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झारखंड के दुमका जिले के धोबना गाँव में कुदरत के कहर और चोरों के दुस्साहस के कारण अंधेरा छा गया है। गाँव में यह स्थिति प्राकृतिक प्रकोप और चोरों के दुस्साहसिक कृत्यों के फलस्वरूप उत्पन्न हुई है।
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झारखंड के दुमका जिले के धोबना गाँव में कुदरत के कहर और चोरों के दुस्साहस के कारण अंधेरा छा गया है। गाँव में यह स्थिति प्राकृतिक प्रकोप और चोरों के दुस्साहसिक कृत्यों के फलस्वरूप उत्पन्न हुई है।
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- झारखंड के दुमका जिले के धोबना गाँव में कुदरत के कहर और चोरों के दुस्साहस के कारण अंधेरा छा गया है। गाँव में यह स्थिति प्राकृतिक प्रकोप और चोरों के दुस्साहसिक कृत्यों के फलस्वरूप उत्पन्न हुई है।1
- दुमका जिले के रानेश्वर प्रखंड स्थित रंगालिया पंचायत के पलासपाड़ा से पाथरचाल गांव जाने वाले रास्ते पर राज्यसभा सांसद निधि से बने गार्डवाल के निर्माण में गंभीर अनियमितता का आरोप लगा है। हाल ही में बने इस गार्डवाल में कई जगहों पर दरारें आ गई हैं, जिससे इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह गार्डवाल राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन की निधि से ₹2,51,000 की लागत से बनाया गया था, जिसका योजना संख्या 268/2025-26 है। निर्माण कार्य की एजेंसी जिला अभियंता, जिला परिषद दुमका है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह गार्डवाल मात्र 2-3 महीने पहले ही बनाया गया था। निरीक्षण के दौरान देखा गया कि नवनिर्मित गार्डवाल में कई स्थानों पर दरारें आ चुकी हैं। गार्डवाल के किनारे मिट्टी की भराई नहीं की गई है, जिससे पथ और गार्डवाल के बीच खाली जगह बनी हुई है, जो दुर्घटना का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गार्डवाल निर्माण के समय नींव पर बेड ढलाई नहीं की गई थी और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, गार्डवाल की ऊँचाई भी मापदंड के अनुसार नहीं है और इसे अनुपयोगी जगह पर बनाया गया है। आरोप है कि गार्डवाल कार्य में लकड़ाघाटी गांव का एक मुंशी किस्म का व्यक्ति बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था, जिसने अपने हित साधने के लिए नियमों की अनदेखी करते हुए काम को जैसे-तैसे अंजाम दिया। इन गंभीर अनियमितताओं को लेकर विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।1
- पाकुड़ में फर्जी सर्टिफिकेट बनाने का एक मामला सामने आया है। इस घटना में, फर्जी सर्टिफिकेट बनाने वाले एक आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़ लिया है।1
- झारखंड के निरसा स्थित बैजना 31 नंबर इंक्लाइन के समीप बिहार कोलियरी कामगार यूनियन (बीसीकेयू) के बैनर तले 17 जून से चल रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन को आज बड़ा बल मिला। निरसा विधायक और यूनियन के महामंत्री अरूप चटर्जी धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनरत मजदूरों को अपना पूर्ण समर्थन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैजना सहित पूरे मुगमा क्षेत्र की विभिन्न कोलियरियों में चल रहे आंदोलन मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई हैं और उनकी सभी मांगें पूरी तरह से जायज हैं। विधायक अरूप चटर्जी ने प्रबंधन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक मजदूरों की मांगों पर गंभीरता से विचार करके उन्हें पूरा नहीं किया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रेस वार्ता के दौरान दोहराया कि वे मजदूरों के हक की इस लड़ाई में पीछे हटने वाले नहीं हैं और प्रबंधन द्वारा मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखा जाएगा। चटर्जी ने बिहार कोलियरी कामगार यूनियन की सराहना करते हुए उसे मजदूरों के हितों के लिए निरंतर संघर्ष करने वाली और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी रहने वाली एकमात्र यूनियन बताया। आगामी रणनीति के तहत, विधायक ने 2 जुलाई को ईसीएल मुख्यालय में आयोजित महाधरना को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुगमा क्षेत्र की सभी यूनिटों से बड़ी संख्या में मजदूर इसमें शामिल होकर अपनी एकजुटता और ताकत का प्रदर्शन करेंगे। मजदूरों ने भी एक स्वर में अपने अधिकारों की लड़ाई को जारी रखने का दृढ़ संकल्प दोहराया है।8
- गोबिंदपुर स्थित चर्चित लक्ष्मी नर्सिंग होम में एक नवजात शिशु की मौत हो गई है, जिसके बाद परिजनों ने डॉक्टर अंजना पर इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों ने सोमवार दोपहर 12 बजे मीडिया को बताया कि उनका बच्चा रात में बिल्कुल स्वस्थ था, लेकिन किसी चीज़ का इंजेक्शन दिए जाने के बाद सुबह तक उसकी मौत हो गई। इस घटना को लेकर परिजनों ने बच्चे के शव को एक मिठाई के डिब्बे में रखकर विरोध प्रदर्शन किया। यह ज्ञात हो कि लक्ष्मी नर्सिंग होम विगत कई सालों से लगातार विवादों के घेरे में रहा है, और इसमें इलाजरत कई महिलाओं की भी पहले मौत हो चुकी है। वहीं, डॉक्टर अंजना कुमारी ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई।1
- बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विपक्ष के साथ-साथ सत्ताधारी दल के नेता भी इस घटना को 'फर्जी एनकाउंटर' बता रहे हैं। न्यायिक जांच के आदेश दिए जाने के बावजूद, इस घटना को लेकर लोगों में भारी नाराजगी बनी हुई है। इसी बीच, भोजपुरी सिनेमा के एक्टर और सिंगर खेसारीलाल यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए, यह कहते हुए कि भरत तिवारी की शहादत को केवल पब्लिसिटी का ज़रिया नहीं बनाया जाना चाहिए, बल्कि इस आंदोलन को जारी रखना आवश्यक है। खेसारीलाल यादव ने आश्वासन दिया कि जब भी उनकी ज़रूरत होगी, वह परिवार के साथ खड़े रहेंगे, और यह भी कहा कि केवल फोटो खिंचवाने वाले और प्रचार करने वाले लोग कुछ नहीं करेंगे। उन्होंने अन्य नेताओं पर भी निशाना साधा, कहा कि वे यहाँ आकर अपनी पब्लिसिटी करने के बाद लौट जाएँगे। खेसारीलाल यादव ने सुझाव दिया कि जो भी नेता यहाँ पहुँच रहे हैं, उन्हें अपने सोशल मीडिया पेज के माध्यम से इस मुद्दे पर आवाज़ बुलंद करनी चाहिए, ताकि उनकी बात दुनियाभर के लोगों तक पहुँच सके। उन्होंने स्वीकार किया कि भरत तिवारी अपनी माँ को वापस नहीं मिल सकते। खेसारी ने इस बात पर जोर दिया कि लोग भरत तिवारी के बारे में दस अच्छी बातें कहेंगे, लेकिन उनके सपनों को कोई नहीं देख रहा है और न ही आगे देखेगा। उन्होंने परिवार के सदस्यों को सलाह दी कि अगर कोई नेता या विधायक उनसे मिलने आता है, तो उनसे भरत तिवारी के सपनों को पूरा करने की मांग की जाए।1
- बिहार और झारखंड में कचरा उठाने वाले बच्चों के जीवनयापन और उनकी दयनीय स्थिति पर सवाल उठाते हुए, एक बच्चे ने सीधे 'सिस्टम' से प्रश्न पूछा है। यह बच्चा जानना चाहता है कि क्या कचरा उठाने वाले बच्चों को शिक्षा पाने का अधिकार नहीं है और उनका जीवन यापन किस प्रकार होता है। यह मार्मिक सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए दावों पर Gen-Z ने अपनी 'सीधी बात' रखी है। इस पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या Gen-Z की यह प्रतिक्रिया पीएम मोदी के दावों के लिए एक 'मुँहतोड़ जवाब' है।1