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नाली विवाद में दो पक्षों में मारपीट, 6 लोग घायल होने का दावा 📍 जनपद शाहजहांपुर, बंडा थाना क्षेत्र के इंदलपुर गांव का मामला नाली को लेकर हुए विवाद में दोनों पक्षों के बीच मारपीट की बात सामने आई है। एक पक्ष से एक और दूसरे पक्ष से पांच लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सभी घायलों का मेडिकल नहीं कराया गया और थाने से उन्हें वापस भेज दिया गया। बताया गया कि फिलहाल केवल दो लोगों का ही मेडिकल कराया गया। मामले को लेकर पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पूरे मामले में पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है। #Shahjahanpur #Banda #BreakingNews #Indalpur #मारपीट #नालीविवाद
देवेंन्द्र पटेल
नाली विवाद में दो पक्षों में मारपीट, 6 लोग घायल होने का दावा 📍 जनपद शाहजहांपुर, बंडा थाना क्षेत्र के इंदलपुर गांव का मामला नाली को लेकर हुए विवाद में दोनों पक्षों के बीच मारपीट की बात सामने आई है। एक पक्ष से एक और दूसरे पक्ष से पांच लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सभी घायलों का मेडिकल नहीं कराया गया और थाने से उन्हें वापस भेज दिया गया। बताया गया कि फिलहाल केवल दो लोगों का ही मेडिकल कराया गया। मामले को लेकर पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पूरे मामले में पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है। #Shahjahanpur #Banda #BreakingNews #Indalpur #मारपीट #नालीविवाद
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- सम्मानजनक वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग, शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन शिक्षक बोले- कैशलेस चिकित्सा नहीं, पहले जीविकोपार्जन का सहारा चाहिए शाहजहांपुर। अनुदानित महाविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ (उ.प्र.) ने सम्मानजनक वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। शिक्षकों ने कहा कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय नहीं मिल पा रहा है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। संघ पदाधिकारियों ने शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जब शिक्षक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं तो केवल कैशलेस चिकित्सा सुविधा उनकी मूल समस्याओं का समाधान नहीं है। सरकार को पहले शिक्षकों के लिए सम्मानजनक वेतन और स्थायी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि स्ववित्तपोषित शिक्षकों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनके मानदेय में पर्याप्त वृद्धि की जाए और सेवा संबंधी सुरक्षा प्रदान की जाए। संघ ने चेतावनी दी कि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो शिक्षक आगे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।1
- शाहजहाँपुर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आज दिनांक 18.09.2026 को जनपद के सभी थानों की एंटी रोमियो टीमों ने विशेष अभियान चलाया शाहजहाँपुर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आज दिनांक 18.09.2026 को जनपद के सभी थानों की एंटी रोमियो टीमों ने विशेष अभियान चलाया। स्कूलों के बाहर छात्राओं को महिला सुरक्षा, हेल्पलाइन नंबर 1090, 112, 181, 1076, 1098 के बारे में जागरूक किया और संदिग्ध युवकों की चेकिंग की। Shahjahanpur Police ने महिला एवं बालिका सुरक्षा को लेकर यह अभियान चलाया। #ShahjahanpurPolice #AntiRomeoTeam #ShahjahanpurNews #SEBNews #ShahjahanpurExpressBharat #UPPolice #WomenSafety1
- **फेस ऑथेंटिकेशन के बिना पोषाहार बांटा तो खैर नहीं! डीएम का कड़ा फरमान** 👉आंगनबाड़ी केंद्रों पर शत-प्रतिशत संचालन और योजनाओं में लापरवाही पर सख्त रुख** शाहजहांपुर/जिला पोषण समिति एवं महिला कल्याण विभाग की बैठक में जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि **बिना फेस ऑथेंटिकेशन के अनुपूरक पुष्टाहार का वितरण नहीं किया जाए।** सितंबर में टीएचआर वितरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने और आंगनबाड़ी केंद्रों का प्रतिदिन शत-प्रतिशत संचालन सुनिश्चित कराने को कहा। डीएम ने संभव अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सैम बच्चों के फॉलोअप तथा पोषण ट्रैकर पर मोबाइल सत्यापन में लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति के निर्देश दिए। एक अक्टूबर से जन्म प्रमाण पत्र की नई व्यवस्था लागू होने की जानकारी सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को देने को कहा। महिला कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए नियमित निगरानी और प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ उत्कर्ष द्विवेदी, डीडीओ ऋषिपाल सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी उत्तम कुमार समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।1
- लेने देने के विवाद में मारपीट के बाद अधेड़ की मौत दो लोग हिरासत में शाहजहांपुर, 18 सितंबर। पुवाया थाना क्षेत्र में शुक्रवार को लेनदेन को लेकर हुए विवाद में एक अधेड़ के साथ मारपीट की गई।जिससे उसकी मौत हो गई पुलिस ने शव पोस्टमार्टम में भेज दिया है और दो लोगो को हिरासत के लेकर पूछताछ कर रही है। अपर पुलिस अधीक्षक देहात भंवरे दीक्षा अरुण ने बताया कि पुवायां थाना क्षेत्र के गांव सदापुर में शुक्रवार दोपहर रामकृपाल (50)के साथ उनके दूर के रिश्तेदारों द्वारा मारपीट की गई। परिवार वाले उन्हें बेहोशी की हालत में सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे जहां चिकित्सको ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया की दो लोगो को हिरासत में लेकर पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। प्ररंभिक जांच में पता चला है कि लकड़ी के रुपये को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। एएसपी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।पुलिस जांच कर रही है।1
- पुवायां में विवाद के दौरान मारपीट, एक व्यक्ति की मौत; पुलिस ने शुरू की कार्रवाई शाहजहांपुर। थाना पुवायां क्षेत्र के ग्राम सदापुर में विवाद के दौरान हुई मारपीट में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करते हुए संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने घटना और अब तक की पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी।1
- *** यूपीआई शुल्क के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन *** ***वित्त मंत्री के कैंप कार्यालय के बाहर नारेबाजी, प्रतिनिधि को सौंपा ज्ञापन*** शाहजहांपुर : यूपीआई भुगतान व्यवस्था में प्रस्तावित शुल्क को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता और महानगर अध्यक्ष तकवीम हसन खान के नेतृत्व में कार्यकर्ता वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के कैंप कार्यालय के बाहर पहुंचे और प्रदर्शन किया। इसके बाद मंत्री के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर शुल्क व्यवस्था वापस लेने की मांग की। इससे पहले कार्यकर्ता टाउनहाल स्थित राजीव भवन में एकत्र हुए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि डिजिटल लेनदेन पर शुल्क लगने से व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है। उन्होंने सरकार से छोटे और मध्यम व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की। महानगर अध्यक्ष ने सरकार पर व्यापारियों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनहित के मुद्दों को लेकर विरोध जारी रखेगी। प्रदर्शन में धर्मेंद्र दीक्षित, अनूप वर्मा, पवन सिंह, पूनम पांडेय, अनस इकबाल समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे। इस मौके पर प्रमुख रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र दीक्षित, प्रदेश सचिव अनूप वर्मा, कृष्ण विनोद मिश्रा, पवन सिंह, गायत्री प्रकाश अवस्थी, रामजी अवस्थी, पूनम पांडेय, अनस इकबाल, अरुणोद मिश्रा, फुरकान अहमद कुरैशी सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- बाबा विश्वनाथ मंदिर से शुरू हुई यात्रा, सदर बाजार से होते हुए हनुमत धाम पहुंची विश्वकर्मा भगवान की शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब बाबा विश्वनाथ मंदिर से शुरू हुई यात्रा, सदर बाजार से होते हुए हनुमत धाम पहुंची शाहजहांपुर। भगवान विश्वकर्मा पूजा के अगले दिन शुक्रवार को शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। बाबा विश्वनाथ मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा सदर बाजार, घंटाघर चौक और केरूगंज होते हुए हनुमत धाम पहुंची। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। पूरे मार्ग में भगवान विश्वकर्मा के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा।1
- **कलान में सबसे ज्यादा जर्जर स्कूल, फिर भी ध्वस्तीकरण ठप!** 👉डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने जताई नाराजगी, शीघ्र कार्रवाई के निर्देश बेसिक शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने जर्जर विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण में लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताई। विकासखंड कलान में सर्वाधिक जर्जर विद्यालय भवन चिह्नित होने के बावजूद ध्वस्तीकरण न होने पर डीएम ने शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में 303 परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइनों को हटाने में देरी पर भी कड़ा रुख अपनाया। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर लाइनें शीघ्र हटवाने तथा विलंब के जिम्मेदारों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। निगोही व तिलहर में निपुण प्लस आकलन की धीमी प्रगति पर सुधार के निर्देश दिए गए। कांट के नगला बनवारी स्कूल में मध्यान्ह भोजन शेड जल्द पूरा कराने, कस्तूरबा विद्यालयों में रिक्त पदों पर साक्षात्कार कराने और बच्चों के आधार अपडेट में तेजी लाने को भी कहा गया। बैठक में सीडीओ उत्कर्ष द्विवेदी, बीएसए जयशंकर श्रीवास्तव सहित अधिकारी मौजूद रहे।1
- हाथ धोने प्लेटफॉर्म पर उतरी महिला, ट्रेन चली तो छूट गए पति और बच्चे न कोच नंबर याद , न मोबाइल नंबर; समाज सेवी व टीटीई की सूझबूझ से बेटे से हुआ मिलन दो मिनट के ठहराव में बिछड़ गया परिवार, रोती रही मां… हाथ धोने प्लेटफॉर्म पर उतरी महिला, ट्रेन चली तो छूट गए पति और बच्चे न कोच नंबर याद , न मोबाइल नंबर; समाज सेवी व टीटीई की सूझबूझ से बेटे से हुआ मिलन शाहजहांपुर। अयोध्या में रामलला के दर्शन की उम्मीद लेकर निकले एक परिवार के लिए गुरुवार की शाम कुछ देर के लिए ऐसा मोड़ लेकर आई, जिसे वे शायद जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे। बरेली से अयोध्या जा रही वाराणसी एक्सप्रेस शाहजहांपुर स्टेशन पर रुकी तो परिवार की 45 वर्षीय बबली कश्यप लड्डू गोपाल को साथ लेकर हाथ धोने के लिए ट्रेन से नीचे उतर गईं। इसी बीच ट्रेन चल पड़ी। जब तक वह वापस पहुंचतीं, ट्रेन रफ्तार पकड़ चुकी थी और उनका पूरा परिवार आंखों के सामने आगे निकल गया। बबली ने ट्रेन के साथ दौड़ते हुए गार्ड से गाड़ी रोकने की गुहार लगाई। वह रोते हुए कहती रहीं कि “मेरे बच्चे ट्रेन में रह गए हैं, गाड़ी रोक दीजिए।” लेकिन ट्रेन नहीं रुकी। महिला की आंखों के सामने पति और बच्चे उनसे दूर होते चले गए। वह प्लेटफार्म पर बदहवास होकर रोने लगीं। इसी दौरान वहां मौजूद समाजसेवी अजीत मिश्रा की नजर महिला पर पड़ी। उन्होंने तत्काल उन्हें चलती ट्रेन से दूर सुरक्षित किया और ढांढस बंधाते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, उन्हें उनके परिवार तक सुरक्षित पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। महिला ने पत्रकार पर भरोसा किया और इसके बाद शुरू हुआ परिवार को खोजने का सिलसिला। मुश्किल यह थी कि बबली कश्यप को न तो अपना कोच नंबर याद था और न ही पति संतोष कश्यप का मोबाइल नंबर। उन्होंने बताया कि वह पढ़ी-लिखी नहीं हैं और परिवार के सभी सदस्य अलग-अलग कोचों में बैठे हैं। परिवार में संतोष कश्यप (50), बबली कश्यप (45), शिवम कश्यप (27), हर्ष कश्यप (25), शिवानी कश्यप (23), माया देवी (65), आलोक (21), करण (22) और आरुष (23) शामिल थे। परिवार पीलीभीत के नेउरिया क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। संतोष कश्यप ने बरेली से अयोध्या जाने के लिए ट्रेन संख्या 14236 बरेली-वाराणसी एक्सप्रेस में नौ लोगों का रिजर्वेशन कराया था। परिवार के पांच सदस्य एस-6, दो एस-3 और दो एस-2 कोच में सवार थे। अजीत मिश्रा महिला को लेकर पहले स्टेशन कार्यालय पहुंचे। वहां से पावर केबिन से संपर्क करने की सलाह मिली। इसके बाद वह जीआरपी थाने पहुंचे और पूरी घटना बताई। पुलिसकर्मियों ने रोजा पुलिस चौकी से संपर्क किया। अनुमान के आधार पर ट्रेन के संबंधित कोचों में तलाश कराई गई, लेकिन तब तक ट्रेन शाहजहांपुर से आगे निकल चुकी थी। 139 पर भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन तत्काल सफलता नहीं मिली। महिला लगातार रो रही थीं। पत्रकार अजीत मिश्रा उन्हें समझाते रहे कि “हिम्मत मत हारिए, आपको आपके बच्चों तक पहुंचाया जाएगा।” इसके बाद अजीत मिश्रा ने सीधे इंक्वायरी कार्यालय और पावर केबिन से संपर्क किया। पावर केबिन के स्टेशन मास्टर सुनील कुमार से बात हुई। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए जानकारी जुटाने में मदद की। इसी प्रयास के दौरान महिला के पति का मोबाइल नंबर मिल गया। अजीत मिश्रा ने तत्काल नंबर पर फोन किया। फोन उनके बेटे शिवम ने उठाया। मां की बेटे से बात कराई गई तो बबली कश्यप की आंखों में आंसू जरूर थे, लेकिन उनमें उम्मीद लौट आई। उन्हें पता चल गया कि परिवार सुरक्षित है। इसके बाद शाहजहांपुर स्टेशन पर तैनात टीटीई आयुष शर्मा ने भी मामले में सक्रियता दिखाई। उन्होंने महिला को पहले शांत कराया और भरोसा दिलाया कि उन्हें उनके परिवार से मिलाया जाएगा। सबसे बड़ी चुनौती थी कि ट्रेन में परिवार अलग-अलग कोचों में था। न महिला को कोच नंबर पता था और न परिवार के अन्य सदस्यों के मोबाइल नंबर। ऐसे में पत्रकार अजीत मिश्रा और टीटीई आयुष शर्मा ने मिलकर संपर्क का रास्ता तैयार किया। बरेली में तैनात टीटीई से संपर्क कर ट्रेन के अलग-अलग कोचों में सूचना पहुंचाई गई। इसी बीच बरेली से प्रयागराज जाने वाली ट्रेन संख्या 14308 शाहजहांपुर पहुंची। महिला को इसी ट्रेन से आगे भेजने की व्यवस्था की गई। टीटीई ने संबंधित कर्मचारियों को जानकारी दी कि महिला के बेटे को हरदोई में तलाश कर उन्हें दोनों को मिलाया जाए। महिला ट्रेन में बैठीं तो कुछ देर पहले जिस चेहरे पर घबराहट और आंसू थे, उसी चेहरे पर राहत दिखाई देने लगी। ट्रेन रवाना होने के बाद भी अजीत मिश्रा लगातार फोन के जरिए महिला और उनके बेटे शिवम के संपर्क में बने रहे। ट्रेन हरदोई पहुंची तो तत्काल शिवम से संपर्क किया। इसके बाद बबली कश्यप से भी फोन पर बात हुई। दूसरी तरफ से आवाज आई—“मेरा बेटा मिल गया है, हम लोग अब सुरक्षित हैं।” यह सुनते ही उस महिला के लिए कई घंटों से चला आ रहा डर और तनाव जैसे खत्म हो गया। उन्होंने पत्रकार अजीत मिश्रा और टीटीई आयुष शर्मा सहित मदद करने वाले रेलकर्मियों का बार-बार धन्यवाद किया। एक तरफ अयोध्या में रामलला के दर्शन की चाहत लेकर निकला परिवार था, तो दूसरी तरफ शाहजहांपुर स्टेशन पर अचानक बिछड़ गई मां। कुछ घंटों तक चली तलाश, कई फोन कॉल और कई लोगों के प्रयास के बाद आखिरकार मां अपने बेटे तक पहुंच गई। यह घटना सिर्फ एक परिवार के बिछड़ने और मिलने की कहानी नहीं रही, बल्कि मुश्किल घड़ी में एक-दूसरे की मदद के लिए आगे बढ़ने की मिसाल भी बन गई।1