पाकुड़ के हिरणपुर थाना क्षेत्र के बागशीशा गांव के रहने वाले 28 वर्षीय हेमंत कुमार साहा को फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पहली नजर में लैपटॉप, ब्रांडेड कपड़े और लग्जरी मोटरसाइकिल पर सवार हेमंत एक सफल युवा प्रतीत होता था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आए आरोपों ने उसकी छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उसे पाकुड़ मुफस्सिल थाना कांड संख्या 79/26 के तहत गिरफ्तार किया गया है। आरोपी हेमंत कुमार साहा, जो अशोक साहा का बेटा है और वर्तमान में खदानपाड़ा, पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र में रहता है, के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 179, 318(4), 336(3), 338, 340(1), 340(2) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपों के अनुसार, हेमंत कुमार साहा लोगों से जाति, आवासीय, जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनवाने के नाम पर पैसे लेता था। चर्चा है कि उसने कई लोगों को ऐसे दस्तावेज उपलब्ध कराए जो बाद में जांच में संदिग्ध या फर्जी पाए गए, जिससे प्रभावित लोगों को सरकारी कार्यों और योजनाओं का लाभ लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। क्षेत्र में यह बात जोर-शोर से चल रही है कि आरोपी ने वर्षों से बड़ी संख्या में लोगों से दस्तावेज़ बनवाने के नाम पर पैसे वसूले हैं। हालांकि, पुलिस ने अब तक प्रभावित लोगों की संख्या या ठगी की कुल राशि का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर लाखों रुपये के लेन-देन की बातें सामने आ रही हैं। इस मामले को लेकर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि यदि दस्तावेज फर्जी थे तो उन्हें तैयार करने में और कौन-कौन लोग शामिल थे। जानकारों का मानना है कि पुलिस यदि डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल और दस्तावेजों की गहन जांच करती है, तो एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। स्थानीय लोगों का दावा है कि पूर्व में भी फर्जी प्रमाण पत्रों से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं और जांच का दायरा बढ़ने पर गोड्डा से लेकर पश्चिम बंगाल तक फैले किसी संगठित गिरोह के तार जुड़ सकते हैं। इस संबंध में मुफस्सिल थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि पूछताछ में और नाम सामने आ सकते हैं तथा फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद युवक को जेल भेजा गया है और बाकी लोगों की तलाश की जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में और कौन-कौन नाम सामने आते हैं तथा कथित फर्जीवाड़े का नेटवर्क कितना बड़ा है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला केवल एक व्यक्ति की ठगी का नहीं, बल्कि सरकारी दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर चोट करने वाले एक संगठित फर्जीवाड़े का भी हो सकता है।
पाकुड़ के हिरणपुर थाना क्षेत्र के बागशीशा गांव के रहने वाले 28 वर्षीय हेमंत कुमार साहा को फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पहली नजर में लैपटॉप, ब्रांडेड कपड़े और लग्जरी मोटरसाइकिल पर सवार हेमंत एक सफल युवा प्रतीत होता था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आए आरोपों ने उसकी छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उसे पाकुड़ मुफस्सिल थाना कांड संख्या 79/26 के तहत गिरफ्तार किया गया है। आरोपी हेमंत कुमार साहा, जो अशोक साहा का बेटा है और वर्तमान में खदानपाड़ा, पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र में रहता है, के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 179, 318(4), 336(3), 338, 340(1), 340(2) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपों के अनुसार, हेमंत कुमार साहा लोगों से जाति, आवासीय, जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनवाने के नाम पर पैसे लेता था। चर्चा है कि उसने कई लोगों को ऐसे दस्तावेज उपलब्ध कराए जो बाद में जांच में संदिग्ध या फर्जी पाए गए, जिससे प्रभावित लोगों को सरकारी कार्यों और योजनाओं का लाभ लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। क्षेत्र में यह बात जोर-शोर से चल रही है कि आरोपी ने वर्षों से बड़ी संख्या में लोगों से दस्तावेज़ बनवाने के नाम पर पैसे वसूले हैं। हालांकि, पुलिस ने अब तक प्रभावित लोगों की संख्या या ठगी की कुल राशि का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर लाखों रुपये के लेन-देन की बातें सामने आ रही हैं। इस मामले को लेकर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि यदि दस्तावेज फर्जी थे तो उन्हें तैयार करने में और कौन-कौन लोग शामिल थे। जानकारों का मानना है कि पुलिस यदि डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल और दस्तावेजों की गहन जांच करती है, तो एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। स्थानीय लोगों का दावा है कि पूर्व में भी फर्जी प्रमाण पत्रों से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं और जांच का दायरा बढ़ने पर गोड्डा से लेकर पश्चिम बंगाल तक फैले किसी संगठित गिरोह के तार जुड़ सकते हैं। इस संबंध में मुफस्सिल थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि पूछताछ में और नाम सामने आ सकते हैं तथा फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद युवक को जेल भेजा गया है और बाकी लोगों की तलाश की जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में और कौन-कौन नाम सामने आते हैं तथा कथित फर्जीवाड़े का नेटवर्क कितना बड़ा है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला केवल एक व्यक्ति की ठगी का नहीं, बल्कि सरकारी दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर चोट करने वाले एक संगठित फर्जीवाड़े का भी हो सकता है।
- साहिबगंज जिला के बरहरवा प्रखंड स्थित बरारी पंचायत के पास एक दर्दनाक घटना घटी है।1
- बरहरवा-फरक्का मुख्य पथ (एनएच-80) पर बरारी गांव के समीप सोमवार को एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह दुर्घटना उस वक्त हुई जब बाइक सवार मां, बेटा और बहन 18 चक्का ट्रेलर की चपेट में आ गए, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस हादसे में चार वर्षीय एक बच्ची भी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृत व्यक्तियों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फिलहाल इस सड़क दुर्घटना की गहन जांच में जुटी हुई है।1
- बिहार और झारखंड में कचरा उठाने वाले बच्चों के जीवनयापन और उनकी दयनीय स्थिति पर सवाल उठाते हुए, एक बच्चे ने सीधे 'सिस्टम' से प्रश्न पूछा है। यह बच्चा जानना चाहता है कि क्या कचरा उठाने वाले बच्चों को शिक्षा पाने का अधिकार नहीं है और उनका जीवन यापन किस प्रकार होता है। यह मार्मिक सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- पूरे देश में आग सुरक्षा को लेकर एक गंभीर स्थिति बनी हुई है, जहाँ प्रशासन को किसी इमारत में आग लगने के बाद ही यह याद आता है कि उस भवन के पास आवश्यक NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं था। यह दर्शाता है कि सुरक्षा और नियमों के पालन के मामले में, हर जगह सब कुछ 'भगवान भरोसे' ही चल रहा है, और समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं।1
- दुमका जिले के रानेश्वर प्रखंड स्थित रंगालिया पंचायत के पलासपाड़ा से पाथरचाल गांव जाने वाले रास्ते पर राज्यसभा सांसद निधि से बने गार्डवाल के निर्माण में गंभीर अनियमितता का आरोप लगा है। हाल ही में बने इस गार्डवाल में कई जगहों पर दरारें आ गई हैं, जिससे इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह गार्डवाल राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन की निधि से ₹2,51,000 की लागत से बनाया गया था, जिसका योजना संख्या 268/2025-26 है। निर्माण कार्य की एजेंसी जिला अभियंता, जिला परिषद दुमका है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह गार्डवाल मात्र 2-3 महीने पहले ही बनाया गया था। निरीक्षण के दौरान देखा गया कि नवनिर्मित गार्डवाल में कई स्थानों पर दरारें आ चुकी हैं। गार्डवाल के किनारे मिट्टी की भराई नहीं की गई है, जिससे पथ और गार्डवाल के बीच खाली जगह बनी हुई है, जो दुर्घटना का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गार्डवाल निर्माण के समय नींव पर बेड ढलाई नहीं की गई थी और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, गार्डवाल की ऊँचाई भी मापदंड के अनुसार नहीं है और इसे अनुपयोगी जगह पर बनाया गया है। आरोप है कि गार्डवाल कार्य में लकड़ाघाटी गांव का एक मुंशी किस्म का व्यक्ति बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था, जिसने अपने हित साधने के लिए नियमों की अनदेखी करते हुए काम को जैसे-तैसे अंजाम दिया। इन गंभीर अनियमितताओं को लेकर विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।1
- झारखंड के बड़ा तालबोना गांव में एक अनोखे बच्चे ने अपनी असाधारण क्षमता का प्रदर्शन करते हुए सभी को चौंका दिया। इस बच्चे ने दीवार पर चढ़कर एक हैरतअंगेज करतब दिखाया, जिसे देखकर लोग आश्चर्यचकित रह गए। यह अनोखा प्रदर्शन गांव में चर्चा का विषय बन गया है।3
- झारखंड के साहिबगंज जिले में मदन रोड पर सड़क जाम हो गया है। इस जाम के कारण इलाके में आवागमन में परेशानी बढ़ गई है, क्योंकि यह मार्ग झारखंड राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा है।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग में आग लगने की घटना के बाद घटनास्थल पर जबरदस्त बैरिकेडिंग कर दी गई है। इस अग्निकांड के मद्देनजर पत्रकारों को भी कोचिंग से लगभग 150 मीटर की दूरी पर रोक दिया गया है, और किसी भी तरह के सवालों के जवाब देने से हर कोई बच रहा है। यह घटना एक तीन मंजिला बिल्डिंग में हुई थी, और अभी भी चारों तरफ एम्बुलेंस खड़ी हुई हैं।1