नवादा, बिहार में झूठे केस में फसाए जाने के डर और पड़ोसी की प्रताड़ना से परेशान — कानूनी सलाह चाहिए 🚨⚖️ नमस्ते सभी को, मैं यह पोस्ट बहुत ही लाचारी और मानसिक थकावट के साथ लिख रहा हूँ। पिछले 20 सालों से मेरा परिवार और मैं राम नगर, नवादा, बिहार (पिन: 805110) में एक पड़ोसी श्यामदेव (पिता: परमेश्वर महतो) और उनके परिवार की तरफ से लगातार और सोची-समझी प्रताड़ना का सामना कर रहे हैं। 🏚️ प्रताड़ना का इतिहास ○ सालों से ये लोग लगातार गंदा पानी, किचन का कचरा और गंदगी सीधे हमारे घर के पास वाली तंग आम गली में फेंकते रहे हैं। ○ जब भी हमने उनसे politely इसे बंद करने को कहा, तो उन्होंने आक्रामकता दिखाई। ○ अतीत में, जब मेरी पत्नी ने इस गंदगी का विरोध किया, तो ये लोग हमारे घर पर मारपीट और गाली-गलौज करने आ गए थे। ○ उन्होंने कई बार हमारे वाई-फाई और इंटरनेट के तारों को भी काट दिया है जो गली से गुजरते हैं, ताकि मेरा काम बाधित हो सके। ⚠️ हालिया तनाव और डराने के तरीके जब मैंने इस उत्पीड़न के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, स्थानीय न्यूज़ क्लिप्स शेयर कीं और स्थानीय थाने को शामिल किया, तो उन्होंने कुछ समय के लिए पानी फेंकना कम कर दिया। लेकिन मानसिक प्रताड़ना और बढ़ गई है: 1. 📹 टारगेटेड सीसीटीवी निगरानी: कल यानी 20 अक्टूबर 2026 को मेरी पत्नी ने देखा कि उन्होंने एक सीसीटीवी कैमरा लगाया है जिसका एंगल विशेष रूप से हमारे दरवाजे और उस तंग गली की तरफ है जिसका उपयोग हम बाहर जाने के लिए करते हैं। यह घर की सुरक्षा से ज्यादा एक लक्षित निगरानी जैसा लगता है जो हमारे हर कदम पर नजर रखे और हमें अपराधी जैसा महसूस कराए। 2. 🗑️ जानबूझकर उकसाना और कचरा फेंकना: यह जानते हुए कि हम उनके पिछले हिंसक धमकियों की वजह से उनसे आमने-सामने मुकाबला करने से डरते हैं (और झूठे कानूनी पचड़े में फंसने का डर है), उन्होंने उस रास्ते पर इस्तेमाल की गई प्लास्टिक की बोतलें और घर का कचरा फेंकना शुरू कर दिया है जिसका उपयोग हम रोजाना करते हैं। 3. ⚖️ फंसाने और झूठे केस का डर: उनकी स्पष्ट रणनीति अब हमें लगातार उकसाना, हमें हद तक धकेलना और प्रतिक्रिया का इंतजार करना है। सीसीटीवी कैमरा हमारे घर की तरफ होने की वजह से कोई भी स्वाभाविक मानवीय प्रतिक्रिया या बहस चुनिंदा तरीके से रिकॉर्ड हो जाएगी और स्थानीय अधिकारियों को देकर हमें झूठे आपराधिक मामले में फंसाया जा सकता है। 4. 💻 आजीविका पर असर: मैं अपनी पत्नी और छोटे बच्चे का पेट पालने के लिए रिमोट जॉब करता हूँ। इस जहरीले माहौल और गली में कदम रखने के डर की वजह से मुझे दिनों तक घर के अंदर ही रहना पड़ा है, जिससे मेरी मानसिक शांति और आजीविका प्रभावित हो रही है। 🛑 मैं क्यों फंसा हुआ हूँ? छोटे शहरों में स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था अक्सर स्थानीय प्रभाव या दबंगई वाले लोगों का पक्ष लेती है, जिससे कानून का पालन करने वाले शांतिप्रिय नागरिक असुरक्षित महसूस करते हैं। मैं इस लगातार डर में जी रहा हूँ कि एक दिन वे अपने प्रभाव या फेरबदल किए गए वीडियो फुटेज का उपयोग करके मेरे या मेरे परिवार के खिलाफ झूठी पुलिस शिकायत या आपराधिक मामला दर्ज करवा देंगे। मैं एक शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहता हूँ और बिना हर मिनट पीछे मुड़कर देखे अपने परिवार का भरण-पोषण करना चाहता हूँ। ■ कानूनी समुदाय और यहाँ के सदस्यों से मेरे कुछ सवाल हैं: ○ क्या कोई पड़ोसी कानूनी तौर पर ऐसा प्राइवेट सीसीटीवी कैमरा लगा सकता है जो सीधे दूसरे परिवार के मुख्य आने-जाने के रास्ते की ओर हो, जिससे निजता का हनन हो? ○ भारतीय कानून के तहत लक्षित मानसिक उत्पीड़न, जानबूझकर उकसाने और मनगढ़ंत झूठे मामलों के खतरे से खुद को बचाने के लिए क्या कानूनी उपाय हैं? ○ हम सुरक्षित तरीके से कैसे शिकायत करें जब स्थानीय पुलिस स्टेशन अक्सर नागरिक/पड़ोसी के विवादों को तब तक टाल देते हैं जब तक कोई दबाव न हो? अपने परिवार की सुरक्षा के लिए मैं जो भी कानूनी सलाह या कदम उठा सकूँ, वह मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। इसे पढ़ने के लिए धन्यवाद। 🙏
नवादा, बिहार में झूठे केस में फसाए जाने के डर और पड़ोसी की प्रताड़ना से परेशान — कानूनी सलाह चाहिए 🚨⚖️ नमस्ते सभी को, मैं यह पोस्ट बहुत ही लाचारी और मानसिक थकावट के साथ लिख रहा हूँ। पिछले 20 सालों से मेरा परिवार और मैं राम नगर, नवादा, बिहार (पिन: 805110) में एक पड़ोसी श्यामदेव (पिता: परमेश्वर महतो) और उनके परिवार की तरफ से लगातार और सोची-समझी प्रताड़ना का सामना कर रहे हैं। 🏚️ प्रताड़ना का इतिहास ○ सालों से ये लोग लगातार गंदा पानी, किचन का कचरा और गंदगी सीधे हमारे घर के पास वाली तंग आम गली में फेंकते रहे हैं। ○ जब भी हमने उनसे politely इसे बंद करने को कहा, तो उन्होंने आक्रामकता दिखाई। ○ अतीत में, जब मेरी पत्नी ने इस गंदगी का विरोध किया, तो ये लोग हमारे घर पर मारपीट और गाली-गलौज करने आ गए थे। ○ उन्होंने कई बार हमारे वाई-फाई और इंटरनेट के तारों को भी काट दिया है जो गली से गुजरते हैं, ताकि मेरा काम बाधित हो सके। ⚠️ हालिया तनाव और डराने के तरीके जब मैंने इस उत्पीड़न के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, स्थानीय न्यूज़ क्लिप्स शेयर कीं और स्थानीय थाने को शामिल किया, तो उन्होंने कुछ समय के लिए पानी फेंकना कम कर दिया। लेकिन मानसिक प्रताड़ना और बढ़ गई है: 1. 📹 टारगेटेड सीसीटीवी निगरानी: कल यानी 20 अक्टूबर 2026 को मेरी पत्नी ने देखा कि उन्होंने एक सीसीटीवी कैमरा लगाया है जिसका एंगल विशेष रूप से हमारे दरवाजे और उस तंग गली की तरफ है जिसका उपयोग हम बाहर जाने के लिए करते हैं। यह घर की सुरक्षा से ज्यादा एक लक्षित निगरानी जैसा लगता है जो हमारे हर कदम पर नजर रखे और हमें अपराधी जैसा महसूस कराए। 2. 🗑️ जानबूझकर उकसाना और कचरा फेंकना: यह जानते हुए कि हम उनके पिछले हिंसक धमकियों की वजह से उनसे आमने-सामने मुकाबला करने से डरते हैं (और झूठे कानूनी पचड़े में फंसने का डर है), उन्होंने उस रास्ते पर इस्तेमाल की गई प्लास्टिक की बोतलें और घर का कचरा फेंकना शुरू कर दिया है जिसका उपयोग हम रोजाना करते हैं। 3. ⚖️ फंसाने और झूठे केस का डर: उनकी स्पष्ट रणनीति अब हमें लगातार उकसाना, हमें हद तक धकेलना और प्रतिक्रिया का इंतजार करना है। सीसीटीवी कैमरा हमारे घर की तरफ होने की वजह से कोई भी स्वाभाविक मानवीय प्रतिक्रिया या बहस चुनिंदा तरीके से रिकॉर्ड हो जाएगी और स्थानीय अधिकारियों को देकर हमें झूठे आपराधिक मामले में फंसाया जा सकता है। 4. 💻 आजीविका पर असर: मैं अपनी पत्नी और छोटे बच्चे का पेट पालने के लिए रिमोट जॉब करता हूँ। इस जहरीले माहौल और गली में कदम रखने के डर की वजह से मुझे दिनों तक घर के अंदर ही रहना पड़ा है, जिससे मेरी मानसिक शांति और आजीविका प्रभावित हो रही है। 🛑 मैं क्यों फंसा हुआ हूँ? छोटे शहरों में स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था अक्सर स्थानीय प्रभाव या दबंगई वाले लोगों का पक्ष लेती है, जिससे कानून का पालन करने वाले शांतिप्रिय नागरिक असुरक्षित महसूस करते हैं। मैं इस लगातार डर में जी रहा हूँ कि एक दिन वे अपने प्रभाव या फेरबदल किए गए वीडियो फुटेज का उपयोग करके मेरे या मेरे परिवार के खिलाफ झूठी पुलिस शिकायत या आपराधिक मामला दर्ज करवा देंगे। मैं एक शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहता हूँ और बिना हर मिनट पीछे मुड़कर देखे अपने परिवार का भरण-पोषण करना चाहता हूँ। ■ कानूनी समुदाय और यहाँ के सदस्यों से मेरे कुछ सवाल हैं: ○ क्या कोई पड़ोसी कानूनी तौर पर ऐसा प्राइवेट सीसीटीवी कैमरा लगा सकता है जो सीधे दूसरे परिवार के मुख्य आने-जाने के रास्ते की ओर हो, जिससे निजता का हनन हो? ○ भारतीय कानून के तहत लक्षित मानसिक उत्पीड़न, जानबूझकर उकसाने और मनगढ़ंत झूठे मामलों के खतरे से खुद को बचाने के लिए क्या कानूनी उपाय हैं? ○ हम सुरक्षित तरीके से कैसे शिकायत करें जब स्थानीय पुलिस स्टेशन अक्सर नागरिक/पड़ोसी के विवादों को तब तक टाल देते हैं जब तक कोई दबाव न हो? अपने परिवार की सुरक्षा के लिए मैं जो भी कानूनी सलाह या कदम उठा सकूँ, वह मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। इसे पढ़ने के लिए धन्यवाद। 🙏
- नवादा, बिहार में झूठे केस में फसाए जाने के डर और पड़ोसी की प्रताड़ना से परेशान — कानूनी सलाह चाहिए 🚨⚖️ नमस्ते सभी को, मैं यह पोस्ट बहुत ही लाचारी और मानसिक थकावट के साथ लिख रहा हूँ। पिछले 20 सालों से मेरा परिवार और मैं राम नगर, नवादा, बिहार (पिन: 805110) में एक पड़ोसी श्यामदेव (पिता: परमेश्वर महतो) और उनके परिवार की तरफ से लगातार और सोची-समझी प्रताड़ना का सामना कर रहे हैं। 🏚️ प्रताड़ना का इतिहास ○ सालों से ये लोग लगातार गंदा पानी, किचन का कचरा और गंदगी सीधे हमारे घर के पास वाली तंग आम गली में फेंकते रहे हैं। ○ जब भी हमने उनसे politely इसे बंद करने को कहा, तो उन्होंने आक्रामकता दिखाई। ○ अतीत में, जब मेरी पत्नी ने इस गंदगी का विरोध किया, तो ये लोग हमारे घर पर मारपीट और गाली-गलौज करने आ गए थे। ○ उन्होंने कई बार हमारे वाई-फाई और इंटरनेट के तारों को भी काट दिया है जो गली से गुजरते हैं, ताकि मेरा काम बाधित हो सके। ⚠️ हालिया तनाव और डराने के तरीके जब मैंने इस उत्पीड़न के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, स्थानीय न्यूज़ क्लिप्स शेयर कीं और स्थानीय थाने को शामिल किया, तो उन्होंने कुछ समय के लिए पानी फेंकना कम कर दिया। लेकिन मानसिक प्रताड़ना और बढ़ गई है: 1. 📹 टारगेटेड सीसीटीवी निगरानी: कल यानी 20 अक्टूबर 2026 को मेरी पत्नी ने देखा कि उन्होंने एक सीसीटीवी कैमरा लगाया है जिसका एंगल विशेष रूप से हमारे दरवाजे और उस तंग गली की तरफ है जिसका उपयोग हम बाहर जाने के लिए करते हैं। यह घर की सुरक्षा से ज्यादा एक लक्षित निगरानी जैसा लगता है जो हमारे हर कदम पर नजर रखे और हमें अपराधी जैसा महसूस कराए। 2. 🗑️ जानबूझकर उकसाना और कचरा फेंकना: यह जानते हुए कि हम उनके पिछले हिंसक धमकियों की वजह से उनसे आमने-सामने मुकाबला करने से डरते हैं (और झूठे कानूनी पचड़े में फंसने का डर है), उन्होंने उस रास्ते पर इस्तेमाल की गई प्लास्टिक की बोतलें और घर का कचरा फेंकना शुरू कर दिया है जिसका उपयोग हम रोजाना करते हैं। 3. ⚖️ फंसाने और झूठे केस का डर: उनकी स्पष्ट रणनीति अब हमें लगातार उकसाना, हमें हद तक धकेलना और प्रतिक्रिया का इंतजार करना है। सीसीटीवी कैमरा हमारे घर की तरफ होने की वजह से कोई भी स्वाभाविक मानवीय प्रतिक्रिया या बहस चुनिंदा तरीके से रिकॉर्ड हो जाएगी और स्थानीय अधिकारियों को देकर हमें झूठे आपराधिक मामले में फंसाया जा सकता है। 4. 💻 आजीविका पर असर: मैं अपनी पत्नी और छोटे बच्चे का पेट पालने के लिए रिमोट जॉब करता हूँ। इस जहरीले माहौल और गली में कदम रखने के डर की वजह से मुझे दिनों तक घर के अंदर ही रहना पड़ा है, जिससे मेरी मानसिक शांति और आजीविका प्रभावित हो रही है। 🛑 मैं क्यों फंसा हुआ हूँ? छोटे शहरों में स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था अक्सर स्थानीय प्रभाव या दबंगई वाले लोगों का पक्ष लेती है, जिससे कानून का पालन करने वाले शांतिप्रिय नागरिक असुरक्षित महसूस करते हैं। मैं इस लगातार डर में जी रहा हूँ कि एक दिन वे अपने प्रभाव या फेरबदल किए गए वीडियो फुटेज का उपयोग करके मेरे या मेरे परिवार के खिलाफ झूठी पुलिस शिकायत या आपराधिक मामला दर्ज करवा देंगे। मैं एक शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहता हूँ और बिना हर मिनट पीछे मुड़कर देखे अपने परिवार का भरण-पोषण करना चाहता हूँ। ■ कानूनी समुदाय और यहाँ के सदस्यों से मेरे कुछ सवाल हैं: ○ क्या कोई पड़ोसी कानूनी तौर पर ऐसा प्राइवेट सीसीटीवी कैमरा लगा सकता है जो सीधे दूसरे परिवार के मुख्य आने-जाने के रास्ते की ओर हो, जिससे निजता का हनन हो? ○ भारतीय कानून के तहत लक्षित मानसिक उत्पीड़न, जानबूझकर उकसाने और मनगढ़ंत झूठे मामलों के खतरे से खुद को बचाने के लिए क्या कानूनी उपाय हैं? ○ हम सुरक्षित तरीके से कैसे शिकायत करें जब स्थानीय पुलिस स्टेशन अक्सर नागरिक/पड़ोसी के विवादों को तब तक टाल देते हैं जब तक कोई दबाव न हो? अपने परिवार की सुरक्षा के लिए मैं जो भी कानूनी सलाह या कदम उठा सकूँ, वह मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। इसे पढ़ने के लिए धन्यवाद। 🙏1
- अकबरपुर में अपना मॉल का शुभारंभ, एक ही छत के नीचे मिलेगी खरीदारी की सुविधा खिलौने, प्लास्टिक आइटम और घरेलू उपयोग की विभिन्न वस्तुएं होंगी उपलब्ध, संचालक ने ग्राहकों से की खरीदारी की अपील संजय वर्मा अकबरपुर (नवादा)। अकबरपुर स्थित जेके कॉम्प्लेक्स में सिनेमा हॉल के निकट ‘अपना मॉल’ का शुभारंभ किया गया। मॉल के शुरू होने से स्थानीय लोगों को खरीदारी के लिए एक नया विकल्प मिला है। यहां ग्राहकों को प्लास्टिक आइटम, बच्चों के खिलौने और घरेलू उपयोग की विभिन्न वस्तुएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। मॉल के संचालक चंदन कुमार सौरभ, जो सिविल इंजीनियर हैं, ने बताया कि आज के व्यस्त जीवन में लोग ऐसी जगह से खरीदारी करना पसंद करते हैं, जहां उन्हें अपनी जरूरत का सामान एक ही स्थान पर मिल सके। इसी उद्देश्य से ‘अपना मॉल’ की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि मॉल में बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के खिलौने, घरेलू उपयोग की सामग्री, प्लास्टिक से बने सामान तथा रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी कई वस्तुएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रतिष्ठान का उद्देश्य ग्राहकों को एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार के सामान उपलब्ध कराकर उनकी खरीदारी को आसान और सुविधाजनक बनाना है। संचालक ने कहा कि अलग-अलग दुकानों पर जाकर सामान खरीदने में ग्राहकों का समय और मेहनत खर्च होती है। ‘अपना मॉल’ में विभिन्न प्रकार की वस्तुएं उपलब्ध होने से लोगों को एक ही जगह पर अपनी जरूरत का सामान चुनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने स्थानीय नागरिकों एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों से ‘अपना मॉल’ में पहुंचकर खरीदारी करने की अपील की। साथ ही कहा कि ग्राहकों की जरूरतों और संतुष्टि को प्राथमिकता देते हुए उन्हें बेहतर खरीदारी का अनुभव देने का प्रयास किया जाएगा। अकबरपुर के जेके कॉम्प्लेक्स में शुरू हुआ ‘अपना मॉल’ स्थानीय बाजार में खरीदारी की सुविधा बढ़ाने की दिशा में एक नई पहल है।1
- #नवादा हरिश्चन्द्र स्टेडियम में रावण और मेघनाथ का पुतला दहन किया गया,देखिये वीडियो #viralreelschallenge #vidioviral #foryouシ #feshbookreels #नवादा हरिश्चन्द्र स्टेडियम में रावण और मेघनाथ का पुतला दहन किया गया,देखिये वीडियो #viralreelschallenge #vidioviral #foryouシ #feshbookreels2
- रामलीला व नाटक : दुर्गा पूजा के मौके पर हुई आयोजित, कलाकारों ने बेहतर भूमिका निभाई। रिपोर्टर : इम्तियाज फोनवेल की खास रिपोर्ट। बिहार : नवादा खबर। हिसुआ प्रखंड के तहत मंझवे में दुर्गा स्थान के समीप दुर्गा पूजा के मौके पर रामलीला आयोजन किया गया। रामलीला के दौरान एक छोटी नाटक प्रस्तुत किया गया। आयोजक संजय कुमार ने बताया कि कलाकार गणेश चौरसिया, रिषि चौरसिया पवित्र चौरसिया ने बेहतरीन भूमिका निभा कर दर्शकों को सराबोर कर दिया। दर्शकों ने ताली बजाकर कलाकारों को सराहनीय किये। दर्शकों ने ताली बजाकर खुशी से झुमने लगे।2
- बिहारशरीफ में माता दुर्गा को मंद आंखों से दी गई विदाई ...महिलाओं ने गीत गाकर उत्सव वर्धन कर मां की दि विदाई... #khbreTv: बिहारशरीफ में माता दुर्गा को मंद आंखों से दी गई विदाई ...महिलाओं ने गीत गाकर उत्सव वर्धन कर मां की दि विदाई...2
- मॉल में हज़ारों उड़ाते हो? कभी इनका दर्द देखा है? सुनिए बिहार के विराट से ये कहानी "एक तरफ़ हमारी खुशियाँ... दूसरी तरफ़ 2 वक़्त की रोटी की जंग! ⚖️ सुनिए बिहार के विराट से ये कहानी1
- दो भाइयों पर गोली चलाने वाले मामले पर क्या कुछ कह रहे हैं वजीरगंज डीएसपी।1
- पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार के समर्थन में नवादा में आयोजित संवाद कार्यक्रम में हिसुआ विधायक अनिल सिंह ने क्या कहा, सुनिए पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार के समर्थन में नवादा में आयोजित संवाद कार्यक्रम में हिसुआ विधायक अनिल सिंह ने क्या कहा, सुनिए1