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कानपुर के नौबस्ता इलाके में एक मामूली बाइक टक्कर ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। तीन युवकों ने बाइक छूने के विवाद पर पिता शिवनारायण द्विवेदी और उनके दो बेटों पर बेरहमी से हमला कर दिया, जिसमें चाकू से ताबड़तोड़ वार किए गए। इस क्रूर हमले में पिता शिवनारायण द्विवेदी और बेटे शिवम की मौत हो गई, जबकि दूसरा बेटा सत्यम गंभीर रूप से घायल है। इस हैवानियत भरे खूनी खेल को लोग सरेआम तमाशबीन बनकर देखते रहे और किसी ने भी पीड़ितों की मदद के लिए आगे हाथ नहीं बढ़ाया। इतना ही नहीं, घटना के बाद घायलों को भर्ती करने से नर्सिंग होम ने भी मना कर दिया। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, इस मामले में एक आरोपी शिवा वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी दो हमलावरों की तलाश जारी है।
Ashok verma
कानपुर के नौबस्ता इलाके में एक मामूली बाइक टक्कर ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। तीन युवकों ने बाइक छूने के विवाद पर पिता शिवनारायण द्विवेदी और उनके दो बेटों पर बेरहमी से हमला कर दिया, जिसमें चाकू से ताबड़तोड़ वार किए गए। इस क्रूर हमले में पिता शिवनारायण द्विवेदी और बेटे शिवम की मौत हो गई, जबकि दूसरा बेटा सत्यम गंभीर रूप से घायल है। इस हैवानियत भरे खूनी खेल को लोग सरेआम तमाशबीन बनकर देखते रहे और किसी ने भी पीड़ितों की मदद के लिए आगे हाथ नहीं बढ़ाया। इतना ही नहीं, घटना के बाद घायलों को भर्ती करने से नर्सिंग होम ने भी मना कर दिया। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, इस मामले में एक आरोपी शिवा वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी दो हमलावरों की तलाश जारी है।
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- लम्भुआ के ऐतिहासिक धोपाप मेले में पहले ही दिन व्यवस्थाओं की पोल खुल गई, जब घाट बंटवारे और गाय बांधने को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हो गया। इस घटना से मेले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और तनाव की स्थिति बनी रही, लेकिन मौके पर पुलिस की मौजूदगी लगभग न के बराबर थी। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी और उच्चाधिकारियों के निरीक्षण के दौरान तो भारी पुलिस बल दिखाई देता है, लेकिन उनके जाते ही पुलिस व्यवस्था पूरी तरह से गायब हो जाती है। लोगों का कहना है कि मेले में सुरक्षा व्यवस्था केवल दिखावे तक ही सीमित नज़र आ रही है। मेले में मौजूद श्रद्धालुओं और व्यापारियों ने पहले दिन हुए इस विवाद पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते स्थायी व्यवस्था नहीं की, तो मेले में कभी भी कोई बड़ा विवाद या हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने लम्भुआ पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मौके पर कोई भी जिम्मेदार पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। लोगों के बीच यह चर्चा रही कि "आज पहले दिन ही यह हाल है तो आगे पूरे मेले में क्या स्थिति होगी।" धोपाप मेला अपनी धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है, जहाँ दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु पहुँचते हैं, फिर भी मूलभूत व्यवस्थाओं, सुरक्षा और निगरानी को लेकर प्रशासन की तैयारियाँ सवालों के घेरे में दिखाई दे रही हैं।2
- कानपुर के नौबस्ता इलाके में एक मामूली बाइक टक्कर ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। तीन युवकों ने बाइक छूने के विवाद पर पिता शिवनारायण द्विवेदी और उनके दो बेटों पर बेरहमी से हमला कर दिया, जिसमें चाकू से ताबड़तोड़ वार किए गए। इस क्रूर हमले में पिता शिवनारायण द्विवेदी और बेटे शिवम की मौत हो गई, जबकि दूसरा बेटा सत्यम गंभीर रूप से घायल है। इस हैवानियत भरे खूनी खेल को लोग सरेआम तमाशबीन बनकर देखते रहे और किसी ने भी पीड़ितों की मदद के लिए आगे हाथ नहीं बढ़ाया। इतना ही नहीं, घटना के बाद घायलों को भर्ती करने से नर्सिंग होम ने भी मना कर दिया। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, इस मामले में एक आरोपी शिवा वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी दो हमलावरों की तलाश जारी है।1
- लंभुआ तहसील के धोपाप धाम पर हर वर्ष लगने वाला दशहरा मेला कल आयोजित होने वाला है। इस मेले के लिए पुलिस प्रशासन, तहसील और ब्लॉक कर्मचारियों को सुरक्षा एवं सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया गया है। सफाईकर्मी चिलचिलाती धूप में भी पसीना बहाकर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु बोरी में रेत भरकर नदी किनारे लगा रहे हैं, ताकि वे आसानी से पानी में उतरकर स्नान कर सकें। हालांकि, इन तैयारियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था में कई कमियां दिखाई दे रही हैं, जो वीडियो में भी साफ नजर आ रही हैं। हाल ही में, गौदान करने आए एक बाहरी व्यक्ति को स्थानीय व्यक्ति द्वारा पीटा गया, जिस समय मौके पर पुलिस नदारद थी। यह मामला तहसीलदार के संज्ञान में आने पर उन्होंने तत्काल पुलिस थाने को सूचित किया ताकि मेले में शांति व्यवस्था पहले से ही कायम की जा सके।1
- सुल्तानपुर जनपद के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत अलहदादपुर गांव में बीते 20 मई को दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि कोतवाली देहात पुलिस ने प्रभावशाली दबंगों के दबाव में आकर मामले में हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है, जबकि महिला को काफी गंभीर चोटें आई हैं और पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया है। न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक चारु निगम को लिखित तहरीर देकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है। इस घटना को लेकर पूरे गांव में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है, और पीड़ित पक्ष ने स्पष्ट किया है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे उच्च अधिकारियों से भी शिकायत करने को मजबूर होंगे।1
- इस समाचार बुलेटिन में एक साथ पन्द्रह बड़ी खबरें दनादन और झटापट अंदाज़ में प्रस्तुत की जा रही हैं। दर्शकों का इस त्वरित समाचार प्रस्तुति में स्वागत है।1
- रायबरेली जिले के ऊँचाहार विधानसभा क्षेत्र में बिजली व्यवस्था से आजिज आ चुके सैकड़ों ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह घटना ऊँचाहार कस्बे के मुख्य चौराहे पर हुई, जहाँ दो गांवों के सैकड़ों ग्रामीण एकत्रित हुए थे। उनकी नाराजगी की मुख्य वजह बीते दिनों आए चक्रवाती तूफान के कारण पूरी तरह से बेपटरी हुई बिजली व्यवस्था थी। ग्रामीणों ने पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा दिए गए संतोषजनक आश्वासन के बाद अपना प्रदर्शन समाप्त किया।1
- जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा जनसुलभ बनाने के उद्देश्य से थाना देल्हूपुर को एक नए भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस नव-निर्मित थाना परिसर में सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके बाद विधिवत कार्य संचालन शुरू हो गया। इस कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने सदर विधायक राजेन्द्र मौर्या और विश्वनाथगंज विधायक जीतलाल पटेल की मौजूदगी में नए थाना भवन से आधिकारिक तौर पर पुलिसिंग कार्यों का संचालन प्रारंभ कराया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) आलोक कुमार, क्षेत्रधिकारी रानीगंज विनय प्रभाकर साहनी, देल्हूपुर थानाध्यक्ष राधेश्याम के साथ ही अन्य जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। नए भवन में कार्य शुरू होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने पूरे थाना परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय, मालखाना, हवालात, कंप्यूटर कक्ष और जनसुनवाई कक्ष की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि थाना आम जनता के लिए न्याय और सहायता का पहला केंद्र है, इसलिए यहाँ आने वाले प्रत्येक फरियादी के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। पुलिस अधीक्षक ने शिकायतों के त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने, अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव, साफ-सफाई और ऑनलाइन सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया। स्थानीय लोगों ने थाना देल्हूपुर के नए भवन में शिफ्ट होने पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस यह भवन पुलिस कार्य प्रणाली को और मजबूत करेगा, जिससे लोगों को बेहतर और त्वरित पुलिस सेवाएं मिल सकेंगी।1
- सहारनपुर के पिलखनी मेडिकल कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया जब परमीना नाम की एक महिला कर्मचारी पानी की टंकी पर चढ़ गई और आत्महत्या की चेतावनी देने लगी। महिला ने आरोप लगाया कि कॉलेज से जुड़े कुछ लोग लगातार उसका मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से उसके चरित्र पर सवाल उठाए गए हैं। परमीना का आरोप है कि अनीस चौधरी, जो मेडिकल कॉलेज का कर्मचारी नहीं है, फिर भी अस्पताल में दखल रखता है और कर्मचारियों पर दबाव बनाता है। महिला ने यह भी कहा कि अनीस चौधरी, मेडिकल कॉलेज प्रशासन और डॉक्टर सुधीर राठी मिलकर कर्मचारियों का उत्पीड़न करते हैं। उसने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है और आवाज उठाने वालों को नौकरी से निकाला जा रहा है। परमीना ने दावा किया कि उसके चरित्र पर टिप्पणी कर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया, जिससे परेशान होकर उसने पानी की टंकी पर चढ़ने का कदम उठाया। उसने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगी और उसकी मौत के लिए अनीस चौधरी व मेडिकल कॉलेज प्रशासन जिम्मेदार होंगे। घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज स्टाफ, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी समझाने-बुझाने के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतारा गया। प्रदर्शन के दौरान परमीना की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। महिला कर्मचारी के बारे में जानकारी मिलने पर कोमल गुर्जर भी मेडिकल कॉलेज पहुंचीं और उन्होंने भी महिला कर्मचारी के समर्थन में इस पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है और घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में देर शाम तक तनाव और चर्चा का माहौल बना रहा।1