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित होती थीं और नीट व्यवस्था लागू होने के बाद अनेक विवाद सामने आए हैं।
- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जालौर जिले में भव्य स्वागत किया गया। राजीव गांधी भवन में केसरी कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया, जहाँ उन्हें सफा और माला पहनाई गई। इस कार्यक्रम में जिले भर से कई कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें प्रमिला मेघवाल, सुखराम बिश्नोई और अल्पसंख्यक अध्यक्ष जाकिर खान जैसे प्रमुख लोग मौजूद रहे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा अशोक गहलोत का यह भव्य स्वागत किया गया।1
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को जालौर पहुंचे। यहां उन्होंने सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान, गहलोत जन अभाव निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर के निवास स्थान पर भी गए, जहां उन्होंने पुखराज पाराशर के पिता, स्वर्गीय छोगालाल सुथार को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर, पाराशर परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में सहारवासी उपस्थित रहे।3
- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का 22 जून को जालौर से जोधपुर जाते समय तखतगढ़ में नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा भव्य स्वागत किया गया। निर्धारित समय से करीब तीन घंटे की देरी से पहुंचने के बावजूद, भीषण गर्मी में भी कांग्रेस कार्यकर्ता और नगरवासी कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे और उनके आगमन पर जोरदार अभिनंदन किया। कार्यकर्ताओं ने जेसीबी मशीनों पर खड़े होकर गुलाब के फूलों की वर्षा की और उन्हें 21 किलो की विशाल माला पहनाई। इस दौरान नगर अध्यक्ष फुटरमल सुथार और ब्लॉक अध्यक्ष नेपाल सिंह पावा ने साफा पहनाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में गहलोत ने तीन बार की पार्षद पुरीबाई का माला पहनाकर सम्मान भी किया। अपने संबोधन में गहलोत ने मुख्यमंत्री कार्यकाल की अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया, जिनमें चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (जिससे लाखों परिवारों को महंगे इलाज का लाभ मिला), सामाजिक सुरक्षा पेंशन, निशुल्क दवा एवं जांच योजना, महंगाई राहत कैंप और महिलाओं को स्मार्टफोन वितरण जैसी ऐतिहासिक पहलें शामिल थीं, जिनका उद्देश्य आमजन को राहत प्रदान करना था। उन्होंने वर्तमान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था की स्थिति और नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाया, और कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसके लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। तखतगढ़ के अलावा, गहलोत का बलाना, दुजाना, सांडेराव और गुंदोज में भी जोरदार स्वागत हुआ। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निंबाड़ा, पूर्व प्रत्याशी हरिशंकर मेवाड़ा, सांसद प्रत्याशी संगीता बेनीवाल, PCC महासचिव भूराराम सीरवी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नगरवासियों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली।4
- दक्ष चौधरी सिवनी मालवा पहुंचे और उन्होंने 14 गौरक्षकों के परिवारों से मिलकर उनका दर्द सुना। इस भावुक मुलाकात के दौरान, एक गौरक्षक की बेटी दक्ष चौधरी से लिपटकर रोने लगी, जिसने परिवारों की गहरी पीड़ा को उजागर किया।1
- पाली जिले की ग्राम पंचायत ईटन्दरा चारणान में पेयजल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनसुनवाई के दौरान माननीय विधायक महोदय और कैंप प्रभारी द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद, एक नया पंप चालक नियुक्त नहीं किया गया है। इसके परिणामस्वरूप, पिछले तीन दिनों से गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति बाधित है, जिससे आम जनता को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान पंप चालक की कार्यप्रणाली के संबंध में पहले भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं और उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उनका यह भी आरोप है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित पंप चालक के खिलाफ कार्रवाई न होने से गांव में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। इस समस्या के समाधान की मांग को लेकर गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर ग्राम पंचायत के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा ग्राम पंचायत ईटन्दरा चारणान में नियमित एवं सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।1
- सिरोही जिले के पिंडवाड़ा में काछोली नदी के पास तारबंदी के नजदीक बजरी भरने को लेकर ग्रामीणों और ट्रैक्टर चालकों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान ट्रैक्टर चालकों ने ग्रामीणों पर पथराव किया। पथराव की इस घटना में शंकरलाल कलबी नामक एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए।1
- सोमवार को सरूपगंज के समीप रोहिड़ा थाना क्षेत्र के भीमाना गांव के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में लूना सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराई और फिर दूसरी लेन में जा पहुंची। वहाँ उसने सामने से आ रही एक लूना को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में अमीरगढ़ निवासी अली भाई मुसला और सत्तार भाई मुसला नामक लूना सवारों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घायलों को तुरंत हाईवे एंबुलेंस द्वारा सरूपगंज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे रेफर कर दिया गया। रोहिड़ा थाना क्षेत्र में हुई इस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। दोनों मृतकों के शवों को सरूपगंज अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर पोस्टमार्टम कराया गया और बाद में परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।1
- जालौर नगर क्षेत्र में मास्टर प्लान के तहत आवासीय उपयोग हेतु निर्धारित एक महत्वपूर्ण और बहुमूल्य भूमि, जिसका राजस्व खसरा संख्या 6467/6287 (रकबा 0.1600 हैक्टेयर) और नया खसरा संख्या 2225/6287 (रकबा 1.1300 हैक्टेयर) है, को गलत तरीके से शमशान भूमि के रूप में आवंटित किए जाने पर गहरा असंतोष और विवाद उत्पन्न हो गया है। जालोर नगर की आम जनता, नगर परिषद के पार्षदों, अरावली बिल्डिंग के लोगों और बिल्डरों द्वारा इस आवंटन का पुरजोर विरोध किया जा रहा है। यह भूमि आज तक कभी भी शमशान के रूप में उपयोग नहीं की गई है। यह मामला जनहित और राजहित से सीधे जुड़ा हुआ है। बताया गया है कि जब इस क्षेत्र में आवासीय विकास कार्य तेजी से चल रहे थे और निजी एवं सरकारी स्तर पर कॉलोनियों का विकास हो रहा था, तब यह लगभग 8 बीघा भूमि नगर के विकसित होते आवासीय क्षेत्र के बीच स्थित होने के कारण भविष्य में 10 से 12 सरकारी कार्यालयों के उपयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थी। शहर में पहले से ही विभिन्न जाति, वर्ग और धर्म के अनुसार अनेकों शमशान भूमि उपलब्ध हैं, जो स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ स्वार्थी एवं द्वेष भावना रखने वाले नेताओं द्वारा यह आवंटन करवाया जा रहा है, और असामाजिक तत्व अपनी स्वार्थ सिद्धि न होने पर इस बहुमूल्य भूमि को शमशान हेतु आवंटित करवाकर अब 'हिंदुस्तान समाज' के नाम पर भ्रम फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। मास्टर प्लान में आवासीय उपयोग हेतु निर्धारित भूमि को बिना पर्याप्त आवश्यकता और उचित प्रक्रिया के शमशान के लिए आवंटित करना न्यायसंगत नहीं है, जिससे नगर के भविष्य के विकास, नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक हित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आम जनता की ओर से इस प्रकरण की उचित जांच करने, माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और इस बहुमूल्य भूमि का सही उपयोग करते हुए आवंटन करने की मांग की गई है। सोसायटी और क्षेत्रवासियों ने समाज की भावनाओं और जनहित को सर्वोपरि रखने के लिए किसी अन्य शमशान भूमि के निरस्तीकरण और सार्वजनिक भवन निर्माण हेतु दिए गए आदेश के लिए धन्यवाद व्यक्त करते हुए माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्यवाही की मांग दोहराई है।2