दुमका जिले के रानेश्वर प्रखंड स्थित रंगालिया पंचायत के पलासपाड़ा से पाथरचाल गांव जाने वाले रास्ते पर राज्यसभा सांसद निधि से बने गार्डवाल के निर्माण में गंभीर अनियमितता का आरोप लगा है। हाल ही में बने इस गार्डवाल में कई जगहों पर दरारें आ गई हैं, जिससे इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह गार्डवाल राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन की निधि से ₹2,51,000 की लागत से बनाया गया था, जिसका योजना संख्या 268/2025-26 है। निर्माण कार्य की एजेंसी जिला अभियंता, जिला परिषद दुमका है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह गार्डवाल मात्र 2-3 महीने पहले ही बनाया गया था। निरीक्षण के दौरान देखा गया कि नवनिर्मित गार्डवाल में कई स्थानों पर दरारें आ चुकी हैं। गार्डवाल के किनारे मिट्टी की भराई नहीं की गई है, जिससे पथ और गार्डवाल के बीच खाली जगह बनी हुई है, जो दुर्घटना का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गार्डवाल निर्माण के समय नींव पर बेड ढलाई नहीं की गई थी और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, गार्डवाल की ऊँचाई भी मापदंड के अनुसार नहीं है और इसे अनुपयोगी जगह पर बनाया गया है। आरोप है कि गार्डवाल कार्य में लकड़ाघाटी गांव का एक मुंशी किस्म का व्यक्ति बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था, जिसने अपने हित साधने के लिए नियमों की अनदेखी करते हुए काम को जैसे-तैसे अंजाम दिया। इन गंभीर अनियमितताओं को लेकर विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
दुमका जिले के रानेश्वर प्रखंड स्थित रंगालिया पंचायत के पलासपाड़ा से पाथरचाल गांव जाने वाले रास्ते पर राज्यसभा सांसद निधि से बने गार्डवाल के निर्माण में गंभीर अनियमितता का आरोप लगा है। हाल ही में बने इस गार्डवाल में कई जगहों पर दरारें आ गई हैं, जिससे इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह गार्डवाल राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन की निधि से ₹2,51,000 की लागत से बनाया गया था, जिसका योजना संख्या 268/2025-26 है। निर्माण कार्य की एजेंसी जिला अभियंता, जिला परिषद दुमका है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह गार्डवाल मात्र 2-3 महीने पहले ही बनाया गया था। निरीक्षण के दौरान देखा गया कि नवनिर्मित गार्डवाल में कई स्थानों पर दरारें आ चुकी हैं। गार्डवाल के किनारे मिट्टी की भराई नहीं की गई है, जिससे पथ और गार्डवाल के बीच खाली जगह बनी हुई है, जो दुर्घटना का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गार्डवाल निर्माण के समय नींव पर बेड ढलाई नहीं की गई थी और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, गार्डवाल की ऊँचाई भी मापदंड के अनुसार नहीं है और इसे अनुपयोगी जगह पर बनाया गया है। आरोप है कि गार्डवाल कार्य में लकड़ाघाटी गांव का एक मुंशी किस्म का व्यक्ति बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था, जिसने अपने हित साधने के लिए नियमों की अनदेखी करते हुए काम को जैसे-तैसे अंजाम दिया। इन गंभीर अनियमितताओं को लेकर विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
- दुमका जिले के रानेश्वर प्रखंड स्थित रंगालिया पंचायत के पलासपाड़ा से पाथरचाल गांव जाने वाले रास्ते पर राज्यसभा सांसद निधि से बने गार्डवाल के निर्माण में गंभीर अनियमितता का आरोप लगा है। हाल ही में बने इस गार्डवाल में कई जगहों पर दरारें आ गई हैं, जिससे इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह गार्डवाल राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन की निधि से ₹2,51,000 की लागत से बनाया गया था, जिसका योजना संख्या 268/2025-26 है। निर्माण कार्य की एजेंसी जिला अभियंता, जिला परिषद दुमका है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह गार्डवाल मात्र 2-3 महीने पहले ही बनाया गया था। निरीक्षण के दौरान देखा गया कि नवनिर्मित गार्डवाल में कई स्थानों पर दरारें आ चुकी हैं। गार्डवाल के किनारे मिट्टी की भराई नहीं की गई है, जिससे पथ और गार्डवाल के बीच खाली जगह बनी हुई है, जो दुर्घटना का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गार्डवाल निर्माण के समय नींव पर बेड ढलाई नहीं की गई थी और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, गार्डवाल की ऊँचाई भी मापदंड के अनुसार नहीं है और इसे अनुपयोगी जगह पर बनाया गया है। आरोप है कि गार्डवाल कार्य में लकड़ाघाटी गांव का एक मुंशी किस्म का व्यक्ति बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था, जिसने अपने हित साधने के लिए नियमों की अनदेखी करते हुए काम को जैसे-तैसे अंजाम दिया। इन गंभीर अनियमितताओं को लेकर विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।1
- झारखंड के दुमका जिले के धोबना गाँव में कुदरत के कहर और चोरों के दुस्साहस के कारण अंधेरा छा गया है। गाँव में यह स्थिति प्राकृतिक प्रकोप और चोरों के दुस्साहसिक कृत्यों के फलस्वरूप उत्पन्न हुई है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए दावों पर Gen-Z ने अपनी 'सीधी बात' रखी है। इस पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या Gen-Z की यह प्रतिक्रिया पीएम मोदी के दावों के लिए एक 'मुँहतोड़ जवाब' है।1
- देवघर जिला के मारगोमुण्डा प्रखण्ड क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को एक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रखंड, अंचल कार्यालय, थाना सहित क्षेत्र के विभिन्न पंचायत भवनों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया, और उपस्थित लोगों को स्वस्थ जीवन का संदेश दिया गया।1
- गोबिंदपुर स्थित चर्चित लक्ष्मी नर्सिंग होम में एक नवजात शिशु की मौत हो गई है, जिसके बाद परिजनों ने डॉक्टर अंजना पर इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों ने सोमवार दोपहर 12 बजे मीडिया को बताया कि उनका बच्चा रात में बिल्कुल स्वस्थ था, लेकिन किसी चीज़ का इंजेक्शन दिए जाने के बाद सुबह तक उसकी मौत हो गई। इस घटना को लेकर परिजनों ने बच्चे के शव को एक मिठाई के डिब्बे में रखकर विरोध प्रदर्शन किया। यह ज्ञात हो कि लक्ष्मी नर्सिंग होम विगत कई सालों से लगातार विवादों के घेरे में रहा है, और इसमें इलाजरत कई महिलाओं की भी पहले मौत हो चुकी है। वहीं, डॉक्टर अंजना कुमारी ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई।1
- बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विपक्ष के साथ-साथ सत्ताधारी दल के नेता भी इस घटना को 'फर्जी एनकाउंटर' बता रहे हैं। न्यायिक जांच के आदेश दिए जाने के बावजूद, इस घटना को लेकर लोगों में भारी नाराजगी बनी हुई है। इसी बीच, भोजपुरी सिनेमा के एक्टर और सिंगर खेसारीलाल यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए, यह कहते हुए कि भरत तिवारी की शहादत को केवल पब्लिसिटी का ज़रिया नहीं बनाया जाना चाहिए, बल्कि इस आंदोलन को जारी रखना आवश्यक है। खेसारीलाल यादव ने आश्वासन दिया कि जब भी उनकी ज़रूरत होगी, वह परिवार के साथ खड़े रहेंगे, और यह भी कहा कि केवल फोटो खिंचवाने वाले और प्रचार करने वाले लोग कुछ नहीं करेंगे। उन्होंने अन्य नेताओं पर भी निशाना साधा, कहा कि वे यहाँ आकर अपनी पब्लिसिटी करने के बाद लौट जाएँगे। खेसारीलाल यादव ने सुझाव दिया कि जो भी नेता यहाँ पहुँच रहे हैं, उन्हें अपने सोशल मीडिया पेज के माध्यम से इस मुद्दे पर आवाज़ बुलंद करनी चाहिए, ताकि उनकी बात दुनियाभर के लोगों तक पहुँच सके। उन्होंने स्वीकार किया कि भरत तिवारी अपनी माँ को वापस नहीं मिल सकते। खेसारी ने इस बात पर जोर दिया कि लोग भरत तिवारी के बारे में दस अच्छी बातें कहेंगे, लेकिन उनके सपनों को कोई नहीं देख रहा है और न ही आगे देखेगा। उन्होंने परिवार के सदस्यों को सलाह दी कि अगर कोई नेता या विधायक उनसे मिलने आता है, तो उनसे भरत तिवारी के सपनों को पूरा करने की मांग की जाए।1
- बिहार और झारखंड में कचरा उठाने वाले बच्चों के जीवनयापन और उनकी दयनीय स्थिति पर सवाल उठाते हुए, एक बच्चे ने सीधे 'सिस्टम' से प्रश्न पूछा है। यह बच्चा जानना चाहता है कि क्या कचरा उठाने वाले बच्चों को शिक्षा पाने का अधिकार नहीं है और उनका जीवन यापन किस प्रकार होता है। यह मार्मिक सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- भागलपुर के नवगछिया में मोहर्रम पर्व के मद्देनजर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत नवगछिया पुलिस को मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एनएच-31 स्थित जीरोमाइल के समीप कार्रवाई करते हुए 409 ग्राम ब्राउन शुगर और एक लाख रुपये नगद बरामद किए हैं। इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम को 20 जून को गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति ब्राउन शुगर की खेप लेकर जीरोमाइल के पास किसी स्मैक कारोबारी को आपूर्ति करने आने वाला है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने एनएच-31 पर वाहन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान, सर्विस रोड की ओर से आ रही एक मोटरसाइकिल को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें मोटरसाइकिल सवार सिंटु कुमार सिंह, दोनिया टोला पकरा, नवगछिया के पास से 409 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। इसके बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में सिंटु कुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि वह अपने ग्रामीण कुणाल कुमार के साथ मिलकर ब्राउन शुगर का कारोबार करता है। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर कुणाल कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कुणाल कुमार के पास से स्मैक बिक्री से संबंधित एक लाख रुपये नगद बरामद किए। इस संबंध में नवगछिया थाना कांड संख्या 245/26 दर्ज कर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।1