निवाली: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर महाविद्यालय में मार्गदर्शन व्याख्यान, युवाओं को नवाचार का संदेश* निवाली: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर महाविद्यालय में मार्गदर्शन व्याख्यान, युवाओं को नवाचार का संदेश* *उपशीर्षक:* _प्राचार्य डॉ. किरण तावड़े बोले विज्ञान-तकनीक से ही बनेगा आत्मनिर्भर भारत_ *निवाली, 11 मई सोमवार (नमामि निवाली)* नगर के *पद्मश्री स्वर्गीय कान्ता बहन त्यागी शासकीय महाविद्यालय* में *राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस* के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शन व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों से अवगत कराना था। *प्राचार्य ने बताया दिवस का महत्व:* प्राचार्य *डॉ. किरण तावड़े* ने बताया कि *11 मई 1998 को पोखरण परमाणु परीक्षण* की सफलता के उपलक्ष्य में यह दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार हैं। युवाओं को नई तकनीकों, डिजिटल शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपने ज्ञान का उपयोग देशहित में करना चाहिए। नवाचार से ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। *विशेषज्ञ वक्ता ने दिया AI-साइबर सुरक्षा का ज्ञान:* विशेषज्ञ वक्ता *शासकीय ITI निवाली की प्राचार्य सुश्री कल्पना बरकने* ने विद्यार्थियों को *कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक, साइबर सुरक्षा एवं नवाचार* के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तकनीक का युग है और प्रत्येक क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान जरूरी है। विद्यार्थियों को कौशल विकास कर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर तलाशने चाहिए। *मंच संचालन में प्रो. किराड़े का संदेश:* मंच संचालन करते हुए *प्रो. अनारसिंह किराड़े* ने कहा कि युवाओं के लिए विज्ञान-तकनीक में अनेक अवसर उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों को तकनीक का सकारात्मक उपयोग कर आत्मनिर्भर बनना चाहिए। *आभार प्रदर्शन:* कार्यक्रम के अंत में *भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. फूलचंद किराड़े* ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। *ये रहे मौजूद:* इस अवसर पर डॉ. बी. एस. चौहान, डॉ. रामाधर पिपलादिया, प्रो. नवलसिंह बर्डे, प्रो. नीलम डावर, डॉ. राकेश जाधव, गोरव सोनी, करण बामनिया, तुकाराम निंगवाले, चेतन खन्ना, तुकाराम सोलंकी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। *रिपोर्ट: स्वतंत्र पत्रकार सुनील सोनी, निवाली*
निवाली: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर महाविद्यालय में मार्गदर्शन व्याख्यान, युवाओं को नवाचार का संदेश* निवाली: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर महाविद्यालय में मार्गदर्शन व्याख्यान, युवाओं को नवाचार का संदेश* *उपशीर्षक:* _प्राचार्य डॉ. किरण तावड़े बोले विज्ञान-तकनीक से ही बनेगा आत्मनिर्भर भारत_ *निवाली, 11 मई सोमवार (नमामि निवाली)* नगर के *पद्मश्री स्वर्गीय कान्ता बहन त्यागी शासकीय महाविद्यालय* में *राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस* के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शन व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों से अवगत
कराना था। *प्राचार्य ने बताया दिवस का महत्व:* प्राचार्य *डॉ. किरण तावड़े* ने बताया कि *11 मई 1998 को पोखरण परमाणु परीक्षण* की सफलता के उपलक्ष्य में यह दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार हैं। युवाओं को नई तकनीकों, डिजिटल शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपने ज्ञान का उपयोग देशहित में करना चाहिए। नवाचार से ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। *विशेषज्ञ वक्ता ने दिया AI-साइबर सुरक्षा का ज्ञान:* विशेषज्ञ
वक्ता *शासकीय ITI निवाली की प्राचार्य सुश्री कल्पना बरकने* ने विद्यार्थियों को *कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक, साइबर सुरक्षा एवं नवाचार* के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तकनीक का युग है और प्रत्येक क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान जरूरी है। विद्यार्थियों को कौशल विकास कर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर तलाशने चाहिए। *मंच संचालन में प्रो. किराड़े का संदेश:* मंच संचालन करते हुए *प्रो. अनारसिंह किराड़े* ने कहा कि युवाओं के लिए विज्ञान-तकनीक में अनेक अवसर उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों को तकनीक
का सकारात्मक उपयोग कर आत्मनिर्भर बनना चाहिए। *आभार प्रदर्शन:* कार्यक्रम के अंत में *भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. फूलचंद किराड़े* ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। *ये रहे मौजूद:* इस अवसर पर डॉ. बी. एस. चौहान, डॉ. रामाधर पिपलादिया, प्रो. नवलसिंह बर्डे, प्रो. नीलम डावर, डॉ. राकेश जाधव, गोरव सोनी, करण बामनिया, तुकाराम निंगवाले, चेतन खन्ना, तुकाराम सोलंकी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। *रिपोर्ट: स्वतंत्र पत्रकार सुनील सोनी, निवाली*
- पनसेमल थाना क्षेत्र में पुलिस अभिरक्षा में रखे एक कंटेनर से माल चोरी हो गया है। इस चौंकाने वाली घटना से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, जिसकी गहन जांच शुरू कर दी गई है।1
- राजपुर नगर परिषद ने नेशनल लोक अदालत में एक विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत 4 लाख रुपये से अधिक के लंबित करों की वसूली की गई। इस कार्रवाई से नागरिकों को अपने बकाया निपटाने का अवसर मिला, जिससे नगर विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।1
- मांडू की पहचान को भू माफिया निजी लाभ के लिए कर रहे धराशाय देखते है पूरी ख़बर। @sunnyrlivemp2
- अब खुले जंगल में घूमेंगे और दो चिते सीएम डॉ मोहन यादव बोले प्रोजेक्ट चिता में रोज कीर्तिमान रच रहा है एमपी *अब खुले जंगल में घूमेंगे और 2 चीते, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- 'प्रोजेक्ट चीता' में रोज कीर्तिमान रच रहा एमपी* - *मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण* - *प्रदेश के मुखिया ने बाड़े से आजाद किए दो मादा चीते* - *अब देश में चीतों की संख्या हुई 57* - *प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सफलता से आगे बढ़ रही चीता परियोजना* भोपाल/श्योपुर। मध्यप्रदेश वाइल्डलाइफ के लिए 11 मई का दिन खास रहा। दो और चीते अपने बाड़े से निकल कर खुले जंगल में पहुंच गए। अब दोनों प्रदेश के साथ-साथ दूसरे राज्यों के इको-सिस्टम को मजबूत करने में सहयोग करेंगे। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क पहुंचे। उन्होंने यहां दो मादा चीतों को बाड़े से मुक्त कर दिया। बाड़े से निकलते ही दोनो चीते उछलते-कूदते जंगल की ओर चले गए। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती ने चीतों को अंगीकृत कर अपने परिवार का हिस्सा बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगभग साढ़े तीन वर्ष पूर्व कूनो में चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। भारत में चीता पुनःस्थापना की यह परियोजना सफलता के साथ आगे बढ़ रही है। चीता पुनर्विस्थापन के इस महत्वपूर्ण कार्य में मध्यप्रदेश नित नए कीर्तिमान रच रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश धर्म, निवेश एवं जैनेटिक जैव विविधता के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और अब बोत्सवाना से लाए गए चीतों के पुनर्स्थापन को निरंतर सफलता मिल रही है। आज प्रदेश ने देश में चीता स्टेट के रूप में पहचान बनाई है। वर्तमान में चीतों की संख्या 57 है, जिनमें से 54 कूनो नेशनल पार्क में और 03 गांधी सागर अभ्यारण्य में हैं। *मध्यप्रदेश ने बनाया एक नया इतिहास* भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि मध्यप्रदेश ने एक नया इतिहास बनाया है। हमने आज कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाए गए दो मादा चीतों को छोड़ा है। हमने सह-अस्तित्व की भावना प्रकट करते हुए दोनों को खुले जंगल में, खुले वातावरण में प्रकृति के साथ रहने के लिए छोड़ा है। मैं श्योपुर और चंबल के क्षेत्र के लोगों को बधाई देता हूं। इन चीताों का बसेरा अब 5 हजार किमी में हुआ है। हमारे लिए गौरव की बात है कि अब ये हमारे साथ परिवार की तरह रहने लगे हैं। हमें पता ही नहीं चलता कि कब हमारा चीता दौड़ते-दौड़ते राजस्थान पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि चीते चंबल के इलाकों ग्वालियर-शिवपुरी-राजगढ़ सहित कई इलाकों में दस्तक दे रहे हैं। हमें इन चीतों के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी सौगात दी है। मैं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को भी बधाई देता हूं। मैं उन सभी अधिकारियों को बधाई देता हूं, जिन्होंने प्रोजेक्ट चीता के लिए अथक पसीना बहाया है। उन्होंने कहा कि कूनो नेशनल पार्क प्रोजेक्ट चीता का नया रिकॉर्ड बना रहा है। हमारे फॉरेस्ट के अधिकारी, मेडिकल स्टाफ के लोग, यहां के संरक्षक, स्थानीय जनों और चीतों ने एक-दूसरे को परिवार मान लिया है। यह विश्व की अनूठी घटना है। यह फॉरेस्ट विभाग के लिए गौरव की बात है। चीते जीवन बिताने के लिए इस माहौल में ढल गए हैं। यह इको-सिस्टम के लिए अच्छा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जो चीते मिले थे, धीरे-धीरे हम उनको खुले वातावरण में छोड़ रहे हैं। हम जीयो और जीने-दो के सिद्धांत पर विश्वास करते हैं। *वाइल्डलाइफ में जुड़ा अहम अध्याय* गौरतलब है कि, इसी साल फरवरी के अंत में बोत्सवाना से 9 नए चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। इनमें 6 मादा और 3 नर शामिल हैं। यहां लाने के बाद इन सभी को क्वारंटीन किया गया था। क्वारंटीन की अवधि पूरी करने के बाद सभी को छोटे बाड़ों में रखा गया। इससे वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ढल गए। इन्हीं 9 में से 2 चीतों को आज खुले जंगल में छोड़ा गया है। इन चीतों को खुले जंगल में छोड़ने से ‘प्रोजेक्ट चीता’ को नई गति मिलेगी। इससे भारत की वाइल्डलाइफ के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ेगा। *ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए बोत्सवाना की चीते* वाइल्डलाइप एक्सपर्ट्स का मानना है कि बोत्सवाना से लाए गए चीते ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए हैं। इनसे कूनो में चीतों की स्वस्थ और दीर्घकालिक आबादी विकसित करने में मदद मिलेगी। एक्सपर्ट्स ने यह भी उम्मीद जताई है कि ये चीते कूनो के वातावरण में तेजी से घुल-मिल जाएंगे। इन चीतों को गांधी सागर और नौरादेही जैसे अन्य अभ्यारण्यों में भी बसाने की तैयारी की जा रही है। *कब-कब कहां-कहां से लाए गए चीते* इन चीतों के साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या 57 हो गई है। बता दें, नामीबिया से 17 सितंबर 2022 को 8, वर्ष 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। बोत्सवाना से आए चीतों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान के माध्यम से ग्वालियर लाया गया था। यहां से उन्हें हेलीकॉप्टर द्वारा कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया गया। प्रोजेक्ट चीता का उद्देश्य प्रदेश से लुप्त हुये चीतों की प्रजाति को पुनर्स्थापित करना, उनकी संख्या में वृद्धि करना और उन्हें स्वतंत्र रूप से शिकार और विचरण के लिए तैयार करना है।2
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कम तेल खाने और कम ईंधन खर्च करने की अपील और एक साल तक सोना नहीं खरीदने की बात का मप्र के सहकारिता मंत्री और खरगोन जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग ने किया समर्थन... खरगोन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कम तेल खाने और कम ईंधन खर्च करने की अपील और एक साल तक सोना नहीं खरीदने की बात का मप्र के सहकारिता मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग ने किया समर्थन मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की अर्थ व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में यह बड़ी पांच बातें कही थी वर्तमान में युद्ध के चलते पूरी दुनिया में ईंधन और पेट्रोल डीजल पर इसका व्यापक असर दिखाई दे रहा है तेल की खपत कम होगी तो हमारी विदेशी मुद्रा बचेगी, मोदी जी ने विदेश में डेस्टिनेशन शादी पर भी फिजूल खर्ची नहीं करने की लोगों से अपील की है वे प्रधानमंत्री ही नहीं बल्कि समाज को सही दिशा दिखाने वाले नेता भी हैं कल हैदराबाद में पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में दिया था बयान मंत्री सारंग आज कलेक्टर कार्यालय में आयोजित होने वाली बैठक में शामिल होने पहुंचे हैं खरगोन2
- खरगोन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कम तेल खाने और कम ईंधन खर्च करने की अपील और एक साल तक सोना नहीं खरीदने की बात का मप्र के सहकारिता मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग ने किया समर्थन मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की अर्थ व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में यह बड़ी पांच बातें कही थी वर्तमान में युद्ध के चलते पूरी दुनिया में ईंधन और पेट्रोल डीजल पर इसका व्यापक असर दिखाई दे रहा है खरगोन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कम तेल खाने और कम ईंधन खर्च करने की अपील और एक साल तक सोना नहीं खरीदने की बात का मप्र के सहकारिता मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग ने किया समर्थन मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की अर्थ व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में यह बड़ी पांच बातें कही थी वर्तमान में युद्ध के चलते पूरी दुनिया में ईंधन और पेट्रोल डीजल पर इसका व्यापक असर दिखाई दे रहा है तेल की खपत कम होगी तो हमारी विदेशी मुद्रा बचेगी, मोदी जी ने विदेश में डेस्टिनेशन शादी पर भी फिजूल खर्ची नहीं करने की लोगों से अपील की है वे प्रधानमंत्री ही नहीं बल्कि समाज को सही दिशा दिखाने वाले नेता भी हैं कल हैदराबाद में पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में दिया था बयान मंत्री सारंग आज कलेक्टर कार्यालय में आयोजित होने वाली बैठक में शामिल होने पहुंचे हैं खरगोन9
- मध्य प्रदेश के कई गांवों में लोग आज भी लकड़ी बेचकर अपना गुजारा चला रहे हैं। सरकार के लाखों दावों के बावजूद, इन इलाकों में गरीबी अब भी बरकरार है।1
- सेंधवा के वार्ड 14 में पुलिस ने जनता के साथ जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित कर उनकी समस्याएं सुनीं और सुरक्षा संबंधी जानकारी दी। इस दौरान साइबर अपराधों से बचाव, महिला सुरक्षा और नशे से दूरी बनाने पर खास जोर रहा। नागरिकों ने पुलिस की इस पहल का स्वागत किया।1