बिलासपुर शहर के रिवर व्यू क्षेत्र में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई जब संदिग्ध परिस्थितियों में एक नवजात शिशु का शव पड़ा मिला। इस घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह क्षेत्रवासियों ने सबसे पहले नवजात के शव को देखा, जिसके बाद तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, उसे सुरक्षित किया और जांच प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसे वहां किसने छोड़ा। इसी कारण पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर संभावित पहलू की पड़ताल कर रही है। जांच टीम आसपास के लोगों से जानकारी जुटाने के साथ-साथ क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है, क्योंकि अधिकारियों का मानना है कि फुटेज से घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारणों और समय को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं, नवजात की पहचान और उसके परिजनों तक पहुंचने के प्रयास भी जारी हैं। शहर के व्यस्त क्षेत्र में नवजात का शव मिलने की इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। फिलहाल, कोतवाली पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगातार जांच कर रही है।
बिलासपुर शहर के रिवर व्यू क्षेत्र में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई जब संदिग्ध परिस्थितियों में एक नवजात शिशु का शव पड़ा मिला। इस घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह क्षेत्रवासियों ने सबसे पहले नवजात के शव को देखा, जिसके बाद तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, उसे सुरक्षित किया और जांच प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसे वहां किसने छोड़ा। इसी कारण पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर संभावित पहलू की पड़ताल कर रही है। जांच टीम आसपास के लोगों से जानकारी जुटाने के साथ-साथ क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है, क्योंकि अधिकारियों का मानना है कि फुटेज से घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारणों और समय को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं, नवजात की पहचान और उसके परिजनों तक पहुंचने के प्रयास भी जारी हैं। शहर के व्यस्त क्षेत्र में नवजात का शव मिलने की इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। फिलहाल, कोतवाली पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगातार जांच कर रही है।
- बिलासपुर शहर में तेज रफ्तार का एक और भयावह रूप सामने आया है। सोमवार को तिफरा ओवरब्रिज पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक परिवार का चिराग बुझ गया, जबकि एक अन्य युवक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। जानकारी के अनुसार, ओवरब्रिज से गुजर रहे दो बाइक सवार युवकों को पीछे से आ रहे एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार सड़क पर उछलकर गिर पड़े। इसके बाद अनियंत्रित बाइक सामने से आ रहे एक छोटा हाथी वाहन से जा टकराई। इस दर्दनाक दुर्घटना में एक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तत्काल सिम्स अस्पताल पहुंचाया गया है, जहाँ उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। हादसे के बाद आरोपी वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर डायल-112 और सिविल लाइन थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। ट्रैफिक एएसपी रामगोपाल करियारे ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और यातायात को सामान्य कराया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक को जब्त कर लिया है और फरार वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को ही इस हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सड़क पर कुछ सेकंड की लापरवाही पूरी जिंदगी छीन सकती है, जिससे तिफरा ओवरब्रिज एक बार फिर मौत का पुल बनकर सामने आया है।1
- मंगलवार देर रात करीब 1:40 बजे, बिल्हा मोड़ के पास सर्विस रोड पर एक खड़े ट्रेलर ट्रक में दूसरे ट्रेलर वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी। इस घटना की सूचना हिर्री के डायल 112 को एक कॉलर ने फोन पर दी। टक्कर के कारण दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, हालांकि किसी को कोई चोट नहीं आई। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची, जहां उन्होंने देखा कि सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर में पीछे से आ रहे दूसरे ट्रेलर के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए टक्कर मारी थी। इस दुर्घटना के बाद सड़क पर जाम की स्थिति बन गई थी, लेकिन गनीमत रही कि दोनों वाहनों के चालक सुरक्षित थे। रात में ही क्रेन बुलवाकर दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाया गया, और शिकायतकर्ता ड्राइवर को हिर्री थाना जाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी गई है। यह उल्लेखनीय है कि इस सड़क पर अक्सर सड़क किनारे खड़े ट्रकों से टकराकर कार और बाइक चालकों की बड़ी दुर्घटनाओं में मौतें भी हो चुकी हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, सड़क किनारे खड़े वाहनों पर उचित कार्रवाई करने और वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक गाड़ी चलाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।1
- छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के खल्लारी थाना क्षेत्र के ग्राम झारा में एक बहन, भारती टंडन, को प्रेम जाल में फंसाकर सामूहिक बलात्कार का शिकार बनाया गया। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद दुष्कर्मियों ने उसे रेत में दफना दिया। पोस्ट के अनुसार, देश के किसी भी कोने में व्याप्त 'जात-पात, ऊंच-नीच' की दीवारें और घृणा, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लोगों की जान ले रही है। इसी जातिगत घृणा और दूषित प्रवृत्ति के लोगों ने इस बहन का बलात्कार किया। इस पर 'सीताराम' को शर्म आनी चाहिए, जो स्वयं को 'श्रेष्ठ धर्म' बताता है और अपने भीतर मौजूद भेदभाव, जात-पात व ऊंच-नीच को बढ़ावा देता है।1
- छत्तीसगढ़ के छुहिपाली में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया है, जिसमें 35 लोग घायल हुए हैं। यह घटना तब हुई जब एक 'छोटा हाथी' वाहन में सवार होकर लोग एक 'समधीन जोड़कर' समारोह से लौट रहे थे।1
- कोरबा जिले के कटघोरा में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह सरकार छत्तीसगढ़ राज्य को अपराध का गढ़ बना रही है।1
- छत्तीसगढ़ में पत्रकारों पर कथित फर्जी मुकदमे, एफआईआर और प्रताड़ना के विरोध में छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ ने धरसींवा में एक बड़ा प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेशभर से आए सैकड़ों पत्रकारों ने एकजुट होकर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की पुरजोर मांग उठाई। प्रदर्शन के तहत, पत्रकारों ने पहले धरसींवा रेस्ट हाउस में एक सभा आयोजित की, जिसके बाद पैदल मार्च करते हुए धरसींवा थाना पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस महानिदेशक और गृह मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। महासंघ का आरोप है कि प्रदेश में पत्रकारों के खिलाफ लगातार ऐसे मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जिनसे उन्हें कानूनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने इस स्थिति को लोकतंत्र और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। सभा के दौरान वक्ताओं ने धरसींवा के एक पत्रकार के विशेष मामले का उल्लेख किया, जिन्होंने क्षेत्र में नाबालिग से हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को उजागर किया था। हालांकि, बाद में उसी पत्रकार को मामले में सह-आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया। महासंघ ने इस कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाते हुए पत्रकार के खिलाफ दर्ज मामले को तत्काल निरस्त करने और इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पत्रकारों ने सामूहिक रूप से जोर दिया कि छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करना नितांत आवश्यक है, ताकि उनकी सुरक्षा और स्वतंत्र कार्य वातावरण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने भविष्य में पत्रकारों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कथित दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई को रोकने की भी मांग की। इस प्रदर्शन में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्ररथ गर्व, उपाध्यक्ष पुनीत सोनकर, अब्दुल शमीम, सुधीर तंबोली आजाद, प्रेम सोनी सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों, तहसीलों और ब्लॉकों से बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे, जिसमें तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के कई पत्रकारों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।3
- बिलासपुर में अवैध शराब बिक्री और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चकरभाठा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक आरोपी और उसके साथ मौजूद एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ा है, जिनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध शराब, बीयर और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई है। पुलिस को 23 जून 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मोटरसाइकिल क्रमांक CG 24 K 2311 में एक व्यक्ति और उसके साथ एक लड़का चकरभाठा से परसदा की ओर बिक्री के लिए शराब ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही चकरभाठा थाना पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर होटल सेंट्रल प्वाइंट के आगे मुख्य मार्ग पर घेराबंदी कर संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोका। तलाशी के दौरान प्लास्टिक की बोरी से 120 पाव देशी प्लेन शराब, जिसकी कीमत 9,600 रुपये, तथा 6 नग बीयर, जिसकी कीमत 1,260 रुपये बरामद हुई। इसके अलावा, अनुमानित 50,000 रुपये कीमत की TVS गिक्सर मोटरसाइकिल भी मौके से जब्त की गई। पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ में अपना नाम अजय कौशिक (36 वर्ष) पिता विजय कौशिक, निवासी हिर्री थाना के सामने, थाना हिर्री, जिला बिलासपुर बताया। उसके साथ मौजूद विधि से संघर्षरत बालक को भी पुलिस ने अभिरक्षा में लिया, और दोनों ने शराब को बिक्री के उद्देश्य से ले जाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी अजय कौशिक के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 47 के तहत मामला दर्ज कर उसे विधिवत गिरफ्तार किया और न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया। वहीं, विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की गई है। चकरभाठा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अवैध शराब बिक्री, परिवहन या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तुरंत स्थानीय थाना या डायल 112 पर इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।1
- बिलासपुर शहर के रिवर व्यू क्षेत्र में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई जब संदिग्ध परिस्थितियों में एक नवजात शिशु का शव पड़ा मिला। इस घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह क्षेत्रवासियों ने सबसे पहले नवजात के शव को देखा, जिसके बाद तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, उसे सुरक्षित किया और जांच प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसे वहां किसने छोड़ा। इसी कारण पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर संभावित पहलू की पड़ताल कर रही है। जांच टीम आसपास के लोगों से जानकारी जुटाने के साथ-साथ क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है, क्योंकि अधिकारियों का मानना है कि फुटेज से घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारणों और समय को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं, नवजात की पहचान और उसके परिजनों तक पहुंचने के प्रयास भी जारी हैं। शहर के व्यस्त क्षेत्र में नवजात का शव मिलने की इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। फिलहाल, कोतवाली पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगातार जांच कर रही है।1
- बिलासपुर में चकरभाठा पुलिस ने अवैध शराब की बिक्री और परिवहन के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए, मंगलवार रात 10:09 बजे जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी दी कि 120 पाव देशी प्लेन शराब और 6 नग बियर के साथ एक आरोपी और एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ा गया है। यह कार्रवाई 23.06.2026 को मिली मुखबिर की सूचना पर की गई। पकड़े गए आरोपी की पहचान 36 वर्षीय अजय कौशिक, पिता विजय कौशिक, निवासी हिर्री थाना के सामने, हिर्री, जिला बिलासपुर के रूप में हुई है, जिसके साथ एक विधि से संघर्षरत बालक भी था। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अपनी मोटर साइकल क्रमांक CG 24 K 2311 पर, जिसके पीछे एक लड़का बैठा है, प्लास्टिक की बोरियों में शराब रखकर चकरभाठा से परसदा की ओर जा रहा है। इस सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए, चकरभाठा पुलिस की टीम ने होटल सेंट्रल प्वाइंट के आगे मुख्य मार्ग पर उक्त मोटर साइकल को रोका और उसकी जाँच की। जाँच के दौरान प्लास्टिक की बोरियों से कुल 120 पाव देशी प्लेन शराब, जिसकी कीमत ₹9600 है, और 6 नग बियर, जिसकी कीमत ₹1260 है, बरामद की गई। अजय कौशिक और विधि से संघर्षरत बालक ने पूछताछ में इस शराब को बिक्री के उद्देश्य से ले जाना स्वीकार किया। अजय कौशिक के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 47 के तहत वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे अभिरक्षा में लिया गया है, जिसे बुधवार को न्यायिक रिमांड के लिए माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। वहीं, विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत आवश्यक कार्यवाही की गई है। चकरभाठा पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध कार्यों में लिप्त अपराधियों की सूचना तुरंत स्थानीय थाना या डायल 112 पर दें।1