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उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ एकजुट होकर भारी प्रदर्शन किया है। इस दौरान प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं में पुलिस प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश देखा गया और उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
CHANDRESH PATRKAR
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ एकजुट होकर भारी प्रदर्शन किया है। इस दौरान प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं में पुलिस प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश देखा गया और उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
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- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में भारी हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला है, जहाँ दिल्ली की आग में कलेक्ट्रेट भी सुलग उठा है। यहाँ एक जुलूस को रोकने की कोशिश किए जाने पर छात्र और पुलिस आपस में भिड़ गए। इस जोरदार भिड़ंत के बाद गुस्साए छात्रों ने कोतवाली का घेराव कर दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ एकजुट होकर भारी प्रदर्शन किया है। इस दौरान प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं में पुलिस प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश देखा गया और उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की सगड़ी जियानपुर तहसील अंतर्गत महाराजगंज पोस्ट के मिसिरपुर चांदपुर गांव में सरकारी नाली और सड़क पर भारी गंदगी फैली हुई है। गांव के विशाल यादव (पिता बिम्मा यादव) ने बेहद नाराजगी जताते हुए मांग की है कि यहां जल्द से जल्दी सफाई का काम चालू होना चाहिए। उनका आरोप है कि जहां सरकारी नाली की सफाई होनी चाहिए, वहीं लोग इसे और गंदा कर रहे हैं और नाली को पाट (पार) रहे हैं। इस बदहाली से परेशान होकर उन्होंने प्रशासन से यहां तुरंत सफाई कार्य शुरू करवाने की मांग उठाई है।1
- अम्बेडकर नगर के आलापुर में ऑपरेशन के बाद एक मरीज की हालत बेहद गंभीर होने का बेहद संवेदनहीन मामला सामने आया है। यहाँ ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ती गई और उसके ऑपरेशन वाले रास्ते से मलमूत्र बाहर निकलने लगा। इस बेहद नाजुक हालत में इलाज करने के बजाय डॉक्टर ने मरीज के साथ अमानवीय व्यवहार किया। डॉक्टर ने रात के समय ही पीड़ित मरीज को धक्के देकर वहाँ से बाहर भगा दिया।2
- अंबेडकरनगर जिले के खजुरी बाजार में मंगलवार को दिनदहाड़े हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी की वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। यहाँ बाइक सवार दो युवकों पर कार में सवार होकर आए दो हमलावरों ने अचानक फायरिंग कर दी। इस हमले में अतुल यादव नामक युवक गोली लगने से घायल हो गया है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गोलीबारी की इस घटना के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों में भय का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच और हमलावरों की तलाश में जुटी है। दिनदहाड़े हुई इस घटना ने जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में आजमगढ़ जिला मुख्यालय पर माहौल पूरी तरह गरमा गया। विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं और छात्र-छात्राओं ने कुंवर सिंह उद्यान के पास एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन और जुलूस निकालने का प्रयास किया। हालांकि, प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देकर जुलूस की अनुमति नहीं दी और मौके पर मुस्तैद पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिससे लोगों में भारी नाराजगी फैल गई। इस दौरान पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर कोतवाली भेज दिया, जिसके बाद बड़ी संख्या में समर्थक कोतवाली पहुंच गए और वहां जमकर हंगामा किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सूझबूझ से काम लिया और हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा कर दिया। कोतवाली से रिहाई के बाद भी प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए और दोबारा कलेक्ट्रेट तथा कुंवर सिंह उद्यान के आसपास जुटने लगे, जिन्हें पुलिस लगातार तितर-बितर करती रही और समूह बनाकर खड़े होने से रोकती रही। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनकी मुख्य मांगों में नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमों की वापसी और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के लोकतांत्रिक अधिकार की सुरक्षा शामिल थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि प्रशासन उनके शांतिपूर्ण मार्च को दबाने की कोशिश कर रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और विशेष रूप से महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। हालांकि दिनभर चले इस पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, लेकिन जिला मुख्यालय और कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास तनावपूर्ण शांति का माहौल बना रहा और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।1