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पाकुड़ में फर्जी सर्टिफिकेट बनाने का एक मामला सामने आया है। इस घटना में, फर्जी सर्टिफिकेट बनाने वाले एक आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़ लिया है।
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पाकुड़ में फर्जी सर्टिफिकेट बनाने का एक मामला सामने आया है। इस घटना में, फर्जी सर्टिफिकेट बनाने वाले एक आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़ लिया है।
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- पाकुड़ में फर्जी सर्टिफिकेट बनाने का एक मामला सामने आया है। इस घटना में, फर्जी सर्टिफिकेट बनाने वाले एक आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़ लिया है।1
- बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विपक्ष के साथ-साथ सत्ताधारी दल के नेता भी इस घटना को 'फर्जी एनकाउंटर' बता रहे हैं। न्यायिक जांच के आदेश दिए जाने के बावजूद, इस घटना को लेकर लोगों में भारी नाराजगी बनी हुई है। इसी बीच, भोजपुरी सिनेमा के एक्टर और सिंगर खेसारीलाल यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए, यह कहते हुए कि भरत तिवारी की शहादत को केवल पब्लिसिटी का ज़रिया नहीं बनाया जाना चाहिए, बल्कि इस आंदोलन को जारी रखना आवश्यक है। खेसारीलाल यादव ने आश्वासन दिया कि जब भी उनकी ज़रूरत होगी, वह परिवार के साथ खड़े रहेंगे, और यह भी कहा कि केवल फोटो खिंचवाने वाले और प्रचार करने वाले लोग कुछ नहीं करेंगे। उन्होंने अन्य नेताओं पर भी निशाना साधा, कहा कि वे यहाँ आकर अपनी पब्लिसिटी करने के बाद लौट जाएँगे। खेसारीलाल यादव ने सुझाव दिया कि जो भी नेता यहाँ पहुँच रहे हैं, उन्हें अपने सोशल मीडिया पेज के माध्यम से इस मुद्दे पर आवाज़ बुलंद करनी चाहिए, ताकि उनकी बात दुनियाभर के लोगों तक पहुँच सके। उन्होंने स्वीकार किया कि भरत तिवारी अपनी माँ को वापस नहीं मिल सकते। खेसारी ने इस बात पर जोर दिया कि लोग भरत तिवारी के बारे में दस अच्छी बातें कहेंगे, लेकिन उनके सपनों को कोई नहीं देख रहा है और न ही आगे देखेगा। उन्होंने परिवार के सदस्यों को सलाह दी कि अगर कोई नेता या विधायक उनसे मिलने आता है, तो उनसे भरत तिवारी के सपनों को पूरा करने की मांग की जाए।1
- बिहार के बांका शहर में महेंद्र टॉकीज के पास एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ सूखे नशे का सेवन करने के दौरान एक युवक बिजली के करंट की चपेट में आ गया। इस दर्दनाक हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई है और मामले की गहनता से जाँच में जुट गई है, जो नशे की लत के गंभीर परिणामों को दर्शाती है।1
- https://youtu.be/fKsW253NChU?si=X8OTqPHC_gqdCfUU1
- गिरिडीह जिले के जमखोखरो पंचायत के अंतर्गत आने वाले बाकरगंज गांव में फाइबर ब्लॉक सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया है। यह सड़क हीरोडीह थाना क्षेत्र में बनाई जा रही है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी। इस परियोजना से ग्रामीण विकास और सार्वजनिक कल्याण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।1
- हाल ही में एक घर में रोजमर्रा के काम के तहत फ्रिज साफ कर रही एक महिला को अपनी लापरवाही का खौफनाक अंजाम भुगतना पड़ा। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें दिख रहा है कि महिला ने बिना किसी खतरे के बारे में सोचे चालू फ्रिज की सफाई करना शुरू कर दिया। सफाई के दौरान महिला को अचानक एक जोरदार बिजली का झटका लगा, जो इतना तीव्र था कि वह संभल नहीं पाई और तुरंत वहीं गिर पड़ी। इस हादसे ने हर घर की महिलाओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है, क्योंकि बिजली से चलने वाली चीजों को अक्सर मामूली समझा जाता है, जबकि फ्रिज, वॉशिंग मशीन, मिक्सर या कोई भी इलेक्ट्रिक अप्लायंस चालू अवस्था में फॉल्ट या लीकेज होने पर जानलेवा झटका दे सकता है। यह वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सुरक्षा को लेकर अपनी अहम सलाह दी है। ज्यादातर लोगों ने इस बात पर सहमति जताई कि बिजली और पानी का मेल खतरनाक होता है, इसलिए सफाई शुरू करने से पहले उपकरणों का स्विच ऑफ करना और प्लग निकालना सबसे जरूरी कदम है। कई यूजर्स ने सुरक्षा को सबसे बड़ा फर्ज बताया और कहा कि चालू बिजली के उपकरणों की सफाई करते समय जरा सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। लोगों ने एक सुर में समझाया कि किसी भी बिजली से चलने वाले उपकरण को कभी चालू हालत में साफ नहीं करना चाहिए।1
- जामताड़ा जिला प्रशासन ने नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल के आदेश और केंद्र सरकार की सस्टेनेबल सैंड माइनिंग गाइडलाइन के तहत 10 जून, 2026 से 15 अक्टूबर, 2026 तक सभी नदी बालूघाटों से बालू उठाव पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। उपायुक्त आलोक कुमार ने अनुमंडल पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी और सभी अंचल अधिकारियों को अवैध बालू उठाव रोकने के लिए सख्त निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश भी जारी किए थे। हालांकि, जमीनी हकीकत इन प्रशासनिक आदेशों से बिल्कुल उलट है, जहाँ अवैध बालू खनन का कारोबार बदस्तूर जारी है। नाला थाना क्षेत्र का पथरघाटा घाट, जो पहले से अवैध बालू खनन और भंडारण के लिए चर्चित रहा है, वहाँ दुर्गा मंदिर के सामने भारी मात्रा में बालू अवैध बिक्री के लिए खुलेआम स्टॉक किया गया है। इसके अलावा, बंखेत घाट पर बड़े मशीनों से लगातार बालू का अवैध खनन हो रहा है, जिसे हाईवा, डंपर और ट्रैक्टर के माध्यम से बंगाल सीमा तक पहुंचाया जा रहा है। गंभीर बात यह है कि सीमावर्ती बंखेत घाट पर बंगाल की ओर से खनन करते हुए माफिया झारखंड सीमा में प्रवेश कर बालू निकाल रहे हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं दिख रही है। इससे सवाल उठ रहे हैं कि जब जिले में बालू खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है, तो आखिर किसकी शह पर यह अवैध कारोबार जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों की निष्क्रियता और लापरवाही के कारण बालू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं, और सरकारी आदेश केवल कागजों तक ही सीमित होकर रह गए हैं, जबकि धरातल पर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस मामले पर उपायुक्त आलोक कुमार ने अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। अब देखना यह होगा कि यह कार्रवाई वास्तव में जमीन पर उतरती है या फिर पिछले आदेशों की तरह सिर्फ एक बयान बनकर रह जाती है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए दावों पर Gen-Z ने अपनी 'सीधी बात' रखी है। इस पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या Gen-Z की यह प्रतिक्रिया पीएम मोदी के दावों के लिए एक 'मुँहतोड़ जवाब' है।1