मनरेगा में बड़ा घोटाला! लाखों की अनियमितता उजागर, फिर भी जिम्मेदारों पर कार्रवाई शून्य। नोटिस जारी कर ली औपचारिकता, पांच दिन बाद भी जवाब और कार्रवाई पर सन्नाटा जीआरएस, सचिव, सरपंच उपयंत्री, एसडीओ पर सवाल — संरक्षण किसका, सिंगरौली। देवसर जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कठदहा में मनरेगा कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई न होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है। पीपुल्स समाचार में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला पंचायत सिंगरौली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश गोमे ने संबंधितों — जीआरएस तुलसी प्रसाद जायसवाल, सचिव बिहारीलाल साकेत, सरपंच दिलशरण सिंह, उपयंत्री अभिषेक विश्वकर्मा एवं सहायक यंत्री सूरज मिश्रा — को नोटिस जारी कर 12 फरवरी सुबह 11 बजे तक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। लेकिन नोटिस जारी होने के पांच दिन बाद भी न तो सार्वजनिक रूप से कोई जवाब सामने आया, न ही किसी प्रकार की ठोस दंडात्मक कार्रवाई की जानकारी दी गई। सवाल यह है कि जब गड़बड़ी स्पष्ट है तो कार्रवाई में देरी क्यों? फर्जी फोटो अपलोड कर लाखों की निकासी जिला पंचायत से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कठदहा में मनरेगा अंतर्गत निर्माणाधीन अमृत सरोवर (चटनिहा नाला) में तालाब निर्माण कार्य के दौरान दर्ज श्रमिकों के वास्तविक फोटो अपलोड नहीं किए गए। आरोप है कि एक ही प्रकार के श्रमिकों की फोटो को अलग-अलग मस्टर रोल में अपलोड कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की गई। जबकि मस्टर रोल में अलग-अलग श्रमिकों के नाम दर्ज हैं। यह तथ्य जियो-टैग फोटो से भी उजागर हुआ है। ग्रामीणों ने इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को शिकायत दर्ज कराई थी। जांच प्रतिवेदन जनपद पंचायत सीईओ देवसर द्वारा जिला पंचायत को सौंपा गया। इसके बावजूद कार्रवाई आगे क्यों नहीं बढ़ी — यह बड़ा सवाल बन गया है। 11 मस्टर रोल में 1 लाख 72 हजार 260 रुपये का खेल! मस्टर रोल क्रमांक 30298 से 30309 तक, प्रत्येक में 10-10 श्रमिक दर्ज कर कुल ₹1,72,260 की राशि आहरित किए जाने का आरोप है। मनरेगा नियमों के अनुसार: कार्यों का साप्ताहिक मूल्यांकन उपयंत्री द्वारा ई-एमबी के माध्यम से किया जाना चाहिए। सहायक यंत्री द्वारा सत्यापन के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, लेकिन यहां उपयंत्री और सहायक यंत्री द्वारा दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया गया। वास्तविक श्रमिकों के फोटो अपलोड नहीं होने के बावजूद भुगतान प्रक्रिया पूर्ण होना गंभीर लापरवाही या सुनियोजित मिलीभगत की ओर इशारा करता है। संरक्षण किसका? सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब अनियमितता स्पष्ट रूप से उजागर हो चुकी है, नोटिस जारी हो चुके हैं, जांच प्रतिवेदन सौंपा जा चुका है — तो फिर कार्रवाई क्यों ठंडी पड़ गई? क्या जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास हो रहा है, क्या उच्च स्तर पर दबाव है? या फिर मनरेगा जैसी गरीबों की योजना को लूटने वालों को संरक्षण प्राप्त है जिले के जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी अब संदेह को और गहरा कर रही है। यदि शीघ्र कठोर कार्रवाई नहीं होती है तो यह संदेश जाएगा कि भ्रष्टाचार पर केवल नोटिस का नाटक होता है, दंड नहीं। मनरेगा में गड़बड़ी का यह मामला अब प्रशासन की विश्वसनीयता की परीक्षा बन चुका है
मनरेगा में बड़ा घोटाला! लाखों की अनियमितता उजागर, फिर भी जिम्मेदारों पर कार्रवाई शून्य। नोटिस जारी कर ली औपचारिकता, पांच दिन बाद भी जवाब और कार्रवाई पर सन्नाटा जीआरएस, सचिव, सरपंच उपयंत्री, एसडीओ पर सवाल — संरक्षण किसका, सिंगरौली। देवसर जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कठदहा में मनरेगा कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई न होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है। पीपुल्स समाचार में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला पंचायत सिंगरौली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश गोमे ने संबंधितों — जीआरएस तुलसी प्रसाद जायसवाल, सचिव बिहारीलाल साकेत, सरपंच दिलशरण सिंह, उपयंत्री अभिषेक विश्वकर्मा एवं सहायक यंत्री सूरज मिश्रा — को नोटिस जारी कर 12 फरवरी सुबह 11 बजे तक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। लेकिन नोटिस जारी होने के पांच दिन बाद भी न तो सार्वजनिक रूप से कोई जवाब सामने आया, न ही किसी प्रकार की ठोस दंडात्मक कार्रवाई की जानकारी दी गई। सवाल यह है कि जब गड़बड़ी स्पष्ट है तो कार्रवाई में देरी क्यों? फर्जी फोटो अपलोड कर लाखों की निकासी जिला पंचायत से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कठदहा में मनरेगा अंतर्गत निर्माणाधीन अमृत सरोवर (चटनिहा नाला) में तालाब निर्माण कार्य के दौरान दर्ज श्रमिकों के वास्तविक फोटो अपलोड नहीं किए गए। आरोप है कि एक ही प्रकार के श्रमिकों की फोटो को अलग-अलग मस्टर रोल में अपलोड कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की गई। जबकि मस्टर रोल में अलग-अलग श्रमिकों के नाम दर्ज हैं। यह तथ्य जियो-टैग फोटो से भी उजागर हुआ
है। ग्रामीणों ने इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को शिकायत दर्ज कराई थी। जांच प्रतिवेदन जनपद पंचायत सीईओ देवसर द्वारा जिला पंचायत को सौंपा गया। इसके बावजूद कार्रवाई आगे क्यों नहीं बढ़ी — यह बड़ा सवाल बन गया है। 11 मस्टर रोल में 1 लाख 72 हजार 260 रुपये का खेल! मस्टर रोल क्रमांक 30298 से 30309 तक, प्रत्येक में 10-10 श्रमिक दर्ज कर कुल ₹1,72,260 की राशि आहरित किए जाने का आरोप है। मनरेगा नियमों के अनुसार: कार्यों का साप्ताहिक मूल्यांकन उपयंत्री द्वारा ई-एमबी के माध्यम से किया जाना चाहिए। सहायक यंत्री द्वारा सत्यापन के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, लेकिन यहां उपयंत्री और सहायक यंत्री द्वारा दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया गया। वास्तविक श्रमिकों के फोटो अपलोड नहीं होने के बावजूद भुगतान प्रक्रिया पूर्ण होना गंभीर लापरवाही या सुनियोजित मिलीभगत की ओर इशारा करता है। संरक्षण किसका? सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब अनियमितता स्पष्ट रूप से उजागर हो चुकी है, नोटिस जारी हो चुके हैं, जांच प्रतिवेदन सौंपा जा चुका है — तो फिर कार्रवाई क्यों ठंडी पड़ गई? क्या जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास हो रहा है, क्या उच्च स्तर पर दबाव है? या फिर मनरेगा जैसी गरीबों की योजना को लूटने वालों को संरक्षण प्राप्त है जिले के जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी अब संदेह को और गहरा कर रही है। यदि शीघ्र कठोर कार्रवाई नहीं होती है तो यह संदेश जाएगा कि भ्रष्टाचार पर केवल नोटिस का नाटक होता है, दंड नहीं। मनरेगा में गड़बड़ी का यह मामला अब प्रशासन की विश्वसनीयता की परीक्षा बन चुका है
- नगर निगम अधिकारी का रिश्वत वीडियो वायरल सिंगरौली में नगर निगम के राजस्व अधिकारी आरपी बैस का कथित रिश्वत लेते वीडियो वायरल। आधिकारिक पुष्टि नहीं, लेकिन मामले ने प्रशासन में हलचल और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए।1
- आप देख पा चितरंगी ब्लाक के बेलहवा में मैच हो रहा है पिपरवार बेलहवा1
- Singrauli News: पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में फ़ैली अव्यवस्था, प्राचार्य पर मनमानी के गंभीर आरोप, छात्रों में नाराज़गी Singrauli News: सिंगरौली। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने के दावों के बीच जिले के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में भारी अव्यवस्थाओं के आरोप सामने आए हैं। छात्रों ने कॉलेज के प्राचार्य सिद्दीकी पर मनमानी और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि सरकार से मिलने वाले फंड के बावजूद कॉलेज में मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। परिसर में साफ-सफाई बदहाल है, कई कक्षाओं में बिजली के बोर्ड नीचे लटके हुए हैं और तार खुले पड़े हैं, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। शौचालयों में गंदगी के कारण छात्राएं विशेष रूप से परेशान हैं। डीजी सेट जंग खाया, सीसीटीवी गायब छात्रों के अनुसार आपात स्थिति के लिए रखा गया डीजी सेट पूरी तरह अनुपयोगी हो चुका है। वहीं सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी गायब बताए जा रहे हैं। डिजिटल क्लासरूम बनने के बावजूद उनका कोई उपयोग नहीं हो रहा और कमरे धूल से भरे पड़े हैं। कॉलेज की नई इमारत में पानी टपकने जैसी समस्याएं सामने आने से निर्माण गुणवत्ता पर संदेह जताया जा रहा है। साथ ही मुख्य गेट निर्माण में करीब 10 लाख रुपये खर्च दिखाए जाने को लेकर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। छात्रों का दावा है कि कम राशि में यह कार्य संभव था। छात्र संगठन ने सौंपा ज्ञापन इन सभी समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। प्रमुख मांगों में शामिल हैं नियमित सफाई व्यवस्था, गर्ल्स टॉयलेट में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन, बस सुविधा में वृद्धि, बाउंड्री वॉल निर्माण, लाइब्रेरी में नई किताबें, कैंटीन संचालन, सीसीटीवी कैमरे पुनः लगाना, शुद्ध पेयजल व्यवस्था, APS सेंटर की स्थापना, विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो तालाबंदी कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्राचार्य ने नहीं दिया जवाब जब पत्रकारों ने आरोपों पर प्राचार्य सिद्दीकी से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की तो उन्होंने कथित तौर पर लंबे समय तक इंतजार कराया और बिना कोई बयान दिए चैंबर छोड़कर चले गए, जिससे छात्रों की नाराजगी और बढ़ गई। फिलहाल, इन आरोपों ने कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कार्रवाई करता है।4
- बड़ी खबर: माड़ी जलाशय में दिखा मगरमच्छ! 🐊 सिंगरौली जिले के देवसर क्षेत्र अंतर्गत माड़ी जलाशय में आज एक विशालकाय मगरमच्छ देखा गया है। मगरमच्छ दिखने से आसपास के ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है।1
- Post by Akhilesh kumar Yaday1
- Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief1
- ब्रेकिंग: सोनभद्र.... - पारिवारिक कलह में परिवार के सदस्यों का आपस में मारपीट - बीच बाजार में आपस में लाठी डंडे और पत्थर से मारपीट करते दिखे परिवार के सभी सदस्य - मारपीट की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल - मारपीट के दौरान स्थानीय लोग सहमे, पत्थर चलने के दौरान घायल होने से बचे राहगीर - घटना में आधा दर्जन लोगों के घायल होने की कही जारी है बात - स्थानी लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस - कुछ घायल सदस्य खुद से नजदीकी सीएससी चोपन पहुंचे तो कुछ को मौके पर पहुंची पुलिस ने अस्पताल में कराया भर्ती - अस्पताल में मौजूद डॉक्टर ने बताया घटना में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं है प्राथमिक इलाज घायलों का कर दिया गया है - पिता के संपत्ति के बंटवारे में बराबर के हिस्सा मांगने पर विवाद - चोपन थाना क्षेत्र के हॉस्पिटल रोड की घटना।2
- ब्रेकिंग न्यूज़ | सिंगरौली (मध्य प्रदेश) रिपोर्टर टीवी 27 न्यूज़ से सऊद पठान 9669136977 *स्लग: नगर निगम अधिकारी का रिश्वत वीडियो वायरल* *सिंगरौली जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब नगर निगम के राजस्व अधिकारी आरपी बैस का कथित रूप से रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम और प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है।* बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में अधिकारी कथित रूप से पैसे लेते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इस घटना ने पारदर्शिता और ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1