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आप देख पा चितरंगी ब्लाक के बेलहवा में मैच हो रहा है पिपरवार बेलहवा
Chhotelal jaiswal
आप देख पा चितरंगी ब्लाक के बेलहवा में मैच हो रहा है पिपरवार बेलहवा
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- ब्रेकिंग न्यूज़ | सिंगरौली (मध्य प्रदेश) रिपोर्टर टीवी 27 न्यूज़ से सऊद पठान 9669136977 *स्लग: नगर निगम अधिकारी का रिश्वत वीडियो वायरल* *सिंगरौली जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब नगर निगम के राजस्व अधिकारी आरपी बैस का कथित रूप से रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम और प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है।* बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में अधिकारी कथित रूप से पैसे लेते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इस घटना ने पारदर्शिता और ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- आप देख पा चितरंगी ब्लाक के बेलहवा में मैच हो रहा है पिपरवार बेलहवा1
- आरटीओ कार्यालय के बाहर ऑनलाइन दुकानों में चोरी का खुलासा: लैपटॉप-प्रिंटर बेचने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, लाखों का सामान बरामद।1
- प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में अव्यवस्थाओं का आरोप, प्राचार्य पर मनमानी के गंभीर आरोप... मध्य प्रदेश सरकार जहां शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं जिले के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में व्यवस्थाएं बदहाल होने के आरोप सामने आए हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य श्री सिद्दीकी पर छात्रों ने मनमानी और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि सरकार द्वारा कॉलेज को मिलने वाले फंड के बावजूद मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। छात्र-छात्राओं के अनुसार कॉलेज परिसर में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है। कई कक्षाओं में बिजली के बोर्ड नीचे लटके हुए हैं और तार खुले पड़े हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। शौचालयों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिसके कारण छात्राएं विशेष रूप से परेशान हैं। आरोप है कि लंबे समय से नियमित सफाई नहीं कराई जा रही है। छात्रों ने यह भी बताया कि आपातकालीन स्थिति के लिए रखा गया डीजी सेट जंग खा चुका है और अनुपयोगी हो गया है। वहीं निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी गायब हो चुके हैं, लेकिन इस ओर जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। डिजिटल क्लासरूम बनाए जाने के बावजूद उनका उपयोग नहीं हो रहा और कमरों में धूल जमी हुई है। नई बिल्डिंग की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं। छात्रों का आरोप है कि भवन में पानी टपकने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर संदेह पैदा हो रहा है। वहीं कॉलेज में लगाए गए मुख्य गेट की लागत को लेकर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। छात्रों का दावा है कि लगभग 10 लाख रुपये खर्च दिखाए गए, जबकि कम राशि में कार्य संभव था। छात्र संगठन ने सौंपा ज्ञापन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने महाविद्यालय की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कई मांगें रखी हैं। प्रमुख मांगों में नियमित साफ-सफाई व्यवस्था, गर्ल्स टॉयलेट में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन, कॉलेज में राजनीतिक कार्यक्रमों पर नियंत्रण, बस सुविधा बढ़ाने, नई बिल्डिंग की बाउंड्री वॉल निर्माण, पुस्तकालय में नई किताबें, कैंटीन संचालन, सीसीटीवी कैमरे स्थापना, APS सेंटर की स्थापना, शुद्ध पेयजल व्यवस्था और कॉलेज की गिरती छवि सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग शामिल है। विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो छात्र हित में तालाबंदी कर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। प्राचार्य से जवाब नहीं मिला इन सभी आरोपों को लेकर जब पत्रकारों ने कॉलेज प्राचार्य सिद्दीकी से पक्ष जानने का प्रयास किया तो आरोप है कि उन्होंने पत्रकारों को लंबे समय तक इंतजार कराया और बाद में बिना प्रतिक्रिया दिए चैंबर से चले गए। इससे छात्रों में नाराजगी और बढ़ गई है। फिलहाल, छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों ने महाविद्यालय की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करता है।4
- Post by Akhilesh kumar Yaday1
- Post by पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह1
- ओबरा, सोनभद्र जनता के टैक्स के पैसे से होने वाले कथित दुरुपयोग ने ओबरा नगर को उबाल पर ला दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के जूनियर इंजीनियर (जे.ई.) और एक ठेकेदार पर फर्जी गड्ढा भरने के नाम पर शासन से लगभग 30 लाख रुपये का टेंडर पास कराने का गंभीर आरोप लगा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कागजों पर तो सड़क का निर्माण दिखाया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत जर्जर सड़कों की है। इस मामले ने पूरे नगर में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है और लोगों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है।मामला ओबरा क्षेत्र के सुभाष पेट्रोल पंप से सुभाष चौराहे तक फैले सड़क निर्माण से जुड़ा है। आरोप है कि जेई और ठेकेदार ने मिलीभगत से फर्जी गड्ढे दिखाकर टेंडर स्वीकृत कराया। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की मरम्मत के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, जबकि वास्तविकता में कोई काम नहीं हुआ। "कागजों पर सब कुछ परफेक्ट दिखाया गया है, लेकिन पैदल चलना भी मुश्किल है। यह हमारे टैक्स का पैसा है, जो निजी स्वार्थ के लिए लूटा जा रहा है," एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया।नगरवासियों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। एक ओर जहां सड़कें टूटी-फूटी हैं, वहीं टेंडर की राशि पर सवाल उठ रहे हैं। सोमवार को दर्जनों लोगों ने सुभाष चौराहे पर धरना दिया और उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि यदि दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें कड़ी सजा दी जाए। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।स्थानीय नेताओं और नागरिक संगठनों ने भी मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। एक प्रमुख संगठन के अध्यक्ष ने कहा, "यह विकास के नाम पर लूट है। शासन से स्पष्टीकरण और जवाबदेही की उम्मीद है।" वहीं, एक स्थानीय नेता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जांच की मांग की। PWD के उच्च अधिकारियों ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन जिला प्रशासन ने मामले को संज्ञान में ले लिया है।यह मामला सोनभद्र जिले में बढ़ती भ्रष्टाचार की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जहां पहले भी निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और लोग चुपचाप नहीं बैठने को तैयार नहीं हैं। उच्चस्तरीय जांच के बाद ही इस मामले का पटाक्षेप होगा।#Sonbhadra #Obra #PWD #BreakingNews #UPNews #CorruptionAlert1
- सिंगरौली में आमने-सामने भिड़े पिकअप और ऑटो, चालक सहित कई लोग जख्मी!1