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एटा शहर की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय पहचान का प्रतीक प्राचीन कैलाश मंदिर परिसर से सटा ऐतिहासिक तालाब इस समय बदहाली और उपेक्षा का शिकार है। कभी जल संरक्षण, धार्मिक अनुष्ठानों और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र रहा यह प्राचीन जलाशय अब कूड़े के ढेरों और गंदगी के बीच अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। स्थानीय नागरिकों ने गंभीर आरोप लगाया है कि तालाब क्षेत्र में लगातार कूड़ा डलवाया जा रहा है, जिससे यह ऐतिहासिक धरोहर धीरे-धीरे कूड़ाघर में तब्दील होती जा रही है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, तालाब की दुर्दशा लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन हाल के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। स्थानीय लोगों द्वारा उपलब्ध कराए गए फोटो में तालाब के किनारों पर बड़े पैमाने पर कूड़ा-करकट जमा देखा जा सकता है। नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका के कुछ सफाई कर्मियों द्वारा यहां नियमित रूप से कूड़ा डलवाया जा रहा है, जिससे न केवल तालाब का स्वरूप बिगड़ रहा है, बल्कि आसपास के वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलाशयों में कूड़ा डालने से जल प्रदूषण बढ़ता है, भूजल रिचार्ज प्रभावित होता है और संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंदगी के कारण दुर्गंध फैल रही है, जिससे आसपास के निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कैलाश मंदिर एटा के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और यह तालाब भी स्थानीय इतिहास तथा सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न अंग माना जाता है। बुजुर्गों के अनुसार, यह तालाब वर्षाजल संचयन, भूजल संरक्षण और धार्मिक आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण था। इस गंभीर स्थिति पर नागरिकों ने सवाल उठाया है कि एक ओर सरकार जल संरक्षण, अमृत सरोवर योजना और स्वच्छ भारत मिशन जैसे अभियानों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर शहर के ऐतिहासिक जलाशयों की यह उपेक्षा चिंताजनक है। क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी, नगर पालिका परिषद, सिंचाई विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने तालाब में कूड़ा डालने की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा जलाशय के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पुनर्जीवन की व्यापक योजना तैयार करने की अपील की है। स्थानीय नागरिकों ने जोर देते हुए कहा है कि कैलाश मंदिर से जुड़ा यह तालाब केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि एटा की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरणीय संतुलन का महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने प्रशासन से इस धरोहर को बचाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया है, ताकि इसकी पहचान और प्राकृतिक स्वरूप आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके।

1 hr ago
user_Amit Gupta Ptrkar Etah
Amit Gupta Ptrkar Etah
Newspaper publisher अलीगंज, एटा, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

एटा शहर की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय पहचान का प्रतीक प्राचीन कैलाश मंदिर परिसर से सटा ऐतिहासिक तालाब इस समय बदहाली और उपेक्षा का शिकार है। कभी जल संरक्षण, धार्मिक अनुष्ठानों और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र रहा यह प्राचीन जलाशय अब कूड़े के ढेरों और गंदगी के बीच अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। स्थानीय नागरिकों ने गंभीर आरोप लगाया है कि तालाब क्षेत्र में लगातार कूड़ा डलवाया जा रहा है, जिससे यह ऐतिहासिक धरोहर धीरे-धीरे कूड़ाघर में तब्दील होती जा रही है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, तालाब की दुर्दशा लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन हाल के दिनों में स्थिति और भी गंभीर

हो गई है। स्थानीय लोगों द्वारा उपलब्ध कराए गए फोटो में तालाब के किनारों पर बड़े पैमाने पर कूड़ा-करकट जमा देखा जा सकता है। नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका के कुछ सफाई कर्मियों द्वारा यहां नियमित रूप से कूड़ा डलवाया जा रहा है, जिससे न केवल तालाब का स्वरूप बिगड़ रहा है, बल्कि आसपास के वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलाशयों में कूड़ा डालने से जल प्रदूषण बढ़ता है, भूजल रिचार्ज प्रभावित होता है और संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंदगी के कारण दुर्गंध फैल रही है, जिससे

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आसपास के निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कैलाश मंदिर एटा के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और यह तालाब भी स्थानीय इतिहास तथा सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न अंग माना जाता है। बुजुर्गों के अनुसार, यह तालाब वर्षाजल संचयन, भूजल संरक्षण और धार्मिक आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण था। इस गंभीर स्थिति पर नागरिकों ने सवाल उठाया है कि एक ओर सरकार जल संरक्षण, अमृत सरोवर योजना और स्वच्छ भारत मिशन जैसे अभियानों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर शहर के ऐतिहासिक जलाशयों की यह उपेक्षा चिंताजनक है। क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी, नगर पालिका परिषद, सिंचाई विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से पूरे

मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने तालाब में कूड़ा डालने की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा जलाशय के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पुनर्जीवन की व्यापक योजना तैयार करने की अपील की है। स्थानीय नागरिकों ने जोर देते हुए कहा है कि कैलाश मंदिर से जुड़ा यह तालाब केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि एटा की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरणीय संतुलन का महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने प्रशासन से इस धरोहर को बचाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया है, ताकि इसकी पहचान और प्राकृतिक स्वरूप आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • शाहजहाँपुर के कलान स्थित परौर थाना क्षेत्र के बिचपुरी निवासी 25 वर्षीय राजू उर्फ कन्हैया का शव रामगंगा नदी से लगभग 24 घंटे बाद बरामद किया गया है। मंगलवार दोपहर वह अपने साथियों के साथ नदी में नहाने गया था, तभी गहरे पानी में चले जाने से वह डूब गया था। घटना के बाद ग्रामीणों ने मौके पर काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। सूचना मिलने पर पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोज अभियान शुरू किया। देर शाम तक सफलता न मिलने पर एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया, जिसने बुधवार सुबह पुलिस और गोताखोरों के साथ दोबारा रेस्क्यू अभियान चलाया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर में युवक का शव नदी से निकाला जा सका। शव मिलते ही नदी किनारे मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। माँ चंद्रकाली सहित परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया गया है कि राजू पाँच भाइयों में तीसरे नंबर का था और अविवाहित था। उसकी मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और बिचपुरी व आसपास के गाँवों में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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    शाहजहाँपुर के कलान स्थित परौर थाना क्षेत्र के बिचपुरी निवासी 25 वर्षीय राजू उर्फ कन्हैया का शव रामगंगा नदी से लगभग 24 घंटे बाद बरामद किया गया है। मंगलवार दोपहर वह अपने साथियों के साथ नदी में नहाने गया था, तभी गहरे पानी में चले जाने से वह डूब गया था।

घटना के बाद ग्रामीणों ने मौके पर काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। सूचना मिलने पर पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोज अभियान शुरू किया। देर शाम तक सफलता न मिलने पर एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया, जिसने बुधवार सुबह पुलिस और गोताखोरों के साथ दोबारा रेस्क्यू अभियान चलाया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर में युवक का शव नदी से निकाला जा सका।

शव मिलते ही नदी किनारे मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। माँ चंद्रकाली सहित परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया गया है कि राजू पाँच भाइयों में तीसरे नंबर का था और अविवाहित था। उसकी मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और बिचपुरी व आसपास के गाँवों में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
    user_Leagel India
    Leagel India
    कलां, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का खिताब लगातार दूसरी बार जीतकर इतिहास रच दिया है। इस शानदार जीत के साथ, टीम ने लीग में अपना दबदबा साबित किया है और अपना नाम IPL इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा दिया है। फाइनल मुकाबले में RCB के खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में दमदार प्रदर्शन किया, जहां टीम के स्टार खिलाड़ियों ने दबाव के बीच भी उत्कृष्ट खेल दिखाकर करोड़ों प्रशंसकों का सपना साकार किया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में RCB के प्रशंसक जश्न मना रहे हैं और सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता लग गया है। "ई साला कप नामदे" के नारे से लेकर लगातार दो बार चैंपियन बनने तक का यह सफर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए बेहद ऐतिहासिक बन गया है।
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    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का खिताब लगातार दूसरी बार जीतकर इतिहास रच दिया है। इस शानदार जीत के साथ, टीम ने लीग में अपना दबदबा साबित किया है और अपना नाम IPL इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा दिया है। फाइनल मुकाबले में RCB के खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में दमदार प्रदर्शन किया, जहां टीम के स्टार खिलाड़ियों ने दबाव के बीच भी उत्कृष्ट खेल दिखाकर करोड़ों प्रशंसकों का सपना साकार किया।

इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में RCB के प्रशंसक जश्न मना रहे हैं और सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता लग गया है। "ई साला कप नामदे" के नारे से लेकर लगातार दो बार चैंपियन बनने तक का यह सफर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए बेहद ऐतिहासिक बन गया है।
    user_Hind News
    Hind News
    Classified ads newspaper publisher मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • स्थानीय लोगों ने एक सड़क की मरम्मत की मांग की है, जिसका निर्माण मात्र दो साल पहले किया गया था। शिकायत के अनुसार, यह सड़क बनने के बाद पूरी तरह से खराब हो चुकी है और इसे तत्काल ठीक करने की आवश्यकता है।
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    स्थानीय लोगों ने एक सड़क की मरम्मत की मांग की है, जिसका निर्माण मात्र दो साल पहले किया गया था। शिकायत के अनुसार, यह सड़क बनने के बाद पूरी तरह से खराब हो चुकी है और इसे तत्काल ठीक करने की आवश्यकता है।
    user_GULSHAN
    GULSHAN
    मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मैनपुरी जिले के थाना क्षेत्र अंतर्गत मकयानी गाँव में एक दुखद हादसा सामने आया है, जहाँ मंगलवार सुबह शौच के लिए गए एक 14 वर्षीय छात्र की ट्रैक्टर से कुचलकर मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान सूरज सिंह के पुत्र शिवा के रूप में हुई है, जो कक्षा 8 का छात्र था। घटना के तुरंत बाद सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम कराया।
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    मैनपुरी जिले के थाना क्षेत्र अंतर्गत मकयानी गाँव में एक दुखद हादसा सामने आया है, जहाँ मंगलवार सुबह शौच के लिए गए एक 14 वर्षीय छात्र की ट्रैक्टर से कुचलकर मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान सूरज सिंह के पुत्र शिवा के रूप में हुई है, जो कक्षा 8 का छात्र था।

घटना के तुरंत बाद सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम कराया।
    user_Mainpuri explorer
    Mainpuri explorer
    मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • जनपद एटा के ग्राम शीतलपुर निवासी अजयवीर सिंह ने जिलाधिकारी एटा को एक प्रार्थना-पत्र सौंपकर वन विभाग की सरकारी भूमि पर पिछले लगभग 15 वर्षों से कथित रूप से जारी अवैध खनन की शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया गया है कि ग्राम शीतलपुर स्थित वन विभाग की भूमि से रात के समय जेसीबी मशीनों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य संसाधनों का उपयोग कर अवैध रूप से मिट्टी का दोहन किया जा रहा है। इस गतिविधि के कारण सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचने के साथ-साथ राज्य सरकार को भी राजस्व की बड़ी क्षति हुई है। प्रार्थी का आरोप है कि संबंधित विभागों को इस अवैध खनन की जानकारी होने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे यह सिलसिला लगातार जारी रहा। शिकायत में कुछ व्यक्तियों के नामों का उल्लेख करते हुए उनके विरुद्ध दर्ज पूर्व के मुकदमों और आपराधिक मामलों का भी हवाला दिया गया है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने, अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने, राज्य को हुए राजस्व के नुकसान की वसूली करने तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों की चल एवं अचल संपत्तियों को कुर्क करने की भी मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था, और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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    जनपद एटा के ग्राम शीतलपुर निवासी अजयवीर सिंह ने जिलाधिकारी एटा को एक प्रार्थना-पत्र सौंपकर वन विभाग की सरकारी भूमि पर पिछले लगभग 15 वर्षों से कथित रूप से जारी अवैध खनन की शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया गया है कि ग्राम शीतलपुर स्थित वन विभाग की भूमि से रात के समय जेसीबी मशीनों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य संसाधनों का उपयोग कर अवैध रूप से मिट्टी का दोहन किया जा रहा है। इस गतिविधि के कारण सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचने के साथ-साथ राज्य सरकार को भी राजस्व की बड़ी क्षति हुई है। प्रार्थी का आरोप है कि संबंधित विभागों को इस अवैध खनन की जानकारी होने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे यह सिलसिला लगातार जारी रहा। शिकायत में कुछ व्यक्तियों के नामों का उल्लेख करते हुए उनके विरुद्ध दर्ज पूर्व के मुकदमों और आपराधिक मामलों का भी हवाला दिया गया है।

शिकायतकर्ता ने प्रशासन से इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने, अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने, राज्य को हुए राजस्व के नुकसान की वसूली करने तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों की चल एवं अचल संपत्तियों को कुर्क करने की भी मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था, और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
    user_Amit Gupta Ptrkar Etah
    Amit Gupta Ptrkar Etah
    Newspaper publisher अलीगंज, एटा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • घिरोर क्षेत्र के ग्राम विक्रमपुर के ग्रामीण मंगलवार को घिरोर तहसील पहुँचे। उन्होंने ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाए और उप जिलाधिकारी घिरोर को कई शिकायती पत्र सौंपे। इस दौरान दो दर्जन से अधिक महिलाएं और पुरुष मौजूद थे, जिन्होंने सामूहिक रूप से ग्राम प्रधान के खिलाफ एसडीएम से शिकायत दर्ज कराई।
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    घिरोर क्षेत्र के ग्राम विक्रमपुर के ग्रामीण मंगलवार को घिरोर तहसील पहुँचे। उन्होंने ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाए और उप जिलाधिकारी घिरोर को कई शिकायती पत्र सौंपे। इस दौरान दो दर्जन से अधिक महिलाएं और पुरुष मौजूद थे, जिन्होंने सामूहिक रूप से ग्राम प्रधान के खिलाफ एसडीएम से शिकायत दर्ज कराई।
    user_India TV news reporter surjeet
    India TV news reporter surjeet
    Court reporter मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जौनपुर के बहुचर्चित आजाद बिंद दूल्हा हत्याकांड में फरार चल रहे मुख्य आरोपियों में से एक प्रदीप बिंद का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने उसे इस मामले का प्रमुख साजिशकर्ता मानते हुए उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस के अनुसार, यह सनसनीखेज वारदात 1 मई को हुई थी, जब दूल्हे आजाद बिंद को बारात लेकर जाते समय दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन प्रदीप बिंद, रवि यादव और भोले राजभर लंबे समय तक फरार रहे। बाद में, रवि यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, जबकि प्रदीप बिंद अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, प्रदीप बिंद के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। इसी वजह से पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की हैं और उस पर घोषित इनाम की राशि को बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है। दूल्हा हत्याकांड को लेकर पीड़ित परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।
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    जौनपुर के बहुचर्चित आजाद बिंद दूल्हा हत्याकांड में फरार चल रहे मुख्य आरोपियों में से एक प्रदीप बिंद का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने उसे इस मामले का प्रमुख साजिशकर्ता मानते हुए उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।

पुलिस के अनुसार, यह सनसनीखेज वारदात 1 मई को हुई थी, जब दूल्हे आजाद बिंद को बारात लेकर जाते समय दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन प्रदीप बिंद, रवि यादव और भोले राजभर लंबे समय तक फरार रहे। बाद में, रवि यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, जबकि प्रदीप बिंद अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताया जा रहा है।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, प्रदीप बिंद के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। इसी वजह से पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की हैं और उस पर घोषित इनाम की राशि को बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है। दूल्हा हत्याकांड को लेकर पीड़ित परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।
    user_Hind News
    Hind News
    Classified ads newspaper publisher मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक खूनी संघर्ष का मुख्य कारण पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है, जिसमें घर में घुसकर हमला किया गया। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि यह हमला एक सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया था, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी रोष है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने घटना की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी है और वायरल वीडियो के आधार पर हमलावरों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस द्वारा घटना के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। आमजन से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है, साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। पुलिस ने कहा है कि घटना की आधिकारिक पुष्टि और पूरी सच्चाई पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी, और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया गया है।
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    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक खूनी संघर्ष का मुख्य कारण पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है, जिसमें घर में घुसकर हमला किया गया। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि यह हमला एक सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया था, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी रोष है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

पुलिस ने घटना की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी है और वायरल वीडियो के आधार पर हमलावरों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस द्वारा घटना के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। आमजन से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है, साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। पुलिस ने कहा है कि घटना की आधिकारिक पुष्टि और पूरी सच्चाई पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी, और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया गया है।
    user_India TV news reporter surjeet
    India TV news reporter surjeet
    Court reporter मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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