सोनभद्र के ओबरा में PWD जेई और ठेकेदार की कथित मिलीभगत से नगर में भारी आक्रोश, फर्जी गड्ढा दिखाकर 30 लाख का टेंडर पास करने का आरोप ओबरा, सोनभद्र जनता के टैक्स के पैसे से होने वाले कथित दुरुपयोग ने ओबरा नगर को उबाल पर ला दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के जूनियर इंजीनियर (जे.ई.) और एक ठेकेदार पर फर्जी गड्ढा भरने के नाम पर शासन से लगभग 30 लाख रुपये का टेंडर पास कराने का गंभीर आरोप लगा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कागजों पर तो सड़क का निर्माण दिखाया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत जर्जर सड़कों की है। इस मामले ने पूरे नगर में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है और लोगों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है।मामला ओबरा क्षेत्र के सुभाष पेट्रोल पंप से सुभाष चौराहे तक फैले सड़क निर्माण से जुड़ा है। आरोप है कि जेई और ठेकेदार ने मिलीभगत से फर्जी गड्ढे दिखाकर टेंडर स्वीकृत कराया। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की मरम्मत के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, जबकि वास्तविकता में कोई काम नहीं हुआ। "कागजों पर सब कुछ परफेक्ट दिखाया गया है, लेकिन पैदल चलना भी मुश्किल है। यह हमारे टैक्स का पैसा है, जो निजी स्वार्थ के लिए लूटा जा रहा है," एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया।नगरवासियों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। एक ओर जहां सड़कें टूटी-फूटी हैं, वहीं टेंडर की राशि पर सवाल उठ रहे हैं। सोमवार को दर्जनों लोगों ने सुभाष चौराहे पर धरना दिया और उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि यदि दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें कड़ी सजा दी जाए। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।स्थानीय नेताओं और नागरिक संगठनों ने भी मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। एक प्रमुख संगठन के अध्यक्ष ने कहा, "यह विकास के नाम पर लूट है। शासन से स्पष्टीकरण और जवाबदेही की उम्मीद है।" वहीं, एक स्थानीय नेता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जांच की मांग की। PWD के उच्च अधिकारियों ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन जिला प्रशासन ने मामले को संज्ञान में ले लिया है।यह मामला सोनभद्र जिले में बढ़ती भ्रष्टाचार की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जहां पहले भी निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और लोग चुपचाप नहीं बैठने को तैयार नहीं हैं। उच्चस्तरीय जांच के बाद ही इस मामले का पटाक्षेप होगा।#Sonbhadra #Obra #PWD #BreakingNews #UPNews #CorruptionAlert
सोनभद्र के ओबरा में PWD जेई और ठेकेदार की कथित मिलीभगत से नगर में भारी आक्रोश, फर्जी गड्ढा दिखाकर 30 लाख का टेंडर पास करने का आरोप ओबरा, सोनभद्र जनता के टैक्स के पैसे से होने वाले कथित दुरुपयोग ने ओबरा नगर को उबाल पर ला दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के जूनियर इंजीनियर (जे.ई.) और एक ठेकेदार पर फर्जी गड्ढा भरने के नाम पर शासन से लगभग 30 लाख रुपये का टेंडर पास कराने का गंभीर आरोप लगा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कागजों पर तो सड़क का निर्माण दिखाया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत जर्जर सड़कों की है। इस मामले ने पूरे नगर में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है और लोगों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है।मामला ओबरा क्षेत्र के सुभाष पेट्रोल पंप से सुभाष चौराहे तक फैले सड़क निर्माण से जुड़ा है। आरोप है कि जेई और ठेकेदार ने मिलीभगत से फर्जी गड्ढे दिखाकर टेंडर स्वीकृत कराया। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की मरम्मत के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, जबकि वास्तविकता में कोई काम नहीं हुआ। "कागजों पर सब कुछ परफेक्ट दिखाया गया है, लेकिन पैदल चलना भी मुश्किल है। यह हमारे टैक्स का पैसा है, जो निजी स्वार्थ के लिए लूटा जा रहा है," एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया।नगरवासियों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। एक ओर जहां सड़कें टूटी-फूटी हैं, वहीं टेंडर की राशि पर सवाल उठ रहे हैं। सोमवार को दर्जनों लोगों ने सुभाष चौराहे पर धरना दिया और उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि यदि दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें कड़ी सजा दी जाए। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।स्थानीय नेताओं और नागरिक संगठनों ने भी मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। एक प्रमुख संगठन के अध्यक्ष ने कहा, "यह विकास के नाम पर लूट है। शासन से स्पष्टीकरण और जवाबदेही की उम्मीद है।" वहीं, एक स्थानीय नेता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जांच की मांग की। PWD के उच्च अधिकारियों ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन जिला प्रशासन ने मामले को संज्ञान में ले लिया है।यह मामला सोनभद्र जिले में बढ़ती भ्रष्टाचार की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जहां पहले भी निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और लोग चुपचाप नहीं बैठने को तैयार नहीं हैं। उच्चस्तरीय जांच के बाद ही इस मामले का पटाक्षेप होगा।#Sonbhadra #Obra #PWD #BreakingNews #UPNews #CorruptionAlert
- सोनभद्र के हाथीनाला–रेणुकूट मार्ग पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एसबीआई के सुरक्षा गार्ड राम आशरफ यादव की मौत हो गई। ड्यूटी से घर लौटते समय अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी वाहन की तलाश की जा रही है। घटना के बाद परिवार और बैंक कर्मचारियों में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।1
- सोनभद्र। जनपद के हाथीनाला–रेणुकूट मुख्य मार्ग पर सोमवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में भारतीय स्टेट बैंक के सुरक्षा गार्ड राम आशरफ यादव की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राम आशरफ यादव ड्यूटी समाप्त कर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान हाथीनाला–रेणुकूट मार्ग पर तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायल को नजदीकी अस्पताल भिजवाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपी वाहन की पहचान की जा सके। मृतक राम आशरफ यादव स्थानीय निवासी बताए जा रहे हैं और वे लंबे समय से एसबीआई शाखा में सुरक्षा गार्ड के पद पर कार्यरत थे। उनके निधन की खबर मिलते ही बैंक कर्मचारियों व परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से हाथीनाला–रेणुकूट मार्ग पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी वाहन चालक को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- सोनभद्र.... - चोरों ने तीन घरों में सेंधमारी कर नकदी समेत हजारों की संपत्ति चुरा ली - चोर एक अन्य घर का ताला तोड़ने में असफल रहे - घटना की सूचना पर पुलिस ने तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है - चोरों ने चकमा देने के लिए कंपनी में काम के दौरान पहने जाने वाले हाफ हेलमेट पहन रखे थे - चोरी किये हुए मोबाइल को चोरों ने पास के घर के पास फेंका, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया - घटना से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और लोगों ने जल्द खुलासे का आह्वान किया है - पुलिस ने कहा जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी - चोपन थाना क्षेत्र के डाला मलिन बस्ती में बीती रात चोरी का मामला।3
- Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief1
- बरकखाना -बरवाडीह रेलवे लाइन पर ट्रेन के चपेट में जंगली का बच्चा आ गया जिसको हाथी को बचाने हाथियों का झुंड रेलवे ट्रेक को घेर लिया, घटना देर रात की है।2
- *थाना पिपरी क्षेत्रान्तर्गत बेलवादह बन्धा/नदी पार करते समय एक महिला एवं एक बच्ची की डूबने से मृत्यु होने तथा SDRF टीम एवं स्थानीय गोताखोरों द्वारा शवों को बरामद करने के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री रणधीर मिश्रा की बाइट-👆🏾👆🏾*1
- सोनभद्र बनवासी सेवा आश्रम गोविंदपुर स्थान जुगल में किशोर एवं किशोरी सहजीवन शिविर का हुआ आयोजन नन्हे मुन्ने बच्चों ने लिया प्रतिभाग1
- ओबरा, सोनभद्र जनता के टैक्स के पैसे से होने वाले कथित दुरुपयोग ने ओबरा नगर को उबाल पर ला दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के जूनियर इंजीनियर (जे.ई.) और एक ठेकेदार पर फर्जी गड्ढा भरने के नाम पर शासन से लगभग 30 लाख रुपये का टेंडर पास कराने का गंभीर आरोप लगा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कागजों पर तो सड़क का निर्माण दिखाया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत जर्जर सड़कों की है। इस मामले ने पूरे नगर में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है और लोगों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है।मामला ओबरा क्षेत्र के सुभाष पेट्रोल पंप से सुभाष चौराहे तक फैले सड़क निर्माण से जुड़ा है। आरोप है कि जेई और ठेकेदार ने मिलीभगत से फर्जी गड्ढे दिखाकर टेंडर स्वीकृत कराया। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की मरम्मत के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, जबकि वास्तविकता में कोई काम नहीं हुआ। "कागजों पर सब कुछ परफेक्ट दिखाया गया है, लेकिन पैदल चलना भी मुश्किल है। यह हमारे टैक्स का पैसा है, जो निजी स्वार्थ के लिए लूटा जा रहा है," एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया।नगरवासियों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। एक ओर जहां सड़कें टूटी-फूटी हैं, वहीं टेंडर की राशि पर सवाल उठ रहे हैं। सोमवार को दर्जनों लोगों ने सुभाष चौराहे पर धरना दिया और उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि यदि दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें कड़ी सजा दी जाए। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।स्थानीय नेताओं और नागरिक संगठनों ने भी मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। एक प्रमुख संगठन के अध्यक्ष ने कहा, "यह विकास के नाम पर लूट है। शासन से स्पष्टीकरण और जवाबदेही की उम्मीद है।" वहीं, एक स्थानीय नेता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जांच की मांग की। PWD के उच्च अधिकारियों ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन जिला प्रशासन ने मामले को संज्ञान में ले लिया है।यह मामला सोनभद्र जिले में बढ़ती भ्रष्टाचार की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जहां पहले भी निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और लोग चुपचाप नहीं बैठने को तैयार नहीं हैं। उच्चस्तरीय जांच के बाद ही इस मामले का पटाक्षेप होगा।#Sonbhadra #Obra #PWD #BreakingNews #UPNews #CorruptionAlert1