मुख्यमंत्री को कॉफी टेबल बुक ‘री-डिस्कवरिंग रणथम्भौर, सवाई माधोपुर’ भेंट जिला प्रशासन ने पंच गौरव कार्यक्रम के तहत जिले की विरासत, पर्यटन एवं जैवविविधता के समग्र दस्तावेज के रूप में करवाया प्रकाशन सवाई माधोपुर, 18 फरवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा को जिला कलक्टर काना राम ने सवाई माधोपुर और रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान से संबंधित कॉफी टेबल बुक ‘री-डिस्कवरिंग रणथम्भौर, सवाई माधोपुर’ भेंट की। इस पुस्तक में सवाई माधोपुर जिले की विरासत, पर्यटन, जैवविविधता और रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान से जुड़ी पर्यटन गतिविधियों तथा दर्शनीय स्थलों की जानकारी संकलित है। जिला कलक्टर ने मुख्यमंत्री को बताया कि पुस्तक में सवाई माधोपुर के इतिहास, संस्कृति, वन्यजीव, प्राकृतिक सौन्दर्य लोकजीवन, कलाओं, हस्तशिल्प, और पर्यटन की संभावनाओं का समग्र एवं सजीव चित्रण प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में जिले की ऐतिहासिक इमारतों, किलों, मंदिरों, बावड़ियों तथा अन्य धरोहरों का विस्तार से उल्लेख किया गया है, जिससे क्षेत्र की समृद्ध विरासत की प्रामाणिक जानकारी मिलती है। सवाई माधोपुर की पारम्परिक हस्तकलाओं के बारे में कॉफी टेबल बुक में विस्तार से विवरण दिया गया है। ये कलाएं न केवल स्थानीय लोगों के लिए आजीविका का सशक्त माध्यम हैं, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी नए आयाम प्रदान करती हैं। विश्व प्रसिद्ध रणथम्भौर बाघ परियोजना सहित जिले के वन्यजीव और प्राकृतिक सौंदर्य के दृश्य भी पुस्तक में समाहित हैं, जो क्षेत्र की जैव-विविधता को रेखांकित करते हैं। यह प्रकाशन सवाई माधोपुर के पर्यटन, सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जिला कलक्टर काना राम के मार्गदर्शन में प्रकाशित यह पुस्तक चिन्हित पर्यटन सूचना केंद्रों एवं पर्यटन स्थलों, राजकीय संग्रहालयों, होटलों एवं अतिथि गृहों के स्वागत कक्ष, हवाई अड्डे तथा रेलवे स्टेशन के यात्री विश्राम स्थलों पर उपलब्ध करवाई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक और आगंतुक सवाई माधोपुर के दर्शनीय स्थलों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। उप निदेशक पर्यटन विभाग मधुसूदन सिंह ने बताया कि इस कॉफी टेबल बुक के चित्रों और आलेख का संकलन डॉ. धर्मेंद्र खांडल एवं प्रवीण सिंह द्वारा किया गया है।
मुख्यमंत्री को कॉफी टेबल बुक ‘री-डिस्कवरिंग रणथम्भौर, सवाई माधोपुर’ भेंट जिला प्रशासन ने पंच गौरव कार्यक्रम के तहत जिले की विरासत, पर्यटन एवं जैवविविधता के समग्र दस्तावेज के रूप में करवाया प्रकाशन सवाई माधोपुर, 18 फरवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा को जिला कलक्टर काना राम ने सवाई माधोपुर और रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान से संबंधित कॉफी टेबल बुक ‘री-डिस्कवरिंग रणथम्भौर, सवाई माधोपुर’ भेंट की। इस पुस्तक में सवाई माधोपुर जिले की विरासत, पर्यटन, जैवविविधता और रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान से जुड़ी पर्यटन गतिविधियों तथा दर्शनीय स्थलों की जानकारी संकलित है। जिला कलक्टर ने मुख्यमंत्री को बताया कि पुस्तक में सवाई माधोपुर के इतिहास, संस्कृति, वन्यजीव, प्राकृतिक सौन्दर्य लोकजीवन, कलाओं, हस्तशिल्प, और पर्यटन की संभावनाओं का समग्र एवं सजीव चित्रण प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में जिले की ऐतिहासिक इमारतों, किलों, मंदिरों, बावड़ियों तथा अन्य धरोहरों का विस्तार से उल्लेख किया गया है, जिससे क्षेत्र की समृद्ध विरासत की प्रामाणिक जानकारी मिलती है। सवाई माधोपुर की पारम्परिक हस्तकलाओं के बारे में कॉफी टेबल बुक में विस्तार से विवरण दिया गया है। ये कलाएं न केवल स्थानीय लोगों के लिए आजीविका का सशक्त माध्यम हैं, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी नए आयाम प्रदान करती हैं। विश्व प्रसिद्ध रणथम्भौर बाघ परियोजना सहित जिले के वन्यजीव और प्राकृतिक सौंदर्य के दृश्य भी पुस्तक में समाहित हैं, जो क्षेत्र की जैव-विविधता को रेखांकित करते हैं। यह प्रकाशन सवाई माधोपुर के पर्यटन, सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जिला कलक्टर काना राम के मार्गदर्शन में प्रकाशित यह पुस्तक चिन्हित पर्यटन सूचना केंद्रों एवं पर्यटन स्थलों, राजकीय संग्रहालयों, होटलों एवं अतिथि गृहों के स्वागत कक्ष, हवाई अड्डे तथा रेलवे स्टेशन के यात्री विश्राम स्थलों पर उपलब्ध करवाई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक और आगंतुक सवाई माधोपुर के दर्शनीय स्थलों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। उप निदेशक पर्यटन विभाग मधुसूदन सिंह ने बताया कि इस कॉफी टेबल बुक के चित्रों और आलेख का संकलन डॉ. धर्मेंद्र खांडल एवं प्रवीण सिंह द्वारा किया गया है।
- सवाई माधोपुर खंडार क्षेत्र के रामेश्वर सड़क मार्ग पर बड़वास गांव के मोड पर दो बाईकों में आपसी भिड़ंत हो गई। उसे दौरान दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार चतुर पुत्र सीताराम जाट निवासी बहरावंडा कला, हंसराज पुत्र मदन लाल बैरवा गांव रेड़ावद गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने अपने वाहन से उपचार के लिए उप जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्रभारी डॉक्टर रघुवीर मीणा के नेतृत्व में चिकित्सक टीम ने घायलों को उपचार दिया तथा गंभीर हालत देखते हुए दोनों व्यक्तियों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां इलाज जारी है। ओर बताया जा रहा कि घायल व्यक्ति अमावस्या पर रामेश्वर धाम जा रहे थे।1
- Post by राजू काँकोरिया खण्डार1
- सवाई माधोपुर: माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार समीक्षा गौतम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर द्वारा बुधवार को मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह सवाई माधोपुर का निरीक्षण कर आवासितों की संख्या, आवासितों को मेन्यू के अनुसार भोजन की उपलब्धता, पुनर्वास गृह के कक्षों एवं परिसर की साफ-सफाई, आवासितों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु डॉक्टर की विजिट, स्टोर में उपलब्ध संसाधन आदि के संबंध में जांच की गई। निरीक्षण के दौरान पुनर्वास गृह में कुल 48 आवासित पाएं गएं। आवासितों द्वारा अवगत करवाया गया कि उन्हें मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध नहीं करवाया जाता है, रोजाना खाने में दाल एवं चपाती दी जाती है। साथ ही निरीक्षण के दौरान पुनर्वास गृह के परिसर में खरपतवार एवं झाड़ियां उगी पाई गई। इस संबंध में सचिव समीक्षा गौतम द्वारा मौके पर उपस्थित पुनर्वास गृह के मैनेजर वीरसिंह गुर्जर को आवासितों को मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध करवाने, पुनर्वास गृह में उगी खरपतवार एवं झाड़ियों को कटवाकर साफ-सफाई करवाने एवं पुनर्वास के योग्य व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए प्रभावी कदम उठाने के संबंध में सख्त निर्देश दिए गए। गत निरीक्षण में भी सचिव समीक्षा गौतम द्वारा निर्देश प्रदान किए गए थे, परन्तु पुनर्वास गृह के मैनेजर द्वारा निर्देशों को गंभीरता पूर्वक नहीं लिया जा रहा है। साथ ही सचिव समीक्षा गौतम द्वारा राजकीय संप्रेक्षण एवं किशोर गृह, का निरीक्षण कर अधीक्षक विमलेश कुमार से विधि से संघर्षरत किशोरों की संख्या, उनके मुकदमों, अधिवक्ता की उपलब्धता, किशोरों को संतुलित आहार, नाश्ते व भोजन की उपलब्धता, चिकित्सकीय सुविधा, डॉक्टर की विजिट आदि के संबंध में जानकारी ली गई। साथ ही सचिव समीक्षा गौतम द्वारा पालना गृह में छोड़ें गए शिशुओं की संख्या, शिशुओं को प्रदान मूलभूत सुविधाएं, बच्चों की दत्तक ग्रहण प्रक्रिया, बच्चों से संबंधित रजिस्टरों के संधारण आदि के संबंध में जानकारी ली गई।1
- उनियारा. टोंक पुलिस कप्तान ने उनियारा सर्किल के नगर फ़ोर्ट और उनियारा थाने का निरक्षण किया. उन्होंने पुलिस अधिकारियो को नशे के सौदागरो पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये.इस अवसर पर उनियारा पुलिस उपाधीक्षक आकांक्षा कुमारी चौधरी, थानाधिकारी कप्तान सिंह, एएसआई रतन लाल मीणा सहित शंकर लाल ठाडा, राकेश बढ़ाया, राजेश जोशी, अभय सिंह शक्तावत, संदीप गुप्ता, कैलाश चौधरी, सुरेश कुमावत, घासी जैन, गुड्डू भाई, चेतन भट्ट व चेतन शर्मा आदि सीएलजी सदस्य मौजूद रहे।1
- लाखेरी - उपखंड क्षेत्र में स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर से लगभग दो किलोमीटर आगे चाकल नदी के दूसरे किनारे पर स्थित मंदिर (भग्न देवरा)के बारे मैं बताया जाता है कि इस महाभारत कालीन मंदिर का निर्माण पांडवों ने अज्ञात वास के दौरान किया था।जिसको मुगल आक्रांताओं द्वारा खंडित कर दिया गया था।उसके बाद सार संभाल के अभाव में यह मंदिर अपना अस्तित्व खोता गया। मंदिर के मलबे में दबे स्तंभ,मूर्तियां, मेराब,झालरें बड़े बड़े पत्थरों को तराश कर बनाई गई थी और सबसे बड़ा ताजुब तो यह है कि इन बड़े बड़े पत्थरों को बिना किसी सीमेंट के एक के ऊपर एक रख कर विशाल मंदिर बनाया गया था जो आज भी इंजीनियरों को सोचने पर मजबूर कर देता है इस मंदिर उकेरी गई कलाकृतियां, नक्काशी प्राचीन स्थापत्यकला का उत्कृष्ठ नमूना है जो आज भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती है।यह प्राचीन धरोहर खंडित होते हुए भी उस समय की कला संस्कृति और जीवन शैली का परिचय देती है। कला प्रेमी और धर्म प्रेमी लोगों ने सरकार से मांग की है कि इस प्राचीन धरोहर को संरक्षण प्रदान किया जाए और इसका जीर्णोद्धार भी किया जाए।4
- Post by Balram dev gujjar1
- टोंके गोल डूंगरी इलाके में विवाह समारोह में जब खलल पड़ गया जब कलश लेने जाने के दौरान डीजे को बैक करने के दौरान स्पीड में लेने से 5 बच्चे चपेट में आ गए जिसमें से दो बच्चों की इस वक्त मौत हो गई तथा तीन को सआदत अस्पताल टोंक में भर्ती कराया गया।2
- Post by राजू काँकोरिया खण्डार1