रायपुर (ब्यावर) बर में निःशुल्क आयुर्वेदिक नेचुरोपैथी एवं योग चिकित्सा शिविर का भव्य शुभारंभ, पहले दिन 80 मरीजों को मिला उपचार* ग्राम पंचायत बर परिसर में युवा हेल्थ केयर क्लीनिक बर के बैनर तले आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क आयुर्वेदिक नेचुरोपैथी एवं योग चिकित्सा परामर्श एवं उपचार शिविर का आज शुभारंभ हुआ। शिविर के प्रथम दिन ही क्षेत्रवासियों में उत्साह देखने को मिला और लगभग 80 मरीजों ने आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों से उपचार का लाभ उठाया। इस शिविर का आयोजन कैंप आयोजक एवं तत्कालीन सरपंच महेन्द्र चौहान के नेतृत्व में किया गया। शिविर में घुटना दर्द, कमर दर्द, गर्दन दर्द, एवीएन, महिला रोग, गठिया रोग, एड़ी दर्द, त्वचा रोग, पथरी, कब्ज, थायराइड सहित अनेक जटिल एवं पुरानी बीमारियों का परीक्षण एवं उपचार किया गया। मुख्य चिकित्सक के रूप में डॉ. फिरोज खान द्वारा मरीजों को आयुर्वेदिक नेचुरोपैथी, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से परामर्श प्रदान किया गया। उपचार प्रक्रिया में पंचकर्म चिकित्सा, नेचुरोपैथी पद्धति, एक्यूप्रेशर, एक्यूपंक्चर एवं फिजियोथैरेपी जैसी आधुनिक एवं प्रभावी चिकित्सा विधियों का उपयोग किया गया। साथ ही शिविर में आने वाले सभी मरीजों को निःशुल्क आयुर्वेदिक ब्रांडेड दवाइयों का वितरण भी किया गया। तीन दिवसीय इस शिविर में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. शुभम टेलर (रायपुर), डॉ. बुद्धिप्रकाश मीणा (भीलवाड़ा), डॉ. ऋतिक चौधरी (उदयपुर), डॉ. सुश्री कोमल शर्मा (भीलवाड़ा) ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। वहीं आयुर्वेदिक सहायक थेरेपिस्ट के रूप में सुश्री नेहा आचार्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिविर के संचालन में बीएनडी अरबाज खान, मोहम्मद तौफीक, मनीष वाल्मीकि, अफजल खान, बर आयुर्वेदिक चिकित्सालय प्रभारी डॉ. कालू खां बेहलीम (निमाज), वीरेंद्र तंवर एवं मोहम्मद रमजान ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। ग्राम पंचायत परिसर में आयोजित शिविर की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संचालित करने में व्यवस्थापक कालूराम गुर्जर द्वारा सराहनीय भूमिका निभाई गई। उल्लेखनीय है कि महेन्द्र चौहान ने अपने सरपंच कार्यकाल के दौरान भी ग्राम पंचायत बर में आमजन को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से समय-समय पर अनेक निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन करवाया है। इस अवसर पर महेन्द्र चौहान ने कहा कि “मेरी गांव की जनता मेरे लिए सर्वोपरि है। मैं मानता हूं कि स्वस्थ समाज ही मजबूत विकास की नींव है। इसी सोच के साथ मैं हमेशा स्वास्थ्य के क्षेत्र में कदम बढ़ाता रहा हूं और आगे भी जनता के हित में ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।” ग्रामीणों ने इस शिविर की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे निःशुल्क चिकित्सा शिविर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं और आमजन को बड़ी राहत प्रदान करते हैं। शिविर के आगामी दिनों में और अधिक मरीजों के लाभान्वित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
रायपुर (ब्यावर) बर में निःशुल्क आयुर्वेदिक नेचुरोपैथी एवं योग चिकित्सा शिविर का भव्य शुभारंभ, पहले दिन 80 मरीजों को मिला उपचार* ग्राम पंचायत बर परिसर में युवा हेल्थ केयर क्लीनिक बर के बैनर तले आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क आयुर्वेदिक नेचुरोपैथी एवं योग चिकित्सा परामर्श एवं उपचार शिविर का आज शुभारंभ हुआ। शिविर के प्रथम दिन ही क्षेत्रवासियों में उत्साह देखने को मिला और लगभग 80 मरीजों ने आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों से उपचार का लाभ उठाया। इस शिविर का आयोजन कैंप आयोजक एवं तत्कालीन सरपंच महेन्द्र चौहान के नेतृत्व में किया गया। शिविर में घुटना दर्द, कमर दर्द, गर्दन दर्द, एवीएन, महिला रोग, गठिया रोग, एड़ी दर्द, त्वचा रोग, पथरी, कब्ज, थायराइड सहित अनेक जटिल एवं पुरानी बीमारियों का परीक्षण एवं उपचार किया गया। मुख्य चिकित्सक के रूप में डॉ. फिरोज खान द्वारा मरीजों को आयुर्वेदिक नेचुरोपैथी, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से परामर्श प्रदान किया गया। उपचार प्रक्रिया में पंचकर्म चिकित्सा, नेचुरोपैथी पद्धति, एक्यूप्रेशर, एक्यूपंक्चर एवं फिजियोथैरेपी जैसी आधुनिक एवं प्रभावी चिकित्सा विधियों का उपयोग किया गया। साथ ही शिविर में आने वाले सभी मरीजों को निःशुल्क आयुर्वेदिक ब्रांडेड दवाइयों का वितरण भी किया गया। तीन दिवसीय इस शिविर में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. शुभम टेलर (रायपुर), डॉ. बुद्धिप्रकाश मीणा (भीलवाड़ा), डॉ. ऋतिक चौधरी (उदयपुर), डॉ. सुश्री कोमल शर्मा (भीलवाड़ा) ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। वहीं आयुर्वेदिक सहायक थेरेपिस्ट के रूप में सुश्री नेहा आचार्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिविर के संचालन में बीएनडी अरबाज खान, मोहम्मद तौफीक, मनीष वाल्मीकि, अफजल खान, बर आयुर्वेदिक चिकित्सालय प्रभारी डॉ. कालू खां बेहलीम (निमाज), वीरेंद्र तंवर एवं मोहम्मद रमजान ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। ग्राम पंचायत परिसर में आयोजित शिविर की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संचालित करने में व्यवस्थापक कालूराम गुर्जर द्वारा सराहनीय भूमिका निभाई गई। उल्लेखनीय है कि महेन्द्र चौहान ने अपने सरपंच कार्यकाल के दौरान भी ग्राम पंचायत बर में आमजन को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से समय-समय पर अनेक निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन करवाया है। इस अवसर पर महेन्द्र चौहान ने कहा कि “मेरी गांव की जनता मेरे लिए सर्वोपरि है। मैं मानता हूं कि स्वस्थ समाज ही मजबूत विकास की नींव है। इसी सोच के साथ मैं हमेशा स्वास्थ्य के क्षेत्र में कदम बढ़ाता रहा हूं और आगे भी जनता के हित में ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।” ग्रामीणों ने इस शिविर की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे निःशुल्क चिकित्सा शिविर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं और आमजन को बड़ी राहत प्रदान करते हैं। शिविर के आगामी दिनों में और अधिक मरीजों के लाभान्वित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
- रायपुर (ब्यावर) बर में निःशुल्क आयुर्वेदिक नेचुरोपैथी एवं योग चिकित्सा शिविर का भव्य शुभारंभ, पहले दिन 80 मरीजों को मिला उपचार* ग्राम पंचायत बर परिसर में युवा हेल्थ केयर क्लीनिक बर के बैनर तले आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क आयुर्वेदिक नेचुरोपैथी एवं योग चिकित्सा परामर्श एवं उपचार शिविर का आज शुभारंभ हुआ। शिविर के प्रथम दिन ही क्षेत्रवासियों में उत्साह देखने को मिला और लगभग 80 मरीजों ने आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों से उपचार का लाभ उठाया। इस शिविर का आयोजन कैंप आयोजक एवं तत्कालीन सरपंच महेन्द्र चौहान के नेतृत्व में किया गया। शिविर में घुटना दर्द, कमर दर्द, गर्दन दर्द, एवीएन, महिला रोग, गठिया रोग, एड़ी दर्द, त्वचा रोग, पथरी, कब्ज, थायराइड सहित अनेक जटिल एवं पुरानी बीमारियों का परीक्षण एवं उपचार किया गया। मुख्य चिकित्सक के रूप में डॉ. फिरोज खान द्वारा मरीजों को आयुर्वेदिक नेचुरोपैथी, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से परामर्श प्रदान किया गया। उपचार प्रक्रिया में पंचकर्म चिकित्सा, नेचुरोपैथी पद्धति, एक्यूप्रेशर, एक्यूपंक्चर एवं फिजियोथैरेपी जैसी आधुनिक एवं प्रभावी चिकित्सा विधियों का उपयोग किया गया। साथ ही शिविर में आने वाले सभी मरीजों को निःशुल्क आयुर्वेदिक ब्रांडेड दवाइयों का वितरण भी किया गया। तीन दिवसीय इस शिविर में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. शुभम टेलर (रायपुर), डॉ. बुद्धिप्रकाश मीणा (भीलवाड़ा), डॉ. ऋतिक चौधरी (उदयपुर), डॉ. सुश्री कोमल शर्मा (भीलवाड़ा) ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। वहीं आयुर्वेदिक सहायक थेरेपिस्ट के रूप में सुश्री नेहा आचार्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिविर के संचालन में बीएनडी अरबाज खान, मोहम्मद तौफीक, मनीष वाल्मीकि, अफजल खान, बर आयुर्वेदिक चिकित्सालय प्रभारी डॉ. कालू खां बेहलीम (निमाज), वीरेंद्र तंवर एवं मोहम्मद रमजान ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। ग्राम पंचायत परिसर में आयोजित शिविर की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संचालित करने में व्यवस्थापक कालूराम गुर्जर द्वारा सराहनीय भूमिका निभाई गई। उल्लेखनीय है कि महेन्द्र चौहान ने अपने सरपंच कार्यकाल के दौरान भी ग्राम पंचायत बर में आमजन को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से समय-समय पर अनेक निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन करवाया है। इस अवसर पर महेन्द्र चौहान ने कहा कि “मेरी गांव की जनता मेरे लिए सर्वोपरि है। मैं मानता हूं कि स्वस्थ समाज ही मजबूत विकास की नींव है। इसी सोच के साथ मैं हमेशा स्वास्थ्य के क्षेत्र में कदम बढ़ाता रहा हूं और आगे भी जनता के हित में ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।” ग्रामीणों ने इस शिविर की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे निःशुल्क चिकित्सा शिविर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं और आमजन को बड़ी राहत प्रदान करते हैं। शिविर के आगामी दिनों में और अधिक मरीजों के लाभान्वित होने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी पुलिया? आम लोगों की जान से खिलवाड़ झूँठा–करमावास मार्ग पर मिट्टी से पुलिया निर्माण के आरोप, जिम्मेदार कौन? झूँठा से करमावास जाने वाले मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया अब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। पुलिया निर्माण में निर्धारित बजरिया व अन्य मानक सामग्री की जगह मिट्टी के उपयोग के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिससे आम लोगों की जान के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। नियमों के अनुसार जहां मजबूत बजरिया और सीमेंट मिश्रण का उपयोग होना चाहिए, वहां मिट्टी डालकर काम चलाया जा रहा है। इससे पुलिया की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं और भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा मामला ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत का परिणाम हो सकता है। सवाल यह है कि जब निर्माण कार्य चल रहा है, तो विभागीय निगरानी कहां है? क्या भ्रष्टाचार की इस भेंट में आम जनता की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है? ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिया निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, गुणवत्ता की प्रयोगशाला जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही मानक सामग्री से दोबारा निर्माण कराकर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। अब बड़ा सवाल यही है कि इस कथित भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार कौन है और क्या प्रशासन समय रहते कार्रवाई कर पाएगा, या फिर यह पुलिया भी लापरवाही की एक और मिसाल बनकर रह जाएगी।1
- नागौर जिले के बुटाटी धाम में खराब नारियल को लेकर मंदिर समिति और ग्रामीणों में बड़ा विवाद1
- नसीराबाद सीईओ डॉ. नीतिश गुप्ता के हाथों रैन बसेरा, शौचालय व सड़कों का लोकार्पण शहरवासियों को दी सुविधाओं की बड़ी सौगात1
- Post by District.reporter.babulaljogawat1
- wonder lakdiye aise log video banaa lete hain isliye Dekho garibi1
- Post by रतन सिह रावत जोजावार1
- रायपुर (ब्यावर) वैष्णव सेवा समिति, ब्यावर द्वारा 11 कन्याओं के निःशुल्क सामुहिक कार्यक्रम का शुभारंभ गणपति पुजन व पत्रिका विमोचन वैष्णव सेवा समिति व च.स. वैष्णव समाज ब्यावर के तत्वावधान में आगामी 8 मार्च 2026 को वैष्णव समाज की चयनित 11 कन्याओं के निःशुल्क सामुहिक विवाह सम्मेलन कार्यक्रम का विधि विधान से गणपति पुजन कर विवाह पत्रिका का विमोचन कर शुभारंभ किया गया! विवाह समिति के अध्यक्ष कैलाश चन्द हरिव्यासी ने बताया कि ब्यावर जिला स्तर पर भामाशाहों के सहयोग से वैष्णव समाज की चयनित 11 कन्याओं का निःशुल्क सामुहिक विवाह कर उपहार स्वरूप आवश्यक सभी घरेलू सामान दिये जायेंगे इस कार्यक्रम में उपस्थिति समाज बंधुओं द्वारा समाज हित में विकास और शिक्षा पर चर्चा की गई व समाज के भामाशाहों द्वारा विवाह सम्मेलन हेतु सहयोग राशि व उपहारों की घोषणाएं की गई! कार्यक्रम में आगंतुक समाज बन्धुओं व भामाशाहों का वैष्णव युवा सेवा समिति, ब्यावर द्वारा दुपट्टा पहनाकर अभिनन्दन किया! इस अवसर पर वैष्णव युवा सेवा समिति के अध्यक्ष रमेश प्रसाद अग्रावत व विवाह सम्मेलन के उपाध्यक्ष श्रीदास वैष्णव रास, बालकृष्ण अग्रावत, रामगोपाल सचिव सांवरलाल, राहुल किलावत, कोषाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण, अनील किलावत रास,दिनेश बैड़कला,प्रशान्त तत्वेदी,केदार अग्रावत,सांवलदास बलाड़ा,खेमदास,बुद्दादास, पोकरदास,प्रेमदास,रमेश दास , निरंजन,सम्पतदास, घनश्यामदास इत्यादि सैकड़ों समाज बन्धु उपस्थित रहे!1