हाथ धोने प्लेटफॉर्म पर उतरी महिला, ट्रेन चली तो छूट गए पति और बच्चे न कोच नंबर याद , न मोबाइल नंबर; समाज सेवी व टीटीई की सूझबूझ से बेटे से हुआ मिलन दो मिनट के ठहराव में बिछड़ गया परिवार, रोती रही मां… हाथ धोने प्लेटफॉर्म पर उतरी महिला, ट्रेन चली तो छूट गए पति और बच्चे न कोच नंबर याद , न मोबाइल नंबर; समाज सेवी व टीटीई की सूझबूझ से बेटे से हुआ मिलन शाहजहांपुर। अयोध्या में रामलला के दर्शन की उम्मीद लेकर निकले एक परिवार के लिए गुरुवार की शाम कुछ देर के लिए ऐसा मोड़ लेकर आई, जिसे वे शायद जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे। बरेली से अयोध्या जा रही वाराणसी एक्सप्रेस शाहजहांपुर स्टेशन पर रुकी तो परिवार की 45 वर्षीय बबली कश्यप लड्डू गोपाल को साथ लेकर हाथ धोने के लिए ट्रेन से नीचे उतर गईं। इसी बीच ट्रेन चल पड़ी। जब तक वह वापस पहुंचतीं, ट्रेन रफ्तार पकड़ चुकी थी और उनका पूरा परिवार आंखों के सामने आगे निकल गया। बबली ने ट्रेन के साथ दौड़ते हुए गार्ड से गाड़ी रोकने की गुहार लगाई। वह रोते हुए कहती रहीं कि “मेरे बच्चे ट्रेन में रह गए हैं, गाड़ी रोक दीजिए।” लेकिन ट्रेन नहीं रुकी। महिला की आंखों के सामने पति और बच्चे उनसे दूर होते चले गए। वह प्लेटफार्म पर बदहवास होकर रोने लगीं। इसी दौरान वहां मौजूद समाजसेवी अजीत मिश्रा की नजर महिला पर पड़ी। उन्होंने तत्काल उन्हें चलती ट्रेन से दूर सुरक्षित किया और ढांढस बंधाते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, उन्हें उनके परिवार तक सुरक्षित पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। महिला ने पत्रकार पर भरोसा किया और इसके बाद शुरू हुआ परिवार को खोजने का सिलसिला। मुश्किल यह थी कि बबली कश्यप को न तो अपना कोच नंबर याद था और न ही पति संतोष कश्यप का मोबाइल नंबर। उन्होंने बताया कि वह पढ़ी-लिखी नहीं हैं और परिवार के सभी सदस्य अलग-अलग कोचों में बैठे हैं। परिवार में संतोष कश्यप (50), बबली कश्यप (45), शिवम कश्यप (27), हर्ष कश्यप (25), शिवानी कश्यप (23), माया देवी (65), आलोक (21), करण (22) और आरुष (23) शामिल थे। परिवार पीलीभीत के नेउरिया क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। संतोष कश्यप ने बरेली से अयोध्या जाने के लिए ट्रेन संख्या 14236 बरेली-वाराणसी एक्सप्रेस में नौ लोगों का रिजर्वेशन कराया था। परिवार के पांच सदस्य एस-6, दो एस-3 और दो एस-2 कोच में सवार थे। अजीत मिश्रा महिला को लेकर पहले स्टेशन कार्यालय पहुंचे। वहां से पावर केबिन से संपर्क करने की सलाह मिली। इसके बाद वह जीआरपी थाने पहुंचे और पूरी घटना बताई। पुलिसकर्मियों ने रोजा पुलिस चौकी से संपर्क किया। अनुमान के आधार पर ट्रेन के संबंधित कोचों में तलाश कराई गई, लेकिन तब तक ट्रेन शाहजहांपुर से आगे निकल चुकी थी। 139 पर भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन तत्काल सफलता नहीं मिली। महिला लगातार रो रही थीं। पत्रकार अजीत मिश्रा उन्हें समझाते रहे कि “हिम्मत मत हारिए, आपको आपके बच्चों तक पहुंचाया जाएगा।” इसके बाद अजीत मिश्रा ने सीधे इंक्वायरी कार्यालय और पावर केबिन से संपर्क किया। पावर केबिन के स्टेशन मास्टर सुनील कुमार से बात हुई। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए जानकारी जुटाने में मदद की। इसी प्रयास के दौरान महिला के पति का मोबाइल नंबर मिल गया। अजीत मिश्रा ने तत्काल नंबर पर फोन किया। फोन उनके बेटे शिवम ने उठाया। मां की बेटे से बात कराई गई तो बबली कश्यप की आंखों में आंसू जरूर थे, लेकिन उनमें उम्मीद लौट आई। उन्हें पता चल गया कि परिवार सुरक्षित है। इसके बाद शाहजहांपुर स्टेशन पर तैनात टीटीई आयुष शर्मा ने भी मामले में सक्रियता दिखाई। उन्होंने महिला को पहले शांत कराया और भरोसा दिलाया कि उन्हें उनके परिवार से मिलाया जाएगा। सबसे बड़ी चुनौती थी कि ट्रेन में परिवार अलग-अलग कोचों में था। न महिला को कोच नंबर पता था और न परिवार के अन्य सदस्यों के मोबाइल नंबर। ऐसे में पत्रकार अजीत मिश्रा और टीटीई आयुष शर्मा ने मिलकर संपर्क का रास्ता तैयार किया। बरेली में तैनात टीटीई से संपर्क कर ट्रेन के अलग-अलग कोचों में सूचना पहुंचाई गई। इसी बीच बरेली से प्रयागराज जाने वाली ट्रेन संख्या 14308 शाहजहांपुर पहुंची। महिला को इसी ट्रेन से आगे भेजने की व्यवस्था की गई। टीटीई ने संबंधित कर्मचारियों को जानकारी दी कि महिला के बेटे को हरदोई में तलाश कर उन्हें दोनों को मिलाया जाए। महिला ट्रेन में बैठीं तो कुछ देर पहले जिस चेहरे पर घबराहट और आंसू थे, उसी चेहरे पर राहत दिखाई देने लगी। ट्रेन रवाना होने के बाद भी अजीत मिश्रा लगातार फोन के जरिए महिला और उनके बेटे शिवम के संपर्क में बने रहे। ट्रेन हरदोई पहुंची तो तत्काल शिवम से संपर्क किया। इसके बाद बबली कश्यप से भी फोन पर बात हुई। दूसरी तरफ से आवाज आई—“मेरा बेटा मिल गया है, हम लोग अब सुरक्षित हैं।” यह सुनते ही उस महिला के लिए कई घंटों से चला आ रहा डर और तनाव जैसे खत्म हो गया। उन्होंने पत्रकार अजीत मिश्रा और टीटीई आयुष शर्मा सहित मदद करने वाले रेलकर्मियों का बार-बार धन्यवाद किया। एक तरफ अयोध्या में रामलला के दर्शन की चाहत लेकर निकला परिवार था, तो दूसरी तरफ शाहजहांपुर स्टेशन पर अचानक बिछड़ गई मां। कुछ घंटों तक चली तलाश, कई फोन कॉल और कई लोगों के प्रयास के बाद आखिरकार मां अपने बेटे तक पहुंच गई। यह घटना सिर्फ एक परिवार के बिछड़ने और मिलने की कहानी नहीं रही, बल्कि मुश्किल घड़ी में एक-दूसरे की मदद के लिए आगे बढ़ने की मिसाल भी बन गई।
हाथ धोने प्लेटफॉर्म पर उतरी महिला, ट्रेन चली तो छूट गए पति और बच्चे न कोच नंबर याद , न मोबाइल नंबर; समाज सेवी व टीटीई की सूझबूझ से बेटे से हुआ मिलन दो मिनट के ठहराव में बिछड़ गया परिवार, रोती रही मां… हाथ धोने प्लेटफॉर्म पर उतरी महिला, ट्रेन चली तो छूट गए पति और बच्चे न कोच नंबर याद , न मोबाइल नंबर; समाज सेवी व टीटीई की सूझबूझ से बेटे से हुआ मिलन शाहजहांपुर। अयोध्या में रामलला के दर्शन की उम्मीद लेकर निकले एक परिवार के लिए गुरुवार की शाम कुछ देर के लिए ऐसा मोड़ लेकर आई, जिसे वे शायद जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे। बरेली से अयोध्या जा रही वाराणसी एक्सप्रेस शाहजहांपुर स्टेशन पर रुकी तो परिवार की 45 वर्षीय बबली कश्यप लड्डू गोपाल को साथ लेकर हाथ धोने के लिए ट्रेन से नीचे उतर गईं। इसी बीच ट्रेन चल पड़ी। जब तक वह वापस पहुंचतीं, ट्रेन रफ्तार पकड़ चुकी थी और उनका पूरा परिवार आंखों के सामने आगे निकल गया। बबली ने ट्रेन के साथ दौड़ते हुए गार्ड से गाड़ी रोकने की गुहार लगाई। वह रोते हुए कहती रहीं कि “मेरे बच्चे ट्रेन में रह गए हैं, गाड़ी रोक दीजिए।” लेकिन ट्रेन नहीं रुकी। महिला की आंखों के सामने पति और बच्चे उनसे दूर होते चले गए। वह प्लेटफार्म पर बदहवास होकर रोने लगीं। इसी दौरान वहां मौजूद समाजसेवी अजीत मिश्रा की नजर महिला पर पड़ी। उन्होंने तत्काल उन्हें चलती ट्रेन से दूर सुरक्षित किया और ढांढस बंधाते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, उन्हें उनके परिवार तक सुरक्षित पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। महिला ने पत्रकार पर भरोसा किया और इसके बाद शुरू हुआ परिवार को खोजने का सिलसिला। मुश्किल यह थी कि बबली कश्यप को न तो अपना कोच नंबर याद था और न ही पति संतोष कश्यप का मोबाइल नंबर। उन्होंने बताया कि वह पढ़ी-लिखी नहीं हैं और परिवार के सभी सदस्य अलग-अलग कोचों में बैठे हैं। परिवार में संतोष कश्यप (50), बबली कश्यप (45), शिवम कश्यप (27), हर्ष कश्यप (25), शिवानी कश्यप (23), माया देवी (65), आलोक (21), करण (22) और आरुष (23) शामिल थे। परिवार पीलीभीत के नेउरिया क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। संतोष कश्यप ने बरेली से अयोध्या जाने के लिए ट्रेन संख्या 14236 बरेली-वाराणसी एक्सप्रेस में नौ लोगों का रिजर्वेशन कराया था। परिवार के पांच सदस्य एस-6, दो एस-3 और दो एस-2 कोच में सवार थे। अजीत मिश्रा महिला को लेकर पहले स्टेशन कार्यालय पहुंचे। वहां से पावर केबिन से संपर्क करने की सलाह मिली। इसके बाद वह जीआरपी थाने पहुंचे और पूरी घटना बताई। पुलिसकर्मियों ने रोजा पुलिस चौकी से संपर्क किया। अनुमान के आधार पर ट्रेन के संबंधित कोचों में तलाश कराई गई, लेकिन तब तक ट्रेन शाहजहांपुर से आगे निकल चुकी थी। 139 पर भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन तत्काल सफलता नहीं मिली। महिला लगातार रो रही थीं। पत्रकार अजीत मिश्रा उन्हें समझाते रहे कि “हिम्मत मत हारिए, आपको आपके बच्चों तक पहुंचाया जाएगा।” इसके बाद अजीत मिश्रा ने सीधे इंक्वायरी कार्यालय और पावर केबिन से संपर्क किया। पावर केबिन के स्टेशन मास्टर सुनील कुमार से बात हुई। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए जानकारी जुटाने में मदद की। इसी प्रयास के दौरान महिला के पति का मोबाइल नंबर मिल गया। अजीत मिश्रा ने तत्काल नंबर पर फोन किया। फोन उनके बेटे शिवम ने उठाया। मां की बेटे से बात कराई गई तो बबली कश्यप की आंखों में आंसू जरूर थे, लेकिन उनमें उम्मीद लौट आई। उन्हें पता चल गया कि परिवार सुरक्षित है। इसके बाद शाहजहांपुर स्टेशन पर तैनात टीटीई आयुष शर्मा ने भी मामले में सक्रियता दिखाई। उन्होंने महिला को पहले शांत कराया और भरोसा दिलाया कि उन्हें उनके परिवार से मिलाया जाएगा। सबसे बड़ी चुनौती थी कि ट्रेन में परिवार अलग-अलग कोचों में था। न महिला को कोच नंबर पता था और न परिवार के अन्य सदस्यों के मोबाइल नंबर। ऐसे में पत्रकार अजीत मिश्रा और टीटीई आयुष शर्मा ने मिलकर संपर्क का रास्ता तैयार किया। बरेली में तैनात टीटीई से संपर्क कर ट्रेन के अलग-अलग कोचों में सूचना पहुंचाई गई। इसी बीच बरेली से प्रयागराज जाने वाली ट्रेन संख्या 14308 शाहजहांपुर पहुंची। महिला को इसी ट्रेन से आगे भेजने की व्यवस्था की गई। टीटीई ने संबंधित कर्मचारियों को जानकारी दी कि महिला के बेटे को हरदोई में तलाश कर उन्हें दोनों को मिलाया जाए। महिला ट्रेन में बैठीं तो कुछ देर पहले जिस चेहरे पर घबराहट और आंसू थे, उसी चेहरे पर राहत दिखाई देने लगी। ट्रेन रवाना होने के बाद भी अजीत मिश्रा लगातार फोन के जरिए महिला और उनके बेटे शिवम के संपर्क में बने रहे। ट्रेन हरदोई पहुंची तो तत्काल शिवम से संपर्क किया। इसके बाद बबली कश्यप से भी फोन पर बात हुई। दूसरी तरफ से आवाज आई—“मेरा बेटा मिल गया है, हम लोग अब सुरक्षित हैं।” यह सुनते ही उस महिला के लिए कई घंटों से चला आ रहा डर और तनाव जैसे खत्म हो गया। उन्होंने पत्रकार अजीत मिश्रा और टीटीई आयुष शर्मा सहित मदद करने वाले रेलकर्मियों का बार-बार धन्यवाद किया। एक तरफ अयोध्या में रामलला के दर्शन की चाहत लेकर निकला परिवार था, तो दूसरी तरफ शाहजहांपुर स्टेशन पर अचानक बिछड़ गई मां। कुछ घंटों तक चली तलाश, कई फोन कॉल और कई लोगों के प्रयास के बाद आखिरकार मां अपने बेटे तक पहुंच गई। यह घटना सिर्फ एक परिवार के बिछड़ने और मिलने की कहानी नहीं रही, बल्कि मुश्किल घड़ी में एक-दूसरे की मदद के लिए आगे बढ़ने की मिसाल भी बन गई।
- पीठ में चाकू घोंपकर युवक को किया घायल, आरोपी फरार शाहजहांपुर। थाना रामचंद्र मिशन पीठ में चाकू घोंपकर युवक को किया घायल, आरोपी फरार शाहजहांपुर। थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के ख्वाजा फिरोज में शुक्रवार देर शाम चाकूबाजी की घटना से हड़कंप मच गया। यहां नीरज त्रिवेदी नामक युवक की पीठ में चाकू घोंपकर उसे घायल कर दिया गया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घायल नीरज को लहूलुहान हालत में उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। सूचना पर क्षेत्राधिकारी नगर देवव्रत बाजपेयी मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायल से घटना की जानकारी ली। चाकूबाजी के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।1
- शाहजहांपुर: स्ववित्तपोषित शिक्षकों ने सम्मानजनक वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन शाहजहांपुर: अनुदानित महाविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ (उ.प्र.) ने अपनी लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों का दरवाजा खटखटाया है। संघ ने सम्मानजनक वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग को प्रमुखता से उठाते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सरकार द्वारा हाल ही में लाई गई 'शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' को लेकर अपनी गहरी नाराजगी भी व्यक्त की। शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान आर्थिक हालात में उनका जीवनयापन बेहद कठिन हो गया है। संघ ने प्रदेश सरकार से शिक्षकों की दयनीय आर्थिक स्थिति में सुधार करने और उनकी सेवा शर्तों को सुरक्षित करने के लिए जल्द से जल्द ठोस नीति बनाने की पुरजोर मांग की है।1
- शाहजहांपुर के महाराष्ट्र मराठा मंडल द्वारा आयोजित श्री गणेश महोत्सव में आज राम जन्म कथा का भव्य आयोजन हुआ। शाहजहांपुर के महाराष्ट्र मराठा मंडल द्वारा आयोजित श्री गणेश महोत्सव में आज राम जन्म कथा का भव्य आयोजन हुआ। कथा व्यास आचार्य प्रवीण दीक्षित जी ने भगवान राम के जन्म के 4 दिव्य कारणों का वर्णन किया - रावण वध, जय-विजय को शाप मुक्त करना, मनु-शतरूपा को दिया वचन और मनुष्य के लिए आदर्श स्थापित करना। कथा के दौरान भक्तों में ऐसा उत्साह था कि महिलाएं भजनों पर झूम-झूम कर नाचने लगीं। आज की आरती पूजन श्री नीरज बाजपेई और सुदामा शिंदे जी ने किया। इस अवसर पर अर्जुन सूर्यवंशी, अनिल कदम, अक्षय कदम सहित मंडल के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे। 📍 Location: Maharashtra Maratha Mandal, Shahjahanpur 🎙️ Katha Vyas: Acharya Praveen Dixit Ji #Shahjahanpur #GaneshMahotsav #RamJanmKatha #AcharyaPraveenDixit #ShahjahanpurNews #MarathaMandal #GaneshUtsav1
- हेडलाइन: फसल क्षतिपूर्ति की मांग पर किसानों का धरना, प्रधान ने मुआवजे को बताया गलत हैंडलाइन: फाजिलपुर गौशाला के गोवंशों से फसल नष्ट होने का आरोप, एक लाख रुपये भुगतान की मांग पर ब्लॉक परिसर में बैठे किसान हैशटैग: #शाहजहांपुर #मदनापुर #फाजिलपुर #किसानधरना #फसलक्षतिपूर्ति #गौशाला #गोवंश #फसलनुकसान #किसानोंकीमांग #ब्लॉकपरिसर #PK24NEWS #PK24NEWSShahjahanpur हेडलाइन: फसल क्षतिपूर्ति की मांग पर किसानों का धरना, प्रधान ने मुआवजे को बताया गलत हैंडलाइन: फाजिलपुर गौशाला के गोवंशों से फसल नष्ट होने का आरोप, एक लाख रुपये भुगतान की मांग पर ब्लॉक परिसर में बैठे किसान हैशटैग: #शाहजहांपुर #मदनापुर #फाजिलपुर #किसानधरना #फसलक्षतिपूर्ति #गौशाला #गोवंश #फसलनुकसान #किसानोंकीमांग #ब्लॉकपरिसर #PK24NEWS #PK24NEWSShahjahanpur1
- **फेस ऑथेंटिकेशन के बिना पोषाहार बांटा तो खैर नहीं! डीएम का कड़ा फरमान** 👉आंगनबाड़ी केंद्रों पर शत-प्रतिशत संचालन और योजनाओं में लापरवाही पर सख्त रुख** शाहजहांपुर/जिला पोषण समिति एवं महिला कल्याण विभाग की बैठक में जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि **बिना फेस ऑथेंटिकेशन के अनुपूरक पुष्टाहार का वितरण नहीं किया जाए।** सितंबर में टीएचआर वितरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने और आंगनबाड़ी केंद्रों का प्रतिदिन शत-प्रतिशत संचालन सुनिश्चित कराने को कहा। डीएम ने संभव अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सैम बच्चों के फॉलोअप तथा पोषण ट्रैकर पर मोबाइल सत्यापन में लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति के निर्देश दिए। एक अक्टूबर से जन्म प्रमाण पत्र की नई व्यवस्था लागू होने की जानकारी सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को देने को कहा। महिला कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए नियमित निगरानी और प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ उत्कर्ष द्विवेदी, डीडीओ ऋषिपाल सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी उत्तम कुमार समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।1
- लेने देने के विवाद में मारपीट के बाद अधेड़ की मौत दो लोग हिरासत में शाहजहांपुर, 18 सितंबर। पुवाया थाना क्षेत्र में शुक्रवार को लेनदेन को लेकर हुए विवाद में एक अधेड़ के साथ मारपीट की गई।जिससे उसकी मौत हो गई पुलिस ने शव पोस्टमार्टम में भेज दिया है और दो लोगो को हिरासत के लेकर पूछताछ कर रही है। अपर पुलिस अधीक्षक देहात भंवरे दीक्षा अरुण ने बताया कि पुवायां थाना क्षेत्र के गांव सदापुर में शुक्रवार दोपहर रामकृपाल (50)के साथ उनके दूर के रिश्तेदारों द्वारा मारपीट की गई। परिवार वाले उन्हें बेहोशी की हालत में सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे जहां चिकित्सको ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया की दो लोगो को हिरासत में लेकर पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। प्ररंभिक जांच में पता चला है कि लकड़ी के रुपये को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। एएसपी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।पुलिस जांच कर रही है।1
- पुवायां में विवाद के दौरान मारपीट, एक व्यक्ति की मौत; पुलिस ने शुरू की कार्रवाई शाहजहांपुर। थाना पुवायां क्षेत्र के ग्राम सदापुर में विवाद के दौरान हुई मारपीट में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करते हुए संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने घटना और अब तक की पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी।1
- सम्मानजनक वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग, शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन शिक्षक बोले- कैशलेस चिकित्सा नहीं, पहले जीविकोपार्जन का सहारा चाहिए शाहजहांपुर। अनुदानित महाविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ (उ.प्र.) ने सम्मानजनक वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। शिक्षकों ने कहा कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय नहीं मिल पा रहा है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। संघ पदाधिकारियों ने शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जब शिक्षक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं तो केवल कैशलेस चिकित्सा सुविधा उनकी मूल समस्याओं का समाधान नहीं है। सरकार को पहले शिक्षकों के लिए सम्मानजनक वेतन और स्थायी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि स्ववित्तपोषित शिक्षकों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनके मानदेय में पर्याप्त वृद्धि की जाए और सेवा संबंधी सुरक्षा प्रदान की जाए। संघ ने चेतावनी दी कि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो शिक्षक आगे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।1